टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने नए संसद भवन के निर्माण का कॉन्ट्रेक्ट हासिल किया

टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने नए संसद भवन के निर्माण का कॉन्ट्रेक्ट हासिल किया है. संसद भवन के निर्माण के लिए लगाई गई बोली के आधार पर यह कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है. टाटा ने निर्माण के लिए 861.90 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. इस बोली में दूसरे स्थान पर लार्सन एंड टुब्रो थे जिसने 865 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी.

CPWD ने नए संसद भवन के निर्माण में 940 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान जताया था. प्रोजेक्‍ट के एक साल में पूरे होने की संभावना है. नई बिल्डिंग को त्रिकोणाकार में डिजाइन किया जाएगा.

देश को आजाद हुए 75 साल होने वाले हैं और देश का संसद भवन अब काफी पुराना हो चुका है. सरकार चाहती है कि जब देश 15 अगस्त 2022 को अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा हो तब सांसद नए संसद भवन में बैठें.

पुराना संसद भवन: एक दृष्टि

मौजूदा संसद की बिल्डिंग का निर्माण ब्रिटिशकाल में किया गया था और यह वृत्‍ताकार है. यह 1911 में बनना शुरू हुआ था और 1927 में इसका उद्घाटन हुआ था. तब अंग्रेजों के शासन के दौर में दिल्ली राजधानी बनी थी.

किंग जॉर्ज पंचम ने भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की थी. पंचम ने नई राजधानी के निर्माण के लिए एडविन लुटियंस को नामित किया था. वर्तमान संसद भवन और राष्ट्रपति भवन को एडविन लुटियंस ने ही डिजाइन किया था.

भारतीय संस्कृति की उत्पत्ति और विकास पर अध्ययन के लिए समिति का गठन

भारतीय संस्कृति की उत्पत्ति और विकास पर एक अध्ययन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है. इसकी घोषणा केंद्रीय संस्कृति मंत्री और पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने की. इस समिति में 16 सदस्य शामिल हैं, जिनमें भारतीय पुरातत्व सोसायटी के अध्यक्ष केएन दीक्षित हैं.

यह समिति भारतीय संस्कृति के उद्भव और विकास का एक समग्र अध्ययन 12,000 साल पहले से वर्तमान तक करेगी. यह दुनिया भर की अन्य संस्कृतियों के साथ अध्ययन और उसके इंटरफेस का भी अध्ययन करेगा.

प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य संपदा योजना का शुभारंभ किया गया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 10 सितम्बर को डिजिटल माध्यम से ‘प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य संपदा योजना’ का उद्घाटन किया. उन्‍होंने ई-गोपाला ऐप की भी शुरूआत की. इसका उद्देश्‍य मत्‍स्‍य पालन, मत्‍स्‍य बीज में व्‍यापक बेहतरी, संबंधित बाजार और सूचना पोर्टल की व्‍यवस्‍था करना है. इस ऐप को किसान सीधे तौर पर इस्‍तेमाल कर सकते हैं. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बिहार में मत्‍स्‍य पालन और पशुपालन क्षेत्रों से संबंधित अनेक कार्यक्रमों की शुरूआत की.

प्रधानमंत्री मत्‍स्‍य संपदा योजना पर 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि निवेश की जायेगी. अब तक मत्‍स्‍य पालन क्षेत्र में निवेश की जाने वाली ये सबसे बड़ी राशि है. इसका उद्देश्‍य वर्ष 2024-25 तक अतिरिक्‍त 70 लाख टन मछली उत्‍पादन बढ़ाना है.

पांच रफाल लडाकू विमानों को अम्बाला के वायुसेना अड्डे पर भारतीय सेना में शामिल किया गया

पांच रफाल लडाकू विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया गया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 10 सितम्बर को इन विमानों को अम्बाला के वायुसेना अड्डे पर एक विशेष समारोह में भारतीय सेना में शामिल किया. इस दौरान फ्रांस की मंत्री फ्लोरेंस पार्ले भी उपस्थित थीं.

