अंतर-राज्‍यीय पारेषण प्रणाली-हरित ऊर्जा गलियारे के दूसरे चरण को स्‍वीकृति

मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने 6 जनवरी को अंतर-राज्‍यीय पारेषण प्रणाली-हरित ऊर्जा गलियारे (इंट्रास्‍टेट ट्रांसमिशन सिस्‍टम ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर) के दूसरे चरण (फेस-2) को स्‍वीकृति दी.

  • दूसरे चरण पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपया खर्च होगा. इसके माध्‍यम से 10750 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण होगा. लगभग 20 गीगावॉट रेन्‍युअल उर्जा का उत्पादन किया जाएगा. दूसरे फेस में सात राज्‍य- गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, उत्‍तर प्रदेश, तमिलनाडु और राजस्‍थान शामिल हैं.
  • हरित ऊर्जा गलियारा का पहला चरण तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में लागू किया जा रहा है. इसका लक्ष्य 24 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा उत्पन्न करना है. पहले चरण में 10142 करोड़ रुपये की कुल लागत थी.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस फैसले से अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 450 गीगावॉट का लक्ष्य हासिल करने के भारत के प्रयासों को मजबूती मिलेगी. इससे ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा मिलेगा.
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भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट, दिसंबर 2021 जारी की

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 29 दिसम्बर को वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) का 24वां अंक जारी किया. इस रिपोर्ट में वित्तीय स्थिरता के जोखिमों और वित्तीय प्रणाली के लचीलेपन का मूल्यांकन किया गया है. यह मूल्यांकन वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (FSDC) की उप-समिति द्वारा वर्ष में दो बार किया जाता है.

मुख्य बिंदु

  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) का जोखिम भारित आस्तियों की तुलना में पूंजी अनुपात (CRAR) 16.6 प्रतिशत के नए शिखर पर पहुंच गया और सितंबर 2021 में उनका प्रावधान कवरेज अनुपात (PCR) 68.1 प्रतिशत था. कॉर्पोरेट क्षेत्र मजबूत हो रहा है और बैंक ऋण वृद्धि में सुधार हो रहा है.
  • क्रेडिट जोखिम के लिए समष्टि तनाव जांच यह दर्शाता है कि SCB का सकल गैर-निष्पादित आस्ति (GNPA) अनुपात, बेसलाइन परिदृश्य के तहत सितंबर 2021 में 6.9 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2022 तक 8.1 प्रतिशत और गंभीर तनाव परिदृश्य के तहत 9.5 प्रतिशत हो सकता है. हालांकि, SCB के पास तनाव की स्थिति में भी समग्र और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर पर्याप्त पूंजी होगी.
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के साथ-साथ सूक्ष्म वित्त खंड में भी तनाव के उभरते संकेतों से, आगे, इन पोर्टफोलियो की बारीकी से निगरानी करने की आवश्यकता होगी.
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उपभोक्‍ता संरक्षण नियम, 2021 की अधिसूचना जारी की गयी

सरकार ने उपभोक्‍ता संरक्षण नियम (Consumer Protection Rules) 2021 की अधिसूचना जारी कर दी है. ये नियम देश में प्रत्‍यक्ष वि‍क्रय के माध्‍यम से खरीदी या बेची गई वस्‍तु और सेवाओं पर लागू होंगे. साथ ही, उपभोक्‍ताओं को वस्‍तु और सेवाएं देने वाली सीधी बिक्री से जुड़ी कंपनियों पर भी ये नियम लागू होंगे. ये नियम उन कंपनियों पर भी लागू होंगे जो देश में स्‍थापित नहीं है, लेकिन उपभोक्‍ताओं को वस्‍तु या सेवाएं उपलब्‍ध करा रही हैं.

इन नियमों के सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से 90 दिन के अंदर प्रत्यक्ष विक्रय से जुड़ी मौजूदा कंपनियों को इनका अनुपालन करना होगा. सीधी बिक्री करने वाली कंपनियों और विक्रेताओं पर अपने उत्पादों की बहु स्तरीय बिक्री के लिये नये सदस्यों की श्रृंखला बनाने की पिरामिड योजना को बढ़ावा देने पर प्रतिबंध रहेगा.

