कनाडा के ला मालबाई में जी-7 देशों का 44वीं शिखर बैठक

जी-7 देशों का 44वीं शिखर बैठक कनाडा के ला मालबाई में 9 से 10 जून 2018 को आयोजित किया गया. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने इस शिखर बैठक की अध्यक्षता की. यह बैठक ऐसे समय हुई जब दुनियाभर के कई देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति से खफा है. ट्रंप ने यूरोपीय संघ, कनाडा और अन्य देशों से इस्पात तथा एल्युमीनियम के आयात पर ऊंचा प्रशुल्क लगाया है. दो दिन की चर्चा में अमेरिका तथा मेजबान कनाडा और यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच तीखी बहस हुई. आठ पृष्ठ के घोषणा पत्र में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भी जिक्र किया गया है और जी-7 ने संकल्प किया है कि वे मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे संयुक्त ईरान कभी भी परमाणु हथियार की तलाश, विकास या उसकी प्राप्ति न कर सके. समूह ने रूस से मांग की है कि वह ‘पश्चिम के लोकतांत्रिक देशों की जड़ खोदने के प्रयास बंद करे.’ जी 7 देशों के देशों ने माना है कि जलावायु परिवर्तन और उससे निपटने के मुद्दे पर समूह के अंदर मतभेद है. गौरतलब है कि ट्रंप ने अमेरिका को पेरिस समझौते से अलग कर लिया है. अमरीका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप व्‍यापार मुद्दे पर मतभेद के कारण कनाडा में जी-सेवन शिखर सम्‍मेलन के अंत में संयुक्‍त वक्‍तव्‍य से पीछे हट गए हैं. उन्‍होंने शिखर सम्‍मेलन के अध्‍यक्ष और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो पर छल करने का आरोप लगाया.

जी-7 संगठन: तथ्यों पर एक दृष्टि

  • गठन: वर्ष 1975 में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति वैलेरी जिस्कार्ड डी एस्टेइंग के आह्वान पर विश्व के सर्वाधिक औद्योगीकृत, लोकतांत्रिक एवं गैर-समाजवादी 6 राष्ट्रों- फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, जर्मनी, एवं जापान ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक बैठक का आयोजन किया जिसमें इस समूह का गठन हुआ. वर्ष 1976 में कनाडा की सहभागिता के पश्चात यह समूह ‘जी-7’ के नाम से जाना जाने लगा. वर्ष 1994 में जी-7 में रूस के शामिल होने से यह समूह जी-8 के नाम से जाना गया. 27 मार्च, 2014 को इस संगठन से रूस को अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया गया. अब यह समूह पुनः जी-7 के नाम से जाना जाने लगा है.
  • मुख्यालय: जी-7 एक अनौपचारिक संगठन है जिसका कोई मुख्यालय अथवा सचिवालय नहीं है. इसके अध्यक्ष का चयन रोटेशन प्रणाली के आधार पर होता है.
  • अर्थशास्त्र: जी-7 देश में विश्व की जनसंख्या का 10.3% लोग रहते हैं. सदस्य देशों की जीडीपी विश्व के जीडीपी का 32.2% है, जबकि विश्व के निर्यात में 34.1% तथा आयात में 36.7% हिस्सा है.

शंघाई सहयोग संगठन का 18वां शिखर सम्मेलन

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का 18वां शिखर सम्मेलन 10 जून को चीन के पूर्वी शांगदोंग प्रांत में आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया. एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में भारत की यह पहली शिखर वार्ता थी. भारत और पाकिस्तान 2017 में ही एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य बने हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन देशों के बीच पर्यटन बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों में केवल छह फीसदी पर्यटक एससीओ देशों से आते हैं और इस संख्या को आसानी से दोगुना किया जा सकता है. एससीओ देशों के बीच संपर्क को बढ़ावा दिए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि एससीओ क्षेत्र में संपर्क (कनेक्टिविटी) परियोजनाएं भारत की प्राथमिकता हैं लेकिन ऐसे कार्यक्रमों को किसी भी देश की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए. श्री मोदी ने आतंकवाद का मसला उठाया. उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता मंजूर नहीं करेगा.

एससीओ के पूर्ण सत्र को अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया. रूस के राष्ट्रति व्लादीमीर पुतिन ने कहा कि क्षेत्रीय शांति और एकता के लिए ऐसे संगठन का होना बेहद जरूरी है. वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सदस्य देशों के बीच एकता को मजबूत करने और आपसी विश्वास को बढ़ाने का आह्वान किया.