वायुसेना में शामिल किये गये ये रफाल लडाकू विमान 17 स्क्वाड्रन का एक हिस्सा है जिसे ‘गोल्डन एरोज’ कहा जाता है. पांच रफाल विमानों की पहली खेप 27 जुलाई को फ्रांस से अम्बाला के अम्बाला वायुसेना अड्डे पर पहुंची थी.

भारत ने 36 राफेल लड़ाकू जेट की खरीद के लिए फ्रांस के साथ समझौता किया है. सभी राफेल विमानों की आपूर्ति 2022 तक पूरी की जानी है.

रफेल का लांग रेंज ऑपरेशन अपने वजन के बराबर अर्मामेंट और एडिशनल सेल्फ कैरी करने की कैपेसिटी, 60 लैंडिंग ग्राउंड से ऑपरेट करने की एवलिटी, हाई स्पीड जैसी खुबियां इसे दुनिया के बेस्ट एयरक्राफ्ट में से एक बनाती हैं.

भारत ने हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल का सफल परीक्षण किया

भारत ने 7 सितम्बर को हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल (HSTDV) का सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण ओडिशा के बालासोर में किया गया. इसका विकास रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी प्रौद्योगिकी से किया है. यह प्रौद्योगिकी अगली पीढ़ी के हाइपरसोनिक व्‍हीकल्‍स के निर्माण में मददगार साबित होगी.

भारत विश्व का चौथा देश बना

अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चौथा ऐसा देश बन गया है जिसने खुद की हाइपरसोनिक टेक्‍नोलॉजी विकसित कर ली और इसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. फिलहाल अमेरिका, चीन और रूस ने हाइपरसोनिक मिसाइलें विकसित कर ली है. दुनिया के किसी देश के पास फिलहाल इसका डिफेंस सिस्‍टम नहीं है.

सफल टेस्‍ट के मायने

HSTDV के सफल परीक्षण से DRDO स्वदेशी तकनीक से स्‍क्रैमजेट इंजन के साथ हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार कर सकता है. इसकी रफ्तार दो किलोमीटर प्रति सेकेंड से ज्‍यादा होगी. इससे अंतरिक्ष में सैटलाइट्स भी कम लागत पर लॉन्‍च किया जा सकते हैं. इससे भारत को अगली ब्रह्मोस-II मिसाइल का हाइपरसोनिक जेनरेशन तैयार करने में मदद मिलेगी.

हाइपरसोनिक मिसाइल क्या है?

हाइपरसोनिक मिसाइल की गति आवाज से 5 गुना ज्‍यादा होती है. तेज गति के कारण यह मिसाइल दुनिया के किसी भी कोने में दुश्मन के ठिकाने को मिनटों में निशाना बनाया जा सकता है. आम मिसाइलें बैलस्टिक ट्रैजेक्‍टरी फॉलो करती हैं. इसका मतलब है कि उनके रास्‍ते को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है. इससे दुश्‍मन को तैयारी और काउंटर अटैक का मौका मिलता है जबकि हाइपरसोनिक वेपन सिस्‍टम कोई तयशुदा रास्‍ते पर नहीं चलता. इस कारण दुश्‍मन का एयर डिफेंस सिस्‍टम इस मिसाइल के टारगेट को आसानी से पता नहीं लगा सकता.

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिये राष्‍ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद की स्‍थापना

केन्‍द्र सरकार ने एक अधिसूचना के जरिये राष्‍ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद (National Council for Transgender- NCT) की स्‍थापना की है. इसका गठन ‘ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम’ 2019 के तहत किया गया है. सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री इसके पदेन अध्‍यक्ष और सामाजिक न्‍याय तथा अधिकारिता राज्‍य मंत्री इसके पदेन उपाध्‍यक्ष होंगे.

