चरण जीत सिंह चन्‍नी ने पंजाब के मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ली

चरण जीत सिंह चन्‍नी ने 20 सितम्बर को पंजाब के मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ली. वे राज्‍य के 16वें मुख्‍यमंत्री बने हैं. राज्‍यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने उन्‍हें चंडीगढ में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. उनके साथ दो वरिष्‍ठ विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. वे राज्‍य के उप-मुख्‍यमंत्री भी होंगे.

श्री चन्‍नी को अमरिंदर सिंह के स्‍थान पर मुख्‍यमंत्री बनाया गया है. श्री अमरिंदर सिंह ने पार्टी द्वारा कथित रूप से अपमानित होने के बाद मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था.

चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता हैं. वे वर्तमान में चमकौर साहिब से पंजाब विधानसभा के सदस्य हैं. 2015 से 2016 के बीच वे पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे. वर्ष 2017 में वे तकनीकी शिक्षा व औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के मंत्री बनाये गये थे.

भूपेन्द्र पटेल ने गुजरात के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

भूपेन्द्र पटेल ने 13 सितम्बर को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वह प्रदेश के 17वें मुख्यमंत्री होंगे. राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत उन्हें शपथ दिलाई. वह अहमदाबाद की घाटलोदिया विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं.

इससे पहले गुजरात के मौजूदा मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने 11 सितम्बर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद भूपेन्द्र पटेल को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया था. पटेल ने राजभवन जाकर राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया था.

ड्रोन के सहयोग से औषधि वितरण ‘मेडिसिन्‍स फ्रॉम द स्‍काई’ योजना की शुरुआत

तेलंगाना में ड्रोन के सहयोग से औषधि वितरण (मेडिसिन्‍स फ्रॉम द स्‍काई) योजना की शुरुआत की गयी है. इसकी शुरुआत केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने 11 सितम्बर को तेलंगाना के विकराबाद में की.

मुख्य बिंदु

  • यह योजना तेलंगाना सरकार की पहल पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने विश्‍व आर्थिक मंच, नीति आयोग, हैल्‍थनैट ग्‍लोबल के सहयोग से चलाई जा रही है.
  • इस योजना के तहत वैक्‍सीन और अन्‍य औषधियां ड्रोन के जरिये प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों तक पहुंचाई जाएंगी. पहली खेप में परियोजना के सहयोगी भागीदार ब्‍लू डार्ट एक्‍सप्रेस द्वारा निर्मित स्‍काईएयर मोबिलिटी के जरिये पांच किलोग्राम वैक्‍सीन का पैकेट तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में पहुंचाया गया.
  • देश में अपनी किस्‍म की इस पहली परियोजना में ड्रोन के इस्‍तेमाल से पांच सौ मीटर के सामान्‍य दृष्टिमार्ग से आगे तक औषधियां पहुंचाने की संभावना का पता लगाया जाएगा.
  • ड्रोन 40 किलोमीटर दूर तक निर्धारित स्थान को वस्तु पहुंचा सकता है और इस की क्षमता 15 किलो होगी.

सरकार ने नगालैंड में निक्की गुट के साथ संघर्ष विराम समझौता किया

केन्द्र सरकार ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड- निक्की सुमी (Nikki Sumi) गुट के साथ एक वर्ष के लिए संघर्ष विराम समझौता किया है. यह समझौता नगा शांति प्रकिया को रफ्तार देने के लिए किया गया है.

मुख्य बिंदु

  • इस गुट के दो सौ से अधिक सदस्‍यों ने 83 हथियारों के साथ समर्पण कर शांति प्रक्रिया में हिस्सा लिया. केन्द्र सरकार NSCN (IM) गुट के साथ पहले ही एक समझौते पर हस्ताक्षर कर चुकी है. NSCN (NK), NSCN (R), और NSCN (K) जैसे अन्य नगा गुटों के साथ केन्द्र सरकार का संघर्ष विराम समझौता हुआ है.
  • अगस्त 2019 में केन्द्र सरकार ने NLFT-SD के साथ एक समझौता किया था जिसके तहत त्रिपुरा में इस गुट के 88 कार्यकर्ता 44 हथियारों के साथ समर्पण कर मुख्य धारा में शामिल हुए थे.
  • जनवरी 2021 में बोडो समझौते पर हस्ताक्षर होने पर उग्रवादी गुटों के 2250 से अधिक कार्यकर्ताओं ने 423 हथियारों के साथ असम में आत्मसमर्पण किया और मुख्य धारा में शामिल हुए.
  • इस साल फरवरी में असम के विभिन्न भूमिगत कारबी गुटों के एक हजार चालीस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 338 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद सितम्बर 2021 में कारबी आंगलौंग समझौते पर हस्ताक्षर हुए.

उत्तराखंड, पंजाब और तमिलनाडु में नए राज्‍यपाल की नियुक्ति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन राज्यों – उत्तराखंड, पंजाब और तमिलनाडु में नए राज्‍यपाल को नियुक्त किया है.

