स्‍वीडन नरेश कार्ल गुस्‍ताफ ने भारत यात्रा की, दोनों देशों के बीच तीन समझौतों हुए

स्‍वीडन नरेश कार्ल गुस्‍ताफ और महारानी सिल्विया 2 से 6 दिसम्बर तक भारत की यात्रा पर थे. स्‍वीडन नरेश की यह तीसरी भारत यात्रा थी.

दोनों देशों के बीच तीन समझौते

इस यात्रा के क्रम में स्‍वीडन नरेश कार्ल गुस्‍ताफ ने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ विभिन्‍न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर व्‍यापक विचार-विमर्श किया था. इनमें व्‍यापार और निवेश, नवाचार और संस्‍कृति के क्षेत्र शामिल थे. इस अवसर पर दोनों देशों के बीच ध्रुवीय अनुसंधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा समुद्री क्षेत्र में तीन समझौतों पर हस्‍ताक्षर हुए.

भारत और स्‍वीडन व्यापारिक संबंध

स्‍वीडन नरेश ने इस यात्रा के दौरान भारतीय कंपनियों के साथ समझौतों के लिए उच्‍च स्‍तरीय व्‍यापार शिष्‍टमंडल का नेतृत्‍व किया. यह शिष्‍टमंडल दिल्‍ली और मुंबई में भारतीय उद्योगपतियों के साथ बैठकों में हिस्‍सा लिया.

पिछले कुछ वर्षों में भारत और स्‍वीडन के बीच संबंधों में बढ़ोतरी हुई है. भारत और स्‍वीडन के बीच 337 करोड़ डॉलर का द्विपक्षीय व्‍यापार होता है. दोनों देशों के बीच कुल निवेश लगभग 250 करोड डॉलर का है. भारत और स्‍वीडन के मैत्री संबंध लोकतांत्रिक मूल्‍यों पर आधारित हैं.

2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्‍टॉकहोम (स्‍वीडन की राजधानी) यात्रा के दौरान संयुक्‍त कार्य योजना और स्थिर भविष्य के लिए स्‍वीडन-भारत नवाचार भागीदारी घोषणा पर हस्‍ताक्षर किये गए थे.

भारत-स्‍वीडन कारोबार सम्‍मेलन

भारत-स्‍वीडन कारोबार सम्‍मेलन दिल्‍ली में आयोजित किया गया. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन ने स्‍वीडन की कंपनियों को भारत की आधारभूत विकास योजनाओं मे निवेश के लिए आमंत्रित किया. वित्‍त मंत्री ने स्‍वीडन के व्‍यापार, उद्योग तथा नवाचार मंत्री इब्राहिम बेलान के साथ व्‍यापार और कारोबार के बारे में भी विचार-विमर्श किया.

भारत और चीन के बीच मेघालय में 8वां संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास ‘हैंड-इन-हैंड 2019’ आयोजित किया जा रहा है

भारत और चीन के बीच मेघालय के उमरोई में 7 से 20 दिसंबर तक 8वां संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास ‘हैंड-इन-हैंड 2019’ (Hand in Hand 2019) आयोजित किया जा रहा है. दोनों देशों के बीच यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के आदेश के तहत आतंकवाद का मुकाबला करने वाली थीम पर आधारित है.

इस अभ्यास में चीनी दल की ओर से तिब्बत सैन्य कमान के 130 जवान और इतनी ही संख्या में भारतीय सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं.

इसका उद्देश्य उपनगरीय इलाके के लिए संयुक्त योजना बनाना और आतंकवाद रोधी अभियानों के संचालन का अभ्यास करना है.

यह अभ्यास कार्यक्रम विभिन्न व्याख्यानों और आतंकियों से निपटने के अभ्यास तथा एक-दूसरे के हथियारों से फायरिंग, विशेष हवाई अभियान के प्रशिक्षण और आतंकवादी परिस्थितियों में चलाए गए विभिन्न अभियानों की केस स्टडीज पर केंद्रित है.

प्रशिक्षण के दौरान दो सामरिक अभ्यास; पहला आतंकवाद निरोधक परिदृश्य पर और दूसरा मानवीय एवं आपदा राहत (HADR) अभियान पर निर्धारित हैं.

