नासा का पांचवां रोवर परसिवेअरेंस सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की सतह पर उतरा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (नासा) का पांचवां रोवर ‘परसिवेअरेंस’ (Perseverance) सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की सतह पर उतर गया है. यह रोवर धरती से 47.2 करोड़ किलोमीटर की यात्रा कर मंगल ग्रह की सतह पर 19 फरवरी को उतरा. छह पहियों वाला ये रोवर अगले दो साल तक मंगल की सतह पर मौजूद चट्टानों का परीक्षण कर जीवन के प्रमाणों की तलाश करेगा.

‘परसिवेअरेंस’ नासा द्वारा भेजा गया अब तक का सबसे बड़ा रोवर है. इस रोवर की सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद अमेरिका मंगल ग्रह पर सबसे ज्यादा रोवर भेजने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी का यह 9वां मंगल अभियान है.

रोवर परसिवेअरेंस (Perseverance): एक दृष्टि

  • एक टन भार वाला यह रोवर, सात फीट लंबी रोबोटिक आर्म से लैस है. वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए इसमें 19 कैमरे, दो माइक्रोफोन और अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं. इसमें लेजर स्पेक्ट्रोमीटर भी है, जिससे ऊर्जा के विभिन्न तरंगों का उपयोग करके चट्टानों की जांच की जा सकेगी.
  • ये रोवर करीब 30 चट्टानों और मिट्टी के नमूने इकट्ठा करके 2030 के दशक में किसी समय प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए पृथ्वी पर भेजेगा.

रूस ने जर्मनी, पोलैंड और स्‍वीडन के राजनयिकों को निष्‍कासित किया

रूस ने जर्मनी, पोलैंड और स्‍वीडन के राजनयिकों को निष्‍कासित कर दिया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने जर्मनी, पोलैंड और स्‍वीडन के दूतावासों में अपना औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया है.

एलेक्‍सी नवेलनी की रिहाई की मांग के लिए प्रदर्शन

जर्मनी, पोलैंड और स्‍वीडन के राजनयिकों ने एलेक्‍सी नवेलनी की रिहाई की मांग के लिए आयोजित प्रदर्शनों में भाग लिया था. एलेक्‍सी नवेलनी रुसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े आलोचक रहे हैं. दुनियाभर के नेताओं ने नवेलनी को मास्‍को की एक अदालत में सुनाई गई सजा की निंदा करते हुए उसकी रिहाई की मांग की है.

इन प्रतिनिधियों ने कथित रूप से उन सार्वजनिक प्रदर्शनों में भाग लिया था जिनके कारण रूस में पिछले दो सप्‍ताह के दौरान हजारों लोग सड़कों पर उतर आये थे.

म्‍यामांर में सेना ने तख्‍तापलट कर सत्‍ता पर कब्‍जा किया

म्‍यामांर में हाल ही में सेना ने सत्‍ता पर कब्‍जा कर लिया है. सेना के कमांडर-इन-चीफ मिन आंग ह्लाइंग ने तख्‍तापलटने के बाद एक साल के आपातकाल की घोषणा कर दी. तख्‍तापलट के बाद सेना ने देश की वरिष्‍ठ नेता आंग सान सू ची, राष्ट्रपति यू विन मिंत सहित सत्‍ताधारी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी के कई अन्‍य नेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में ले लिया. इस बीच, सेना ने 11 सदस्‍यीय नये मंत्रिमंडल की घोषणा की है.

घटनाक्रम: एक दृष्टि

  • म्यांमार की सेना ने नवंबर 2020 में हुए चुनाव में भरी गड़बड़ी होने की आशंका जताई थी. जिसमें सत्तारूढ़ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी को भरी बहुमत मिला था.
  • उल्लेखनीय हैं कि म्यांमार में1962 से 2011 तक सैन्य शासन रहा है. 2010 में म्यांमार में आम चुनाव के बाद म्यांमार में ‘लोकतांत्रिक सरकार’ बानी थी.
  • भारत, ऑस्‍ट्रेलिया, ब्रिटेन, अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों ने म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • अमरीका ने म्‍यांमा में सेना के सत्‍ता पर कब्‍जा करने और आंग सांग सू की समेत कई नेताओं को हिरासत में लिये जाने के बाद म्यांमार के खिलाफ प्रतिबंधों को फिर से लागू करने की चेतावनी दी है.
  • म्यांमा में सैन्य कार्रवाई पर विश्‍व की तीव्र प्रतिक्रिया को देखते हुए आज संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गयी है.