उत्तराखंड: लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. इससे पहले मौजूदा राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने इस्तीफा दे दिया था. गुरमीत सिंह डेप्‍युटी चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ भी रह चुके हैं.

पंजाब: बनवारी लाल पुरोहित को पंजाब का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. वह पहले तमिलनाडु के राज्यपाल थे.

तमिलनाडु: नागालैंड के मौजूदा राज्यपाल आरएन रवि को तमिलनाडु का नए राज्यपाल नियुक्त किया गया है.

असम के राज्यपाल जगदीश मुखी को नागालैंड के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. उन्हें नयी नियुक्ति होने तक उनके प्रभार के अलावा नगालैंड के राज्यपाल के कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया गया है.

पूर्वोतर के 5 कार्बी आंगलांग विद्रोही समूहों ने केंद्र सरकार के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किया

पूर्वोत्तर के 5 कार्बी आंगलांग विद्रोही समूहों ने केंद्र सरकार के साथ ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किया है. ये समझौते गृह मंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा और 5 संगठनों के नेताओं की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गये.

इस समझौते के तहत 1,000 उग्रवादी आत्मसमर्पण करेंगे. इससे कार्बी अनलांग क्षेत्र में शांति बनी रहेगी. इस समझौते के बाद असम सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपए खर्च करेगी. नए समझौते के तहत, पहाड़ी जनजाति के लोग भारतीय संविधान की अनुसूची 6 के तहत आरक्षण के हकदार होंगे.
यह समझौता असम की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता को प्रभावित किए बिना, कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद को और अधिक स्वायत्तता का हस्तांतरण, कार्बी लोगों की पहचान, भाषा, संस्कृति आदि की सुरक्षा और परिषद क्षेत्र में सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करेगा.

कार्बी समूह क्या है?

कार्बी आंगलोंग असम का विद्रोही और प्रमुख जातीय समूह है. यह समूह कई साल से असम में कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) की मांग करता आ रहा है. यह कई गुटों और टुकड़ों से घिरा हुआ है. कार्बी समूह का इतिहास 1980 के दशक के उत्तरार्ध से हत्याओं, जातीय हिंसा, अपहरण और कराधान से जुड़ा रहा है.

लद्दाख ने हिम तेंदुए को राज्य पशु और ब्लैक-नेकेड क्रेन को राज्य पक्षी घोषित किया

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में हिम तेंदुए (पैंथर यूनिका) को राज्य पशु और काले गर्दन वाले क्रेन (ग्रस निक्रिकोलिस) को राज्य पक्षी घोषित किया गया है. इस संबंध में लद्दाख प्रशासन के वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण ने एक अधिसूचना जारी की है.

मुख्य बिंदु

जिस तरह से भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ और राष्ट्रीय पक्षी मोर है उसी तरह हर राज्य का अपना प्रतीक चिन्ह होता है.

काली गर्दन वाला क्रेन पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर का भी राज्य पक्षी और हंगुल राज्य पशु था, जिसमें लद्दाख भी शामिल था. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर का राज्य पक्षी को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं हुई है जबकि हंगुल (कश्मीरी हिरण) राज्य पशु है.

काली गर्दन वाली क्रेन (सारस), भारत में केवल लद्दाख में पाया जाता है. इसकी ऊंचाई लगभग 1.35 मीटर होती है. इसके पंखों का फैलाव लगभग 2-2.5 मीटर और इसका वजन लगभग 6-8 किलोग्राम होता है, जिसके सिर पर एक चमकदार लाल मुकुट होता है.

भारत में हिम तेंदुओं का निवास स्थान पश्चिमी और पूर्वी हिमालय का पहाड़ी क्षेत्र है. वे मुख्य रूप से लद्दाख, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में पाए जाते हैं.

लद्दाख से इनर लाइन परमिट की व्यवस्था को खत्म किया गया

लद्दाख प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के संरक्षित क्षेत्रों से इनर लाइन परमिट (Inner Line Permit – ILP) की आवश्यकता को हटा दिया है. लद्दाख में आने वाले लोगों को यहां की यात्रा के लिए एक विशेष इनर लाइन परमिट लेना होता था.

लद्दाख के जिन हिस्सों के लिए अब तक इनर लाइन परमिट की जरूरत थी, उनमें नुब्रा वैली, खारदुंग ला, तुर्तुक, दाह और पैंगोंग TSO के इलाके शामिल थे.

इनर लाइन परमिट की व्यवस्था खत्म होने पर अब यात्रियों के यहां आने पर किसी सरकारी दस्तावेज की अनिवार्यता नहीं होगी और शुल्क भी बचेगा. इससे पर्यटन के विकास में मदद भी मिलेगी.

क्या होता है इनर लाइन परमिट?