राष्‍ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद के कार्य

  • राष्‍ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद सरकार को ट्रांसजेंडर व्‍यक्तियों के संदर्भ में नीतियां, कार्यक्रम, कानून और परियोजनाएं तैयार करने के बारे में सलाह देगी.
  • परिषद ट्रांसजेंडरों को समान अवसर और पूर्ण भागीदारी प्रदान करने से संबंधित नीतियों तथा कार्यक्रमों के प्रभाव का मूल्‍यांकन करेगी और उन पर निगरानी रखेगी.
  • राष्‍ट्रीय परिषद ट्रांसजेंडरों से संबंधित मामलों का संचालन करने वाले सभी सरकारी विभागों और अन्‍य सरकारी तथा गैर सरकारी संगठनों की गति‍विधियों की समीक्षा करेगी और उनके बीच समन्‍वय करेगी.

संयुक्‍त पात्रता परीक्षा के लिए राष्‍ट्रीय भर्ती संस्था के गठन को मंजूरी

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों के लिए संयुक्‍त पात्रता परीक्षा (Common Eligibility Test) के आयोजन के लिए राष्‍ट्रीय भर्ती संस्था (National Recruitment Agency) के गठन को मंजूरी दी है. यह संस्था समूह ‘ख’ और समूह ‘ग’ में गैर-तकनीकी पदों के लिए उम्‍मीदवारों की जांच और चयन के लिए सामान्‍य पात्रता परीक्षा संचालित करेगी. भारत सरकार ने NRA के लिए 1517.57 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.

इस एजेंसी में रेल मंत्रालय, वित्‍त मंत्रालय, कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और बैंकिंग कर्मी चयन संस्‍थान (IBPS) के प्रतिनिधि होंगे.

राष्‍ट्रीय भर्ती संस्था: मुख्य बिंदु

  • राष्‍ट्रीय भर्ती संस्था (NRA) समूह सरकार के सभी ‘ख’ और समूह ‘ग’ में गैर-तकनीकी पदों के लिए एक सामान्य योग्यता परीक्षा (CET) आयोजित करेगी.
  • स्नातक, उच्च-माध्यमिक (12वीं पास) और मैट्रिक (10वीं पास) वाले उम्‍मीदवारों के लिए अलग-अलग CET का संचालन किया जाएगा.
  • CET के अंक परिणाम घोषित होने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए मान्‍य होंगे. मान्‍य अंकों में सर्वश्रेष्‍ठ अंकों को उम्‍मीदवार के मौजूदा अंक माना जाएगा. उम्‍मीदवार अधिकतम आयु सीमा से पहले CET कितनी बार भी दे सकेगा.
  • सरकार की मौजूदा नीति के अनुसार अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्‍य पिछडा वर्ग और अन्‍य श्रेणी के उम्‍मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी.
  • उम्‍मीदवारों को सामान्‍य पात्रता परीक्षा के पोर्टल पर पंजीकरण कराने और अपनी पंसद का केन्‍द्र चुनने की सुविधा होगी.

15 अगस्त 2020: देशभर में 74वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया


देशभर में 15 अगस्त 2020 को 74वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक लालकिले की प्राचीर से सातवीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया.

नेशनल डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य मिशन का आरंभ

प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2020 से नेशनल डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के आरंभ की घोषणा की. इसके तहत प्रत्येक भारतीय को स्‍वास्‍थ्‍य पहचान पत्र दिया जायेगा. ये स्‍वास्‍थ्‍य पहचान पत्र प्रत्येक भारतीय के स्वास्थ्य खाते की तरह काम करेगी. इसमें जांच, रोग, डॉक्‍टरों की ओर से बताई गयी दवाइयां, जांच रिपोर्ट और संबंधित सूचना एक ही स्‍वास्‍थ्‍य पहचान पत्र पर दर्ज होगी.

