दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव केन्‍द्रशासित प्रदेशों के विलय विधेयक को मंजूरी

संसद के दोनों सदनों ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव केन्‍द्रशासित प्रदेशों का विलय विधेयक -2019 पारित कर दिया. राज्‍यसभा ने इस विधेयक को 3 दिसम्बर को पारित किया जबकि लोकसभा इसे पहले ही पास कर चुकी है.

केन्‍द्रशासित प्रदेशों के विलय से लोगों को बेहतर सेवाएं प्राप्‍त होंगी तथा प्रशासनिक खर्च में भी कमी आएगी. साथ ही योजनाओं और कार्यक्रमों में भी एकरूपता होगी. इस विलय से भाषायी नीति में कोई परिवर्तन नहीं होगा.

लद्दाख में वाहनों के पंजीयन के लिये एक नया पंजीयन टैग ‘LA’ जारी किया गया

केंद्र सरकार ने लद्दाख में वाहनों के पंजीयन के लिये नया पंजीयन टैग ‘LA’ जारी किया गया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने ‘मोटर वाहन अधिनियम 1988’ में संशोधन किया है. इस संशोधन में ‘मोटर वाहन अधिनियम 1988’ के क्रम संख्या 17 में एक उपखंड 17-A को शामिल किया गया है. 17-A के तहत लद्दाख ‘LA’ को जोड़ा गया है.

सरकार ने पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया था तथा जम्मू कश्मीर और लद्दाख नाम से दो नये केंद्रशासित प्रदेश का गठन किया है. लद्दाख में कारगिल और लेह दो जिले हैं तथा यह अब दूसरा सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश है.

1 दिसम्बर 2019: नगालैंड ने अपना 57वां स्‍थापना दिवस मनाया

प्रत्येक वर्ष 1 दिसम्बर को नगालैंड अपना स्‍थापना दिवस (Nagaland Foundation Day) मनाता है. इस वर्ष यानी 2019 में इस राज्य ने 57वां स्‍थापना दिवस मनाया. 1963 में इसी दिन नगालैंड देश का 16वां राज्‍य बना था. भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन ने नगालैंड को भारत संघ के 16वें राज्य के रूप में उद्घाटन किया था.

नागालेंड राज्य: मुख्य तथ्य

  • भारत की आजादी के दौरान नागालेंड असम के अंतर्गत था. 1957 में यह क्षेत्र केंद्रशासित प्रदेश बन गया और असम के राज्‍यपाल द्वारा इसका प्रशासन देखा जाने लगा. उस समय यह ‘नगा हिल्‍स तुएनसांग’ क्षेत्र कहलाता था. 1961 में इसका नाम बदलकर ‘नगालैंड’ रखा गया.
  • नगालैंड भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य है जिसकी राजधानी कोहिमा है. यहां आदिवासी संस्कृति अहम है जिसमें स्थानीय त्योहार और लोक गायन काफी महत्वपूर्ण हैं. 2012 की जनगणना के मुताबिक यहां की आबादी 22.8 लाख है. नेफ्यू रियो नगालैंड के वर्तमान मुख्यमंत्री का नाम है.
  • नगालैंड के पूर्व में म्यांमार, उत्‍तर में अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम में असम और दक्षिण में मणिपुर है. इसे ‘पूरब का स्विजरलैंड’ भी कहा जाता है. नागालैंड राज्‍य का क्षेत्रफल 16,579 वर्ग किमी है.
  • असम घाटी की सीमा से लगे क्षेत्र के अलावा इस राज्‍य का अधिकांश क्षेत्र पहाड़ी है. इसकी सबसे ऊंची पहाड़ी का नाम सरमती है जिसकी ऊंचाई 3,840 मीटर है. यह पर्वत शृंखला नागालैंड और म्‍यांमार के मध्य स्थित है.

नाना पटोले सर्वसम्‍मति से महाराष्‍ट्र विधानसभा अध्‍यक्ष चुने गये

कांग्रेस विधायक नाना पटोले महाराष्‍ट्र विधानसभा अध्‍यक्ष चुने गये हैं. इस पद के चुनाव के लिए भाजपा उम्‍मीदवार किशन कथोरे के 1 दिसम्बर को नामांकन वापस लेने के बाद अस्‍थायी अध्‍यक्ष (प्रोटीम स्पीकर) दिलीप वलसे पाटील ने नाना पटोले के सर्वसम्‍मति चुने जाने की घोषणा की.