इनर लाइन परमिट एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज (Official Travel Document) होता है. इस परमिट को जिसे संबंधित राज्य सरकार जारी करती है. इस तरह का परमिट भारतीय नागरिकों को देश के अंदर के किसी संरक्षित क्षेत्र में एक तय समय के लिए यात्रा की इजाजत देता है. इस परमिट के एवज में कुछ शुल्क भी सरकारों द्वारा लिया जाता है. लद्दाख के अलावा इनर लाइन परमिट की व्यवस्थाएं पूर्वोत्तर के भी कुछ राज्यों में हैं.

1873 में बना था ब्रिटिश राज का नियम

इनर लाइन परमिट की व्यवस्था को 1873 में ब्रिटिश भारत के कालखंड में लागू किया गया था. इसे तत्कालीन सरकार ने अपने व्यापारिक हितों को संरक्षित करने के लिए बनाया था, जिससे कि प्रतिबंधित इलाकों में भारत के लोगों को व्यापार करने से रोका जाय सके.

सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीएम कनाडे महाराष्ट्र के लोकायुक्त नियुक्त

बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीएम कनाडे को महाराष्ट्र का लोकायुक्त नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति महाराष्ट्र के राज्यपाल, भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सलाह पर की. महाराष्ट्र में लगभग एक साल तक पूर्णकालिक लोकायुक्त नहीं था. पिछले लोकायुक्त, (सेवानिवृत्त) न्यायमूर्ति एमएल तहलियानी ने अगस्त 2020 में अपना कार्यकाल पूरा किया था.

लोकायुक्त: एक दृष्टि

लोकायुक्त भारत के राज्यों द्वारा गठित भ्रष्टाचाररोधी स्वतंत्र संस्थान है. नागरिक किसी भी सरकारी अधिकारी या निर्वाचित प्रतिनिधि के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे लोकायुक्त को कर सकते हैं, जिन्हें शीघ्र निवारण का काम सौंपा जाता है.

बसवराज बोम्मई ने कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

बसवराज बोम्मई ने 28 जुलाई को कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. कर्नाटक के राज्‍यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. उन्‍होंने पार्टी के वरिष्‍ठ नेता बीएस येदियुरप्‍पा का स्‍थान लिया है. श्री येदियुरप्‍पा ने मुख्‍यमंत्री के रूप में दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद 26 जुलाई को इस्‍तीफा दे दिया था.

श्री बोम्‍मई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल का नेता चुना गया था. बसवराज बोम्‍मई हावेरी जिले के शैगोन विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं और येदियुरप्‍पा मंत्रिमंडल में गृहमंत्री और विधायी कार्य मंत्री रहे थे. बोम्‍मई 2008 में भाजपा में शामिल हुए थे. श्री बोम्‍मई पूर्व मुख्‍यमंत्री एस आर बोम्‍मई के पुत्र हैं.

कृष्णा-गोदावरी नदी प्रबंधन बोर्डों के अधिकार क्षेत्र को अधिसूचित किया गया

केंद्र सरकार ने कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (KRMB) और गोदावरी नदी प्रबंधन बोर्ड (GRMB) के अधिकार क्षेत्र को अधिसूचित कर दिया है. यह अधिसूचना आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत जारी किया गया है. जल शक्ति मंत्रालय ने 16 जुलाई को यह जानकारी दी.

इस अधिसूचना में गोदावरी और कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड को इन दोनों नदियों पर सूचीबद्ध परियोजनाओं के क्रियान्वयन, नियमन, संचालन और रखरखाव के लिए शक्तियां दी गयी हैं. केंद्र सरकार ने 2 जून 2014 को गोदावरी और कृष्णा नदियों पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन, नियमन, रखरखाव और संचालन के लिए दो नदी बोर्ड का गठन किया था.

अधिसूचना का महत्व

इस अधिसूचना से दोनों राज्यों के बीच क्षेत्र में जल प्रबंधन को लेकर होने वाले टकराव के घटने की उम्मीद है. दो बोर्डों के अधिकार क्षेत्र अधिसूचित करने का फैसला नदी बोर्ड को APRA (आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम) 2014 में दी गई जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभाने में सक्षम बनाएगा तथा दोनों राज्यों के बीच जल संसधान के विषयों का समाधान करेगा.

वाराणसी में अन्तरराष्ट्रीय रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 15 जुलाई को वाराणसी में नवनिर्मित अन्तरराष्ट्रीय रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया. शिवलिंग के आकार में निर्मित यह भवन जापान के सहयोग से बनाया गया है. इसके लिए जापान ने 186 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है.

  • इसका शिलान्यास दिसंबर 2015 में जापान के पीएम शिंजो अबे के भारत यात्रा के दौरान किया गया था. इस दौरान उन्होंने भारत को बुलेट ट्रेन की भी सौगात दी थी.
  • डिजाइन जापान की कंपनी ओरिएंटल कंसल्टेंट ग्लोबल ने किया है और निर्माण का काम भी जापान की फुजिता कॉरपोरेशन नाम की कंपनी ने किया है. रुद्राक्ष में छोटा जैपनीज गार्डन बनाया गया है.
  • इस अंतरराष्ट्रीय सेंटर में लगभग 1,200 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है.