आत्‍मनिर्भर भारत

भारत को आत्‍मनिर्भर बनना चाहिए और घरेलू तथा वैश्विक बाजार में उत्‍पादन के लिए अपने व्‍यापक प्राकृतिक संसाधनों का इस्‍तेमाल करना चाहिए. वोकल फॉर लोकल का आह्वान किया और कहा कि भारत को विश्‍व की जरूरतों से निपटने का प्रयास करना चाहिए.

नई साइबर सिक्यॉरिटी पॉलिसी

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है. आने वाले समय में नई साइबर सिक्योरिटी नीति लाई जाएगी.

नेशनल कैडेड कोर का विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल कैडेड कोर (NCC) के विस्तार की घोषणा की. उन्होंने देश को बताया कि अब NCC का विस्तार देश के 173 सीमाओं और तटीय जिलों तक सुनिश्चित किया जाएगा. इस अभियान के तहत करीब 1 लाख नए NCC कैडेट्स को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.

प्रोजेक्ट लॉयन और डॉल्फिन

प्रधानमंत्री ने प्रोजेक्ट लॉयन और डॉल्फिन की घोषणा की. उन्होंने कहा कि अपनी बायोडायवर्सिटी के संरक्षण और संवर्धन के लिए भारत पूरी तरह संवेदनशील है. बीते कुछ समय में देश में शेर, बाघ की आबादी तेज गति से बढ़ी है. अब देश में हमारे एशियाई शेरों के लिए एक प्रोजेक्ट लॉयन की भी शुरूआत होने जा रही है. वहीं डॉल्फिन के संरक्षण के लिए भी प्रोजेक्ट चलाने की बात कही.

100 लाख करोड़ रुपए का नेशनल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पाइपलाइन प्रोजेक्‍ट

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश को मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार की गई है. इस पर देश 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हजार प्रोजेक्ट्स को चिन्हित भी किया जा चुका है. ये एक तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नई क्रांति की तरह होगा.

पड़ोसी नीति के विस्तार पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पड़ोसी देशों के साथ चाहे वो हमसे जमीन से जुड़े हों या समुद्र से, अपने संबंधों को हम सुरक्षा, विकास और विश्वास की साझेदारी के साथ जोड़ रहे हैं. आज पड़ोसी सिर्फ वो ही नहीं हैं जिनसे हमारी भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं, बल्कि वे भी हैं जिनसे हमारे दिल मिलते हैं. आसियान देशों का विशेष महत्‍व है, जो कि भारत के समुद्री पड़ोसी देश हैं.

प्रदूषण के खिलाफ अभियान

प्रधानमंत्री ने शहरों से प्रदूषण खत्म करने की योजना की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि देश के 100 चुने हुये शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण के साथ एक विशेष अभियान पर भी काम हो रहा है.

प्रधानमंत्री के संबोधन के अन्य मुख्य बिंदु

  • पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान देश में रिकॉर्ड विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश हुआ है और इसमें 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
  • देश के किसानों को आधुनिक ढांचागत सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक लाख करोड़ रूपये का कृषि अवसंरचना कोष बनाया गया है.
  • पिछले पांच वर्ष में दो लाख ग्राम पंचायत तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पहुंच चुका है. एक हज़ार दिन के अंदर देश के छह लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का काम पूरा कर लिया जाएगा.
  • जिस तरह सिक्किम ने जैविक राज्‍य के रूप में अपनी पहचान बनाई है, उसी तरह लद्दाख को कार्बन न्‍यूट्रल क्षेत्र बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं.
    अगले 1000 दिन में, लक्षद्वीप को सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ दिया जाएगा.

नौसेना के नवाचार और स्‍वदेशीकरण संगठन का शुभारंभ

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 13 अगस्त को नौसेना के नवाचार और स्‍वदेशीकरण संगठन (Naval Innovation and Indigenisation Organisation-NIIO) का शुभारंभ किया. यह संगठन रक्षा उत्‍पादन में आत्‍मनिर्भरता का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने के लिए उद्योगों तथा विशेषज्ञों और उत्‍पादों के प्रयोक्‍ताओं के बीच संवाद स्‍थापित करने का मंच प्रदान करेगा.

रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में रक्षा खरीद नीति-2020 का मसौदा जारी किया था जिसमें नवाचार और स्‍वदेशी उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए सेना मुख्‍यालय द्वारा इस तरह का संगठन बनाने की बात कही गयी थी.

अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह आयोजित किया गया

अयोध्‍या में राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन समारोह का आयोजन 5 अगस्त को किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अयोध्‍या में इस समारोह में हिस्सा लिया और मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी.

इस अवसर पर उन्होंने अयोध्या में 326 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 161 करोड़ रुपये के किये गये कार्यों का शुभारंभ किया. अयोध्‍या में भूमि पूजन समारोह उसी अभिजीत महूर्त में आयोजित किया गया जिसमें स्वयं भगवान राम का जन्म हुआ था. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने श्रीराम जन्‍मभूमि मंदिर पर स्‍मारक डाक टिकट जारी किया.

अयोध्या में प्रस्तावित भव्य राम मंदिर: एक दृष्टि

  • अयोध्या में प्रस्तावित भव्य राम मंदिर 161 फीट ऊंचाई का होगा. मंदिर में मण्डप होंगे और मंदिर में एक अष्टभुजाकार शिखर होगा. मंदिर के निर्माण में लगभग तीन से साढ़े तीन साल का समय लगेगा.
  • तीन मंजिला राम मंदिर में भू-तल पर रामलला विराजमान होंगे जबकि पहले तल पर राम दरबार होगा और दूसरा तल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के उपयोग के लिए होगा.
  • अयोध्या राम मंदिर एक बेहद मजबूत ढांचा होगा जिस पर भूकंप का भी प्रभाव नहीं पड़ेगा. क्योंकि इसे बनाने में स्टील का इस्तेमाल नहीं होगा सिर्फ तांबा ही उपयोग में लाया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर फैसला सुनाया था

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर 9 नवम्बर 2019 को सर्वसम्मति से फैसला सुनाया था. कोर्ट ने अपने फैसले में 2.77 एकड़ विवादित भूमि को रामलला का बताया था.

कोर्ट ने केंद्र सरकार को 3 महीने के भीतर बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज का गठन कर विवादित स्थान को मंदिर निर्माण के लिए देने को कहा था. साथ ही कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दिए जाने का आदेश दिया.

5 जजों की बेंच ने फैसला सुनाया

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया. इस बेंच में मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई की अध्यक्षता में जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चन्द्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर थे.

उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ सुनवाही

2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में 14 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय में कहा गया था कि विवादित भूमि को दावेदारों में बराबर बांट दिया जाना चाहिए. इस विवाद में तीन प्रमुख पक्ष हिन्दू महासभा, निर्मोही अखाडा़ और मुस्लिम वक्फ बोर्ड थे.

ASI की रिपोर्ट पर फैसला

कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट को आधार मानते हुए कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद किसी खाली स्थान पर नहीं बनाई गई थी. मस्जिद के नीचे विशाल संरचना थी जो इस्‍लामिक संरचना नहीं थी. ASI ने इसे 12वीं सदी का मंदिर बताया था.

नई शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी, मानव संसाधन मंत्रालय अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा

सरकार ने देश में नई शिक्षा नीति (New Education Policy) 2020 को मंजूरी दे दी है. यह मंजूरी 29 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दी गयी. बैठक में लिए गये निर्णय की जानकारी मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने जानकारी दी.

मानव संसाधन मंत्रालय का नया नाम शिक्षा मंत्रालय

बैठक में लिए गये निर्णय के तहत अब मानव संसाधन मंत्रालय (HRD) को शिक्षा मंत्रालय के (Education Ministry) नाम से जाना जाएगा. शुरुआत में इस मंत्रालय का नाम शिक्षा मंत्रालय ही था लेकिन 1985 में इसे बदलकर मानव संसाधन मंत्रालय नाम दिया गया था. नई शिक्षा नीति के मसौदे में इसे फिर से ‘शिक्षा मंत्रालय’ नाम देने का सुझाव दिया गया था.