कांग्रेस ने विधानसभा अध्‍यक्ष पद के लिए सत्‍ताधारी-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन के उम्‍मीदवार के रूप में नाना पटोले के नाम की घोषणा की थी. श्री पटोले विदर्भ में सकोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्‍व करते हैं. वे चौथी बार विधायक बने हैं.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्‍व में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन ‘महा विकास आघाड़ी’ सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित किया था. 169 विधायकों ने गठबंधन के पक्ष में वोट दिया. 105 सदस्‍यों वाली भाजपा ने सदन का बहिष्‍कार किया. विधानसभा में कुल 288 सदस्‍य हैं.

उद्धव ठाकरे ने महाराष्‍ट्र के 18वें मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ली

महाराष्‍ट्र में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 28 नवम्बर को 18वें मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली. राज्‍यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह मध्‍य मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित किया गया था. शपथ ग्रहण समारोह में राज्‍यपाल ने शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस पार्टी के 2-2 नेताओं को मंत्री के रूप में भी शपथ दिलाई. राज्‍यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने मुख्‍यमंत्री ठाकरे को तीन दिसम्‍बर तक विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने को कहा है.

कालिदास कोलंबकर को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ

शपथ ग्रहण समारोह से पहले विधानसभा के विशेष अधिवेशन में आज 285 नवनिर्वाचित सदस्‍यों को अस्‍थायी अध्‍यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) कालीदास कोलांबकर ने शपथ दिलायी. पूर्व-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद राज्यपाल कोश्यारी ने BJP विधायक कालिदास कोलंबकर को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई थी.

मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ‘महा विकास अघाड़ी’ का नेतृत्व करेंगे

मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे, शिवसेना, NCP और कांग्रेस के समर्थन से हाल ही में गठित ‘महा विकास अघाड़ी’ गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद मुंबई में ‘महा विकास अघाड़ी’ गठबंधन का औपचारिक तौर पर गठन किया गया था. उद्धव ठाकरे को इस गठबंधन ने अपना नेता चुना था.

288 सीटों वाली विधानसभा में BJP 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. शिवसेना ने 56, NCP ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं. इस राज्य में सरकार बनाने के लिए न्यूनतम 145 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी, जिसे महा विकास अघाड़ी के गठन से पूरा किया गया.

महाराष्ट्र विधानसभा में किसी भी दल को बहुमत नहीं

  1. महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हाल ही में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुआ था. इस चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना गठबंधन ने मिलकर चुनाव लड़ा था. इस गठबंधन ने 161 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया था, किन्तु मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बन पाने के कारण नये विधानसभा का गठन नहीं किया जा सका था.
  2. राज्य में किसी भी दल के संवैधानिक तरीके से सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होने के कारण राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन की 12 नवम्बर को अनुशंसा की थी. इस अनुसंशा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दी थी.
  3. महाराष्‍ट्र में 23 नवम्बर को देवेन्‍द्र फडणवीस ने मुख्‍यमंत्री और अजित पवार ने उप-मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. शपथ ग्रहण समारोह राज्य में राष्‍ट्रपति शासन समाप्‍त करने के मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद आयोजित किया गया था. राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार के कई विधायकों के समर्थन के आश्वासन पर यह सरकार का गठन किया गया था.
  4. मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने 26 नवम्बर को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र विधान सभा में 27 नवम्बर को शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया था.

उद्धव ठाकरे: एक दृष्टि

  • उद्धव ठाकरे फिलहाल विधायक नहीं हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद 6 महीनों के भीतर ही उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होगा.
  • वह मनोहर जोशी और नारायण राणे के बाद महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री पद पर काबिज होने वाले शिवसेना के तीसरे नेता ठाकरे परिवार के पहले सदस्‍य हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का इस्तीफा, उद्धव ठाकरे अगले मुख्यमंत्री होंगे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 26 नवम्बर को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की. इससे पहले उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने भी अपने पद इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंपा.