जो बाइडेन ने अमेरिका के राष्‍ट्रपति और कमला हैरिस ने उप-राष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ली

अमरीका के नव निर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने 20 जनवरी को देश के 46वें राष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह कैपिटल बिल्डिंग में आयोजित किया गया था. 78 वर्षीय बाइडेन ने अपनी 127 वर्ष पुरानी परिवारिक बाइबल के साथ शपथ ग्रहण किये. इस अवसर पर उनकी पत्‍नी डॉक्‍टर जिल बाइडेन भी मौजूद थीं. चुनाव में डेमोकेटिक पार्टी के उम्मीदवार बाइडेन ने मौजूदा राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप को पराजित किया था.

78 वर्षीय बाइडेन अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा उम्र में राष्ट्रपति बने हैं. इससे पहले वे 2009 से 2017 तक 47वें उपराष्ट्रपति रह चुके हैं.

कमला हैरिस ने अमरीका की 49वें उप-राष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ली

शपथ ग्रहण समारोह में सुश्री कमला हैरिस ने अमरीका की 49वें उप-राष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस सोनिया सोटोमेयर ने हैरिस को शपथ दिलाई। वे अमरीका की पहली महिला उप-राष्‍ट्रपति हैं। इस पद को ग्रहण करने वाली वे दक्षिण एशिया मूल की भी पहली और पहली ही अश्‍वेत महिला भी होंगी। कमला हैरिस ने माइक पेंस की जगह ली है.

कमला हैरिस भारतीय मूल की पहली अमरीकी सीनेटर रह चुकी हैं. वह ‘फीमेल ओबामा’ के रूप में मशहूर हैं. कैलिफोर्निया के ओकलैंड में जन्मीं कमला भारत की रहने वाली श्यामला गोपालन और जमैका मूल के अमरीकी नागरिक डोनाल्ड हैरिस की संतान हैं. कमला की मां श्यामला गोपालन 1960 में चेन्नई से अमरीका प्रवास कर गई थीं. श्यामला गोपालन भारत की एक कैंसर शोधकर्ता और ऐक्टिविस्ट थीं.

रूस ने खुद को मुक्त आकाश संधि से अलग किया, जानिए क्या है खुला आसमान संधि

रूस ने खुद को मुक्त आकाश संधि (Open Skies Treaty) से अलग करने की औपचारिक घोषणा 15 जनवरी 2021 को कर दी. इससे पहले अमेरिका ने भी मुक्त आकाश संधि से अपने आप को अलग कर लिया था.

रूस ने अमेरिका का हवाला देते हुए ये फैसला लिया है. रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा, अमेरिका 2020 में इस समझौते से अलग हो गया था इसलिए संतुलन कायम करने के लिए रूस का यह निर्णय लेना जरूरी हो गया था.

खुला आसमान संधि (OST) क्या है?

खुला आकाश समझौता (Open Skies Treaty) या OST अमेरिका और रूस सहित 35 देशों के बीच ‘हवाई निगरानी’ (Aerial Surveillance Flights) के लिए एक संधि है. इस संधि में नाटो के सदस्य भी संधि में शामिल हैं. इस संधि पर वर्ष 2002 में हस्ताक्षर किए गए थे. इस संधि का उद्देश्य आपसी समझ को बढ़ाना है और सभी प्रतिभागियों में विश्वास उत्पन्न करता है.

