इन्‍द्रमणि पांडे को संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत का अगला राजदूत और स्‍थायी प्रतिनिधि नियुक्‍त किया गया

वरिष्‍ठ राजनयिक इन्‍द्रमणि पांडे को संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत का अगला राजदूत और स्‍थायी प्रतिनिधि नियुक्‍त किया गया है. वह जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र के 25 से अधिक महत्वपूर्ण संगठनों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस संगठनों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) शामिल हैं.

श्री पांडे 1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी हैं और फिलहाल विदेश मंत्रालय में अपर सचिव के पद पर कार्यरत हैं. वह राजीव कुमार चन्द्र का स्थान लेंगे.

भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया

भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया है। वेणुगोपाल का मौजूदा तीन साल का कार्यकाल 30 जून 2020 को समाप्त हो रहा था।

केके वेणुगोपाल देश के एक प्रमुख अधिवक्ता हैं, उन्हें 30 जून 2017 को देश के 15वें अटॉर्नी जनरल यानी महान्यायवादी के रूप में नियुक्त किया गया था. पद्मभूषण और पद्मविभूषण से अलंकृत संविधान विशेषज्ञ वेणुगोपाल ने मोरारजी देसाई की सरकार में भी करीब ढाई साल तक अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में काम किया था.

भारत के महान्ययवादी (Attorney General): एक दृष्टि

  • भारतीय संविधान के अनुछेद 76 के अनुसार भारत के महान्ययवादी (अटॉर्नी जनरल) की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. उच्चतम न्यायालय का न्यायधीश बनने की योग्यता रखने वाले किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति महान्यायवादी के पद पर नियुक्त कर सकते हैं.
  • देश के महान्यायवादी का कर्तव्य कानूनी मामलों में केंद्र सरकार को सलाह देना और कानूनी प्रकिया की उन जिम्मेदारियों को निभाना है जो राष्ट्रपति की ओर से उनके पास भेजे जाते हैं. इसके अतिरिक्त संविधान और किसी अन्य कानून के अंतर्गत उनका जो काम निर्धारित है, उनका भी पालन उन्हें पूरा करना होता है.
  • अपने कर्तव्य के निर्वहन के दौरान उन्हें देश के किसी भी न्यायालय में उपस्थित होने का अधिकार है. उन्हें संसद की कार्यवाही में भी भाग लेने का अधिकार है, हालांकि उनके पास मतदान का अधिकार नहीं होता. उनके कामकाज में सहायता के लिए सॉलिसिटर जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल होते हैं.
  • भारत के लिए पहले महान्ययवादी एमसी सीतलवाड हैं.

भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. सेतुरमन पंचनाथन को NSF का निदेशक नियुक्त करने को मंजूरी

भारतीय मूल के अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक डॉ. सेतुरमन पंचनाथन को अमेरिका के नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) के 16वें प्रमुख (निदेशक) के रूप में नियुक्त किया गया है. अमेरिकी सीनेट ने हाल ही में उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी. इस पद पर वह फ्रांस कोरडोवा (France Cordova) का स्थान लेंगे.

डॉ. सेतुरमन पंचनाथन दूसरे भारतीय-अमेरिकी हैं, जिसे प्रतिष्ठित विज्ञान पद के लिए नामित किया गया है. पंचनाथन से पहले डॉ. सुभ्रा सुरेश ने अक्टूबर 2010 से मार्च 2013 तक इस पद पर सेवा दी थी. वर्तमान में पंचनाथन एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी (ASU) में कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य अनुसंधान एवं नवोन्मेष अधिकारी हैं.

नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) क्या है?

नेशनल साइंस फाउंडेशन एक शीर्ष अमेरिकी संस्था है, जो विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के सभी गैर चिकित्सकीय क्षेत्रों में मौलिक अनुसंधान एवं शिक्षा में मदद करती है.

