इसरो का ‘SSLV-D1’ रॉकेट का पहला प्रक्षेपण आंशिक सफल रहा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का ‘SSLV-D1’ रॉकेट का पहला प्रक्षेपण आंशिक रूप से सफल रहा. यह प्रक्षेपण 7 अगस्त को श्री हरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से किया गया था.

मुख्य बिन्दु

  • इस प्रक्षेपण में इसरो ने ‘SSLV-D1’ रॉकेट के माध्यम से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (अर्थ आब्‍जर्वर उपग्रह) ‘EOS-02’ और एक अन्‍य उपग्रह ‘आजादी-सैट’ (AzadiSAT) को अंतरिक्ष उनके निर्धारित कक्षा में भेजा गया  था.
  • इस प्रक्षेपण में दोनों उपग्रह अपने निर्धारित कक्षा में पहुँचने में सफल नहीं हुआ. आखिरी समय में इन उपग्रहों का संपर्क इसरो से टूट गया.
  • ‘SSLV-D1’ (स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) इसरो का सबसे छोटा वाणिज्यिक रॉकेट है. इसे बेबी रॉकेट से जाना जाता है.
  • ‘EOS02’ एक अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट हैं. 142 किलोग्राम का यह सैटेलाइट रात में भी पृथ्वी की निगरानी कर सकता है.
  • दूसरा सैटेलाइट ‘AzaadiSAT’ है. यह ‘स्पेसकिड्ज इंडिया’ नाम की देसी निजी स्पेस एजेंसी का स्टूडेंट सैटेलाइट है. इसे देश की 750 लड़कियों ने मिलकर बनाया है.
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उपराष्ट्रपति पद के लिए जगदीप धनखड़ का निर्वाचन

जगदीप धनखड़, भारत के 14वें उपराष्ट्रपति (14th Vice-President of India) निर्वाचित हुए हैं. भारत के उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान और मतगणना 6 अगस्त को संपन्न हुआ था.

  • इस चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया था जबकि मार्गरेट अल्वा विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार थीं.
  • नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मार्गरेट अल्वा को 346 मतों के अंतर से हराया. धनखड़ को  कुल डाले गए 725 में से 528 वोट मिले. वहीं, अल्वा को 182 वोट मिले. जबकि 15 वोट अमान्य रहे.
  • जगदीप धनखड़ देश के 14वें उपराष्ट्रपति होंगे. उनका जन्म राजस्थान में हुआ था। वह भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे है. इससे पहले वह पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. 1993 से 1998 तक किशनगढ़ (राजस्थान) से विधायक चुने गए थे।
  • जगदीप धनखड़ 11 अगस्त को 14वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें राष्ट्रपति भवन में देश के शपथ दिलायेंगी. मौजूदा उपराष्ट्रति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है.

भारतीय संविधान में उपराष्ट्रपति

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 63 में भारत के उपराष्ट्रपति होने की बात कही गई है. अनुच्छेद 64 के अनुसार उपराष्ट्रपति राज्य सभा का पदेन सभापति (अध्यक्ष) होता है.
  • अनुच्छेद 65 के अनुसार “राष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफे या हटाने की स्थिति में उपराष्ट्रपति उस तारीख तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा जब तक कि नए राष्ट्रपति की नियुक्ति नहीं की जाती.

उपराष्ट्रपति चुनाव

  • उपराष्ट्रपति चुनाव भारतीय निर्वाचन आयोग संपन्न कराता है. इसके लिए निर्वाचन आयोग एक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करता है.
  • राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों पदों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से (आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति) होता है. यानी चुनाव जनता की बजाय उनके द्वारा चुने गए जन प्रतिनिधि करते हैं.
  • उपराष्ट्रपति चुनाव में लोक सभा और राज्य सभा के सदस्य, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, मतदान में हिस्सा लेते हैं.
  • वहीं राष्ट्रपति के चुनाव में लोक सभा और राज्य सभा के निर्वाचित सदस्य और राज्यों के विधानमंडलों के सदस्यों को भी मतदान का अधिकार होता है. राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी सदन के मनोनीत सदस्य को वोट नहीं डाल सकते.
  • राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति चुनाव में किसी भी संदेह या विवाद सामने आने पर संविधान के अनुच्छेद-71 के मुताबिक, फैसले का अधिकार केवल देश की सुप्रीम कोर्ट को है.
  • उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भरने के लिए उम्मीदवार को कम-से-कम 20 सांसद बतौर प्रस्तावक और 20 सांसद बतौर समर्थक दिखाने की शर्त पूरी करनी होती है. उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होना चाहिए.