हैण्ड-इन-हैण्ड (Hand in Hand) संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास: एक दृष्टि
हैण्ड-इन-हैण्ड, भारत और चीन के बीच आयोजित होने वाला एक वार्षिक संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास है. इस सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास का पहला संस्करण 2007 में चीन के कुनमिंग में आयोजित किया गया था.

इसके दूसरे संस्करण का आयोजन भारत में कर्नाटक के बेलगाम में किया गया था. दूसरे संस्करण के आयोजन के बाद इस अभ्यास का आयोजन बंद कर दिया गया था. वर्ष 2013 में इस अभ्यास का आयोजन पुनः आरम्भ हुआ.

भारत और रूस के बीच इंद्र युद्ध-अभ्यास आयोजित किया जायेगा

भारत और रूस के बीच 10 से 19 दिसम्बर तक त्रि-सेवा युद्ध-अभ्यास ‘इंद्र’ (INDRA) का आयोजन किया जायेगा. यह अभ्यास झांसी, पुणे और गोवा में आयोजित किया जायेगा. इस युद्ध-अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी ताल-मेल और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना तथा समुद्री सुरक्षा के लिए आपसी समझ को विकसित करना है.

इंद्र (INDRA) युद्ध-अभ्यास: एक दृष्टि

  • इंद्र युद्ध-अभ्यास भारत और रूस के बीच एक त्रि-सेवा अभ्यास है. इसमें दोनों देशों की थल सेना, वायुसेना तथा नौसेना हिस्सा लेती हैं.
  • इंद्र नौसेना अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी. भारतीय वायु सेना ने 2014 में रूसी वायु सेना के साथ अभ्यास ‘एविया इंद्र’ में भाग लिया था. 2017 में पहली बार त्रि-सेवा अभ्यास का आयोजन किया गया था.

भारत और श्रीलंका के बीच सातवां ‘मित्र-शक्ति’ संयुक्‍त अभ्‍यास पुणे में आयोजित किया जा रहा है

भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच संयुक्‍त अभ्‍यास ‘मित्र-शक्ति’ का आयोजन 1 दिसम्बर से पुणे के औंध सैन्य स्टेशन में किया जा रहा है. इस अभ्‍यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच अंतर संचालन क्षमता बढ़ाना है.

यह मित्र-शक्ति का सातवां संस्करण है. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सकारात्मक संबंधों को मजबूत बनाना है, जो मुख्‍य रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षण देने पर केंद्रित है.

मित्र शक्ति अभ्यास की शुरुआत 2012 में दक्षिण एशिया तथा हिन्द महासागर क्षेत्र में चीन के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से हुई थी.

भारत नौ-सैनिकों के सैन्य अभ्यास ‘मिलन 2020’ की मेजबानी करेगा

भारत मार्च 2020 में नौ-सैनिकों के सैन्य अभ्यास ‘मिलन 2020’ की मेजबानी करेगा. इस अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका और यूरोप के ऐसे 41 देशों को इसमें आमंत्रित किया गया है, जिनके साथ भारत के सैन्य संबंध हैं.

हिंद महासागर सहित अन्य इलाके के मित्र देशों के साथ सहयोग का संबंध बनाए के उद्देश्य से भारत सरकार इस सैन्य अभ्यास का आयोजन कर रही है.

इस सैन्य अभ्यास में जिन क्षेत्रों में सहयोग किया जाना है, उनमें क्षमता निर्माण, समुद्री क्षेत्र में जागरूकता, प्रशिक्षण, तकनीक, जल सर्वेक्षण और परिचालन अभ्यास आदि शामिल हैं.

जिन देशों को सैन्य अभ्यास के लिए निमंत्रण भेजा गया है, उनमें इंडोनेशिया, फ्रांस, मोजांबिक, सूडान, इजरायल, कतर, थाईलैंड, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, सोमालिया, केन्या, मिस्र, श्रीलंका, वियतनाम, म्यांमार, न्यूजीलैंड, अमेरिका, तंजानिया, मालदीव, ब्रुनेई, फिलीपींस, जापान, यूनाइटेड किंग्डम, सऊदी अरब, ओमान, कंबोडिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, रूस, जिबूती और बहरीन आदि शामिल हैं.

भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त अभ्यास ‘टाईगर ट्रंफ’ का आयोजन

भारत और अमेरिका के बीच 13 से 21 नवंबर के दौरान संयुक्त सैन्य-अभ्यास (Indo-US Joint Military Exercise) का आयोजन किया गया. इस सैन्य-अभ्यास का नाम ‘टाइगर ट्रंफ’ था. यह सैन्य-अभ्यास आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और काकीनाडा में आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य दोनों ही देशों की सेना के बीच बेहतरीन तालमेल बनाना था.

इस युद्धाभ्यास में भारतीय थल, जल और वायुसेना (त्रि-सेवा) के 1200 जवान और 500 अमेरिकी जवान शामिल हुए. इसमें युद्धाभ्यास के साथ ही आपदा के दौरान मदद पहुंचाने पर भी अभ्यास किया गया. यह भारत और अमेरिका के बीच प्रथम त्रि-सेवा अभ्यास था. इससे पहले 2017 में भारत और रूस के बीच रूस के व्लादिवोस्टोक में त्रि-सेवा युद्ध अभ्यास ‘इंद्र’ का आयोजन किया गया था.

समुद्र में लूट और तस्करी रोकने के लिए अमेरिका के 10वें राष्ट्रीय दक्षिण-पूर्व एशिया सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 9 दिन के इस युद्धाभ्यास का आयोजन किया गया था.

अमेरिका ने इस युद्धाभ्यास को इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का उदाहरण कहा है. डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका ने भारतीय प्रशांत क्षेत्र के सहयोगियों के साथ सुरक्षा सहयोग एक बड़ी रकम खर्च की है ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे.

भारत, संयुक्‍त अरब अमारात के नागरिकों को आगमन पर वीज़ा सुविधा देगा

भारत संयुक्‍त अरब अमारात (UAE) के नागरिकों को आगमन पर वीज़ा (Visa-on-arrival) सुविधा देगा. हालांकि यह सुविधा संयुक्‍त अरब अमारात के पाकिस्‍तानी मूल के नागरिकों को नहीं मिलेगी. दोनों देशों के बढ़ते व्‍यापक साझेदारी को मजबूत करने में भारत की तरफ यह खास पहल है.

व्‍यापार, पर्यटन, सम्‍मेलन और चिकित्‍सा उद्देश्‍यों के लिए यह सुविधा 60 दिनों की अवधि के लिए मान्‍य होगा. इसकी सुविधा छह नामित अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उपलब्‍ध होगी. जिसमें बेंगलूरू, चेन्‍नई, दिल्‍ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुम्‍बई शामिल हैं.

प्रधानमंत्री ने 550वें प्रकाश वर्ष पर करतारपुर गलियारे के उदघाटन किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 9 नवम्बर को पंजाब में गुरूदासपुर के डेरा बाबा नानक में करतारपुर गलियारे की समन्वित जांच चौकी का उदघाटन किया. उन्‍होंने कहा कि करतारपुर गलियारे के खुलने के बाद दरबार साहिब गुरूद्वारा पर मत्‍था टेकना सरल हो जायेगा. उन्‍होंने भारत की इस भावना को समझने के लिए पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का धन्‍यवाद किया.

प्रधानमंत्री नानक देव जी के 550वें प्रकाश वर्ष पर गुरुदासपुर के डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे पहुंचे थे. उन्होंने सुल्‍तानपुर लोधी में गुरूद्वारा बेरसाहिब में मत्था टेका. यहाँ प्रधानमंत्री को शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति अमृतसर ने कौमी सेवा पुरस्कार प्रदान किया. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर 550 रूपये का एक यादगारी सिक्‍का और पांच यादगारी डाक टिकटें भी जारी कीं.

