‘बीटिंग द रिट्रीट’ के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन

71वें गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक रूप से समापन नई दिल्‍ली के विजय चौक पर ‘बीटिंग द रिट्रीट’ के साथ हो गया. गणतंत्र दिवस समारोह 26 से 29 अगस्त तक नई दिल्ली में आयोजित किया गया था. इस अवसर पर मुख्‍य समारोह दिल्ली में राजपथ पर आयोजित किया गया था. यहां हर साल की तरह देश की संस्कृति को दिखाने वाली झाकियों के साथ भारतीय सेना ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया था. राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परेड की सलामी ली थी.

बीटिंग द रिट्रीट एक सैन्य परंपरा है

बीटिंग द रिट्रीट सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है जब सूर्यास्त होने पर सेना युद्ध बंद कर देती थी. जैसे ही बिगुल वादक समापन की धुन बजाते थे सैनिक युद्ध बंद कर देते थे और अपने शस्त्रास्त्र समेट कर युद्ध के मैदान से लौट जाते थे. इसी को ध्यान में रखते हुए समापन धुन बजाने के दौरान अविचल खड़े रहने की परंपरा आज तक कायम है. समापन पर ध्वज और पताकाएं खोलकर रख दी जाती हैं और झंडे उतार दिये जाते हैं.

बीटिंग द रिट्रीट का इतिहास

बीटिंग द रीट्रीट कार्यक्रम 1950 के शुरूआती दशक से चला आ रहा है. जब भारतीय सेना के मेजर रोबर्ट्स ने स्वदेशी तर्ज पर सामूहिक बैंड के प्रदर्शन का अनोखा समारोह प्रस्तुत किया था. समय के साथ ही यह राष्ट्रीय स्वाभिमान प्रदर्शित करने वाला कार्यक्रम बन गया है.

असम के बोडो क्षेत्रों में स्थायी शांति के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर

केंद्र सरकार ने 27 जनवरी को असम के उग्रवादी समूहों में से एक नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (NDFB) और दो अन्य संगठनों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते का उद्देश्य असम के बोडो बहुल क्षेत्रों में स्थायी शांति लाना है. समग्र बोडो समाधान समझौते पर हस्ताक्षर करने वालों में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) और यूनाइटेड बोडो पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (UBPO) भी शामिल हैं. ABSU 1972 से ही अलग बोडोलैंड राज्य की मांग के लिए आंदोलन चला रहा था.

यह त्रिपक्षीय समझौता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में किये गये. समझौते पर NDFB के चार धड़ों, ABSU, UBPO के शीर्ष नेताओं, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येन्द्र गर्ग और असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने हस्ताक्षर किए.

बोडो उग्रवादियों की हिंसा में पिछले कुछ दशकों में चार हजार से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी है. NDFB पिछले कुछ दशकों में सिलसिलेवार हिंसक कृत्यों के लिए जिम्मेदार रहा है जिनमें दिसंबर 2014 में लगभग 70 आदिवासियों की हत्या भी शामिल है.

समझौते के मुख्य बिंदु

  • इस समझौते में राजनीतिक और आर्थिक फायदे दिए गए हैं लेकिन अलग राज्य या केंद्रशासित क्षेत्र की मांग पूरी नहीं की गई है.
  • समझौते के मुताबिक NDFB के धड़े हिंसा का रास्ता छोड़ेंगे, अपने हथियार डाल देंगे और समझौते के एक महीने के भीतर उनके सशस्त्र संगठन भंग कर दिए जाएंगे.
  • NDFB के 1,550 उग्रवादी 30 जनवरी को हथियार छोड़ देंगे, अगले तीन वर्षों में 1,500 करोड़ रुपये का आर्थिक कार्यक्रम लागू किया जाएगा जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों की 750 — 750 करोड़ रुपये की बराबर भागीदारी होगी.
  • केंद्र और राज्य सरकार NDFB (P), NDFB (RD) और NDFB (S) के लगभग 1,550 कैडरों का पुनर्वास करेंगी.
  • बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद् (BTC) के वर्तमान ढांचे को और शक्तियां देकर मजबूत किया जाएगा तथा इसकी सीटों की संख्या 40 से बढ़ाकर 60 की जाएगी.
  • बोडो बहुल गांवों को BTC में शामिल करने, गैर बोडो बहुल गांवों को इससे बाहर करने के लिए एक आयोग का गठन किया जाएगा.
  • असम सरकार बोडो भाषा को राज्य की एक सह-आधिकारिक भाषा के रूप में देवनागरी लिपि में अधिसूचित करेगी.
  • समझौते में कहा गया है कि पृथक राज्य के लिए हुए आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को राज्य सरकार पांच-पांच लाख रुपये देगी और NDFB के सदस्यों के खिलाफ गैर जघन्य आपराधिक मामलों को वापस लिया जाएगा.
  • जघन्य अपराधों की मौजूदा नियमों के अनुरूप मामले दर मामले के आधार पर समीक्षा की जाएगी.