अब तक के उपराष्ट्रपति

  1. डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन 13 मई 1952 से 12 मई 1962
  2. जाकिर हुसैन 13 मई 1962 से 12 मई 1967
  3. वीवी गिरि 13 मई 1967 से 3 मई 1969
  4. गोपाल स्वरूप पाठक 31 अगस्त 1969 से 30 अगस्त 1974
  5. बीडी जत्ती 31 अगस्त 1974 से 30 अगस्त 1979
  6. मोहम्मद हिदायतुल्ला 31 अगस्त 1979 से 30 अगस्त 1984
  7. आर वेंकटरमण 31 अगस्त 1984 से 24 जुलाई 1987
  8. शंकर दयाल शर्मा 3 सितम्बर 1987 से 24 जुलाई 1992
  9. केआर नारायणन 31 अगस्त 1992 से 24 जुलाई 1997
  10. कृष्णकांत 21 अगस्त 1997 से 27 जुलाई 2002
  11. भैरों सिंह शेखावत 19 अगस्त 2002 से 21 जुलाई 2007
  12. मोहम्मद हामिद अंसारी 11 अगस्त 2007 से 19 जुलाई 2017
  13. एम वेंकैया नायडू 11 अगस्त 2017 से 10 अगस्त 2022
  14. जगदीप धनखड़ 11 अगस्त 2017 से वर्तमान
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नौसेना की महिला अधिकारियों ने पहला स्वतंत्र समुद्री निगरानी मिशन पूरा किया

भारतीय नौसेना की महिला अधिकारियों के दल ने डोर्नियर 228 विमान पर सवार होकर उत्तरी अरब सागर में पहला स्वतंत्र समुद्री निगरानी मिशन पूरा कर इतिहास रच दिया है.

मिशन को गुजरात के पोरबंदर में नौसेना एयर एन्क्लेव स्थित नौसेना की एयर स्क्वाड्रन INAS-314 की पांच महिला अधिकारियों ने पूरा किया.

मिशन की कप्तानी लेफ्टिनेंट कमांडर आंचल शर्मा ने की. इस दल में लेफ्टिनेंट कमांडर आंचल शर्मा, लेफ्टिनेंट शिवांगी, लेफ्टिनेंट अपूर्वा गीते, लेफ्टिेनेंट पूजा पांडा और सब-लेफ्टिनेंट पूजा शेखावत शामिल थीं.

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भारत में 10 नए आर्द्रभूमि को रामसर स्थल का दर्जा दिया गया

रामसर कन्वेंशन (Ramsar Convention) के तहत भारत के 10 नए आर्द्रभूमि को रामसर स्थल (Ramsar Sites) सूची में शामिल किया गया है. सूची में शामिल किए गए 10 नए स्थलों में से तमिलनाडु के छह और गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश तथा ओडिशा का एक-एक स्थल शामिल है. इन 10 स्थलों को शामिल किए जाने के बाद देश में कुल रामसर स्थलों की संख्या 64 हो गई है.

जिन आर्द्रभूमि को रामसर स्थल का दर्जा दिया गया है उनमें शामिल हैं:

कोंथनकुलम पक्षी अभयारण्य (तमिलनाडु), 2. सतकोसिया गॉर्ज (ओडिशा), 3. नंदा झील (गोवा), 4. मन्नार की खाड़ी समुद्री जीवमंडल रिजर्व (तमिलनाडु), 5. रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य (कर्नाटक), 6. वेम्बन्नूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स (तमिलनाडु), 7. वेलोड पक्षी अभयारण्य (तमिलनाडु), 8. सिरपुर आर्द्रभूमि (मध्यप्रदेश), 9. वेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य (तमिलनाडु) और 10. उदयमर्थनपुरम पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु

रामसर स्थल: एक दृष्टि

  • अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि को रामसर स्थल कहा जाता है. रामसर स्थल पानी में स्थित मौसमी या स्थायी पारिस्थितिक तंत्र हैं. इनमें मैंग्रोव, दलदल, नदियाँ, झीलें, डेल्टा, बाढ़ के मैदान और बाढ़ के जंगल, चावल के खेत, प्रवाल भित्तियाँ, समुद्री क्षेत्र (6 मीटर से कम ऊँचे ज्वार वाले स्थान) के अलावा मानव निर्मित आर्द्रभूमि जैसे- अपशिष्ट जल उपचार तालाब और जलाशय आदि शामिल होते हैं.
  • आर्द्रभूमियां प्राकृतिक पर्यावरण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं. ये बाढ़ की घटनाओं में कमी लाती हैं, तटीय इलाकों की रक्षा करती हैं, साथ ही प्रदूषकों को अवशोषित कर पानी की गुणवत्ता में सुधार करती हैं.
  • आर्द्रभूमि मानव और पृथ्वी के लिये महत्त्वपूर्ण हैं. 1 बिलियन से अधिक लोग जीवनयापन के लिये उन पर निर्भर हैं और दुनिया की 40% प्रजातियाँ आर्द्रभूमि में रहती हैं तथा प्रजनन करती हैं.
  • रामसर स्थल का दर्ज उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जो रामसर कन्वेंशन के मानकों को पूरा करते हैं. रामसर कन्वेंशन एक पर्यावरण संधि है जो आर्द्रभूमि एवं उनके संसाधनों के संरक्षण तथा उचित उपयोग हेतु राष्ट्रीय कार्रवाई और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिये रूपरेखा प्रदान करती है.
  • रामसर स्थल नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है क्योंकि यहीं 02 फरवरी 1971 को रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे.
  • भारत में अब कुल 64 रामसर स्थल हैं जो देश की कुल भूमि का 5% है. आर्द्रभूमि के राज्य-वार वितरण में गुजरात शीर्ष पर है (एक लंबी तटरेखा के कारण). इसके बाद आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है.
  • रामसर सूची के अनुसार, सबसे अधिक रामसर स्थलों वाले देश यूनाइटेड किंगडम (175) और मेंक्सिको (142) हैं. अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमि का क्षेत्रफल (148,000 वर्ग किमी) सबसे अधिक बोलीविया में है.
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INS विक्रांत को भारतीय नौसेना को सौंपा गया

स्वदेशी विमान वाहक पोत INS विक्रांत को 27 जुलाई को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया गया. यह भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत है जिसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड ने किया है. इन्हें अगस्त 2022 में नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा.

INS विक्रांत: एक दृष्टि

  • विक्रांत को नौसेना को सौंपे जाने के साथ ही भारत उन चुनिंदा राष्ट्रों में शामिल हो गया है जो देश में ही विमान वाहक समुद्री जहाज का निर्माण करते हैं.
  • इसका नाम भारत के पहले विमानवाहक पोत के सम्मान में रखा गया है. भारत के पहले विमान वाहक जहाज का नाम भी विक्रांत था जिसने 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उस विक्रांत को 31 जनवरी 1997 को कार्य मुक्त किया गया था.
  • INS विक्रांत, भारत में बनाया गया अभी तक का सबसे बड़ा युद्धपोत है. यह 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा तथा 45,000 टन भारी है. यह विमानवाहक पोत 30 लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों को ले जाने में सक्षम है.
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भारत के 5 नए आर्द्रभूमि को रामसर स्थल का दर्जा दिया गया

रामसर कन्वेंशन (Ramsar Convention) के तहत भारत के 5 नए आर्द्रभूमि को रामसर स्थल (Ramsar Sites) सूची में शामिल किया गया है. इनमें दो स्थल तमिलनाडु से और मिजोरम और मध्य प्रदेश से एक-एक स्थल हैं. इन पांच स्थलों को शामिल किए जाने के बाद देश में कुल रामसर स्थलों की संख्या 54 हो गई है.

