अमेरिका में कल्पना चावला के नाम पर अंतरिक्ष यान का नाम रखा गया

अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी नॉर्थरोप ग्रुमेन ने अपने अगले स्पेस स्टेशन रिसप्लाय शिप ‘NG-14’ सिग्नस अंतरिक्ष यान का नाम ‘एस एस कल्पना चावला’ रखने की घोषणा की है. यह अंतरिक्ष यान 29 सितंबर को इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन के लिए लॉन्‍च किया जाएगा.

एस एस कल्पना चावला एक री-सप्‍लाई शिप है. यह अंतरिक्ष यान अपने साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए करीब 3629 किग्रा वजनी सामान लेकर जाएगा. इसे वर्जीनिया स्पेस के मिड-अटलांटिक रीजनल स्पेसपोर्ट (MARS) वॉलॉप्स द्वीप से कक्षा में लॉन्च किया जाएगा.

कल्‍पना चावला: एक दृष्टि

16 जनवरी, 2003 को कल्‍पना चावला अमेरिकी अंतिरक्ष यान कोलंबिया के चालक दल के रूप में अंतरिक्ष में जाने वाली भारत की पहली महिला बनी थीं. पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने के दौरान कोलंबिया अंतरिक्ष यान दुर्घटना ग्रस्त हो गया था. इस दुर्घटना में सभी सात क्रू सदस्यों की मौत हो गयी थी. चावला ने नासा में भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री के रूप में इतिहास रचा है.

स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2020: मध्‍य प्रदेश के इंदौर को प्रथम पुरस्‍कार

स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2020 पुरस्‍कार 20 अगस्त को प्रदान किया गया. शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये पुरस्‍कार प्रदान किए. यह वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण का पांचवां संस्करण था. इस वर्ष सर्वेक्षण में 4242 शहरों के करीब 1.87 करोड़ लोगों ने भाग लिया.

इंदौर को प्रथम पुरस्कार

इस वर्ष का प्रथम पुरस्‍कार मध्‍य प्रदेश के इंदौर शहर को दिया गया है. इंदौर ने यह पुरस्‍कार लगातार चौथी बार प्राप्‍त किया है. स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण में गुजरात का सूरत दूसरे और महाराष्ट्र का नवी मुंबई तीसरे स्थान पर रहा है. गंगा नदी के किनारे बसे हुए शहरों में वाराणसी को सबसे स्‍वच्‍छ शहर का पुरस्‍कार मिला. वहीं नई दिल्‍ली को, देश की सबसे स्‍वच्‍छ राजधानी, शहर के लिए पुरस्‍कृत किया गया.

40 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर में अहमदाबाद और 10-40 लाख की आबादी वाले शहर में विजयवाड़ा सबसे स्वच्छ शहर बना. 3-10 लाख की आबादी वाले शहर में मैसूर और दिल्ली शहर ने सबसे स्वच्छ राजधानी शहर का पुरस्कार जीता.

छत्‍तीसगढ़ को सौ से अधिक शहरों वाले राज्‍यों की श्रेणी में पहला स्‍थान मिला, जबकि झारखंड को सौ से कम शहरों वाले राज्‍य की श्रेणी में प्रथम पुरस्‍कार मिला है. जालंधर छावनी बोर्ड को देश के सबसे स्‍वच्‍छ छावनी बोर्ड का पुरस्‍कार दिया गया है. चालीस लाख से अधिक आबादी वाले, सबसे स्‍वच्‍छ शहरों में गुजरात का अहमदाबाद सबसे ऊपर रहा.

केन्‍द्र सरकार ने स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण की शुरूआत, व्‍यापक पैमाने पर नागरिकों की भागीदारी और देश का सबसे स्‍वच्‍छ शहर बनने के लिए प्रतिस्‍पर्धा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से की गई थी.

हिमालयी तितली ‘गोल्डन बर्डविंग’ को भारत की सबसे बड़ी तितली का दर्जा दिया गया

हिमालयी तितली ‘गोल्डन बर्डविंग’ को हाल ही में भारत की सबसे बड़ी तितली का दर्जा दिया गया है. ‘मादा गोल्डन बर्डविंग’ उत्तराखंड के दीदीहाट में जबकि ‘नर गोल्डन बर्डविंग’ मेघालय के शिलांग में ‘वानखर तितली संग्रहालय’ में पाया गया है.