कस्तूरीरंग की अध्यक्षता में समिति का गठन

सरकार ने नई शिक्षा नीति के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अगुआई में एक समिति का गठन किया था. इस समिति ने पिछले साल मानव संसाधन मंत्रालय में नई शिक्षा नीति के मसौदे को प्रस्तुत किया था. बाद में उस मसौदे को लोगों के सुझावों के लिए रखा गया. मंत्रालय को इसके लिए करीब सवा 2 लाख सुझाव आए थे. उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई थी.

2030 तक सौ प्रतिशत साक्षरता

नई शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्‍य 2030 तक सौ प्रतिशत युवा और प्रौढ़ साक्षरता प्राप्ति करना है. इसका उद्देश्‍य 2030 तक स्‍कूली शिक्षा में सौ प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात के साथ पूर्व विद्यालय स्‍तर से माध्‍यमि‍क स्‍तर तक की शिक्षा का सार्वभौमिकरण करना है.

उच्च शिक्षा

नई शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा के लिए अलग अलग रेगुलेटर की बजाय एक ही रेगुलेटर की बात कही गई है. वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सकल नामांकन दर को 50 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंचाना जायेगा.

नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में मल्टीपल इंट्री और एक्जिट की बात कही गई है. यानि एक साल पढ़ाई करने के बाद अगर कोई बीच में पढ़ाई छोड़ देता है तो भी उसे सर्टिफिकेट मिलेगा, जबकि दो साल के बाद डिप्लोमा पाने का हकदार होगा और तीन या चार साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे डिग्री मिलेगी.

छात्रों के लिए तीन या चार साल के डिग्री प्रोग्राम का विकल्प रहेगा. नौकरी के इच्छुक छात्रों के लिए तीन साल की जबकि रिसर्च के इच्छुक छात्रों के लिए चार साल की डिग्री का विकल्प रहेगा.

स्कूली शिक्षा

स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे में बदलाव किया गया है और 10+2 की बजाय 5+3+3+4 यानि 15 साल की स्कूली शिक्षा की रूपरेखा तय की गई है. यानि पहली बार प्री प्राईमरी शिक्षा को शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया गया है. NCERT प्री प्राइमरी शिक्षा के लिए लिए पाठ्यक्रम तैयार करेगा.

साथ ही लक्ष्य रखा गया है कि हर बच्चा जब स्कूली शिक्षा हासिल कर निकले तो कम के कम एक वोकेशनल स्किल हासिल करके निकले यानि स्कूली शिक्षा को रोजगारपरक बनाने का लक्ष्य इस नई नीति में तय किया गया है.

नई शिक्षा नीति 2020: मुख्य बिंदु

  • केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर शिक्षा पर जीडीपी का 6 फीसदी खर्च करने की दिशा में काम करेंगी.
  • बुनियादी सुविधाओं से वंचितक्षेत्रों और समूहों के लिए बालक-बालिका समावेशी कोष और विशेष शिक्षा क्षेत्र स्‍थापित किया जाएगा.
  • देश में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी.
  • NCERT आठ वर्ष की आयु तक के बच्‍चों के लिए प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा के लिए एक राष्‍ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचा विकसित करेगा.
  • एक मानक निर्धारक निकाय के रूप में नया राष्‍ट्रीय आकलन केन्‍द्र ‘परख’ स्‍थापित की जाएगी.
  • अध्‍यापक शिक्षण के लिए एक नया और व्‍यापक राष्‍ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा NCFTE 2021 तैयार किया जाएगा.
  • पांचवी तक पढ़ाई के लिए होम लैंग्वेज, मातृ भाषा या स्थानीय भाषा माध्यम होगा.
  • छठी कक्षा के बाद से ही वोकेशनल एजुकेशन की शुरुआत होगी.
  • बोर्ड एग्जाम रटने पर नहीं बल्कि ज्ञान के इस्तेमाल पर अधारित होंगे.
  • नई शिक्षा नीति में एमफिल कोर्सेज को खत्म किया जायेगा.
  • लीगल और मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर सभी उच्च शिक्षण संस्थानों का संचालन सिंगल रेग्युलेटर के जरिए होगा.
  • विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा होंगे.
  • सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक तरह के मानदंड होंगे.
  • देश की वर्तमान शिक्षा नीति को 1986 में तैयार किया गया था. 1992 में उसमें सुधार किया गया था.

