ISRO ने बहुपयोगी साउंडिंग रॉकेट RH-200 का 200वां सफल प्रक्षेपण किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 25 नवंबर को अपने बहुपयोगी साउंडिंग रॉकेट RH-200 का 200वां सफल प्रक्षेपण किया था. यह प्रक्षेपण तिरूवनंतपुरम के थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन (TERLS) से किया गया था.

RH200 क्या है?

  • RH200, दो चरणों वाला बहुउद्देश्यीय साउंडिंग रॉकेट है जो वैज्ञानिक पेलोड को अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम है.
  • यह 70 किमी की ऊंचाई तक जाने में सक्षम है. 3.5 मीटर लंबा यह रॉकेट रोहिणी रॉकेट परिवार का है. इसका उपयोग इसरो द्वारा वायुमंडलीय अध्ययन के लिए किया जाता है.
  • साउंडिंग रॉकेट, उपकरण ले जाने वाला रॉकेट है जो अपनी उड़ान के दौरान माप लेने और वैज्ञानिक प्रयोग करने में सक्षम है.
  • इसका उपयोग पृथ्वी की सतह से 48 से 145 किमी की ऊँचाई पर उपकरणों को लॉन्च करने के लिए किया जाता है. इस रॉकेट का पहला और दूसरा चरण ठोस मोटरों द्वारा संचालित होता है.
  • भारत में लॉन्च किया जाने वाला पहला साउंडिंग रॉकेट अमेरिकी नाइकी-अपाचे (Nike-Apache) था. यह ऐतिहासिक लांच 21 नवंबर, 1963 को हुआ था.
  • रोहिणी RH-75 – पहला स्वदेशी रूप से विकसित साउंडिंग रॉकेट – 1967 में इसरो द्वारा लॉन्च किया गया था. तब से, इन रॉकेटों को TERLS और सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा दोनों से लॉन्च किया गया है.
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अहोम सेनापति लचित बारफुकन की 400वीं जयंती मनाई गई

असम के प्रसिद्ध युद्ध नायक अहोम सेनापति लचित बारफुकन की 400वीं जयंती हाल ही में मनाई गई थी. इस अवसर पर 23 से 25 नवंबर तक एक समारोह नई दिल्ली आयोजित किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समापन समारोह में भाग लिए थे.

लचित बारफुकन ने सरायघाट के प्रसिद्ध युद्ध में मुगलों को पराजित किया था. देश की राजधानी में 400वीं जयंती समारोह आयोजित करने का प्रधान उद्देश्‍य लचित बारफुकन के शौर्य और युद्ध कौशल के बारे में देश की जनता को बताना था.

लचित बारफुकन कौन थे?

  • लचित बारफुकन, अहोम सेना के प्रसिद्ध सेनापति थे, जिन्होंने मुगलों को पराजित किया और औरंगजेब की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को रोक दिया था.
  • लाचित बरफुकन मोमाई तमुली बोरबरुआ के सातवें और सबसे छोटे बेटे थे. उनके पिता अहोम साम्राज्य के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य न्यायाधीश थे.

अहोम साम्राज्य

  • अहोम साम्राज्य की स्थापना 1228 में स्वर्गदेव सुकफा ने की थी. मुग़ल-अहोम संघर्ष पहली बार 1615 में शुरू हुआ था.
  • लाचित बरफुकन के सेनाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के समय तक मुग़लों ने गुवाहाटी पर क़ब्ज़ा कर लिया था. उसके बाद अहोम सगारू ने गुवाहाटी को फिर से हासिल करने का संकल्प लिया और उसके बाद लाचित बरफुकन ने अपनी सेना खड़ी की.
  • उनकी सेना ने गुवाहाटी पर फिर से क़ब्ज़ा किया और उसके बाद औरंगज़ेब ने राम सिंह को गुवाहाटी फिर से हासिल करने के लिए तैनात कर दिया.
  • 1671 में प्रसिद्ध सरायघाट का युद्ध लड़ा गया. बीमारी के बावजूद लाचित ने अपनी सेना को ब्रह्मपुत्र नदी पर मुग़लों को हराने के लिए प्रेरित किया था.
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लीथ सॉफ्ट शेल कछुए का संरक्षण: पनामा संधि देशों ने भारत का प्रस्ताव स्वीकार किया

भारत ने लुप्त प्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंधी संधि के अंतर्गत लीथ सॉफ्ट शेल कछुए के सरंक्षण के लिए ठोस कदम उठाये हैं. कछुए की इस प्रजाति को संधि के परिशिष्ट-2 से परिशिष्ट-1 (गंभीर रूप से लुप्तप्राय) में स्थानांतरित करने का भारत का प्रस्ताव पनामा संधि में शामिल देशों ने स्वीकार कर लिया है. इससे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस प्रजाति के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पाबंदी लगेगी.