करतारपुर साहिब गलियारा (कोरिडोर): एक दृष्टि

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नवंबर 2018 में देश भर में और पूरे विश्व में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देवजी की 550वीं जयंती शानदार तरीके से मनाने की मंजूरी दी थी.
  • चार किलोमीटर से ज्‍यादा यह कोरिडोर पाकिस्तान (पंजाब प्रांत के नारोवल जिले) के करतारपुर में स्थित गुरूद्वारा दरबार साहिब और पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक शाइन को जोड़ेगा.
  • करतारपुर दरबार साहिब पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित है. यह पाकिस्तान के पंजाब में भारत-पाक सीमा से 3-4 किलोमीटर दूर स्थित है.
  • इसकी स्थापना सिख धर्म के पहले गुरु गुरुनानक देवजी द्वारा 1522 में की गयी थी. यहाँ गुरुनानक देवजी ने अपने जीवन के 18 वर्ष बिताए थे.

बंगाल की खाड़ी में भारत और इंडोनेशिया की नौसेना का युद्धाभ्यास ‘समुद्र शक्ति’ आयोजित किया गया

भारत और इंडोनेशिया की नौसेना का संयुक्त समुद्री युद्धाभ्यास ‘समुद्र शक्ति’ (Maritime Exercise Samudra Shakti) 6-7 नवंबर को आयोजित किया गया. यह युद्धाभ्यास बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया था. इस युद्धाभ्यास में भारतीय नौसेना का पनडुब्बी रोधी युद्धक कॉरवेट – INS कामोरता और इंडोनेशियाई युद्धक जहाज KRI उस्मान हारून ने भाग लिया.

इस संयुक्त युद्धाभ्यास में आपसी तालमेल, भू-तल पर युद्धाभ्यास, वायु में रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग ड्रिल, हेलिकॉप्टर संचालन एवं बोर्डिंग ऑपरेशन शामिल था. अभ्यास का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, समुद्री सहयोग का विस्तार करना, अंतर-क्षमता को बढ़ाना और प्रशिक्षणों का आदान-प्रदान करना था.

भारत और इंडोनेशिया के बीच इस युद्धाभ्यास सहमति मई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया की यात्रा के दौरान बनी थी. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापक सामरिक साझेदार पर बल दिया था.

SCO की बैठक: भारत और उज्‍बेकिस्‍तान के बीच पहला संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘डस्‍टलिक 2019’

शंघाई सहयोग संगठन की (SCO) के शासनाध्यक्षों की बैठक 3-4 नवम्बर को उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और उज्बेकिस्तान सरकार के साथ द्विपक्षीय कार्यक्रमों में भाग लिया.

भारत और उज्‍बेकिस्‍तान में 3 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

भारत और उज्बेकिस्तान ने 3 नवम्बर को सैन्य चिकित्सा और सैन्य शिक्षा के क्षेत्र में ताशकंद में 3 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. ये समझौते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उज्बेकिस्तान सरकार के साथ हुए द्विपक्षीय वार्ता के दौरान किये गये.

भारत और उज्‍बेकिस्‍तान के बीच पहला संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘डस्‍टलिक 2019’

भारत और उज्‍बेकिस्‍तान के बीच पहला संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘डस्‍टलिक 2019’ उज्‍बेकिस्‍तान के ताशकंद में 4 से 13 नवम्बर तक चिरचिक प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है. दोनों देशों के बीच पहली बार आयोजित यह संयुक्‍त अभ्‍यास आतंकवाद से निपटने के तौर तरीकों पर केंद्रित है.

इस सैन्‍य अभ्‍यास के दौरान दोनों देशों की सशस्‍त्र सेनाएं अपने बेहतरीन अनुभवों को साझा करते हुए प्रभावी परिचालन के तरीके हासिल करेंगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उज्‍बेकिस्‍तान के रक्षामंत्री मेजर जनरल बखोदिर निज़मोविच कुरबानोफ ने इससे जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्‍सा लिया.

जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल की भारत यात्रा: दोनों देशों के बीच 17 समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए

जर्मन चांसलर सुश्री एंगेला मर्केल ने 1 से 3 नवम्बर तक भारत की यात्रा की. सुश्री मर्केल के साथ संघीय सरकार के कई मंत्री और सचिव तथा एक उच्‍चस्‍तरीय व्‍यापार शिष्‍टमंडल भी थे.