जिन आर्द्रभूमि को रामसर स्थल का दर्जा दिया गया है उनमें शामिल हैं:

  1. पल्लिकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट, तमिलनाडु (चेन्नई में मीठे पानी का दलदल)
  2. करिकीली पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु (कांचीपुरम में 61.21 हेक्टेयर संरक्षित क्षेत्र है)
  3. पिचवरम मैंग्रोव, तमिलनाडु (कुड्डालोर जिले में देश के सबसे बड़े मैंग्रोव वनों में गिना जाता है)
  4. पाला आर्द्रभूमि, मिजोरम (यह जानवरों और पक्षियों की कई प्रजातियों सहित पशु प्रजातियों की समृद्ध विविधता के लिए जानी जाती है)
  5. साख्य सागर, मध्य प्रदेश (यह झील शिवपुरी में माधव राष्ट्रीय उद्यान का एक अभिन्न अंग है)

रामसर स्थल: एक दृष्टि

  • अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि को रामसर स्थल कहा जाता है. रामसर स्थल पानी में स्थित मौसमी या स्थायी पारिस्थितिक तंत्र हैं. इनमें मैंग्रोव, दलदल, नदियाँ, झीलें, डेल्टा, बाढ़ के मैदान और बाढ़ के जंगल, चावल के खेत, प्रवाल भित्तियाँ, समुद्री क्षेत्र (6 मीटर से कम ऊँचे ज्वार वाले स्थान) के अलावा मानव निर्मित आर्द्रभूमि जैसे- अपशिष्ट जल उपचार तालाब और जलाशय आदि शामिल होते हैं.
  • आर्द्रभूमियां प्राकृतिक पर्यावरण का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं. ये बाढ़ की घटनाओं में कमी लाती हैं, तटीय इलाकों की रक्षा करती हैं, साथ ही प्रदूषकों को अवशोषित कर पानी की गुणवत्ता में सुधार करती हैं.
  • आर्द्रभूमि मानव और पृथ्वी के लिये महत्त्वपूर्ण हैं. 1 बिलियन से अधिक लोग जीवनयापन के लिये उन पर निर्भर हैं और दुनिया की 40% प्रजातियाँ आर्द्रभूमि में रहती हैं तथा प्रजनन करती हैं.
  • रामसर स्थल का दर्ज उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जो रामसर कन्वेंशन के मानकों को पूरा करते हैं. रामसर कन्वेंशन एक पर्यावरण संधि है जो आर्द्रभूमि एवं उनके संसाधनों के संरक्षण तथा उचित उपयोग हेतु राष्ट्रीय कार्रवाई और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिये रूपरेखा प्रदान करती है.
  • रामसर स्थल नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है क्योंकि यहीं 02 फरवरी 1971 को रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे.
  • भारत में अब कुल 54  रामसर स्थल हैं जो देश की कुल भूमि का 4.6% (15.26 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र) है. आर्द्रभूमि के राज्य-वार वितरण में गुजरात शीर्ष पर है (एक लंबी तटरेखा के कारण). इसके बाद आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है.
  • रामसर सूची के अनुसार, सबसे अधिक रामसर स्थलों वाले देश यूनाइटेड किंगडम (175) और मेंक्सिको (142) हैं. अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमि का क्षेत्रफल (148,000 वर्ग किमी) सबसे अधिक बोलीविया में है.
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द्रौपदी मुर्मू ने भारत की 15वीं राष्ट्रपति के रूप से शपथ ली

नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई को भारत की 15वीं राष्‍ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की. भारत के प्रधान न्‍यायाधीश एनवी रमना ने श्रीमती मुर्मू को शपथ दिलाये. शपथग्रहण समारोह संसद के केन्‍द्रीय कक्ष में आयोजित किया गया था.

21 जुलाई को आए राष्ट्रपति चुनाव परिणाम में राष्ट्रपति मुर्मू ने यशवंत सिन्हा को पराजित किया था. राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने द्रौपदी मुर्मू को जबकि विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था.

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू: एक दृष्टि

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद पर आसीन होने वाली पहली आदिवासी और दूसरी महिला हैं. 64 वर्षीय श्रीमती मूर्मु सबसे कम आयु की राष्ट्रपति हैं.
  • वे देश की पहली ऐसी राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म स्वतंत्रता के बाद हुआ है. उनका जन्म 20 जून, 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुआ था.
  • श्रीमती मूर्मु ने वर्ष 1997 में पहली बार राजनीति में प्रवेश किया जब वे ओडिसा में रायरंगपुर अधिसूचित क्षेत्र परिषद की पार्षद चुनी गईं.
  • श्रीमती मूर्मु वर्ष 2000 से 2009 तक रायरंगपुर विधान सभा क्षेत्र से दो बार विधायक भी चुनी गईं. उन्होंने ओडि़सा सरकार में वाणिज्य, परिवहन, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास मंत्री का पदभार संभाला.
  • वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल थीं. साथ ही किसी भी राज्य की राज्यपाल बनने वाली पहली आदिवासी नेता बनीं.