उर्जित पटेल को भारत के प्रमुख आर्थिक थिंक टैंक NIPFP का अध्यक्ष नियुक्त किया गया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व-गवर्नर उर्जित पटेल को भारत के प्रमुख आर्थिक थिंक टैंक ‘राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान’ (NIPFP) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. पटेल विजय केलकर की जगह लेंगे. वह 22 जून को पद संभालेंगे और उनका कार्यकाल चार साल का होगा.

NIPFP की गवर्निंग काउंसिल की 19 जून को हुई बैठक में उर्जित पटेल को NIPFP के अध्यक्ष नियुक्त किये जाने का फैसला किया गया. इस बैठक में नीति आयोग, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और तीन राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया था. वहीं, रथिन रॉय ने NIPFP के निदेशक और सुमित बोस ने उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है.

राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (NIPFP)

NIPFP वित्त मंत्रालय, पूर्ववर्ती योजना आयोग और कई राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक स्वायत्त निकाय है. यह एक स्वतंत्र गैर-सरकारी निकाय है और केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों को सलाह देते हुए सार्वजनिक नीति में अनुसंधान करता है.

उर्जित पटेल

उर्जित पटेल ने पांच सितंबर, 2016 को RBI के 24वें गवर्नर के रूप में पद संभाला था. उन्हें रघुराम राजन के उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया था. निजी कारणों का हवाला देते हुए, पटेल ने 10 दिसंबर, 2018 को RBI के गवर्नर के पद से इस्तीफा दे दिया था.

तमिलनाडु की एम नेत्रा को UNADAP का ‘गुडविल एम्बेसडर टू द पुअर’ नियुक्त किया गया

तमिलनाडु के एम नेत्रा को यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन फॉर डेवलपमेंट एंड पीस (UNADAP) के लिए ‘गुडविल एम्बेसडर टू द पुअर’ (Goodwill Ambassador to the Poor) नियुक्त किया गया है. 13 साल की एम नेत्रा ने पिता मोहन के उसकी पढ़ाई के लिए बचाए 5 लाख रुपए से गरीबों की मदद की थी. इस काम के लिए नेत्रा ने अपने पिता को भी राजी किया था.

UNADAP के गुडविल एंबेसडर नियुक्त किए जाने पर नेत्रा को दुनियाभर के नेताओं- राजनेताओं, शिक्षाविदों और नागरिकों से बात करने का अवसर मिलेगा. इसके साथ ही गरीब लोगों तक पहुंचने के लिए दूसरों को प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी.

ब्रजेंद्र नवनीत को WTO में राजदूत और भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया

ब्रजेंद्र नवनीत को विश्व व्यापार संगठन (WTO) में राजदूत और भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है. उन्हें WTO में भारत के स्थायी मिशन (Permanent Mission of India) जिनेवा में तैनात किया जाएगा. वे जेएस दीपक का स्थान लेंगे.

नवनीत तमिलनाडु कैडर के 1999 बैच के IAS अधिकारी हैं. वह जुलाई, 2014 से सितंबर, 2019 के दौरान PMO में संयुक्त सचिव रहे चुके हैं.

कृष्णेंदु मजुमदार BAFTA के नए अध्यक्ष, 73 साल के बाद भारतीय अध्यक्ष चुना गया है

टीवी प्रड्यूसर कृष्णेंदु मजुमदार को BAFTA (The British Academy of Film and Television Arts) का नया अध्यक्ष चुना गया है. कृष्णेंदु मजुमदार अगले 3 सालों तक इस पद की जिम्मेदारियां संभालेंगे. कृष्णेंदु इससे पहले एक साल तक BAFTA के उपाध्यक्ष के पद पर भी रह चुके हैं. उन्हें BAFTA के डिजिटल ऐनुअल जेनरल मीटिंग में अध्यक्ष चुना गया.

कृष्णेंदु मजुमदार पिछले 35 सालों के इतिहास में BAFTA के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष और पिछले करीब 73 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई भारतीय BAFTA का चेयरपर्सन बना हो.

