ईरान ने ONGC द्वारा खोजी गयी गैस फील्ड परियोजना के ठेका स्थानीय कंपनी को दिया

ईरान ने फारस की खाड़ी की फरजाद-B परियोजना का काम अपनी घरेलू कंपनियों को देने का फैसला किया है. इससे भारतीय कंपनी ऑयल एवं नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) इस दौड़ से बाहर हो गई है. यह ठेका 1.78 अरब डॉलर का था.

हाल ही में हुए एक समझौते के तहत ईरान के नेशनल इरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने फरजाद-B गैस फील्ड के विकास के लिए पेट्रोपर्स ग्रुप के साथ 1.78 अरब अमेरिकी डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं.

फरजाद-B गैस फील्ड परियोजन क्या है?

फरजाद-B गैस फील्ड ईरान के फारस की खाड़ी में है. इसकी खोज भारतीय कंपनी ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) ने की थी. OVL ने 2008 में फारस ऑफशोर एक्सप्लोरेशन ब्लॉक में एक विशाल गैस फिल्ड की खोज की थी. OVL और उसके पार्टनर्स ने इस खोज और डेवलपमेंट के लिए 11 अरब डॉलर तक निवेश करने की पेशकश की थी. इसे बाद में फरजाद-B नाम दिया गया.

फरजाद-B गैस फील्ड में 21,700 अरब घनफुट गैस का भंडार है. इसका 60 प्रतिशत निकाला जा सकता है. परियोजना से रोज 1.1 अरब घन फुट गैस प्राप्त की जा सकती है.

OVL इस परियोजना के परिचालन में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी की इच्छुक थी. उसके साथ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) और ऑयल इंडिया लि (OIL) भी शामिल थीं. इन दोनों की 40 और 20 प्रतिशत की हिस्सेदार थी.

OVL के नेतृत्व में भारतीय कंपनियों का एक समूह परियोजना पर अब तक 40 करोड़ डॉलर यानी करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च कर चुका है. ईरान की नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने फरवरी 2020 में कंपनी को बताया था कि वह फरजाद-B परियोजना का ठेका किसी ईरानी कंपनी को देना चाहती है.

ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL)

OVL सरकारी कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की सब्सिडिअरी है. ONGC ने इसे विदेशी परियोजनाओं में निवेश करने के लिए बनाया है. OVL ने ईरान के इस गैस क्षेत्र के विकास पर 11 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बनाई थी.