चिपको आन्दोलन के नेता सुंदर लाल बहुगुणा का निधन

चिपको आन्दोलन के नेता और पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा का 21 मई को निधन हो गया. वे 94 वर्ष के थे. उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में वनों के संरक्षण के लिए कार्य किया था. पर्यावरण और पृथ्‍वी की रक्षा के लिए दिया गया उनका संदेश विश्‍व के अनेक देशों ने सराहा और सम्‍मानित किया गया था. श्री बहुगुणा ने 1980 के दशक में हिमालय में बड़े बांधों के निर्माण के खिलाफ नेतृत्व किया था. वह टिहरी बांध के निर्माण का घोर विरोध कर रहे थे.

चिपको आन्दोलन

सुंदर लाल बहुगुणा को मुख्य रूप से चिपको आन्दोलन में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है. चिपको आन्दोलन भारत में वनों के संरक्षण के लिए शुरू किया गया था. इसकी शुरुआत 1973 उत्तराखंड में हुई थी. उन्होंने चिपको का नारा भी गढ़ा: ‘पारिस्थितिकी स्थायी अर्थव्यवस्था है (ecology is the permanent economy)’. इस आन्दोलन के लिए सुन्दरलाल बहुगुणा को 2009 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.

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