NDB के संचालक मंडल की बैठक, ब्राजील के मार्कोस ट्रायजो को नया अध्‍यक्ष चुना गया

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के संचालक मंडल की विशेष बैठक 28 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया. केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारामण ने इस बैठक में हिस्सा लिया. बैठक में वित्तमंत्री सीतारामण ने बुनियादी ढांचे के विकास के वित्तपोषण में NDB के योगदान की सराहना की. वित्‍तमंत्री ने कहा कि इससे भारत सहित सभी सदस्य देशों के विकास में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है.

ब्राजील के मार्कोस ट्रायजो को नया अध्‍यक्ष चुना गया

संचालक मंडल की इस बैठक में ब्राजील के मार्कोस ट्रायजो को NDB का नया अध्‍यक्ष चुना गया. वह 7 जुलाई, 2020 को NDB के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे.

मार्कोस मौजूदा अध्‍यक्ष भारत के केवी कामथ का स्थान लेंगे. केवी कामथ NDB के पहले अध्‍यक्ष के रूप में 2014 में चुने गये थे. इस बैठक में NDB के अगले उपाध्यक्ष और CRO के रूप में भारत के अनिल किशोर का चयन किया गया.

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): एक दृष्टि

  • न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB), BRICS समूह के देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) द्वारा स्थापित किया गया बैंक है. NDB का मुख्यालय शंघाई, चीन में है.
  • ब्राज़ील के फ़ोर्टालेज़ा में आयोजित छठे BRICS शिखर सम्मेलन, 2014 में 100 अरब डॉलर की शुरुआती अधिकृत पूंजी के साथ NDB की स्थापना का निर्णय किया गया था. इस धनराशि में सभी सदस्य देशों की बराबर-बराबर हिस्सेदारी है. भारत के केवी कामत NDB के पहले अध्यक्ष हैं.

भारतीय अर्थशास्त्री अभास झा को जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई

विश्व बैंक ने भारतीय अर्थशास्त्री अभास के झा को दक्षिण एशिया में जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन के लिए नियुक्त किया है. झा की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक दक्षिण एशिया क्षेत्र (SAR) आपदा जोखिम प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन टीम को जोड़ने और सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित और मदद करना है.

अभास झा के अधिकार क्षेत्र में भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल और मालदीव शामिल हैं. वे इन देशों की समस्याओं का सबसे अच्छा समाधान देने के लिए उच्च व योग्य पेशेवरों की एक टीम का पोषण, नेतृत्व, प्रेरणा और उनकी तैनाती का काम करेंगे.

अभास झा बांग्लादेश, भूटान, भारत और श्रीलंका के विश्वबैंक कार्यालय में कार्यकारी निदेशक रह चुके हैं. वह लैटिन अमेरिका, कैरिबियन, यूरोप, मध्य एशिया, पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्रों में काम किया है. उनका सबसे हालिया कार्य पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में शहरी विकास और आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए प्रैक्टिस मैनेजर के रूप में रहा है.

गोविंदा राजुलु चिंताला को NABARD का अध्यक्ष नियुक्त किया गया

गोविंदा राजुलु चिंताला को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वह वर्तमान में NABARD में मुख्य महाप्रबंधक के रूप में सेवारत हैं और मौजूदा अध्यक्ष डॉ. हर्ष कुमार भानवाला का स्थान लेंगे. गोविंदा राजुलु की नियुक्ति केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की सिफारिश पर की गयी है. वह जुलाई 2022 तक अपनी सेवानिवृत्ति तक पद पर बने रहेंगे.

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD): एक दृष्टि

  • NABARD, National Bank for Agriculture and Rural Development का संक्षिप्त रूप है. इसका मुख्यालय मुंबई में है.
  • शिवरामन समिति की सिफारिश पर संसद के ‘राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम 1981’ के द्वारा 12 जुलाई 1982, को NABARD की स्थापना की गयी थी.
  • NABARD ग्रामीणों को उनके विकास एवं अ‍‍ार्थिक रूप से उनकी जीवन स्तर सुधारने के लिए ऋण उपलब्‍ध कराती है. इसकी स्थापना कृषि, लघु उद्योग, कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग, हस्तशिल्प और अन्य ग्रामीण शिल्पों के उन्नयन और विकास के लिए किया गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने WHO के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यभार संभाला

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कार्यकारी बोर्ड (Executive Board) के अध्यक्ष का कार्यभार 22 मई को संभाला. उन्होंने मौजूदा अध्यक्ष जापान के डॉ हिरोकी नकातानी का स्थान लिया है.

WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया रीजन (South-East Asian Region) ने कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष के लिए भारत के नाम का प्रस्ताव रखा था. भारत ने इस पद के लिए डॉ. हर्षवर्धन को नामित किया था. डॉ. हर्षवर्धन का कार्यकाल एक वर्ष का होगा.

WHO की 73वीं विश्व स्वास्थ्य सभा की बैठक

WHO के 73वें विश्व स्वास्थ्य सभा (World Health Assembly) की बैठक में 19 मई को डॉ. हर्षवर्धन को नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया था. यह बैठक जिनेवा, स्विट्जरलैंड में टेली कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्‍यम से आयोजित किया गया था. इसमें WHO के 194 सदस्य देशों ने हिस्सा लिया था.

विश्व स्वास्थ्य सभा प्रतिवर्ष जिनेवा, स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाता है. कोरोना वायरस आपातकाल के कारण इस वर्ष विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इसका आयोजन किया गया था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन: एक दृष्टि

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनिवा में है. भारत ने 12 जनवरी, 1948 को ही WHO की सदस्यता ले ली थी. WHO का शासन-प्रशासन दो निकाय द्वारा संचालित होता है:

1. विश्व स्वास्थ्य सभा (World Health Assembly)
2. कार्यकारी बोर्ड (Executive Board)

  • WHO स्वास्थ्य सभा, निर्णय लेने वाली संस्था है जबकि कार्यकारी बोर्ड का मुख्य काम स्वास्थ्य सभा के फैसलों और नीतियों को लागू करना और उसे समय-समय पर सलाह देना है.
  • कार्यकारी बोर्ड और स्वास्थ्य सभा मिलकर ऐसा मंच तैयार करते हैं जहां दुनिया स्वास्थ्य के मुद्दों पर चर्चा करती है और समस्याओं के समाधान ढूंढने का प्रयास करती है.
  • WHO स्वास्थ्य सभा में संयुक्त राष्ट्र के सभी 194 सदस्य देश इसके सदस्य होते हैं.
  • WHO का कार्यकारी बोर्ड 34 सदस्यों से बना है. इसके सदस्यों का चुनाव विश्व स्वास्थ्य सभा में किया जाता है. इस बोर्ड के सदस्यों को तीन साल के लिए चुना जाता है.
WHO के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष का चयन
  • WHO ने सदस्य देशों को छह क्षेत्रीय समूहों में बांट रखा है- अफ्रीका रीजन, अमेरिका रीजन, दक्षिण-पूर्व एशिया रीजन, यूरोपीय रीजन, पूर्वी भूमध्य रीजन और पश्चिमी प्रशांत रीजन. भारत दक्षिण-पूर्व एशिया रीजन का एक सदस्य देश है.
  • WHO के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष पद का चयन WHO के इन छह क्षेत्रीय समूहों में से प्रत्येक एक वर्ष के लिए रोटेशन के आधार पर किया जाता है. कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यकाल एक वर्ष का होता है.

UNEP की सद्भावना दूत के रूप में दीया मिर्जा के कार्यकाल में विस्तार

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की सद्भावना दूत (गुडविल एम्बेसडर) के रूप में बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा का कार्यकाल को बढ़ाकर अब साल 2022 के अंत तक कर दिया गया है. दीया सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत भी हैं.

सद्भावना दूत का कार्य पर्यावरणीय जागरूकता की दिशा में सुधार, जलवायु, वन्यजीवों की सुरक्षा, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा प्रयास, आदि है.

सद्भावना दूत राजस्व जुटाने में मदद करते हैं, इसके अलावा वे किसी मुद्दे के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए भी कार्य करते है. उनकी सेवा की अवधि 2 वर्ष होती है.