मुख्य बिन्दु

  • लीथ का सोफ्ट शेल कछुआ ताजे पानी का नरम खोल वाला एक बड़ा कछुआ है. यह कछुआ प्रायद्वीपीय भारत के लिए स्थानिक है और यह नदियों और जलाशयों में रहता है.
  • पिछले 30 वर्षों में कछुए की प्रजातियो का बहुत अधिक शोषण हुआ है. अवैध रूप से इसका शिकार किया गया और इसका उपभोग किया गया. मांस के लिए विदेशों में इसका अवैध रूप से कारोबार भी किया गया है.
  • पिछले 30 वर्षों में इस कछुए की प्रजाति की आबादी में 90 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है. अब इस प्रजाति का पता लगाना मुश्किल है.
  • प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ द्वारा इसे ‘गंभीर रूप से लुप्तप्राय’ कछुए की प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है.
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देश का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम-एस से तीन उपग्रहों का प्रक्षेपण

भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट विक्रम-एस (Rocket Vikram-S)  ने 19 नवंबर को सफलता के साथ उड़ान भरी और तीन उपग्रहों (सैटलाइट्स) को उनकी कक्षा में स्थापित किया. यह प्रक्षेपण श्री हरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से किया गया.

इसके साथ ही देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में निजी क्षेत्र के प्रवेश का प्रारंभ हुआ. यही कारण है, इस मिशन का नाम ‘प्रारंभ’ रखा गया है.

रॉकेट ‘विक्रम एस’: मुख्य बिन्दु

  • इसरो के संस्थापक डॉ. विक्रम साराभाई की याद में पहले प्राइवेट रॉकेट का नाम ‘विक्रम एस’ दिया गया है. इसे हैदराबाद के स्टार्टअप ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ ने बनाया है.
  • 550 किलोग्राम वजनी यह रॉकेट कार्बन फाइबर से बना है. इसमें 3-D प्रिंटेड इंजन लगे हैं. यह रॉकेट 83 किलो के पेलोड (सैटलाइट) को 100 किमी. ऊंचाई तक ले जाने में सक्षम है. यह आवाज की 5 गुना अधिकतम रफ्तार से उड़ान भर सकता है.
  • रॉकेट ‘विक्रम एस’ के पहले उड़ान से तीन सैटलाइट्स भेजे गए. इनमें दो भारतीय और एक विदेशी कंपनी का था. भारतीय सैटलाइट – चेन्नै बेस्ड स्टार्टअप ‘स्पेसकिड्ज़’ और आंध्र के एन-स्पेसटेक के थे. स्पेसकिड्ज़ के ‘फन-सैट’ को भारत, अमेरिका, सिंगापुर और इंडोनेशिया के स्टूडेंट्स ने तैयार किया है. वहीं, विदेशी सैटलाइट अर्मेनियन बाजूम-Q स्पेस रिसर्च लैब से जुड़ा था.
  • आम रॉकेट ईंधन के बजाय इसमें LNG (लिक्विड नेचरल गैस) और LoX (लिक्विड ऑक्सीजन) की मदद ली गई है, जो किफायती और प्रदूषण मुक्त होता है.
  • यह लॉन्च सब-ऑर्बिटल था यानी रॉकेट आउटर स्पेस में नहीं गया और काम पूरा कर समंदर में गिर गया.
  • भारत इस लॉन्च के बाद अमेरिका, रूस, ईयू, जापान, चीन और फ्रांस जैसे देशों के क्लब में शामिल हो गया, जहां प्राइवेट रॉकेट छोड़े जा रहे हैं.
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तीसरा पैन-इंडिया तटीय रक्षा अभ्यास ‘सी-विजिल’ आयोजित किया गया

तीसरा पैन-इंडिया तटीय रक्षा अभ्‍यास सी-विजिल (Exercise Sea Vigil-22) 15-16 नवंबर को आयोजित किया गया था. यह अभ्‍यास समूचे 7516 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र और देश के समग्र विशेष आर्थिक क्षेत्र में किया गया था.

26/11 के आतंकी हमले के बाद देश की तटीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए 2018 में इस अभ्यास की कल्पना की गई थी.

इस अभ्‍यास का आयोजन नौसेना, तटरक्षक बल और समुद्री कार्यों में लगे मंत्रालयों के सहयोग से किया गया था.