तीसरा बोडो समझौता

यह पिछले 27 वर्षों में तीसरा बोडो समझौता है:

  1. पहला समझौता 1993 में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन के साथ हुआ था जिसका परिणाम सीमित राजनीतिक शक्तियों के साथ बोडोलैंड स्वायत्त परिषद के रूप में निकला.
  2. दूसरा समझौता 2003 में उग्रवादी समूह ‘बोडो लिबरेशन टाइगर्स’ के साथ हुआ था जिसका परिणाम असम के चार जिलों- कोकराझार, चिरांग, बक्सा और उदलगुड़ी को मिलाकर बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (BTC) के गठन के रूप में निकला. इन चारों जिलों को बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र जिला (BTAD) कहा जाता है.
  3. 27 जनवरी को हुए तीसरे समझौते के अनुसार BTAD का नाम बदलकर अब बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) होगा और इसके पास अधिक कार्यकारी, प्रशासनिक, विधायी तथा वित्तीय शक्तियां होंगी.

BTC का गठन संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत

BTC का इस समय शिक्षा, वन, बागवानी जैसे 30 से अधिक क्षेत्रों पर नियंत्रण है, लेकिन पुलिस, राजस्व और सामान्य प्रशासनिक विभागों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है और ये असम सरकार के नियंत्रण में हैं. BTC का गठन संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत किया गया था.

भारत का 71वां गणतंत्र दिवस, ब्राजील के राष्‍ट्रपति गणतंत्र दिवस परेड में मुख्‍य अतिथि

देश में 26 जनवरी 2020 को 71वां गणतंत्र दिवस मनाया गया. इस अवसर पर मुख्‍य समारोह राष्‍ट्रीय राजधानी में राजपथ पर आयोजित किया गया. यहां हर साल की तरह देश की संस्कृति को दिखाने वाली झाकियों के साथ भारतीय सेना ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया. राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविन्‍द ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली.

इस बार गणतंत्र दिवस समारोह का शुभारंभ राष्‍ट्रीय समर स्‍मारक पर हुआ. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने यहाँ देश की रक्षा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया गया और राष्‍ट्रीय गान गाया गया तथा 21 तोपों की सलामी दी गई.

ब्राजील के राष्‍ट्रपति गणतंत्र दिवस परेड में मुख्‍य अतिथि

71वें गणतंत्र दिवस 2020 परेड में मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्‍ट्रपति जाइर मैसियास बोल्सनारो थे. राष्ट्रपति बोल्सनारो का यह पहला भारत दौरा था. इससे पहले 1996 और 2004 में ब्राजील के राष्ट्रपति बतौर मुख्य अतिथि गणतंत्र दिवस में हिस्सा ले चुके हैं.