पांच रफाल लडाकू विमानों के पहले खेप की आपूर्ति की गयी

फ्रांस ने पांच रफाल लडाकू विमानों के पहले खेप की आपूर्ति कर दी है. इस विमान की पहली खेप 29 जुलाई को अम्‍बाला पहुंची. रफाल के इस खेप में तीन सिंगल सीटर और दो, दो-सीटर विमान शामिल हैं. इन विमानों को हरियाणा के अंबाला में वायुसेना की 17वीं बटालियन में आधिकारिक रूप से शामिल किया जाएगा.

रफाल लडाकू विमानों को 27 जुलाई को दक्षिणी फ्रांस के बॉर्डे स्थित मेरीनियाख हवाईअड्डे से रवाना किया गया था. फ्रांस से लगभग सात हजार किलोमीटर की उड़ान के दौरान ये विमान संयुक्‍त अरब अमारात (UAE) में फ्रांस संचालित अल दफरा हवाई अड्डे पर रुका था. यहाँ पहुंचने से पहले इन विमानों ने मध्य सागर के ऊपर आसमान में ही ईधन भरकर भारत की तरफ अपनी यात्रा का पहला चरण पूरा किया था. अपने दूसरे चरण में राफेल अल दफरा हवाई अड्डे से उड़ान भर के भारत पहुंचा.

भारत ने फ्रांस से 36 विमानों की खरीद की है

रफाल लडाकू विमानों को फ्रांस की कंपनी दस्‍सों ने विकसित किया है. इस विमान की खरीद के लिए 2016 में भारत और फ्रांस के बीच समझौता हुआ था. इस सौदे के तहत भारत ने फ्रांस से 59 हजार करोड रुपये में 36 विमानों की खरीद की थी. 36 विमानों में से 10 विमानों की आपूर्ति तय समय के भीतर पूरी कर ली गई है. इनमें से पांच विमान प्रशिक्षण मिशन पर फ्रांस में ही रहेंगे. 2021 के अंत तक सभी 36 विमान भारत को सौंप दिये जायेंगे.

रफाल लडाकू विमान: मुख्य बिंदु

  • राफेल किटेर और स्केल्प क्रूज मिशाइल समेत अन्य घातक हथियारों से लैस होकर युद्ध भूमि में दुश्मन को स्तब्ध करने वाली क्षमता वाला लड़ाकू विमान है.
  • ये लड़ाकू विमान कुछ विशेष संसाधनों के साथ देश में लाया गया है. जिनमें इस्राइली हेल्मेट युक्त डिस्पले, अत्याधुनिक रडार और कम बेंड के जैमर प्रणाली शामिल हैं. राफेल कई खुबियों वाले रडार वॉर्निंग रिसीवर, इन्फ्रारेड सर्च और ट्रैकिंग सिस्टम जैसी क्षमताओं से भी लैस है.
  • राफेल विमान 9,500 किलोग्राम वजन के साथ इससे जुड़ी तोप एक मिनट में 2,500 राउंड फायर कर सकती है. यह एक ही उड़ान के दौरान आसमान से जमीन और हवा से हवा में मार कर सकता है और दुश्‍मन के विमानों का भी मुकाबला कर सकता है. यह परमाणु हथियार और लेजर गाइडेड बम ले जा सकता है.