राष्ट्रपति चुनाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी…»

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सेना के तीनों अंगों की संयुक्त थिएटर कमान स्थापित करने की घोषणा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के तीनों अंगों की संयुक्त थिएटर कमान स्थापित करने की घोषणा की. इस कमान का उद्देश्य सशस्त्र बलों के बीच समन्वय बढ़ाना है. उन्होंने यह घोषणा जम्मू में 24 जुलाई को करगिल शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा.

रक्षा मंत्री के संबोधन के मुख्य बिन्दु

  • भारत रक्षा उपकरणों के मामले में दुनिया के सबसे बड़े आयातक से एक निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
  • भारत (रक्षा उत्पादों का) दुनिया का सबसे बड़ा आयातक था. आज, भारत दुनिया का सबसे बड़ा आयातक नहीं है, बल्कि रक्षा निर्यात में शामिल शीर्ष 25 देशों में से एक है.
  • देश ने 13,000 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात शुरू कर दिया है और 2025-26 तक इसे बढ़ाकर 35,000 रुपये से 40,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है.
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सरकार ने भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया

सरकार ने 23 जुलाई 2022 को भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन किया है. स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ से ठीक पहले यह संशोधन किया गया है. इस संशोधन के तहत राष्ट्रीय ध्वज संहिता को दिन-रात फहराने की अनुमति दी गई है.

मुख्य बिन्दु

  • नए संशोधन में, खुले में तथा निजी मकानों या भवनों पर दिन-रात तिरंगा फहराने की अनुमति दी गई है. इससे पहले ध्वज को खुले में सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की ही अनुमति थी.
  • अब कोई भी भारतीय नागरिक, निजी या शैक्षणिक संस्थान सभी दिवसों और अवसरों पर राष्ट्रीय ध्वज के गौरव और सम्मान के अनुरूप तिरंगा फहरा सकता है.
  • भारतीय ध्वज संहिता में पिछला संशोधन 30 दिसम्बर, 2021 को किया गया था, जिसमें कपास, ऊन, रेशम और खादी के हाथ से बुने, हाथ से सिले और मशीन से बने ध्वज के अलावा पॉलिस्टर से बने या सिले गए ध्वज के उपयोग की अनुमति दी गई थी.

13 से 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा फहराने का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से 13 से 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा फहराने का आह्वान किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र इस वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, इसलिए हर घर तिरंगा अभियान से राष्ट्रीय ध्वज के साथ हमारा जुड़ाव और गहरा होगा.

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विलुप्त चीतों को भारत लाने के लिए नामीबिया के साथ सहमति

भारत ने विलुप्त चीतों को देश में लाने के लिए नामीबिया के साथ एक महत्वपूर्ण सहमति-पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है. भारत में 1952 में चीता को विलुप्त घोषित कर दिया गया था.

मुख्य बिन्दु

  • इस सहमति के अनुसार अगस्त में नामीबिया से आठ चीतों को भारत लाया जाएगा, जिसमें चार नर और चार मादा चीते होंगे.
  • इन चीतों को मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में रखा जाएगा.
  • ये चीते भारत से पूरी तरह विलुप्त हो चुके हैं. इसका मुख्य कारण अधिक शिकार किया जाना और रहने के लिए जगह का न होना बताया जाता है.
  • आखिरी बार 1948 में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के साल वनों में एक मृत चीता पाया गया था.
  • दुनिया में चीतों की सबसे अधिक आबादी नामीबिया में है. नामीबिया को ‘चीतों की राजधानी’ कहा जाता है.
  • अगले पांच वर्षों में नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अन्य अफ्रीकी देशों से कुल 50 चीतों को भारत लाए जाने की योजना है.
  • चीता दुनिया का सबसे तेज जानवर है जो 113 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ सकता है.
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द्रौपदी मुर्मू भारत की 15वीं राष्ट्रपति राष्ट्रपति निर्वाचित

द्रौपदी मुर्मू भारत की 15वीं राष्ट्रपति राष्ट्रपति निर्वाचित हुई हैं. 21 जुलाई को आए राष्ट्रपति चुनाव परिणाम में उन्होंने यशवंत सिन्हा को पराजित कर निर्वाचित हुई. वह 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी. प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना संसद के केन्द्रीय कक्ष में उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाएंगे.

  • राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने द्रौपदी मुर्मू को जबकि विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था.
  • इस चुनाव में द्रौपदी मुर्मू को 64 प्रतिशत (कुल 6,76,803 मत) और यशवंत सिन्हा को 36 प्रतिशत (कुल 3,80,177 मत) वोट मिले. मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने मुर्मू के 64.03 फीसदी मतों के साथ चुनाव जीतने की आधिकारिक घोषणा की.

देश की 15वीं राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू

  • द्रोपदी मुर्मू, झारखंड की पहली महिला राज्यपाल थीं. 64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू देश की सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति होंगी.
  • वह भारत की पहली राष्ट्रपति होंगी जिनका जन्म स्वतंत्रता के बाद हुआ है. उनका जन्म 20 जून, 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुआ था.
  • मुर्मू आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली देश की पहली महिला राष्ट्रपति हैं.

14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

  • देश के 14वें राष्ट्रपति के तौर पर 25 जुलाई 2017 को शपथ लेने वाले रामनाथ कोविंद पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद 24 जुलाई को राष्ट्रपति भवन से विदाई लेंगे.
  • उनका जन्म उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के गांव परौंख में सामान्य परिवार में हुआ था. वह देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति हैं. केआर नारायण देश के प्रथम दलित राष्ट्रपति थे.
  • भारत के राष्ट्रपति के रूप में, कोविंद को छह देशों – मेडागास्कर, इक्वेटोरियल गिनी, एस्वातीनी, क्रोएशिया, बोलीविया और गिनी गणराज्य से सर्वोच्च राजकीय सम्मान प्राप्त हुए.
  • कोविंद ने भारत के सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर के तौर पर मई 2018 में लद्दाख के सियाचिन में दुनिया के सबसे ऊंचे रण ‘कुमार पोस्ट’ की ऐतिहासिक यात्रा की थी.
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MSP की अधिक पारदर्शी व्यवस्था के निर्माण के लिए समिति का गठन

सरकार ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की अधिक असरदार एवं पारदर्शी व्यवस्था के निर्माण के लिए एक 26 सदस्यीय समिति का गठन किया है. इसकी अधिसूचना कृषि मंत्रालय ने 19 जुलाई को जारी की थी.

  • पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इस 26 सदस्यीय समिति में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि अर्थशास्त्रियों के अलावा केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारी भी शामिल हैं.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में संसद द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते समय फसलों के एमएसपी के लिए एक समिति बनाने का वादा किया था.
  • इस समिति में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता किसान भारत भूषण त्यागी के अलावा किसान संगठनों के प्रतिनिधि के तौर पर गुणवंत पाटिल, कृष्णवीर चौधरी, प्रमोद कुमार चौधरी, गुणी प्रकाश और सैयद पाशा पटेल को जगह दी गई है.
  • इसके अलावा समिति में नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद, कृषि अर्थशास्त्री सीएससी शेखर, सुखपाल सिंह और नवीन पी सिंह को भी शामिल किया गया है.

एमएसपी समिति के कार्य

  • यह समिति एमएसपी को अधिक असरदार एवं पारदर्शी बनाने के तरीके सुझाने के लिए काम करेगी. यह फसलों का एमएसपी तय करने वाली सीएसीपी को अधिक स्वायत्तता देने से जुड़े पहलू पर भी गौर करेगी.
  • अलावा समिति देश की बदलती जरूरतों के अनुरूप कृषि विपणन प्रणाली को सशक्त करने के तरीके भी सुझाएगी.
  • यह समिति प्राकृतिक कृषि, फसल विविधता और सूक्ष्म सिंचाई व्यवस्था के प्रोत्साहन के लिए भी काम करेगी.
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