OST में शामिल देश की सेना को किसी अन्य सदस्य देश की हवाई सीमा में अल्प सूचना पर एक निश्चित संख्या में निगरानी उड़ानों का संचालन करने की अनुमति देता है. संधि के तहत निगरानी विमान सैन्य प्रतिष्ठानों और गतिविधियों की जानकारी और तस्वीरें एकत्र कर सकता है.

इस संधि पर अब तक 34 देश हस्ताक्षर कर चुके हैं. किर्गिस्तान संधि पर हस्ताक्षर करने वाला 35वां देश है, लेकिन उसने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है.

अमेरिका ने रूस पर जासूसी का आरोप लगते हुए संधि से अलग हुआ था

अमेरिका ने मई 2020 में संधि तोड़ते हुए रूस पर आरोप लगाया था कि वो संधि के बहाने से टोह लेने की कोशिश कर रहा था. दरअसल साल 2017 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर नाराज हो गए थे कि एक रूसी विमान ने गोल्फ कोर्स पर उड़ान भरी थी.

वैशिक असर

अब दो बेहद मजबूत देशों के OST से बाहर होने पर खतरे या शीत युद्ध की अटकलें तक लगाई जा रही हैं. दोनों देशों के बाहर आने से ये साफ है कि उनके बीच तनाव दोबारा बढ़ सकता है.

साल 2019 में भी दोनों ही देश Intermediate-Range Nuclear Forces (INF) संधि से अलग हो चुके हैं. इस संधि के तहत दोनों देशों ने मध्यम दूरी के घातक हथियारों को नष्ट करने का करार किया था ताकि परमाणु हथियारों की दौड़ रोकी जा सके.

खुला आसमान संधि में शामिल देश

बेलारूस, बेल्जियम, बोस्निया और हर्जेगोविना, बुल्गारिया, कनाडा, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क (ग्रीनलैंड सहित), एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जॉर्जिया, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, इटली, कजाकिस्तान, लातविया, लिथुआनिया, लक्समबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, रूसी संघ, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन, तुर्की, यूक्रेन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और किर्गिस्तान.

अमेरिका ने की तिब्बत में चीन के उत्पीड़न को रोकने के लिए कानून बनाया

अमेरिका ने की तिब्बत में चीन के उत्पीड़न को रोकने के लिए ‘द टिबेटन पॉलिसी एंड सपोर्ट एक्ट (TPSA)’ कानून बनाया है. चीन यहां 50 साल से ज्यादा समय से लगातार उत्पीड़न कर रहा है. इससे पहले तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आमंत्रित किया था और उनके साथ आधिकारिक वार्ता की थी. चीन ने इस पर कड़ा विरोध जताया था.

अमेरिकी संसद में TPSA कानून को सत्ता पक्ष और विपक्ष का मजबूत समर्थन मिला है. इससे संबंधित प्रस्ताव को प्रतिनिधि सभा में सांसद जेम्स मैकगवर्न और क्रिस स्मिथ ने रखा था. जबकि सीनेट में मार्को रूबियो और बेन कार्डिन ने पेश किया था.

तिब्बत में दलाई लामा की निर्वासित सरकार

चीन तिब्बत की सांस्कृतिक पहचान नष्ट करने के लिए सुनियोजित चालें चल रहा है. तिब्बत के आध्यात्मिक प्रमुख दलाई लामा ने भारत में शरण ली हुई है और उनके संरक्षकत्व में यहीं से तिब्बत की निर्वासित सरकार कार्य कर रही है. एक समय मध्य एशिया का यह स्वतंत्र देश अब दुनिया के सबसे ज्यादा उत्पीड़न झेल रहे इलाकों में से एक है.

TPSA कानून में तिब्बती बौद्ध समुदाय का फैसला सर्वोपरि

TPSA कानून दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन के मामले में तिब्बती बौद्ध समुदाय का फैसला सर्वोपरि मानता है. अमेरिका दलाई लामा के उत्तराधिकारी के चयन प्रक्रिया में चीन सरकार के हस्तक्षेप को मान्यता नहीं देता.