गोल्डन बर्डविंग: एक दृष्टि

‘गोल्डन बर्डविंग’ (Golden Birdwing) का वैज्ञानिक नाम Troides aeacus है. इस प्रजाति के पंखों की लंबाई 194 मिलीमीटर तक होती है. तितली की यह प्रजाति गढ़वाल से उत्तर-पूर्व राज्य तथा ताइवान, चीन आदि में भी पाई जाती है.

इससे पहले ‘दक्षिणी बर्डविंग’ को भारत की सबसे बड़ी तितली होने का दर्जा

गोल्डन बर्डविंग को 88 वर्षों के बाद भारत की सबसे बड़ी तितली के रूप में खोजा गया हिया. इससे पहले भारत की सबसे बड़ी तितली होने का दर्जा 1932 में ‘दक्षिणी बर्डविंग’ को दिया गया था जो कॉमन बर्डविंग उप-प्रजाति है.
इस प्रजाति का वैज्ञानिक नाम Troides Minos है. दक्षिणी बर्डविंग के पंखों की लंबाई 140-190 मिलीमीटर तक होती है. यह गोवा से केरल तक पाई जाती है.

भारत के बाहर पहला योग विश्‍वविद्यालय लॉस एंजेलिस में शुरू किया गया

भारत के बाहर पहला योग विश्‍वविद्यालय अमरीका के लॉस एंजेलिस शहर में शुरू किया गया है. इस विश्‍वविद्यालय का नाम स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखा गया है. विदेश राज्‍य मंत्री मुरलीधरन ने वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए इस संस्‍था का उद्घाटन 23 जून को 6ठे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर किया गया था.

विश्वविद्यालय के वर्ष 2020 सेमेस्टर की पहली कक्षा 24 अगस्त 2020 से शुरू होगी. इसके अलावा योग (MS योग) में ऑनलाइन मास्टर कार्यक्रम भी विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा.

योग गुरू नागेन्‍द्र इस विश्‍वविद्यालय के पहले अध्‍यक्ष होंगे

इस विश्‍वविद्यालय के पहले अध्‍यक्ष के रूप में जाने-माने योग गुरू एचआर नागेन्‍द्र को नियुक्त किया गया है. वह स्वामी विवेकानंद योग अनुसन्धान संस्थान (SVYASA) के कुलपति हैं. बेंगलुरु में स्थित SVYASA भारत और विश्व का पहला योग विश्वविद्यालय है. यह एक डीम्ड विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी.

अमेरिकी महिला कैथरीन सुलिवन मरियाना ट्रेंच पहुंचने वाली पहली महिला बनी

अमेरिकी महिला कैथरीन सुलिवन (Kathy Sullivan) पृथ्वी के महासागर में सबसे गहरे ज्ञात स्थान ‘मरियाना ट्रेंच’ पर पहुंचने वाली पहली महिला बन गई हैं. सुलिवन ने एक सबमर्सिबल में मरियाना ट्रेंच स्थित ‘चैलेंजर डीप’ (Challenger Deep) की तली तक करीब 11 किलोमीटर नीचे पहुंचीं.

कैथरीन सुलिवन ने मरियाना ट्रेंच (प्रशांत महासागर) तक पहुचने की यह कामयाबी EYOS Expeditions नाम की लॉजिस्टिक्स कंपनी के साथ मिलकर किया. उनके साथ एक्सप्लोरर विक्टर एल वेस्कोवो भी गए थे. दोनों ने चैलेंजर डीप पर करीब डेढ़ घंटा बिताया.

अंतरिक्ष में चलने वाली पहली अमेरिकी महिला

68 साल की कैथरीन सुलिवन ने 1978 में NASA को जॉइन किया था. वह उस पहले अमेरिकी ऐस्ट्रोनॉट्स के ग्रुप का हिस्सा थीं जिसमें महिलाओं को शामिल किया गया था. 11 अक्टूबर, 1984 को वह अंतरिक्ष (स्पेस) में चलने वाली पहली अमेरिकी महिला बनीं थीं.

कैथरीन स्पेस के अपने दूसरे मिशन में Discovery स्पेस शटल से गई थीं. इस मिशन के दौरान Hubble Space Telescope को लॉन्च किया गया था. Hubble पृथ्वी की कक्षा में घूमती ऑब्जर्वेटरी है जिसने पिछले 30 साल में अद्भुत नजारे कैमरे में कैद किए हैं.