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सरकार ने अपशिष्ट से ऊर्जा कार्यक्रम के लिये दिशा-निर्देश जारी किये

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने अपशिष्ट से ऊर्जा कार्यक्रम के लिये दिशा-निर्देश जारी किये. यह कार्यक्रम अम्ब्रेला योजना, राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम का हिस्सा है. भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (IREDA) इस कार्यक्रम के लिये कार्यान्वयन एजेंसी होगी.

मुख्य बिन्दु

  • नए दिशा-निर्देश से कंपनियों के लिये शहरी, औद्योगिक और कृषि अपशिष्ट तथा अवशेषों से बायोगैस, बायोसीएनजी व बिजली का उत्पादन करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है. सरकार अपशिष्ट से ऊर्जा परियोजना विकसित करने वालों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी.
  • बायोगैस एक जैव रासायनिक प्रक्रिया के माध्यम से उत्पन्न होती है, जिसमें कुछ प्रकार के बैक्टीरिया जैविक कचरे को उपयोगी बायोगैस में परिवर्तित करते हैं. मीथेन गैस बायोगैस का मुख्य घटक है. बायोगैस हमारे शहरों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद कर सकता है.
  • बायोसीएनजी, बायोगैस को शुद्ध करके प्राप्त किया जाने वाला नवीकरणीय ईंधन है. बायोगैस का उत्पादन तब होता है जब सूक्ष्मजीव कार्बनिक पदार्थ जैसे- भोजन, फसल अवशेष, अपशिष्ट जल आदि को अपघटित करते हैं.
  • नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम को 2025-26 तक जारी रखने की बात कही है. इसके लिये पहले चरण में 858 करोड़ रुपये का बजटीय खर्च निर्धारित किया गया है.
  • MNRE 1980 के दशक से जैव ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है. इसका उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन के लिये बड़े पैमाने पर उपलब्ध कृषि अवशेष, गोबर और औद्योगिक तथा शहरी जैव कचरे का उपयोग करना है.
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भारत की अध्यक्षता में जी-20 समूह का प्रतीक चिह्न का अनावरण किया

भारत की अध्यक्षता में होने वाले जी-20 समूह का प्रतीक चिह्न (लोगो), विषय और वेबसाइट का अनावरण कर दिया गया है. इसका अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को किया था. इस लोगो में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के जीवंत रंगों- केसरिया, सफेद, हरे और नीले रंग से प्रेरित है. भारत 1 दिसम्बर 2022 को जी-20 की अध्यक्षता संभालेगा.

मुख्य बिन्दु

  • प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जी-20 का प्रतीक चिन्ह आशा का प्रतीक है. भारत ने वन सन, वन वर्ल्‍ड, वन ग्रीड के मंत्र के साथ विश्व में रिन्‍यूवेबल एर्न्‍जीं रेवोल्‍यूशन का आह्वान किया है. भारत ने वन अर्थ, वन हेल्‍थ के मंत्र के साथ ग्‍लोबल हेल्‍थ को मजबूत करने का अभियान चलाया.
  • अब जी-20 में भी हमारा मंत्र है- वन अर्थ, वन फेमली, वन फ्यूचर, भारत के यहीं विचार, यहीं संस्कार, विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जी-20 समूह की अध्यक्षता भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर दबाव बनाने के वैश्विक एजेंडे में योगदान करने का अनूठा अवसर है.
  • जी-20 सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में करीब 85 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार में 75 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं. सदस्य देशों की आबादी विश्व की करीब दो तिहाई है.
  • भारत की अध्यक्षता के दौरान देशभर में 32 अलग-अलग विषयों पर करीब 200 बैठकों का आयोजन किया जाएगा.
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भारत ने BMD इंटरसेप्टर AD-1 मिसाइल के दूसरे चरण का सफल परीक्षण किया

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 2 नवंबर को बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) इंटरसैप्टर AD-1 के दूसरे चरण का सफल परीक्षण किया था। यह परीक्षण ओडिसा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था.

यह लंबी दूरी की इंटरसेप्‍टर मिसाइल है. यह दो चरण वाले ठोस ईंधन से संचालित होती है और देश में ही विकसित उन्नत नियंत्रण प्रणाली से युक्त है.

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गुजरात में देश के सबसे बड़े भूल-भुलैया पार्क का उद्घाटन हुआ

गुजरात के एकता नगर (केवड़ि‍या) में देश का सबसे बड़ा भूल-भुलैया पार्क (मेज गार्डन) बनाया गया है. इस पार्क का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था.