फडणवीस ने राज्य विधानसभा में बहुमत नहीं होने के कारण इस्तीफा दिया है. राज्यपाल ने वैकल्पिक व्यवस्था होने तक देवेंद्र फडणवीस से कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने के लिए कहा है.

उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र विधान सभा में 27 नवम्बर को शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया था. न्यायालय ने राजनीतिक दल शिवसेना, NCP और कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था.

कालिदास कोलंबकर को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई गयी

फडणवीस के इस्तीफे के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने BJP विधायक कालिदास कोलंबकर को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई. इसके अलावा, राज्यपाल ने 27 नवम्बर को महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है. इसमें प्रोटेम स्पीकर नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे.

‘महा विकास अघाड़ी’ गठबंधन का गठन

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद मुंबई में ‘महा विकास अघाड़ी’ गठबंधन का औपचारिक तौर पर गठन किया. इस गठबंधन का गठन शिवसेना, NCP, कांग्रेस और कुछ छोटे दलों की संयुक्त बैठक में किया गया.

उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे

इस बैठक में शिवसेनाप्रमुख उद्धव ठाकरे को नवगठित गठबंधन महा विकास अघाड़ी का नेता चुना गया. यह गठबंधन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया.

उद्धव ठाकरे फिलहाल विधायक नहीं हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद 6 महीनों के भीतर ही उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होगा. वे 28 नवंबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित एक समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

288 सीटों वाली विधानसभा में BJP 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. शिवसेना ने 56, NCP ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं. इस राज्य में सरकार बनाने के लिए 145 विधायकों के समर्थन की जरूरत है.

महाराष्‍ट्र में देवेन्‍द्र फडणवीस ने मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ली

महाराष्‍ट्र में 23 नवम्बर को देवेन्‍द्र फडणवीस ने मुख्‍यमंत्री और अजित पवार ने उप-मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ली. राज्‍यपाल भग‍त सिंह कोश्‍यारी ने दोनों नेताओं को मुम्‍बई में राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह राज्य में राष्‍ट्रपति शासन समाप्‍त करने के मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद आयोजित किया गया था. राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजित पवार ने अपने दल के कई विधायकों के समर्थन का आश्वासन दिया है.

शपथ ग्रहण से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता देवेन्‍द्र फडणवीस ने राज्‍यपाल भग‍त सिंह कोश्‍यारी से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. उस दावे की पुष्टि करते हुए आदरणीय राज्‍यपाल ने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से राष्‍ट्रपति शासन वापस लेने अनुशंसा की थी. राष्‍ट्रपति शासन वापस लेने की मंजूरी के बाद राज्‍यपाल ने शपथ का निमंत्रण दिया था.

महाराष्‍ट्र में सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध को देखते हुए 12 नवम्बर को राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लागू किया गया था. 288 सीटों वाली विधानसभा में BJP 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. शिवसेना ने 56, NCP ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं. इस राज्य में सरकार बनाने के लिए 145 विधायकों के समर्थन की जरूरत है.

जम्मू-कश्मीर में सरकारी काम-काज निपटाने के लिए प्रशासनिक परिषद गठित की गई

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सरकारी काम-काज निपटाने के लिए प्रशासनिक परिषद गठित की गई है. उप-राज्यपाल गिरीश चन्‍द्र मुर्मू इस परिषद के अध्यक्ष हैं. मुख्य सचिव इस प्रशासनिक परिषद के सचिव होंगे.

उप-राज्यपाल के सलाहकारों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, आम प्रशासनिक विभाग के सचिव व अन्य प्रशासनिक सचिव विभिन्न मामलों में मंत्रियों के अधिकार प्रयोग कर सकेंगे. जो मामले कैबिनेट के सामने लाये जाएंगे, उनमें अध्यादेश जारी करने, राज्य विधानमंडल की बैठक बुलाने, स्थगित, विसर्जित अथवा भंग करने, राज्यपाल, उपराज्यपाल के विधानमंडल को संबोधित करने संबंधी मामले शामिल होंगे.

उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने अपने दो सलाहकारों केके शर्मा व फारूक खान को आम प्रशासनिक विभाग, गृह विभाग व वित्त विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी उपराज्यपाल ने अपने पास ही रखी है.

लद्दाख के लिए विशेष ग्रेड डीजल आपूर्ति केंद्र का उद्घाटन किया गया

गृहमंत्री अमित शाह ने 17 नवम्बर को लद्दाख के लिए विशेष ग्रेड डीजल आपूर्ति केंद्र का वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया. इस आपूर्ति केंद्र से ठंड में इस्‍तेमाल किए जा सकने वाले विशेष किस्म के डीजल की निर्बाध आपूर्ति की जाएगी.

विशेष ग्रेड डीजल की देश में पहली बार आपूर्ति की जा रही है. यह डीजल -30 डिग्री की तापमान में भी बिना जमे डीजल रहता है. ऊंचाई वाले बेहद ठंडे क्षेत्रों में इस्‍तेमाल के लिए इस डीजल को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने तैयार किया है. लद्दाख, करगिल, काज़ा और केलांग जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड में पारा 0 से 30 डिग्री सेल्‍सियस तक नीचे चला जाता है जिससे यहां डीजल के जमने की समस्‍या आती है.

15 नवम्बर: झारखंड स्‍थापना दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

15 नवम्बर को झारखंड स्‍थापना दिवस (Jharkhand Foundation Day) के रूप में मनाया जाता है. इसी दिन सन् 2000 में बिहार के विभाजन से झारखंड का जन्‍म हुआ था.

बिरसा मुंडा जयंती पर पृथक राज्‍य का दर्जा

बिरसा मुंडा जयंती: अंग्रेजी की गोलियों के सामने तीर-कमान से लड़ने वाले बिरसा मुंडा का जन्‍म 15 नवंबर 1875 को हुआ था. उनके जन्‍मदिन को देश भर में बिरसा मुंडा जयंती (Birsa Munda Jayanti) के रूप में मनाया जाता है. बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर ही झारखंड को पृथक राज्‍य का दर्जा मिला था.

बिरसा मुंडा को 3 मार्च 1900 को ब्रिटिश सेना ने गिरफ्तार कर लिया था. 9 जून 1900 को रांची जेल में उनकी रहस्‍यमयी मौत हो गई. झारखंड के लोग बिरसा मुंडा को भगवान का अवतार मानते हैं.

डल झील के आसपास के क्षेत्रों को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने के लिए समिति का गठन

जम्मू और कश्मीर सरकार ने श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील के आसपास के क्षेत्रों को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) घोषित करने के लिए एक दस-सदस्यीय समिति का गठन किया है.

डल झील के सिकुड़ते आकार को लेकर चिंताओं के कारण यह निर्णय लिया गया है. ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (DCI) के 2017 के आकलन के अनुसार, प्रदूषण और अतिक्रमणों के कारण डल झील 22 वर्ग किलोमीटर के अपने मूल क्षेत्र से सिकुड़ कर लगभग 10 वर्ग किलोमीटर हो गई है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पद से इस्तीफा दिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 8 नवम्बर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंपा. राज्यपाल कोश्यारी ने बैकल्पिक व्यवस्था होने तक फडणवीस को कार्यकारी मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने को कहा है. महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 8 नवंबर 2019 तक था, जिस कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.

288 सदस्यों की महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हाल ही में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुआ था. इस चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना गठबंधन ने मिलकर चुनाव लड़ा था. इस गठबंधन ने 161 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया था, किन्तु मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बन पाने के कारण नये विधानसभा का गठन नहीं किया जा सका.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सर्वाधिक 105 सीटें जबकि गठबंधन के सहयोगी शिवसेना ने 56 सीटें जीते थे. विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गठबंधन ने 98 सीटें जीतने में सफल हुई थी. बाकी 29 सीटें छोटे दलों और निर्दलियों ने जीती. राज्य के मौजूदा मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर दक्षिण-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं. यहाँ सरकार के गठन के लिए आवश्यक बहुमत के लिए 145 सीटों (निर्वाचित सदस्यों) की जरूरत है.