प्रत्येक प्रत्यक्ष बिक्री इकाई (direct selling entity) को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की आवश्यकता होगी जो अधिनियम और इन नियमों के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा.

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फाइजर ने कोविड-19 रोधी दवा ‘पैक्सलोविड’ विकसित किया, अमेरिका ने दी मंजूरी

फाइजर ने हाल ही में कोविड-19 रोधी दवा ‘पैक्सलोविड’ (Paxlovid)  विकसित किया था जिसे अमेरिका ने मंजूरी दे दी है. ये दवा गंभीर बीमारी की स्थिति में 12 साल के बच्चों और बड़ों को दी जा सकती है.

मुख्य बिंदु

  • कोरोना से लड़ने वाली ये दुनिया की पहली ओरल एंटीवायरल पिल होगी. ये एक एंटीवायरल दवा है जिसे PF-07321332 नाम दिया गया है. इस एंटीवायरल दवा को HIV मेडिसिन रीटोनाविर के लो डोज के साथ मिक्स कर दिया जाता है. यानी कोविड-19 की एक नई दवा को पहले से मौजूद रीटोनाविर के साथ दिया जाएगा. दवाओं के कॉम्बिनेशन के इस कोर्स को पैक्सलोविड नाम दिया गया है.
  • ट्रायल में ये दवा ओमिक्रॉन सहित कोरोना के खिलाफ बेहद कारगर रही है. कंपनी ने इसकी इफेक्टिवनेस जानने के लिए 2,250 लोगों पर ट्रायल किए थे. लक्षण नजर आने के 3 दिन बाद ये दवा हल्के लक्षणों से पीड़ित मरीजों को हॉस्पिटलाइजेशन और मौत से रोकने में दवा 89% कारगर रही है. लक्षण नजर आने के 5 दिन बाद लेने पर हॉस्पिटलाइजेशन और मौत रोकने में 88% कारगर है.
  • अमेरिका ने पैक्सलोविड के बाद मर्क कंपनी की मोलनुपिराविर को भी मंजूरी दे दी है. इसे कोरोना से संक्रमित 18 साल से ज्यादा उम्र के गंभीर मरीजों को दिया जाएगा. मोलनुपिराविर दवा वायरस के जेनेटिक कोड में गड़बड़ी कर उसकी फोटोकॉपी होने से रोकती है.
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सीसीआई ने एयर इंडिया लिमिटेड के शेयरधारिता अधिग्रहण को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने टाटा समूह के एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस तथा AISATS के प्रस्तावित अधिग्रहण को 20 दिसम्बर को मंजूरी दे दी. टाटा समूह की कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड घरेलू विमानन कंपनी को एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस में 100 प्रतिशत तथा एयर इंडिया SATS एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (AISATS) में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करना है.

CCI भारत में प्रमुख राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नियामक है. यह एक वैधानिक निकाय है, जो कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत काम करता है. यह प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और गतिविधियों को रोकने के लिए प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 को लागू करने के लिए जिम्मेदार है.

टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया है

टाटा ग्रुप ने भारी कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया को हाल में खरीदा था. इसके लिए टाटा ग्रुप के टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने अक्टूबर 2021 में 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया का अधिग्रहण के लिए सफल बोली लगायी थी. कंपनी इस अधिग्रहण समझौते के तहत 2,700 करोड़ रुपये नकद देगी तथा विमानन कंपनी पर 15,300 करोड़ रुपये के कर्ज की जवाबदेही लेगी.

एयर इंडिया की स्थापना 1932 में टाटा एयरलाइंस के रूप में हुई थी. बाद में सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण कर लिया था. सरकार पिछले कई साल से इसे बेचने की कोशिश में लगी थी. आखिरकार टाटा संस के रूप में उसे खरीदार मिल गया और एयरलाइन की घर वापसी का रास्ता साफ हो गया.

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भारत सरकार ने चिप बनाने के लिए 76 हजार करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बोर्ड उत्पादन के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को मंजूरी दी है. PLI योजना में अगले 5 से 6 वर्षों में देश में सेमीकंडक्टर निर्माण में 76,000 करोड़ रुपये के निवेश का खाका तैयार किया गया है.

