21 अक्टूबर 2020: आजाद हिंद सरकार की 78वीं वर्षगांठ

21 अक्टूबर 2020 को ‘आजाद हिंद सरकार’ की 78वीं वर्षगांठ थी. सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में इसी दिन आजाद हिंद सरकार का गठन किया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2018 को आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर दिल्ली के लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया था. इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त को ही प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण की परंपरा रही थी. ऐसा पहली बार हुआ था जब 21 अक्टूबर को भी लालकिले से तिरंगा फहराया गया था.

आजाद हिंद सरकार क्या है?

  • 21 अक्तूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारत की अस्थायी सरकार की स्थापना की थी. इस सरकार को आजाद हिन्द सरकार कहा जाता था. इस सरकार के पास अपना बैंक, अपनी फौज अपनी मुद्रा, डाक टिकट, गुप्तचर विभाग और दूसरे देशों में दूतावास भी थे.
  • इस सरकार को जर्मनी, जापान, फिलिपींस, कोरिया, चीन, इटली, आयरलैंड समेत 9 देशों ने मान्यता भी दी थी. बोस ही इस सरकार के राज्याध्यक्ष (प्रधानमंत्री) थे. उन्होंने ब्रिटेन और अमेरिका के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया था. फौज को आधुनिक युद्ध के लिए तैयार करने में जापान ने मदद की थी.
  • जापान ने ही अंडमान और निकोबार द्वीप आजाद हिंद सरकार को सौंपे. बोस ने अंडमान का नाम बदलकर शहीद द्वीप और निकोबार का स्वराज द्वीप रखा था.
  • हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमलों के बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया और यहीं से आजाद हिंद फौज का पतन शुरू हुआ. सैनिकों पर लाल किले में मुकदमा चला था.
लेटेस्ट कर्रेंट अफेयर्स 〉