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने 1 नवम्बर को नई दिल्ली में 5वीं द्विवार्षिक अंतर सरकारी परामर्श बैठक की संयुक्‍त रूप से अध्यक्षता किये. इस बैठक में दोनों देशों के बीच नई प्रौद्योगिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, तटीय प्रबंधन और शिक्षा के क्षेत्रों में 17 समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए.
  • दोनों नेताओं द्विपक्षीय बैठक में आर्थिक भागीदारी, व्‍यापार, निवेश और कृषि सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की. इस दौरान विज्ञान, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, दोनों देशों के लोगों में आपसी संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित द्विपक्षीय मुद्दों के सभी पहलुओं पर बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग प्रगाढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.
  • द्विपक्षीय बैठक के बाद संयुक्त वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि दोनों पक्ष, रक्षा उद्योग के प्रमाणन में सहयोग बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा उत्‍पाद के क्षेत्र में उत्‍तर प्रदेश और तमिलनाडु में डिफेंस कॉरिडोर में अवसरों का लाभ उठाने के लिय जर्मनी को आमंत्रित किया. एंगेला मर्केल ने भारत को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति के लिए बधाई दी.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की सऊदी अरब की यात्रा: दोनों देशों के बीच 12 समझौते, FII फोरम में संबोधन

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 29 अक्टूबर को सऊदी अरब की यात्रा की. वे सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्‍दुल अजीज़ के निमंत्रण पर वहां गये थे. इस यात्रा के क्रम में उन्होंने सऊदी शाह के साथ द्विपक्षीय बैठक किये और युवराज (क्राउन प्रिंस) मोहम्‍मद बिन सलमान के साथ शिष्‍टमंडल स्‍तर की वार्ताओं में हिस्‍सा लिया.

रियाद में फ्यूचर इन्‍वेस्‍टमेंट इनिशिएटिव फोरम

प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब के फ्यूचर इन्‍वेस्‍टमेंट इनिशिएटिव (FII) फोरम के तीसरे सत्र को सम्‍बोधित किया. फोरम को सम्‍बोधित कर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया. दावेस इन डिज़र्ट कहा जाने वाला वैश्विक FII सऊदी अरब का बहुचर्चित वैश्विक वित्तीय सम्मेलन है.


प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु

  • अगले पांच वर्षों में भारत को पचास खरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने का संकल्‍प दोहराया. उन्‍होंने कहा कि भारत की स्‍टार्ट-अप कंपनियों ने अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर निवेश करना शुरु कर दिया है.
  • भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम बन गया है. भारत में वन बिलियन वियर्स डॉलर से ज्यादा वैल्यूएशन वाले विनिकॉम की संख्या बढती जा रही है. हमारे कई स्टार्टअप्स वैश्विक स्तर पर निवेश करने लगे हैं.
  • प्रधानमंत्री ने ग्लोबल बिजनेस को प्रभावित करने वाले पांच बड़े ट्रेंड की बात की. पहला ट्रेंड है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का प्रभाव, दूसरा ग्लोबल ग्रोथ के लिए इन्फ्रास्टेक्चर की इंपोर्टेंस, तीसरा ह्यूमन रिसोर्स और फ्यूचर ऑफ वर्क में तेजी से हो रहा बदलाव. चौथा कंपेशन एंड एनवायरमेंट और पांचवां बिजनेस फ्रेंडली गवर्नन्स.
  • प्रधानमंत्री ने व्‍यापार को सुगम बनाने के लिए सरकार के विभिन्‍न उपायों की जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि भारत 2024 तक रिफाइनरी, पाइपलाइन और गैस टर्मिनल के क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा ताकि ऊर्जा उत्‍पादन के लिए ढांचा कायम किया जा सके.
  • संयुक्‍त राष्‍ट्र में सुधार की आवश्‍यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संस्‍था संघर्ष समाधान के लिए एक वांछित संस्‍थान के रूप में विकसित नहीं हो पाई है. उन्‍होंने कहा कि शक्तिशाली देशों ने संयुक्‍त राष्‍ट्र को संस्‍थान की बजाय औजार के रूप में अधिक देखा है.

