नागालैंड में अफस्‍पा हटाने के मुद्दे पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन

केंद्र सरकार ने नागालैंड में सशस्‍त्र सेना विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) हटाने के मुद्दे पर विचार करने के लिए पांच सदस्‍यों की एक समिति का गठन किया है. नागालैंड सरकार के प्रतिनिध‍ियों की गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद यह कदम उठाया गया है. समिति 45 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी.

भारत के महा-पंजीयक और जनगणना आयुक्‍त विवेक जोशी इस समिति के अध्‍यक्ष होंगे. गृह मंत्रालय में अपर सचिव पीयूष गोयल इसके सदस्‍य सचिव होंगे. समिति के अन्य सदस्यों में नागालैंड के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक और असम राइफल्स के डीजीपी शामिल हैं.

AFSPA क्या है?

AFSPA (Armed Forces Special Powers Act) का पूरा नाम, सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून है. इस कानून को उपद्रवग्रस्त राज्य में सेना को कार्यवाही में मदद के लिए 11 सितंबर 1958 को पारित किया गया था. यह कानून सशस्त्र बलों को अशांत क्षेत्रों में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष शक्तियां प्रदान करता है. वर्तमान में, यह कानून नागालैंड, असम, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लागू है.

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