दिनेश कुमार खारा भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन नियुक्त किये गये

सरकार ने दिनेश कुमार खारा को भारतीय स्टेट बैंक का चैयरमैन नियुक्त किया है. उन्होंने रजनीश कुमार की जगह ली है. रजनीश कुमार ने 6 अक्टूबर को अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक दिनेश कुमार खारा को तीन साल के लिए चेयरमैन नियुक्त किया गया.

बैंक के बोर्ड ब्यूरो (BBB) ने खारा के नाम की सिफारिश एसबीआई के अगले चेयरमैन के रूप में की थी. परंपरा के अनुसार एसबीआई के चेयरमैन की नियुक्ति बैंक में सेवारत प्रबंध निदेशकों के समूह से की जाती है.

खारा 1984 में परिवीक्षाधीन अधिकारी (PO) के रूप में एसबीआई में शामिल हुए थे और उन्होंने अप्रैल 2017 में एसबीआई के पांच सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक के एसबीआई में विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

सरकार ने मौद्रिक नीति समिति पैनल में तीन नये सदस्यों को नियुक्त किया

सरकार ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) पैनल में तीन सदस्यों को नियुक्त किया है. ये तीन सदस्य प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री आशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे हैं. नए सदस्य चेतन घाटे, पामी दुआ और रवींद्र ढोलकिया की जगह लेंगे हैं. उन्हें 29 सितंबर, 2016 को चार साल के लिए पैनल में नियुक्त किया गया था.

आशिमा गोयल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में अर्थव्यवस्था पर लगातार लिखते रहे हैं, उनके सौ से अधिक लेख छपे हैं. जयंत आर वर्मा, अहमदाबाद में भारतीय प्रबंधन संस्थान में प्रोफेसर है. शशांक भिडे मौजूदा समय में वरिष्ठ सलाहकार, नेशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च है.

मौद्रिक नीति समिति: एक दृष्टि

मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अधिनियम की धारा 54ZB के तहत भारत सरकार द्वारा किया गया था. इस समिति में कुल छह सदस्य होते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर इस समिति का पदेन अध्यक्ष होते हैं.

MPC, बैंक दर, रेपो दर, रिवर्स रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात जैसे बेंचमार्क दरों और मौद्रिक नीतियों की समीक्षा करता है.

हरसिमरत कौर बादल ने केन्द्रीय मंत्रीपरिषद से इस्तीफा दिया

केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने 17 सितम्बर को केन्द्रीय मंत्रीपरिषद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपा. राष्ट्रपति ने श्रीमती कौर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. उनहोंने अपना इस्तीफा कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए पेश किए गए तीन कृषि क्षेत्र के बिलों के विरोध में दिया है.

हरसिमरत कौर बादल के पास खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का प्रभार था. वह शिरोमणि अकाली दल (SAD) राजनीतिक दल से हैं. राष्ट्रपति ने कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को उनके वर्तमान विभाग के अतिरिक्त खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का प्रभार भी सौंपा है.

हरिवंश नारायण सिंह दोबारा राज्यसभा के उपसभापति चुने गये

हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति (deputy speaker) चुना गया है. उनके उपसभापति निर्वाचन की घोषणा राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडु ने की.

हरिवंश नारायण सिंह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार थे. उन्होंने आरजेडी नेता मनोज झा को ध्वनिमत से हराया. कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने मनोज झा को संयुक्त उम्मीदवार बनाया था. दोनों ही बिहार से राज्यसभा सांसद हैं. हरिवंश नारायण सिंह पहली बार अगस्त 2018 में राज्यसभा के उपसभापति चुने गए थे.

राजेश खुल्लर को विश्व बैंक का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया

राजेश खुल्लर को वाशिंगटन डीसी में विश्व बैंक का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है. उनकी यह नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है. वे भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान से संबंधित मामलों का प्रतिनिधित्व करेंगे. विश्व बैंक में 25 ऐसे कार्यकारी निदेशक पूरे विश्व से नियुक्त होते हैं. जिसमें से राजेश खुल्लर एक होंगे.

वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर हरियाणा और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

फिल्म अभिनेता परेश रावल को नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का प्रमुख नियुक्त किया गया

बॉलिवुड के जाने-माने ऐक्टर परेश रावल को नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का प्रमुख नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रावल को NSD का अध्यक्ष नियुक्त किया है. रावल की नियुक्ति 4 सालों के लिए की गई है. यह पद 2017 से ही खाली था.

65 साल के परेश रावल गुजरात (अहमदाबाद ईस्ट) से पूर्व लोकसभा सदस्य हैं. सिनेमा और थिअटर के क्षेत्र में उनके पास अभिनय का सालों का अनुभव है.

नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा: एक दृष्टि

नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (National School of Drama- NSD), रंगमंच का प्रशिक्षण देने वाली देश की सबसे महत्त्वपूर्ण संस्था है. यह दिल्ली में स्थित है. इसकी स्थापना संगीत नाटक अकादमी ने 1959 में की थी. यह भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वशासी संस्थान है.

डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी के कार्यकाल को विस्तारित किया गया

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के वर्तमान अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी के कार्यकाल को दो वर्ष का विस्तार दिया गया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने DRDO अध्यक्ष के रूप में रेड्डी के कार्यकाल के विस्तार को 24 अगस्त को मंजूरी दी.

उन्हें अगस्त 2018 में दो वर्षों के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया था. इसके अलावा वह 26 अगस्त के बाद दो वर्षों के लिए DRDO के सचिव भी होंगे.

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO): एक दृष्टि

  • DRDO, रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) का संक्षिप्त रूप है. यह भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक संगठन है.
  • यह सैन्य अनुसन्धान तथा विकास से सम्बंधित कार्य करता है. यह देश की सुरक्षा के लिए मिसाइल, रडार, सोनार, टॉरपीडो आदि का निर्माण करती है.
  • इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है. DRDO का आदर्श वाक्य ‘बलस्य मूलं विज्ञानं’ है. पूरे देश में DRDO की 52 प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है.

राजीव कुमार को निर्वाचन आयुक्‍त नियुक्‍त किया गया

पूर्व वित्‍त सचिव राजीव कुमार को निर्वाचन आयुक्‍त नियुक्‍त किया गया है. वे अशाोक लवासा का स्‍थान लेंगे. श्री लवासा ने इस्‍तीफा दे दिया था. श्री कुमार 31 अगस्‍त को श्री लवासा के कार्य मुक्‍त होने के बाद पदभार ग्रहण करेंगे.

राजीव कुमार को विभिन्‍न क्षेत्रों में सार्वजनिक नीति और प्रशासन का तीन दशक से अधिक का अनुभव है. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की वित्‍तीय समावेशन योजना को आगे बढा़ने में भी उनकी महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है. वित्‍तीय समावेशन के लक्ष्‍यों में प्रधानमंत्री जनधन योजना, मुद्रा ऋण कार्यक्रम और अन्‍य प्रमुख योजनाओँ के जरिए लोगों की ऋण तक पहुंच कायम करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है.

भारत निर्वाचन आयोग और चुनाव आयुक्त का पद

  • भारतीय संविधान का भाग 15 चुनावों से संबंधित है. संविधान के अनुच्छेद 324 से 329 तक चुनाव आयोग और सदस्यों की शक्तियों, कार्य, कार्यकाल, पात्रता आदि से संबंधित हैं.
  • मूल संविधान में निर्वाचन आयोग में केवल एक चुनाव आयुक्त का प्रावधान था. 1 अक्तूबर, 1993 को इसे तीन सदस्यीय आयोग वाला कर दिया गया. तब से निर्वाचन आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं.
  • मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (दोनों में से जो भी पहले हो) तक होता है.

राकेश अस्थाना को BSF के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया

राकेश अस्थाना को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है. वर्तमान में, इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के प्रमुख एसएस देसवाल इस BSF महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे. राकेश अस्थाना BSF के 27वें महानिदेशक होंगे.