गणतंत्र दिवस समारोह में विदेशी अतिथि खासकर राष्‍ट्र प्रमुखों को इस भव्‍य आयोजन में मुख्‍य अतिथि के रूप में शामिल करने की परम्‍परा रही है. 1950 के पहले गणतंत्र दिवस में इंडोनेशिया के प्रथम राष्‍ट्रपति सुकर्णो मुख्‍य अतिथि थे. 1961 में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और 2015 में अमरीका के राष्‍ट्रपति बराक ओबामा मुख्‍य अतिथि के रूप में शामिल हुए. 2018 में दस आसियान देशों के राष्‍ट्र प्रमुख मुख्‍य अतिथि थे. 1995 में दक्षिण अफ्रीका के राष्‍ट्रपति नेल्‍सन मंडेला मुख्‍य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

2019 में (71वें गणतंत्र दिवस) महात्‍मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष पर दक्षिण अफ्रीका के राष्‍ट्रपति सिरील रामाफोसा ने मुख्‍य अतिथि के रूप में शोभा बढाई. फ्रांस और ब्रिटेन से गणमान्‍य व्‍यक्तिगण पांच-पांच बार मुख्‍य अतिथि हुए हैं.

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या राष्ट्रपति का संबोधन

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने राष्ट्र को संबोधित किया. अपने संबोधन में राष्ट्रपति कोविन्‍द ने कहा कि राष्‍ट्र निर्माण के प्रयासों में महात्‍मा गांधी के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं. राष्‍ट्रपति ने देश के विकास के लिए एक सशक्‍त आतंरिक सुरक्षा की आवश्यकता पर भी बल दिया.

श्री कोविन्‍द ने कहा कि प्रधानमंत्री जन अरोग्‍य योजना और आयुष्‍मान भारत अब विश्‍व में सबसे बड़ा स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल कार्यक्रम बन गया है और सरकार ने गरीबों के आरोग्‍य के लिए उन्‍हें बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं दी हैं.

जल संरक्षण और जल प्रबंधन की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए राष्‍ट्रपति ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि स्‍वच्‍छ भारत अभियान और जल जीवन मिशन लोकप्रिय जन आंदोलन बन जाएंगे.

71वां गणतंत्र दिवस: मुख्य बिंदु

  • पहली बार, CRPF की महिला बाइकर्स की एक टुकड़ी ने, साहसी स्टंट का प्रदर्शन किया.
  • परेड में सोलह राज्‍य और केन्‍द्र शासित प्रदेश के अलावा छह केन्‍द्रीय मंत्रालयों की झांकियां ने भाग लिया.
  • जम्मू और कश्मीर ने पहली बार केंद्र शासित प्रदेश के रूप में परेड में भाग लिया.
  • इस वर्ष की परेड का मुख्‍य आकर्षण, सुखोई और अत्‍याधुनिक हल्‍के हैलीकॉप्‍टरों के साथ हाल में शामिल किए गए चिनूक तथा अपाचे हैलीकॉप्‍टरों का फ्लाई पास्‍ट रहा.

पहली बार आजादी के बाद के सभी शहीद सैनिकों को याद करते हुए सलामी समारोह आयोजित किया गया

दिल्ली स्थित ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक’ पर पहली बार आजादी के बाद के सभी शहीद सैनिकों को याद करते हुए पारंपरिक सलामी समारोह आयोजित किया गया.

वर्ष 1972 से यह कार्यक्रम इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद सैनिकों की याद में मनाया जाता रहा है. लेकिन इस वर्ष यह कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक’ पर हुआ. इस स्मारक का निर्माण आजादी के बाद से शहीद हुए 26 हजार से ज्यादा शहीदों की याद में किया गया है. इस स्मारक को 25 फरवरी 2019 को राष्ट्र को समर्पित किया गया था.

गणतन्त्र दिवस क्या है?

गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है. यह दिवस 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के आधिकारिक रूप से लागू होने की याद में मनाया जाता है. इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था.

किसी देश को गणतंत्र तब माना जाता है जब उस देश के प्रमुख का निर्वाचन जनता द्वारा किया जाए. एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान-सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था.

आधुनिक गणराज्‍यों की स्‍थापना इस विचार के साथ की गई है जहां सम्‍प्रभुता लोगों में विद्यमान हो. गणतंत्र शब्‍द का प्रयोग नवजागरण काल के लेखकों ने उन राज्‍यों के लिए किया जहां राजतंत्र नहीं थे. प्राचीन समय में सबसे उल्‍लेखनीय गणराज्‍यों में से एक रोमन गणराज्‍य था. 2017 तक दुनिया के 159 देश अपने अधिकारिक नामों के रूप में गणतंत्र शब्‍द का प्रयोग करते हैं.