एससीओ के सदस्य देश: फिलहाल इसमें आठ सदस्य देश हैं जो विश्व की करीब 42 फीसदी जनसंख्या और 20 प्रतिशत नियंत्रण जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं. रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने 2001 में शंघाई में एससीओ की नींव रखी थी. भारत और पाकिस्तान को वर्ष 2017 में एससीओ का पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया.

गौरतलब है कि एससीओ का उद्देश्य सीमा विवादों का हल, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाना और मध्य एशिया में बढ़ते बाहरी प्रभाव को कम करना है.

मॉलदीव में राष्‍ट्रपति चुनाव 23 सितम्‍बर को कराये जाने की घोषणा

मॉलदीव में राष्‍ट्रपति चुनाव 23 सितम्‍बर 2018 को कराये जाने की घोषणा 10 जून को की गयी. वर्तमान राष्‍ट्रपति अब्‍दुल्ला यामीन ने फिर से चुनाव लड़ने की बात कही है. प्रमुख विपक्षी उम्‍मीदवारों में पूर्व राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद नशीद के खिलाफ अनेक आरोप हैं और वे चुनाव लड़ने योग्‍य नहीं हैं.

चुनाव की वैधता पर सवाल: 2013 में चुनाव जीतने के बाद राष्‍ट्रपति अब्‍दुल्‍ला यामिन की सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से सभी मुख्‍य विपक्षी नेताओं को अलग-अलग मुकदमों के तहत दोषी ठहराकर चुनाव के लिए अयोग्‍य करार दिया है. मॉलदीव उच्‍चतम न्‍यायालय ने फरवरी 2018 में इन मुकदमों पर निष्‍पक्ष सुनवाई करने के आदेश दिए थे. न्‍यायालय के इस आदेश के बाद राष्‍ट्रपति यामिन ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी और दो न्‍यायधीशों को हिरासत में ले लिया गया था. संयुक्‍त राष्‍ट्र मानव अधिकार परिषद ने भी पूर्व राष्‍ट्र‍पति मोहम्‍मद नासिद के विरूद्ध मुकदमों को खारिज करने की वकालत की थी लेकिन सरकार अपने फैसले पर अटल है ताकि राष्‍ट्रपति यामीन के फिर से सत्ता में आने का रास्‍ता साफ रहे.

भारत-संयुक्त राष्ट्र कोष की 22 विकास परियोजनाओं को मंजूरी

आर्थिक रूप से कमजोर देशों के दीर्घकालिक विकास के लिए भारत-संयुक्त राष्ट्र कोष ने 25 साझेदार देशों में 22 परियोजनाओं को मंजूरी दी है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष के पहले वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विकास की दौड़ में पीछे रह गये देशों की सहायता करना कोष का प्रमुख उद्देश्य है. भारत ने अगले दशक के लिए 100 मिलियन डॉलर का योगदान दिया है. श्री गुटेरेश ने कहा, भारत का दृष्टिकोण और इस दिशा में निरंतर प्रेरणादायक है.

फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट 2018 के पुरुष एकल का ख़िताब राफेल नडाल को

फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट 2018 के पुरुष एकल का ख़िताब विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी स्पेन के राफेल नडाल ने जीत लिया है. इस प्रतियोगिता के फाइनल में 10 जून को नडाल ने आस्ट्रिया के डोमिनिक थीम को 6-4, 6-3 और 6-2 से पराजित कर दिया. यह नडाल के कॅरियर का 11वां फ्रेंच ओपन खिताब है. राफेल नडाल ने 4 साल के बाद फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया है. इससे पहले 2014 में वो फ्रेंच ओपन के चैंपियन बने थे.

देश-दुनिया: एक दृष्टि

सामयिक घटनाचक्र डेलीडोज

डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग शिखर वार्ता: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन शिखर वार्ता के लिए सिंगापुर पहुंच गये हैं. 12 जून को उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ऐतिहासिक वार्ता होने जा रही है. इस बैठक का मुख्य एजेंडा राजनयिक और आर्थिक लाभों के बदले उत्तर कोरिया का परमाणु निशस्त्रीकरण होगा.

कजाकिस्तान को आईएसए में शामिल होने के लिए आमंत्रण: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कजाखस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव से मुलाकात की और उनके देश को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.