लोकपाल के प्रतीक चिन्ह और आदर्श वाक्य का चयन किया गया

लोकपाल के नया प्रतीक चिन्ह (लोगों) और आदर्श वाक्य (स्लोगन) का हाल ही में चयन कर लिया गया है. इसके चयन के लिए खुली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. इस प्रतियोगिता के तहत देश के विभिन्न हिस्सों के हजारों लोगों अपने सुझाव दिए थे.

प्रशांत मिश्रा द्वारा भेजे गए लोगो को प्रतीक चिन्ह के तौर पर चुना गया

ईलाहाबाद के प्रशांत मिश्रा द्वारा भेजे गए लोगो को लोकपाल के प्रतीक चिन्ह के तौर पर चुना गया. इस प्रतीक चिन्ह में जजों की बेंच, तीन मानव आकृति, अशोक चक्र कानून की किताब और न्यायपालिका को दर्शाया गया है. न्यायपालिक को संतुलन बनाते तीन रंग वाले हाथों के रूप में दिखाया गया है. अशोक चक्र को आंख की पुतलियों की तरह आकार दिया गया है.

प्रतिभागियों के स्लोगन में से कोई भी उपयुक्त नहीं पाया गया

प्रतिभागियों द्वारा भेजे गए आदर्श वाक्य (स्लोगन) में से कोई भी उपयुक्त नहीं पाया गया. इसके बाद लोकपाल ने खुद ही अपने आदर्श वाक्य का चयन किया. लोकपाल ने अपनी पूरी बेंच की बैठक में ईशावास्य उपनिषद से अपना आदर्श वाक्य “मा गृध कस्यसविधानम” का चयन किया. संस्कृत भाषा के इस वाक्य का अर्थ है, “दूसरों के धन के प्रति लालची नहीं होना चाहिए.”

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