स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप कानून में संशोधन को संसद के दोनों सदनों ने मंजूरी दी

संसद के दोनों सदनों ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) कानून में संशोधन के लिए ‘SPG (संशोधन) विधेयक, 2019’ को मंजूरी दे दी. राज्यसभा ने इस विधेयक को 3 दिसम्बर को अपनी मंजूरी दी जबकि लोकसभा पहले ही इसे पास कर चुकी है.

इस संशोधन विधेयक में SPG सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री और आधिकारिक आवास पर उनके साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों को ही देने का प्रावधान है. प्रधानमंत्री के अतिरिक्त किसी को भी यह सुरक्षा नहीं दिया जाएगा. प्रधानमंत्री पद से हटने के पांच साल तक उन्हें यह सुरक्षा प्रदान की जाएगी. पूर्व प्रधानमंत्री, उनका परिवार तथा वर्तमान प्रधानमंत्री के परिवार के सदस्य चाहें तो अपनी इच्छा से SPG सुरक्षा लेने से मना कर सकते हैं.

स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप: एक दृष्टि

  • स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) केंद्र सरकार की एक विशेष सुरक्षा बल है जो इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अंतर्गत एक विभाग के रूप में कार्य करती है. देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बालों में से एक है.
  • SPG के जवान, प्रधानमंत्री को 24 घंटे एक विशेष सुरक्षा घेरा प्रदान करते है, तथा उनके आवासों, कार्यालय, विमानों और वाहनों की सुरक्षा जाँच प्रदान करती है.
  • प्रधानमंत्री की अंगरक्षा हेतु SPG की आवश्यकता पहली बार प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद महसूस हुई थी. 1988 में संसद के अधिनियम 4 की धारा 1(5) के तहत SPG को IB की एक विशेष अंग के रूप में गठित किया गया था.
  • 1981 से पहले राष्ट्रीय राजधानी में, प्रधानमंत्री की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की एक विशेष अंग के अंतर्गत थी. तत्पश्चात् प्रधानमंत्री की सुरक्षा हेतु, IB ने एक विशेष कार्य बल गठित किया था.