जेके राउलिंग ने अपनी नई बाल पुस्तक ‘द इकाबॉग’ का इन्टरनेट संस्करण जारी किया

ब्रिटिश लेखिका जेके राउलिंग ने 26 मई को अपनी नई बाल पुस्तक (children’s book) ‘द इकाबॉग’ (The Ickabog) का इन्टरनेट संस्करण जारी किया. इस पुस्तक के कहानियों को 10 जुलाई तक प्रत्येक दिन किस्तों (instalments) में theickablog.com पर मुफ्त में प्रकाशित की जाएगी. इसका आधिकारिक प्रकाशन नवंबर 2020 में किया जायेगा.

जे.के. रोलिंग

जेके रोलिंग का पूरा नाम जोन कैथलीन रोलिंग (Joanne Kathleen Rowling) है. वह एक ब्रिटिश लेखिका हैं. अंग्रेज़ी में लिखा उनका उपन्यास- श्रृंखला ‘हैरी पॉटर’ (Harry Potter) 21वी सदी का सबसे मशहूर उपन्यासों में से एक है. हैरी पॉटर में एक नयी जादुई दुनिया का वर्णन है. इन उपन्यासों पर इन्हीं नामों की 8 हॉलिवुड फ़िल्में भी बन चुकी हैं.

हैरी पॉटर श्रृंखला का पहला उपन्यास ‘हैरी पॉटर और द फिलोस्फर स्टोन’ 1997 में प्रकाशित हुआ था. जेके रोलिंग ने 2012 में वयस्कों के लिए अपना पहला उपन्यास ‘द कैजुअल वेकेंसी’ (The Casual Vacancy) और 2013 में उन्होंने ‘रॉबर्ट गैलब्रेथ’ नाम से एक अपराध उपन्यास प्रकाशित किया था.

भारत में पहला संस्थागत वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र IDRC का उद्घाटन

भारत में हाल ही में पहला संस्थागत वैकल्पिक विवाद समाधान (alternate dispute resolution) केंद्र का उद्घाटन किया गया है. इस केंद्र का नाम ‘भारतीय विवाद समाधान केंद्र’ (Indian Dispute Resolution Centre-IDRC) है. इसका उद्घाटन सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक न्यायालय के अन्तर्राष्ट्रीय न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एके सिकरी ने किया था.

IDRC भारत में अपनी तरह का पहला संस्थागत ADR (alternate dispute resolution) केंद्र है, जो ई-पंच निर्णय, ई-मध्‍यस्‍थता और ई-समाधान पोर्टल के जरिए ऑफलाइन सुविधा प्रदान करता है. यह पूरी तरह से कागज रहित विवाद के समाधान का माहौल प्रदान करता है.

IDRC के पैनल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज, उच्च न्यायालयों और जिला न्यायालयों के पूर्व जज, वरिष्ठ अधिवक्ता, पूर्व नौकरशाह, सीए, आर्किटेक्ट, कॉर्पोरेट लीडर और अन्‍य लोग शामिल हैं.

IDRC एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में स्थापित किया गया है

  • IDRC को एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में स्थापित किया गया है. यह देश और दक्षिण एशिया में अद्वितीय और नया रास्‍ता बनाने वाला संस्थागत वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र (ADR) है.
  • IDRC एक अनूठा मिश्रण के रूप में दोनों ऑफलाइन बुनियादी ढांचे के साथ-साथ ऑनलाइन E-ADR प्लेटफार्म प्रदान करता है. IDRC की वेबसाइट (www.theidrc.com) है.
  • IDRC के पास मध्यस्थता, समाधान और सुलह के लिए प्रारंभिक स्‍तर पर तटस्थ मूल्यांकन और विशेषज्ञ निर्धारण के लिए अत्याधुनिक ADR बुनियादी ढांचा मौजूद है.
  • IDRC का मुख्‍य कायार्लय नई दिल्ली के कनॉट प्लेस क्षेत्र में होगा. साथ ही देश में रणनीतिक वाणिज्यिक स्थानों पर केंद्र रहेगा.