मुख्य बिन्दु

  • यह भूल-भुलैया पार्क, दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति (सरदार पटेल की) ‘स्टैच्यू आफ यूनिटी’ (Statue of Unity) के पास ही बनाई गई है.
  • तीन एकड़ में श्रीयंत्र के आकार में बनाया गया यह बगीचा, लगभग 1.8 लाख पौधे लगाए गए हैं. इस भूल-भुलैया से स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी मूर्ति भी देखी जा सकती है.
  • इस भूल भुलैया पार्क को इस तरह से तैयार किया गया है कि यहां आए पर्यटकों के लिए घूमना काफी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसमें पजल गेम की तरह रास्तों को बनाया गया है.
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उत्तर प्रदेश में तराई हाथी अभ्यारण्य की स्थापना को मंजूरी

उत्तर प्रदेश में तराई हाथी अभ्यारण्य (TER) की स्थापना को मंजूरी दी गई है. केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय ने यह मंजूरी 23 अक्तूबर, 2022 को दी थी. TER को दुधवा टाइगर रिज़र्व और लखीमपुर एवं पीलीभीत ज़िलों में स्थित पीलीभीत टाइगर रिज़र्व सहित 3,049 वर्ग किमी. क्षेत्र में विकसित किया जाएगा.

तराई हाथी अभ्यारण्य (TER): मुख्य बिंदु

  • TER के लिये केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय से मंज़ूरी मिलने के बाद अब राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की जाएगी.
  • उत्तर प्रदेश में TER के अस्तित्व में आने के साथ, दुधवा टाइगर रिज़र्व उत्तर प्रदेश में अकेला राष्ट्रीय उद्यान होगा जो चार प्रतिष्ठित जंगली जानवरों की प्रजातियों – बाघ, एक सींग वाला गैंडा, एशियाई हाथी और दलदली हिरण की रक्षा और संरक्षण करेगा.
  • TER की स्थापना वन्यजीव संरक्षण के मामले में एक मील का पत्थर होगी, विशेष रूप से एशियाई हाथियों के लिये, क्योंकि यह भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है, जहाँ हाथियों की सीमा-पार आवाजाही एक नियमित दिनचर्या है.
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भारत ने नई पीढ़ी की बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-P का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

भारत ने 21 अक्तूबर को नई पीढ़ी की बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-P (Agni-P Missile) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था. यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडि़सा के बालासौर के निकट डॉ एपीजे अब्‍दुल कलाम द्वीप से किया था. यह अग्नि प्राइम मिसाइल का तीसरा परीक्षण था. इसका पहला परीक्षण जून 2021 में किया गया था.

अग्नि-P मिसाइल: एक दृष्टि

  • अग्नि-P (अग्नि प्राइम) एक बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 1000 किमी से 2000 किलोमीटर है. यह सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है, जो लगभग 1000 किलोग्राम का पेलोड या परमाणु शस्त्र ले जा सकती है.
  • यह मिसाइल दो स्टेज और सॉलिड फ्यूल पर आधारित है जिस कारण यह सड़क और मोबाइल लॉन्चर दोनों से फायर किया जा सकता है.
  • भारत ने पहली बार साल 1989 में मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि 1 का परीक्षण किया था. अब अग्नि-P मिसाइल अग्नि 1 की जगह लेगा. अब तक अग्नि सीरीज की पांच मिसाइलों का सफलतापूर्वक विकास और परीक्षण किया जा चुका है.
  • अत्याधुनिक अग्नि प्राइम मिसाइल को 4000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि 4 (Agni-4) और 5000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि 5 मिसाइल (Agni-5 Missile) में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीकों को मिलाकर बनाया गया है.
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संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने भारत की यात्रा संपन्न की

संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस 18 से 20 अक्तूबर तक भारत यात्रा पर थे. श्री गुतेरस की यह दूसरी भारत यात्रा थी. इससे पहले वे अक्तूबर 2018 में भारत की यात्रा पर आए थे.

मुख्य बिन्दु

  • इस यात्रा के दौरान वे मुम्‍बई के होटल ताज पैलेस में 26/11 के आतंकी हमले के मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित किए.
  • श्री गुतेरस गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ मिशन लाइफ पुस्तिका, लोगो और टैगलाइन का शुभारम्‍भ किया.
  • विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतेरस के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया था. इस वार्ता में वैश्विक मुद्दों, जी-20 देशों के सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता, संयुक्त राष्ट्र के साथ भारत के सहयोग विषय पर विचार किए गए.
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव, भारत के पहले सौर ऊर्जा गांव मोढेरा का दौरा किया. वे मोढेरा के सूर्य मंदिर भी गए.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडि़या में श्री गुतरस की उपस्थिति में पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली ‘मिशन लाइफ’ की पुस्तिका, लोगो और टैगलाईन का शुभारंभ किया.
  • ‘मिशन लाइफ’ पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण की दिशा में भारत के नेतृत्व शुरू किया गया जनांदोलन है.
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