मुख्य बिंदु

इस योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देना है. इस योजना में बड़े पैमाने पर ऑटोमोबाइल विनिर्माण, ऑटो घटक निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम डेवलपर्स भी शामिल हैं. इससे माइक्रोचिप्स के डिजाइन, निर्माण, पैकिंग और टेस्टिंग में मदद मिलेगी और एक कंप्लीट इकोसिस्टम विकसित होगा.

डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (Design Linked Incentive – DLI) योजना के तहत, सरकार सेमीकंडक्टर, सिस्टम और आईपी कोर, इंटीग्रेटेड सर्किट (IC), सिस्टम ऑन चिप्स (SoC), चिपसेट और सेमीकंडक्टर लिंक्ड डिज़ाइन की 100 घरेलू कंपनियों को सहायता प्रदान करेगी. यह योजना पात्र व्यय के 50 प्रतिशत तक प्रोत्साहन की पेशकश करेगी.

भारत में सतत सेमीकंडक्टर विकसित करने और पारिस्थितिकी तंत्र प्रदर्शित करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों को चलाने के लिए सरकार एक स्वतंत्र ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ भी स्थापित करेगी.

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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को 5 साल बढ़ाने की मंजूरी

सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) को वर्ष 2021-22 से पांच वर्ष बढ़ाकर वर्ष 2025-26 तक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. यह मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 15 दिसम्बर को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दी गयी थी. इस योजना पर कुल लागत 93,068 करोड़ रुपए आने का अनुमान है. इससे करीब 22 लाख किसानों को फायदा होगा, जिसमें 2.5 लाख अनुसूचित जाति और 2 लाख अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसान हैं.

PMKSY योजना 2015 में शुरू की गई थी. खेती में किसानों को पानी की कमी को दूर करने के लिए इस योजना को शुरू किया गया था. इस योजना का उद्देश्य देश में सिंचाई प्रणाली में निवेश को आकर्षित करना, देश में खेती योग्य भूमि का विकास और विस्तार करना, पानी की बर्बादी को कम करना, पानी की बचत करने वाली तकनीकों को लाना है.

मुख्य बिंदु

  • PMKSY के दो मुख्य घटक हैं- त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) और हर खेत को पानी (HKKP).
  • इस योजना में त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP) के तहत शामिल नई परियोजनाओं सहित 60 चल रहीं परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा.
  • AIBP, केंद्र सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है. इसका उद्देश्य सिंचाई परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है. इसके अंतर्गत 2021-26 के दौरान कुल अतिरिक्त सिंचाई क्षमता को 13.88 लाख हेक्टेयर तक करना है.
  • हर खेत को पानी (HKKP) कार्यक्रम का उद्देश्य है कि सुनिश्चित सिंचाई के तहत खेती योग्य भूमि का विस्तार हो. इसके तहत सतही जल स्रोतों के माध्यम से अतिरिक्त 4.5 लाख हेक्टेयर रकबे को सिंचाई के दायरे में लाया जायेगा.
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बैंक जमा राशि बीमा भुगतान कार्यक्रम पर एक समारोह आयोजित किया गया

बैंक जमा राशि बीमा भुगतान पर 12 दिसम्बर को नई दिल्ली में एक समारोह “जमाकर्ता प्रथम – पांच लाख रुपये तक गारंटीकृत समयबद्ध जमा बीमा भुगतान” आयोजित किया गया था. इस समारोह को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्बोधित किया.