गणतन्त्र दिवस समारोह का इतिहास

पहला गणतंत्र दिवस समारोह 1950 में दिल्‍ली के इ‍रविन एम्‍पीथियेटर में मनाया गया था. जिसे वर्तमान में मेजर ध्‍यानचंद नेशनल स्‍टेडियम के रूप में जाना जाता है. बाद के वर्षों में यह समारोह परेड़ किंग्‍जवे, लाल किला और रामलीला मैदान में आयोजित की गई.

1955 में राजपथ परेड़ के लिए स्‍थायी स्‍थल बन गया. उस समय राजपथ को किंग्‍जवे नाम से जाना जाता था. 1955 में जब राजपथ पर परेड़ हुई तब पाकिस्‍तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्‍मद को मुख्‍य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था.

बीटिंग रीट्रिट के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन

हर साल 29 जनवरी को विजय चौक पर होने वाले समारोह ‘बीटिंग रीट्रिट’ के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होता है. यह 1950 के दशक की शुरूआत में उस समय शुरू हुआ जब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स ने बैंड द्वारा प्रदर्शन का अनूठा तरीका विकसित किया था.

चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी के संकट से निपटने के लिए एक रिपोर्ट संसद को सौंपी गयी

चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी के संकट से निपटने के लिए बनी संसदीय समिति ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को सौंपी. राज्य सभा सदस्य और कांग्रेस नेता जयराम रमेश इस समिति के अध्यक्ष हैं.

इस रिपोर्ट में समिति ने सिफारिश की है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी के संकट से निपटने के लिए भी प्रधानमंत्री को ‘वैश्विक राजनीतिक गठजोड़’ बनाने की पहल करना चाहिए. रिपोर्ट में प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की गई है कि वो ‘चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी’ के विरुद्ध ‘अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस’ (ISA) की तर्ज़ पर देशों को एकजुट करें.

इंटरनेट के ज़रिए अश्लीलता ख़ासकर, सोशल मीडिया पर ‘चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी’ के व्यापक प्रसार की समस्या से निपटने के लिए इस समिति ने सुझाव भी दिया है कि प्रधानमंत्री इस दिशा में जी-20 या संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में कारगर पहल कर सकते हैं.

जयराम रमेश की अगुवाई में 14 सदस्यीय समिति का गठन

पिछले वर्ष 2019 में चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी का मुद्दा राज्य सभा जोर-शोर से उठा था, जिसके बाद सभापति ने इस समस्या से निपटने के उपाय सुझाने के लिए जयराम रमेश की अगुवाई में 14 सदस्यीय समिति का गठन कर एक महीने में रिपोर्ट देने को कहा था.

समिति ने इस दौरान तीन बैठक की और विस्तार से चर्चा के बाद 40 सुझावों वाली इस रिपोर्ट में सिफ़ारिश की है कि सरकार को यौन अपराधों से बच्चों को बचाने वाले पोक्सो क़ानून, सूचना प्रौद्योगिकी क़ानून और भारतीय दंड संहिता में उचित बदलाव करने की तत्काल पहल करना चाहिए. साथ ही राज्य सरकारों को भी सिफ़ारिश की है कि वे राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सक्षम बनाएं.

उच्‍चतम न्‍यायालय ने संसद से लोकसभा और विधानसभा अध्यक्षों के अधिकारों की समीक्षा करने को कहा

उच्‍चतम न्‍यायालय ने संसद से सदस्यों को अयोग्य ठहराने के लोकसभा और विधानसभा अध्यक्षों के अधिकारों की समीक्षा करने को कहा है. न्यायालय ने 21 जनवरी को ऐतिहासिक व्‍यवस्‍था देते हुए कहा कि संसद को फिर से सोचना होगा कि क्‍या किसी सदस्‍य को अयोग्‍य ठहराने की याचिकाओं पर फैसले का अधिकार लोकसभा या विधानसभा अध्‍यक्ष को अर्द्धन्‍यायिक प्राधिकारी के रूप में दिया जाना चाहिए.

