अमरीका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने का संकल्प लिया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के स्थाई देश (अमरीका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन) ने परमाणु हथियारों की रेस को कम करने की रणनीति बनाई है. इन नेताओं ने पहली बार 3 जनवरी को परमाणु युद्ध छिड़ने से रोकने और हथियारों की दौड़ से बचने पर एक संयुक्त बयान जारी किया और साथ ही एक-दूसरे पर परमाणु हथियारों का उपयोग न करने का संकल्प जताया.

मुख्य बिंदु

  • पांचों देशों के साझा बयान में कहा गया है कि हम इस बात की दावा करते हैं कि परमाणु युद्ध नहीं जीता जा सकता है और इसे कभी नहीं लड़ा जाना चाहिए.
  • पांच परमाणु शक्तियों के साझा बयान के अनुसार, चीन, रूस, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस ने सहमति व्यक्त की है कि परमाणु हथियारों के और प्रसार और परमाणु युद्ध से बचा जाना चाहिए. परमाणु हथियारों के उपयोग के दूरगामी परिणाम होंगे.
  • फ्रांस ने भी बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि पांचों शक्तियों ने परमाणु हथियार नियंत्रण और निरस्त्रीकरण के लिए अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया है. परमाणु हथियार नियंत्रण के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दृष्टिकोण जारी रखेंगे.
  • पड़ोसी देश यूक्रेन के पास रूस के सैन्य निर्माण को लेकर चिंताओं को लेकर मॉस्को और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह बयान आया है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी. इस बातचीत में अमेरिका ने रूस को यूक्रेन के पास सैन्य निर्माण को लेकर चेतावनी भी दी थी.
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