मुख्य बिंदु

  • बैंक जमा पर बीमा सुरक्षा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है. यानी कोई भी बैंक संकट में आता है तो जमाकर्ताओं को पांच लाख रुपये तक जरूर वापिस मिलेगा.
  • यह बीमा सुरक्षा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली सहायक कंपनी- ‘जमा बीमा और साख गारंटी निगम’ (डिपॉज़िट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन – DICGC) द्वारा उपलब्‍ध कराया जाता है. DICGC 15 जुलाई 1978 को अस्तित्व में आया था.
  • भारत में कार्यरत सभी वाणिज्यिक बैंकों में बचत, चालू, सावधि और आवर्ती जमा खातों में मौजूद जमा राशि बीमा के दायरे में आती है. राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में कार्यरत राज्य, केंद्रीय और प्राथमिक सहकारी बैंक भी इसके दायरे में आते हैं.
  • DICGC ने अंतरिम भुगतान का पहला भाग हाल ही में जारी किया है. यह भुगतान उन 16 शहरी सहकारी बैंकों के जमाकर्ताओं के दावों के आधार पर किया गया है, जिन्‍हें रिजर्व बैंक ने प्रतिबंधित कर रखा है. एक लाख से अधिक जमाकर्ताओं के दावों के आधार पर 1300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का भुगतान उनके वैकल्पिक बैंक खातों में किया जा चुका है.
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RBI की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक, रेपो दर 4%, रिवर्स रेपो दर 3.35% पर अपरिवर्तित

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समि‍ति (MPC) की बैठक 6-8 अगस्त को मुंबई में आयोजित की गयी थी. बैठक की अध्यक्षता बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने की थी. यह चालू वित्त वर्ष (2021-22) की पांचवी द्विमासिक (दिसम्बर-जनवरी) मौद्रिक नीति (5th Bi-Monthly Monetary Policy) समीक्षा बैठक थी.

MPC की बैठक: मुख्य बिंदु

रिजर्व बैंक ने वर्तमान में रेपो रेट 4 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट 3.35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है. यह लगातार 9वीं बार था जब RBI ने नीतिगत दर पर यथास्थिति बनाए रखी.

RBI ने इस वित्त वर्ष (2021-22) में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान बरकरार रखा है. वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक GDP वृद्धि वृद्धि 17.2% रहने का अनुमान है.

2021-22 के दौरान सीपीआई मुद्रास्फीति 5.3% अनुमानित है. 2022-23 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5.1% अनुमानित है.

वर्तमान दरें: एक दृष्टि

नीति रिपो दर4%
रिवर्स रेपो दर3.35%
सीमांत स्‍थायी सुविधा दर (MSF)4.25%
बैंक दर4.25%
नकद आरक्षित अनुपात (CRR)4%
वैधानिक तरलता अनुपात (SLR)18%

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): एक दृष्टि

  • भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) भारत का केन्द्रीय बैंक है. यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है.
  • RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को RBI ऐक्ट 1934 के अनुसार हुई. प्रारम्भ में इसका केन्द्रीय कार्यालय कोलकाता में था जो सन 1937 में मुम्बई आ गया.
  • पहले यह एक निजी बैंक था किन्तु सन 1949 से यह भारत सरकार का उपक्रम बन गया है.
  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत अनिवार्य रूप से मौद्रिक नीति के संचालन की जिम्मेदारी सौपीं गई है.

क्या होता है रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, सीआरआर और एसएलआर?

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वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही के आंकड़े जारी: GDP में 8.4 फीसदी की वृद्धि

राष्‍ट्रीय सांख्‍यिकी कार्यालय (NSO) ने चालू वित्‍तवर्ष (2021-22) की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के आंकड़े 30 नवम्बर को जारी किये. इन आंकड़े के अनुसार इस तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) वृद्धि दर 8.4 फीसदी रही.

चालू वित्‍तवर्ष की दूसरी तिमाही: मुख्य बिंदु

  • दुनिया की प्रमुख अर्थव्‍यवस्‍था वाले देशों में भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्‍तवर्ष की दूसरी तिमाही में सबसे तेज रही.
  • NSO के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र का उत्‍पादन 5.5 प्रतिशत बढ़ा जबकि इसी अवधि में निर्माण क्षेत्र में 7.5 प्रतिशत की व‍ृद्धि हुई.
  • सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों से पता चलता है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बावजूद जुलाई से सितम्‍बर की दूसरी तिमाही में घरेलू खपत में वृद्धि हुई. पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान अर्थव्यवस्था में 7.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी.
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झांसी में रक्षा क्षेत्र की कई परियोजनाओं का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवम्बर को उत्तर प्रदेश के झांसी में रक्षा क्षेत्र की कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया और राष्ट्र को समर्पित किया.