संसदीय ट्रिब्‍यूनल के लिए संविधान संशोधन पर विचार

न्‍यायालय ने कहा कि सदन का अध्‍यक्ष प्रत्‍यक्ष या परोक्ष रूप से किसी पार्टी विशेष से जुड़ा होता है. किसी सदस्‍य को अयोग्‍य ठहराने का अधिकार लोकसभा या विधानसभा अध्‍यक्ष की बजाए संसदीय ट्रिब्‍यूनल को देने के लिए संविधान संशोधन पर संसद को गम्‍भीरता से विचार करना चाहिए.
न्‍यायालय कांग्रेस नेता केशम मेघचन्‍द्र सिंह द्वारा मणिपुर उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया.

भारत और नेपाल के प्रधानमंत्री ने जोगबनी-बिराटनगर एकीकृत चौकी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ 21 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जोगबनी-बिराटनगर एकीकृत चौकी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. जोगबनी-विराटनगर में दूसरी एकीकृत चौकी व्यापार और लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए भारतीय सहायता से बनाई गई है. इस जांच चौकी का निर्माण 260 एकड़ भूमि पर 140 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है.

जोगबनी-बिराटनगर एकीकृत जांच चौकी, बिराटनगर आवर्जन, निर्यात-आयात और माल चढ़ाने तथा उतारने की सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है. इस चौकी के माध्यम से प्रतिदिन पांच सौ ट्रक की आवाजाही हो सकती है.

भारत और नेपाल 1850 किलोमीटर लंबी सीमा एक दूसरे के साथ साझा करते हैं. भारत, परम्‍परागत रूप से नेपाल का सबसे बड़ा व्‍यापारिक साझेदार है और जोगबनी बिराटनगर दोनों देशों के बीच महत्‍वपूर्ण व्‍यापार बिन्‍दुओं में से एक है. इससे न केवल नेपाल में लोगों के आवागमन में मदद मिलेगी बल्कि इससे व्‍यापार करना भी सुगम होगा.

उद्घाटन के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत, नेपाल के सर्वांगीण विकास में एक विश्वसनीय भागीदार की भूमिका निभा रहा है. श्री मोदी ने कहा कि ‘पड़ोसी पहले’ उनकी सरकार की मुख्य नीति है और सीमा पार सम्‍पर्क में सुधार करना इसका एक महत्वपूर्ण पहलू है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सभी मित्र देशों के साथ बेहतर परिवहन सुविधा विकसित करने और व्यापार, संस्कृति तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.

नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने अपने सम्‍बोधन में भारत के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों में स्थिर और बहुमत वाली सरकार का होना एक महत्वपूर्ण स्थिति है और उनकी सरकार भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.

ब्राजील के राष्‍ट्रपति 71वीं गणतंत्र दिवस परेड़ के मुख्‍य अतिथि हैं

ब्राजील के राष्‍ट्रपति ज़ायर मेसियास बोल्‍सोनारो 24 से 27 जनवरी तक भारत यात्रा पर रहेंगे. श्री बोल्‍सोनारो 71वीं गणतंत्र दिवस परेड़ के मुख्‍य अतिथि हैं. उनके साथ सात मंत्रियों का एक शिष्‍टमण्‍डल भी आ रहा है. राष्ट्रपति बोल्सनारो का यह पहला भारत दौरा है. इससे पहले 1996 और 2004 में ब्राजील के राष्ट्रपति बतौर मुख्य अतिथि गणतंत्र दिवस में हिस्सा ले चुके हैं. राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, राष्‍ट्रपति बोल्‍सोनारो के सम्‍मान में 25 जनवरी को रात्रिभोज देंगे. श्री बोल्‍सोनारो प्रधानमंत्री, उपराष्‍ट्रपति और विदेशमंत्री से भी मिलेंगे.

26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था. भारतीय संविधान की प्रस्‍तावना भारत को एक सम्‍प्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्‍य घोषित करती है. किसी देश को गणतंत्र तब माना जाता है जब उस देश के प्रमुख का निर्वाचन जनता द्वारा किया जाए.

