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लेफ्टिनेट कर्नल ज्योति शर्मा भारतीय सेना की पहली महिला न्यायाधीश नियुक्त हुईं

भारतीय सेना ने हाल ही में लेफ्टिनेट कर्नल ज्योति शर्मा को न्यायाधीश नियुक्त किया है. ज्योति शर्मा भारतीय सेना की महिला न्यायाधीश एडवोकेट जनरल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है. यह पहला मौका है जब भारतीय सेना में किसी महिला न्यायाधीश को नियुक्त किया गया है.

लेफ्टिनेट कर्नल ज्योति शर्मा विदेश से जुडे़ मामले देखेंगी. वह सैन्य कानूनी विशेषज्ञ के रूप में पूर्वी अफ्रीकी देश सेशेल्स की सरकार को अपनी सेवाएं देंगी.

न्यायाधीश एडवोकेट जनरल: एक दृष्टि
भारत में न्यायाधीश एडवोकेट जनरल अधिकारी सेना के न्यायिक प्रमुख होते हैं. यह पद सेना के लेफ्टिनेंट को दिया जाता है. इसमें कानूनी रूप से सेना के योग्य अधिकारी शामिल होते है. एडवोकेट जनरल अधिकारी सभी तरह से सेना को कानूनी मदद देते हैं.

चर्चा में: कश्मीर स्थित भारतीय सेना द्वारा की गई पहल ‘ऑपरेशन मां’

कश्मीर स्थित भारतीय सेना द्वारा की गई पहल ‘ऑपरेशन मां’ हाल के दिनों में चर्चा में रहा है. इस पहल के कारण वर्ष 2019 में 50 कश्मीरी युवक आतंक का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं.

‘ऑपरेशन मां’ भारतीय सेना के 15वीं कोर (चिनार कोर) द्वारा की गई पहल है. इस पहल में लापता युवकों को खोजने और उनके परिजन तक पहुंचाने के काम को अंजाम दिया गया. कोर ने घाटी और नियंत्रण रेखा पर आतंकवाद से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

राष्‍ट्रपति ने सैन्‍य उड्डयन कोर को ‘प्रेजिडेंट कलर’ से सम्‍मानित किया

सशस्‍त्र सेनाओं के सर्वोच्‍च कमांडर, राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 8 अक्टूबर को महाराष्‍ट्र के नासिक में विशेष समारोह में सैन्‍य उड्डयन कोर (आर्मी ऐविएशन कोर- AAC) को ध्‍वज प्रदान किया. यह समारोह नासिक के कॉमबेट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्‍कूल में आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में राष्‍ट्रपति कोविंद ने सेना के सैन्‍य उड्डयन कोर को ‘प्रेजिडेंट कलर’ से सम्‍मानित किया गया.

“प्रेजिडेंट कलर” सम्मान उत्कृष्‍ट सेवा का एक प्रतीक है और युद्ध और शांति दोनों के दौरान समर्पण और योग्य योगदान के माध्यम से AAC द्वारा अर्जित किया गया है.