राकेश अस्थाना गुजरात कैडर के 1984 बैच भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं. इन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो में पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप-महानिरीक्षक, अतिरिक्त निदेशक और विशेष निदेशक की प्रति-नियुक्ति पर अपनी सेवाएं दी हैं. सीमा सुरक्षा बल में महानिदेशक का पदभार संभालने से पूर्व ये महानिदेशक, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो के साथ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे.

राकेश अस्थाना को 2001 में ‘सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक’ और 2009 में ‘विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से भी सम्मानित किया जा चुका है.

सीमा सुरक्षा बल: एक दृष्टि

सीमा सुरक्षा बल (BSF) विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है. इसका प्रमुख कार्य शांति काल में पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करना है. BSF में 186 बटालियन हैं, इसमें 2.65 लाख बहादुर और समर्पित जवानों की स्वीकृत संख्या है.

सत्यपाल मलिक को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया

गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. उन्होंने तथागत रॉय का स्थान लिया है. गोवा के राज्यपाल का अतितिक्त कार्यभार महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंपा गया है. ये नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लागू होगी. मेघालय के राज्यपाल नियुक्त किये जाने से पूर्व सत्यपाल मलिक जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं.

राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है. राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153-162 में राज्यपाल की नियुक्ति, शक्तियां और उनके कार्यालय का उल्लेख किया गया है.

गिरीश चंद्र मुर्मू भारत के 14वें CAG नियुक्त किये गये

सरकार ने गिरीश चंद्र मुर्मू को देश का 14वां नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) नियुक्त किया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 8 अगस्त को उनको पद की शपथ दिलाई.

मुर्मू ने राजीव महर्षि का स्थान लिया है जिनका कार्यकाल 7 अगस्त को पूरा हो गया था. उनकी नियुक्ति पदभार संभालने के तिथि से प्रभावी होगी.

मुर्मू जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल रह चुके हैं. उन्होंने 5 अगस्त को उप-राज्यपाल के पद से इस्तीफा दिया था. पूर्व केन्द्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश से भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा को मुर्मू की जगह केन्द्र शासित प्रदेश का नया उप-राज्यपाल बनाया गया था.

मुर्मू 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. 60 वर्षीय मुर्मू को अक्टूबर, 2019 में उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था.

भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG): एक दृष्टि

  • भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General) एक संवैधानिक पद है. संविधान के अनुच्छेद 148 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का उल्लेख है. अनुच्छेद के 148 अनुसार CAG भारत सरकार की रिपोर्ट राष्ट्रपति को और राज्य सरकार की रिपोर्ट राज्य के राज्यपाल को देता है.
  • CAG भारत सरकार तथा राज्य सरकारों के लेखों का अंकेक्षण करता है. संस्था केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अनुरोध पर किसी भी सरकारी विभाग की जाँच कर सकती है.
  • CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं. CAG का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) की अवधि के लिए होता है.
  • CAG को संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत के साथ अयोग्यता प्रस्ताव पारित कर इसे पद से हटाया जा सकता हैं.
  • राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह CAG का भी वेतन संचित निधि से दिया जाता है.
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 266 में संचित निधि (Consolidated Fund) का उल्लेख किया गया है. सरकार को प्राप्त सभी राजस्व (प्रत्यक्ष कर, अप्रत्यक्ष कर, ऋण प्राप्तियां, उधार लिया गया धन) संचित निधि में ही जमा होते हैं.
  • वी नरहरि राव भारत के पहले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General) थे.

मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल नियुक्त, गिरीश चंद्र मुर्मू का इस्तीफा

मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल नियुक्त किये गये हैं. उन्होंने गिरीश चंद्र मुर्मू का स्थान लिया है. मुर्मू ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था. मुर्मू का इस्तीफा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूर कर लिया है.

5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त कर दिये थे और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था. इसी के बाद 31 अक्टूबर को मुर्मू को उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था. मुर्मू से पहले जब जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य था तब सत्यपाल मलिक यहां के राज्यपाल थे.