दोनों देशों के बीच 12 समझौते

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच 12 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. जिन क्षेत्रों में समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए उनमें सुरक्षा सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा, अवैध व्‍यापार और मादक पदार्थों की तस्‍करी रोकने तथा नागर विमानन जैसे क्षेत्र शामिल हैं. दोनों पक्षों के बीच पहला नौसैन्य अभ्यास 2019 के अंत या अगले साल की शुरुआत में होगा.

भारत-सऊदी अरब रणनीति साझेदारी परिषद का गठन

दोनों देशों ने सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मुद्दों संबंधी निर्णयों पर समन्वय के लिए भारत-सऊदी अरब रणनीति साझेदारी परिषद गठित करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस परिषद की अगुआई प्रधानमंत्री मोदी और युवराज मोहम्मद करेंगे और यह दो साल के अंतराल पर मिला करेगी.

रुपे कार्ड शुरू करने के संबंध में सहमति

दोनों देशों ने रुपे कार्ड शुरू करने के संबंध में भी एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए. सऊदी अरब में 26 लाख भारतीय काम करते हैं. भारत से करीब दो लाख हाजी और तीन लाख उमराह तीर्थयात्री हर साल सऊदी अरब का दौरा करते हैं और रुपे कार्ड की स्वीकार्यता उन्हें सस्ते लेन-देन में मदद करेगी.

रायगढ़ में रिफाइनरी परियोजना

भारत और सऊदी अरब ने महाराष्‍ट्र के रायगढ़ में महत्वाकांक्षी पश्चिमी तट रिफाइनरी परियोजना पर आगे बढ़ने का फैसला किया. इसमें सऊदी तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अरामको, यूएई की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी और भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां निवेश करेंगी.

इंडियन ऑयल मिडिल ईस्ट और सऊदी कंपनी अल जेरी के बीच संयुक्त उपक्रम के लिए भी MOU पर हस्ताक्षर हुए जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंध बढ़ेंगे.

भारत और सउदी अरब का संयुक्त बयान: मुख्य बिंदु

  • भारत और सऊदी अरब ने कार्यनीतिक भागीदारी परिषद स्‍थापित करने पर सहमति व्‍यक्‍त की है. दोनों देशों ने आंतकरोधी कार्रवाई में सहयोग बढ़ाने का संकल्‍प व्‍यक्‍त किया है. दोनों देशों ने उग्रवाद और आंतकवाद की सार्वभौम समस्‍या को किसी खास जाति धर्म या संस्‍कृति से जोड़ने के किसी भी प्रयास को अनुचित बताया.
  • भारत और सउदी अरब ने सभी प्रकार के आंतकवादी कृत्‍यों की निंदा की तथा मिसाइल और ड्रोन जैसे हथियारों तक आंतकवादियों की पहुंच रोकने पर बल दिया, ताकि वे अन्‍य देशों के खिलाफ उनका प्रयोग न कर सकें.
  • दोनों देशों ने अपनी राष्‍ट्रीय सुरक्षा सहित आपसी हितों पर असर डालने वाले जल-मार्गों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों को बढ़ावा देने में द्विपक्षीय समझौतों के महत्‍व को स्‍वीकार किया.
  • आतंकवादी कार्रवाई, सूचनाओं के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और संचार अपराधों से निपटने में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई.

भारत-सऊदी अरब संबंध: एक दृष्टि

  • प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर सउदी अरब ने साढे चार सौ भारतीय कैदियों को रिहा किया.
  • प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह पर सऊदी अरब के शाह हज यात्रियों का कोटा बढ़ाकर दो लाख करने पर राजी हो गए हैं. 2019 में एक लाख 75 हजार 25 भारतीय हज पर गए थे.
  • भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है और वह अपनी तेल जरूरतों का 83 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है. इराक के बाद सऊदी अरब इसका दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. भारत हर महीने सऊदी अरब से करीब 2,00,000 टन एलपीजी खरीदता है.