रस्किन बॉन्ड की नई पुस्तक ‘Hop On; My Adventures on Boats, Trains and Planes’ का विमोचन

विश्व प्रसिद्ध अंग्रेजी भाषा के लेखक रस्किन बॉन्ड की नई पुस्तक ‘Hop On; My Adventures on Boats, Trains and Planes’ का 19 मई को विमोचन किया गया. यह पुस्तक ebook के रूप में उनके 86वें जन्मदिन पर प्रकशित की गयी. इस पुस्तक में उनके बचपन के कुछ यादगार यात्रा रोमांचों का वर्णन किया गया है.

द ब्लू अम्ब्रेला, नाइट ट्रेन एट देओली, द रूम ऑन द रूफ, अवर ट्रीज स्टिल ग्रो इन देहरा आदि रस्किन बॉन्ड की कुछ लोकप्रिय किताबें हैं.

रस्किन जन्म हिमाचल प्रदेश के कसौली में हुआ और वे देश आजाद होने के बाद भी भारत में ही रहे. 1964 से वे उत्तराखंड के मसूरी में रह रहे हैं. 1999 में भारत सरकार ने उन्हें साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया. 2014 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.

एंटीबॉडिज के आकलन पर आधारित ELISA जांच किट ‘कोविड कवच’ तैयार की गयी

पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV), ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए रक्त में एंटीबॉडिज के आकलन पर आधारित एलिसा जांच किट तैयार की है. इस जांच किट का नाम ‘कोविड कवच’ दिया गया है. यह देश में तैयार पहला परीक्षण किट है.

कोविड कवच जांच किट से ‘कोविड-19’ जांच की गति तेज होने की आशा है. यह किट विभिन्न परीक्षण स्थलों पर प्रामाणिकता जांच में काफी स्टीक साबित हुआ है. इससे लगभग ढाई घंटे में 90 नमूनों की जांच की जा सकती है. इस किट के बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए इसकी प्रौद्योगिकी फार्मास्युटिकल कंपनियों को दी गई है.

यह किट रक्त में IGG एंटीबॉडी की उपस्थिति का परीक्षण करेगी. यह ELISA (Enzyme-linked Immunosorbent Assay) आधारित परीक्षण करने में सक्षम है. ELISA का उपयोग संक्रमणों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए किया जाता है.

कैलाश मानसरोवर के लिए नया रास्ता लिपूलेख-धाराचूला मार्ग का शुभारंभ

भारत सरकार ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए हाल ही में एक नया रास्ता ‘लिपूलेख-धाराचूला मार्ग’ की शुरुआत की है. इस मार्ग के शुरू हो जाने के बाद कैलाश मानसरोवर जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा अब काफी आसान होगी.

लिपूलेख-धाराचूला मार्ग: एक दृष्टि

लिपूलेख-धाराचूला मार्ग उत्तराखंड में 17000 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है. इस मार्ग की लंबाई 80 किलोमीटर है. नया रास्ता लिपूलेख को धारचूला से जोड़ता है. इस मार्ग का निर्माण सीमा सड़क संगठन (BRO) ने किया है.

इस रास्ते का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 8 मई को किया. लिपूलेख-धाराचूला मार्ग के पूरा हो जाने के बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा 1 हफ्ते में पूरा किया जा सकेगा, जबकि पहले 2-3 सप्ताह का समय लगता था.

इस मार्ग के बन जाने से अब मानसरोवर के तीर्थयात्री भारतीय भूमि पर 84 प्रतिशत और चीन की भूमि पर केवल 16 प्रतिशत की यात्रा करेंगे. इससे पहले अन्य मार्गों से 80% सड़क यात्रा चीन में करनी होती थी.

सैन्य दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण: यह मार्ग सैन्य दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है. इससे चीन सीमा पर सैनिकों की तैनाती और रसद आपूर्ति आसान होगी.

कैलाश पर्वत: एक दृष्टि

  • कैलाश पर्वत तिब्बत में स्थित एक पर्वत श्रेणी है. इस पर्वत को भगवान शिव का घर कहा गया है. इसके पश्चिम तथा दक्षिण में मानसरोवर तथा राक्षसताल झील हैं. यहां से- ब्रह्मपुत्र, सिन्धु, सतलुज इत्यादि कई महत्वपूर्ण नदियां निकलतीं हैं.
  • कैलाश-मानसरोवर जाने के अनेक मार्ग हैं किंतु उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के अस्कोट, धारचूला, खेत, गर्ब्यांग, कालापानी, लिपूलेख, खिंड, तकलाकोट होकर जानेवाला मार्ग अब तक का सबसे सुगम मार्ग था. यह भाग 544 किमी (338 मील) लंबा है और इसमें अनेक चढ़ाव उतार है.