आधुनिक गणराज्‍यों की स्‍थापना इस विचार के साथ की गई है जहां सम्‍प्रभुता लोगों में विद्यमान हो. गणतंत्र शब्‍द का प्रयोग नवजागरण काल के लेखकों ने उन राज्‍यों के लिए किया जहां राजतंत्र नहीं थे. प्राचीन समय में सबसे उल्‍लेखनीय गणराज्‍यों में से एक रोमन गणराज्‍य था. 2017 तक दुनिया के 159 देश अपने अधिकारिक नामों के रूप में गणतंत्र शब्‍द का प्रयोग करते हैं.

ब्रह्मोस मिसाइल से लैस ‘सुखोई-30 MKI’ का पहला स्‍क्‍वार्डन वायुसेना में शामिल किया गया

भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस मिसाइल से लैस ‘सुखोई-30 MKI’ का पहला स्‍क्‍वार्डन अपने बेड़े में शामिल कर लिया है. प्रमुख रक्षा अध्‍यक्ष (CDS) जनरल बिपिन रावत और वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार भदौरिया की मौजूदगी में 20 जनवरी को इस स्‍क्‍वार्डन को भारतीय वायु सेना का हिस्‍सा बनाया गया. सुखोई-30 MKI, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस से लैस होकर हथियार सक्षमता की दृष्टि से और अधिक प्रभावी बन जाता है.

इसे तमिलनाडु के तंजावुर बेस में तैनात किया गया है. टाइगरशार्क कहा जाने वाला 222-स्‍क्‍वार्डन हिन्‍द महासागर में सुरक्षा में महत्‍वपूर्ण योगदान कर सकता है. दक्षिण प्रायद्वीप में स्थित तंजावुर की सामरिक स्थिति, टाइगरशार्क को हिन्‍द महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नौसेना की गतिविधियों के साथ ही थल सेना को भी ताकतवर आधार प्रदान करेगी.

जगत प्रकाश नड्डा को भारतीय जनता पार्टी के अध्‍यक्ष चुने गये

जगत प्रकाश नड्डा को सर्वानुमति से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अध्‍यक्ष चुना गया है. वह 2022 तक इस पद पर रहेंगे. जेपी नड्डा बीजेपी के 11वें अध्यक्ष बने हैं. अभी तक नड्डा कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे.

इस पद के लिए 10 जनवरी को नई दिल्‍ली में पार्टी मुख्‍यालय में नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सम्‍पन्‍न हुई थी. BJP संगठन चुनाव प्रभारी राधामोहन सिंह ने नड्डा के चुने जाने की घोषणा की. केन्‍द्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्‍यों के मुख्‍य मंत्रियों द्वारा श्री नड्डा की उम्‍मीदवारी के समर्थन में नामंकन पत्र दाखिल किए थे.

भारत ने सबमरीन फोर्स के लिए परमाणु ताकत से लैस मिसाइल K-4 का सफल परीक्षण किया

भारत ने 19 जनवरी को परमाणु ताकत से लैस बलिस्टिक मिसाइल K-4 का सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण आंध्र प्रदेश में विशाखापत्‍तनम के तट से किया गया. यह मिसाइल पनड़ुब्‍बी से छोडी जा सकती है. इस परीक्षण को समुद्र में पानी के अन्दर पनडुब्बी (सबमरीन) पर बने प्लेटफॉर्म से किया गया. इसकी मारक क्षमता चीन की बैलि‍स्टिक मिसाइल से ज्‍यादा सटीक है. अभी केवल अमरीका, रूस और चीन के पास ही ऐसी मिसाइल है.

बलिस्टिक मिसाइल K-4: एक दृष्टि

  • परमाणु ताकत से लैस इस मिसाइल को DRDO (Defence Research and Development Organisation) ने विकसित किया है.
  • बलिस्टिक मिसाइल K-4 की मारक क्षमता 3,500 किलोमीटर है. इसे अरिहंत क्लास न्यूक्लियर सबमरीन पर तैनात किया जाना है.
  • फिलहाल भारतीय नौसेना के पास ‘INS अरिहंत’ ही ऐसा इकलौता पोत (सबमरीन) है, जो परमाणु क्षमता से लैस है.
  • ‘K-4’ भारत द्वारा अपने सबमरीन फोर्स के लिए विकसित की जा रहीं 2 अंडरवॉटर मिसाइलों में से एक है. दूसरी ऐसी मिसाइल ‘BO-5’ है, जिसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर से ज्यादा है.

