कोविड-19 पर G-20 देशों का शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया

G-20 देशों का आपातकालीन शिखर सम्मेलन 26 मार्च को विडियो कांफ्रेन्सिंग (वर्चुअल) माध्यम से आयोजित किया गया. यह सम्मेलन सऊदी अरब के सुलतान सलमान बिन अब्दुल अजीज अल साऊद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था. कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य प्रणाली और वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर विचार करने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित दुनिया के अन्य शीर्ष नेता इस सम्मेलन में हिस्सा लिया. फिलहाल G-20 की अध्यक्षता कर रहे सऊदी अरब ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये G-20 शिखर सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया था. G-20 सदस्य देशों के अलावा स्पेन, जोर्डन, सिंगापुर और स्विटजरलैंड को भी इस सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था.

शीर्ष अन्तर्राष्ट्रीय संगठन भी शामिल हुए

संयुक्त राष्ट्र, विश्वबैंक, विश्व स्वास्थ्य संगठन, विश्व व्यापर संगठन, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन जैसे शीर्ष अन्तर्राष्ट्रीय संगठन भी इस बैठक में शामिल थे.

बैठक में आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन), अफ्रीकी संघ, खाड़ी सहयोग परिषद और अफ्रीका के विकास के लिये नई भागीदारी (New Partnership for Africa’s Development- NEPAD) जैसे क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया था.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने G-20 देशों से कोरोना वायरस से निपटने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने की अपील की. उन्होंने चिकित्सा अनुसंधान और विकास के लाभों को मुक्तभाव से साझा करने, स्वास्थ्य प्रणाली को आवश्यकता के अनुसार और मानवीय रूप में विकसित करने तथा आपदा प्रबंधन के नये तौर-तरीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया.

सदस्य देशों ने कोविड-19 के सामाजिक-आर्थिक दुष्प्रभाव से उबरने के लिए 50 खरब (5 ट्रिलियन) डॉलर उपलब्ध कराने की वचनबद्धता व्यक्त की.

G-20: एक दृष्टि

जी-20 में भारत के अलावा, अर्जेन्टीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं.

जानिए क्या है G-20…»

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