विशाखापत्‍तनम में LG पॉलीमर लिमिटेड के संयंत्र से स्‍टायरीन गैस का रिसाव की दुर्घटना घटी

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्‍तनम में 7 मई को स्‍टायरीन (Styrene) गैस के रिसाव की दुर्घटना घटी. इस गैस का रिसाव विशाखापत्‍तनम में गोपालापट्टनम के पास आर आर वेंकटपुरम गांव (Vizag) में स्थित LG पॉलीमर लिमिटेड (LG Polymers Limited) कंपनी के संयंत्र से हुआ था. इस दुर्घटना से कई लोगों की मौत हो गई और बीमार पड गये.

दुर्घटना (Vizag Gas Leak) से संयंत्र के आस-पास के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों पर इसका असर पड़ा. रिसाव के कारण लोगों ने आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, उल्‍टी आने और शरीर में चकत्‍ते पड़ने की शिकायत की.

यह दुर्घटना उस समय हुई, जब संयंत्र के कुछ मजदूर लॉकडाउन की पाबंदियों के आंशिक रूप से हटने के बाद एक इकाई को फिर से चालू करने का प्रयास कर रहे थे. इसी क्रम में स्टायरिन गैस लीक हुई, जो प्लाटिक का कच्चा माल है.

LG पॉलीमर लिमिटेड: एक दृष्टि

1961 में हिंदुस्तान पॉलीमर ने पॉलीस्टायरीन और इससे जुड़े दूसरे उत्पादों को बनाने के लिए विजाग में यह प्लांट लगाया था. 1978 में मक्डॉवेल एंड कम्पनी में इसका विलय हो गया. 1997 में दक्षिणी कोरिया की कम्पनी LG केम ने इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया. इसका नाम बदलकर LG पॉलीमर रखा गया.

स्‍टायरीन क्या है?

स्‍टायरीन (Styrene) एक कार्बनिक यौगिक है. इसका रासायनिक सूत्र C6H5CH=CH2 है. यह गैस श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है. इस गैस के संपर्क में आने के कारण फेफड़ों की मांसपेशियां पक्षाघात का शिकार हो सकता है. इससे ऑक्सीजन की कमी होने से मौत भी हो सकती है.

प्रधानमंत्री स्‍वामित्‍व योजना की शुरूआत की, जानिए क्या है यह योजना

पंचायत राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘स्वामित्व योजना’ की घोषणा की है. इस योजना का उद्देश्य संपत्ति को लेकर भ्रम और झगड़े को खत्म करना है. इससे गांव में विकास योजनाओं को शुरू करने में मदद मिलेगी.

प्रधानमंत्री ने छह राज्‍यों- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड में प्रायोगिक तौर पर ‘स्‍वामित्‍व योजना’ की शुरूआत की.

क्या है स्‍वामित्‍व योजना?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया गया कि भारत की 60% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है. ज्यादातर लोगों के पास उनकी संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं. अंग्रेजों के समय से ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनों का बंदोबस्त होता आया है. यही बंदोबस्त ग्राम विवाद का मुख्य कारण होता है. स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिल जाएगा. इसके बाद फिर किसी भी प्रकार का विवाद नहीं होगा.

स्‍वामित्‍व योजना के मुख्य बिंदु

  • इसके तहत देश के सभी गांवों में ड्रोन के माध्यम से गांव की हर संपत्ति की मानचित्रण किया जायेगा. इसके बाद गांव के लोगों को उस संपत्ति का मालिकाना प्रमाण-पत्र दिया जाएगा.
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में नियोजन तथा राजस्‍व संग्रह को सुचारू बनाने और संपदा अधिकारों पर स्‍पष्‍टता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. इससे संपत्ति संबंधित विवादों के समाधान में भी सहायता मिलेगी.
  • संपत्ति का मालिकाना प्रमाण-पत्र मिलने से शहरों की तरह गांवों में भी बैंकों से आसानी से ऋण लिए जा सकेगा. इसके लिए ग्रामीणों से न्यूनतम डॉक्युमेंट मांगे जाएंगे.