ISRO के संचार उपग्रह जीसैट-30 का फ्रेंच गुयाना से सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के संचार उपग्रह जीसैट-30 का 17 जनवरी को सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया. यह प्रक्षेपण फ्रेंच गुयाना के कोउरू लांच बेस से ‘एरियन-5’ रॉकेट (अन्तरिक्ष-यान) के माध्यम से किया गया. फ्रेंच गुयाना दक्षिण अमेरिका के उत्तर पूर्वी तट पर फ्रांस के क्षेत्र में स्थित है.

जियोसिनक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में प्रक्षेपित किया गया
प्रक्षेपण में उपग्रह जीसैट-30 को जियोसिनक्रोनस (भूतुल्यकालिक) ट्रांसफर ऑर्बिट में प्रक्षेपित किया गया. आने वाले दिनों में धीरे-धीरे करके चरणबद्ध तरीके से उसे जियोस्टेशनरी (भूस्थिर) कक्षा में भेजा जाएगा. जियोस्टेशनरी कक्षा की ऊंचाई भूमध्य रेखा से करीब 36,000 किलोमीटर होती है. जीसैट-11 को जियोस्टेशनरी कक्षा में 74 डिग्री पूर्वी देशांतर पर रखा जाएगा.

उपग्रह जीसैट-30: एक दृष्टि

  • जीसैट-30 टेलीविजन, दूरसंचार और प्रसारण के लिए गुणवत्‍तापूर्ण सेवाएं उपलब्‍ध कराएगा.
  • 30 वर्ष की मिशन अवधि वाला यह उपग्रह डीटीएच, टेलीविजन अपलिंक और वीसैट सेवाओं के लिए क्रियाशील संचार उपग्रह है.
  • तीन हजार 357 किलोग्राम के इस उपग्रह में 12-सी और 12-केयू बैंड के ट्रांसपोंडर लगे हैं.
  • यह उपग्रह केयू बैंड में भारतीय मुख्य भूमि और द्वीपों को, सी बैंड में खाड़ी देशों, बड़ी संख्या में एशियाई देशों और आस्ट्रेलिया को कवरेज प्रदान करेंगा.
  • यह अपेक्षाकृत अधिक कवरेज के साथ इनसैट-4A का स्‍थान लेगा, जिसकी अवधि समाप्‍त हो रही है.
  • भारत के अलावा ऑस्‍ट्रेलिया, खाड़ी देश, और बड़ी संख्‍या में अन्‍य एशियाई देश भी इसके दायरे में आयेंगे.
  • जीसैट-30 का पेलोड विशेष रूप से इस तरह डिजाइन किया गया है कि ट्रांसपोंडरों की संख्‍या अधिक से अधिक बढ़ाई जा सके.

‘k-9 वज्र’ होवित्‍जर तोप राष्‍ट्र को समर्पित की गयी, दक्षिण कोरिया के सहयोग से निर्मित

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 16 जनवरी को गुजरात के हजीरा में ‘k-9 वज्र’ नाम की होवित्‍जर तोप राष्‍ट्र को समर्पित की. इस तोप का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ के तहत ‘लारसन एंड टूब्रो’ कम्‍पनी द्वारा किया गया है. यह तोप भविष्‍य के युद्ध की आवश्‍यकताओं को ध्‍यान में रखकर बनाई गई है.

k-9 वज्र होवित्‍जर तोप: एक दृष्टि

  • k-9 वज्र तोप का वजन 50 टन है और यह 47 किलोग्राम के गोले से 43 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है. यह शून्य त्रिज्या पर घूम सकती है.
  • भारतीय सेना को के-9 वज्र-टी 155मिमी/52 कैलीबर तोपों की आपूर्ति के लिए 2017 में दक्षिण कोरिया के ‘हान्वा टेकविन’ ने भारतीय साझीदार ‘लारसन एंड टूब्रो’ के साथ समझौता से किया था.