अमेरिका ने क्यूबा को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में फिर से शामिल किया

अमेरिका ने क्यूबा को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में फिर से शामिल किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने देश के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के फैसले को पलटते हुए यह कार्रवाई की है. पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन ने क्यूबा को इस सूची से हटा दिया था.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने क्यूबा पर आतंकियों को पनाह मुहैया कराकर वैश्विक आतंकवाद का बार-बार समर्थन करने और आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाया है. इसके अलावा अमेरिका ने वेनेजुएला और शेष पश्चिमी गोलार्द्ध में उसका दखल रोकने की कोशिश की है.

अमेरिका द्वारा आतंकवाद प्रायोजित देशों की सूची में शामिल होने के बाद, क्यूबा आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले तीन अन्य देश– उत्तर कोरिया, ईरान और सीरिया के साथ शामिल हो गया है.

अमेरिका में राष्ट्रपति को पद से हटाने की मांग, जानिए क्या है अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन

अमेरिका में हाल के कैपिटल विरोध प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने की मांग चर्चा में रहा है. यह मांग अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन के तहत की जा रही है.

क्या है अमेरिका का 25वां संविधान संशोधन?

साल 1967 में अमेरिकी संविधान में 25वें संशोधन को लागू किया गया था. इसके तहत, ये व्यवस्था की गई कि अगर राष्ट्रपति शासन करने में अक्षम है या उसका निधन हो जाता है तो उप-राष्ट्रपति को स्थायी रूप से सत्ता सौंपी जा सकती है.
अमेरिका के उप-राष्ट्रपति की सहमति और कैबिनेट के बहुमत से ये घोषित किया जा सकता है कि राष्ट्रपति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने में अक्षम हैं. अगर राष्ट्रपति इसका विरोध करता है तो दोनों सदनों में उप-राष्ट्रपति को सत्ता सौंपने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा.

क्या है ‘फाइव आइज’ गठबंधन, जापान ने इस गठबंधन में शामिल होने के संकेत दिए

जापान ने ‘फाइव आइज’ (Five Eyes- FVEY) के पांच देशों वाले गठबंधन में शामिल होने के संकेत दिए हैं. यह गठबंधन चीन में उइगर मुस्‍लमानों पर हो रहे अत्‍याचार की निगरानी के लिए बनाया गया है. इस गठबंधन में आस्‍ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, न्‍यूजीलैंड और अमेरिका शामिल है.

Five Eyes- FVEY क्या है?

एशिया और हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन के अवैद्य हस्तक्षेप भारत समेत दूसरे देशों के लिए समस्‍या बन चुकी है. चीन केवल इस क्षेत्र के देशों के लिए चुनौती नहीं बना हुआ है बल्कि दूसरे बड़े और शक्तिशाली देशों के लिए समस्‍या बना हुआ है. चीन के बढ़ते खतरे के मद्देनजर इस गठबंधन को बनाया है.

इस गठबंधन का उद्देश्य चीन पर नजर रखना और उससे जुड़ी खुफिया जानकारियों को आपस में साझा करना है. अमेरिकी कांग्रेस समिति इस गठबंधन में भारत, जापान और दक्षिण कोरिया को शामिल करना चाहती है.

Five Eyes की शुरुआत दूसरे विश्‍वयुद्ध के बाद अमेरिका और रूस में शुरू हुए शीत युद्ध के बाद 1946 में हुआ था. पहले फ्रांस को भी इस गठबंधन में शामिल कर इसको Six Eyes का नाम दिया गया था. लेकिन अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने फ्रांस को इससे बाहर कर दिया था.

यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच ब्रेक्जिट बाद का व्यापार समझौता

यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच ब्रेक्जिट (ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से अलग होने) बाद का व्यापार समझौता हो गया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस समझौते की घोषणा 24 दिसम्बर को की. ब्रिटेन की संसद 30 दिसम्‍बर को इस समझौते पर मतदान करेगा.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन ने कहा है कि एक साल में 668 अरब पाउंड का सबसे बडा समझौता किया गया है. यह देश में रोजगार सुनिश्चित करेगा और ब्रिटेन को यूरोपीय बाजार में शुल्क और कोटा के बिना सामान बेचने में सक्षम बनाएगा.