मुख्य बिंदु

  • प्रधानमंत्री ने चार अरब रुपये की उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा परियोजना का शिलान्यास किया. सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम भारत डायनेमिक्स लिमिटेड यहां अपना एक संयंत्र स्थापित करेगा.
  • राष्‍ट्रीय कैडेट कोर के पूर्व कैडेटों को कोर से जोड़े रखने के लिए एक औपचारिक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से पूर्व कैडेट संघ का भी शुभारंभ हुआ. प्रधानमंत्री, एक पूर्व कैडेट की हैसियत से इस संघ के पहले सदस्य बनेंगे.
  • रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किए गए उपकरण सुरक्षा बलों के सेवा प्रमुखों को सौपें. हिन्‍दुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड द्वारा डिजाइन और विकसित लाइव कॉम्‍बैट हेलिकॉप्‍टर वायुसेना प्रमुख को सौंपा गया.
  • भारतीय स्‍टार्टअप्‍स द्वारा डिजाइन और विकसित ड्रोन यूएवी थल सेना अध्‍यक्ष को सौंपा गया. DRDO द्वारा डिजाइन और भारत इले‍क्‍ट्रॉनिक्‍स लिमिटेड द्वारा नौसेना के जहाजों के लिए निर्मित उन्‍नत इलेक्‍ट्रॉनिक वॉर फेयर सूट नौसेना अध्‍यक्ष को सौंपा गया.
  • प्रधानमंत्री महोबा और झांसी में जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें अर्जुन सहायक परियोजना, रतौली और भावोनी बांध परियोजना तथा मझगांव-चिल्‍ली सिंचाई परियोजना शामिल है. इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 3.250 हजार करोड़ रुपये से अधिक है. इनके पूरे होने पर महोबा, हमीरपुर, बांदा और ललितपुर जिलों में लगभग 65 हजार हेक्‍टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी.
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प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानून निरस्त करने, MSP पर समिति बनाने की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद द्वारा सितम्बर 2020 में पारित लाये तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की. इसके लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जाएगा. इन तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे थे. प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़े मुद्दों पर एक समिति बनाने की भी घोषणा की.

प्रधानमंत्री ने 19 नवम्बर को गुरु नानक जयंती के अवसर पर इस आशय की घोषणा की. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार तीन नये कृषि कानून के फायदों को किसानों के एक वर्ग को हर संभव प्रयासों के बावजूद समझाने में असफल रही. उन्होंने कहा कि इन तीनों कृषि कानूनों का लक्ष्य किसानों विशेषकर छोटे किसानों का सशक्तीकरण था.

MSP को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए समिति का गठन

प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति के गठन किये जाने की भी घोषणा की. इस समिति में केंद्र, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि अर्थशास्त्री होंगे.

क्या है तीन कृषि कानून

संसद ने किसानों के सशक्तीकरण के लिए सितम्बर 2020 में तीन कृषि विधेयक पारित कर अधिनियम का रूप दिया था. ये अधिनियम – कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम 2020; किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 हैं.

इन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कृषि उपज और खेती के क्षेत्र में स्‍टॉक सीमा और लाइसेंस राज को समाप्त करना था. इसमें किसानों को अनुबंध खेती का विकल्प दिया गया था. किसानों को मौजूदा विकल्प के अतिरिक्त अन्य कई विकल्प दिए गये थे जिससे उनके उपज का बेहतर दाम मिल सके.

कानून वापसी की प्रक्रिया

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद भारत के संपूर्ण राज्य क्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए और किसी राज्य का विधानमंडल उस राज्य या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकता है.

संसद को कानून बनाने के साथ-साथ कानून वापस लेने का भी अधिकार है. कानून खत्म करने की प्रक्रिया भी कानून बनाने के समान ही है. सरकार एक विधेयक में ही तीनों कानूनों की वापसी का जिक्र करके काम खत्म कर सकती है. इस विधेयक के पारित होने के बाद नया कानून अस्तित्व में आ जाएगा जिसके तहत तीनों कृषि कानून खत्म माने जाएंगे.

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