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को उचित और संतुलित बताया है. उन्होंने कहा कि समझौते के बाद ब्रिटेन एक भरोसेमंद पार्टनर बना रहेगा.

यूरोपीय संघ के नेताओं, यूरोपीय संसद और ब्रिटेन सरकार से अनुमोदित किए जाने के बाद समझौते से सुनिश्चित होगा कि 1 जनवरी 2021 को यूरोपीय संघ से पूरी तरह अलग होने के बाद ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के 27 सदस्‍य देशों के साथ शुल्क या कोटा के बिना अपने सामान का व्यापार जारी रख सकेगा. समझौता अनुमोदित नहीं होने की स्थति में ब्रिटेन आधिकारिक तौर पर 31 दिसम्‍बर 2020 को यूरोपीय संघ के व्यापारिक नियमों से बाहर हो जायेगा.

ब्रेक्जिट (Brexit) क्या है?

ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से बाहर जाने को संक्षिप में Brexit यानी (Britain+Exit) कहते हैं. साल 2016 में एक जनमत संग्रह के आधार पर ब्रिटेन ने यूरोपियन यूनियन से अलग होने की घोषणा की थी. संसद की मंजूरी के बाद 31 जनवरी 2020 को ब्रिटेन औपचारिक रूप से यूरोपीय संघ से अलग हो गया था. ब्रेक्जिट समझौते के तहत 31 दिसम्‍बर 2020 वह यूरोपीय संघ के व्यापारिक नियमों का पालन करेगा.

इस्राइल की संसद नैसेट को बजट संबंधी विवाद के बाद भंग कर दिया गया

इस्राइल की संसद ‘नैसेट’ (Knesset) को देश के बजट संबंधी विवाद के बाद भंग कर दिया गया. इजरायल में अब दो वर्ष के भीतर मार्च में चौथा आम चुनाव होगा. वर्ष 2020 के बजट को तय समय सीमा में पारित न कर पाने के बाद संविधान के प्रावधानों के अनुसार संसद को भंग कर दिया गया.

प्रधानमंत्री बेंनयामिन नेतन्याहू (लिकुड पार्टी) और उनके पूर्व राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी, रक्षा मंत्री बेन्‍नी गांत्ज़ (ब्लू एंड व्हाइट पार्टी) ने अप्रैल 2019 के बाद से हुए तीन चुनावों के बाद राष्‍ट्रीय एकता सरकार की स्थापना की थी. इन चुनावों में किसी भी दल या गठबंधन को स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं मिला था.

अमेरिकी में हवाई के बिग आईलैंड पर स्थित किलाऊआ ज्वालामुखी में विस्फोट

अमेरिकी के किलाऊआ ज्वालामुखी (Mount Kilauea) में हाल ही में विस्फोट हो गया. दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक किलाऊआ ज्वालामुखी अपना विकराल रूप लेता जा रहा है. इस ज्वालामुखी के फटने के बाद आये भूकंप से आसपास के करीब 10 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित होते हैं. इससे पहले इस ज्वालामुखी में साल 2018 में विस्फोट हुआ था.

किलाऊआ ज्वालामुखी

किलाऊआ ज्वालामुखी, अमेरिका के हवाई के बिग द्वीप (आईलैंड) पर वोल्केनोज नेशनल पार्क में स्थित है. यह विश्व का सबसे बड़ा सक्रिय ज्‍वालामुखी है. यह ज्वालामुखी हवाई पर स्थित पाँच ज्वालामुखियों में से एक है. मौना लोआ, कोहाला, हुलालाई और मौना किया ज्वालामुखी भी इसी द्वीप पर स्थित हैं.

हाल ही में इटली में स्थित माउंट एटना ज्‍वालामुखी (Mount Etna Volcano) में विस्फोट हुआ था. माउंट एटना यूरोप का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सक्रिय ज्‍वालामुखी है.