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10 सरकारी बैंकों का 4 बैंकों में विलय 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी हुआ

सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय करके 4 बड़े बैंक बनाये जाने का प्रस्ताव 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी हो गया. सरकार ने 30 अगस्त 2019 में इन बैंकों के विलय की घोषणा की थी.

विलय योजना के मुताबिक, यूनाइडेट बैंक ऑफ इंडिया (UBI) तथा ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) का पंजाब नैशनल बैंक (PNB) में विलय होगा, जिससे यह दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा. वहीं, सिंडिकेट बैंक में केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक तथा इंडियन बैंक का विलय किया जाएगा. इसी तरह, आंध्रा बैंक तथा कॉर्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) में विलय किया जाएगा.
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सरकार ने क्षेत्रीण ग्रामीण बैंकों के पुनर्पूंजीकरण को मंजूरी दी

सरकार ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) के पुनर्पूंजीकरण के लिए 1340 करोड़ रुपये की मदद दिये जाने को मंजूरी प्रदान कर दी है. यह मंजूरी 25 मार्च को हुई प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में दी गयी. पुनर्पूंजीकरण का उद्देश्य इन बैंकों में न्यूनतम नियामक पूंजी उपलब्ध कराना है.

रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित नियामक मानकों के अनुरूप क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के Capital to Risk Assets Ratio (CRAR) को 9 प्रतिशत पर बनाये रखने के लिए यह पुनर्पूंजीकरण किया जा रहा है. पुनर्पूंजीकरण राशि उन बैंकों को आवंटित की जाएगी जो 9% की न्यूनतम CRAR को बनाए रखने में असमर्थ हैं.

CRAR क्या है?

CRAR, Capital to Risk weighted Assets Ratio का संक्षिप्त रूप है. CRAR एक ऐसी न्यूनतम राशि है, जिसे बैंकों को हमेशा अपने पास रखना होता है. बैंक इस राशि का उपयोग लोन देने में नहीं कर सकता. इस राशि को भविष्य की सुरक्षा के रूप में रखा जाता है

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक: एक दृष्टि

  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भारत सरकार, संबंधित राज्‍य सरकार तथा संबंधित बैंक का एक संयुक्‍त उद्यम है. इन बैंकों में 50 प्रतिशत पूंजी भारत सरकार का, 15 प्रतिशत राज्‍य सरकार का और 35 प्रतिशत पूंजी संबंधित बैंक का होता है.
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्‍थापना ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व सीमांत किसानों, कृषि-श्रमिकों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को ऋण प्रदान करने के उद्देश्‍य से की गईं थीं.
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की पुनर्पूंजीकरण की योजना डॉ केसी चक्रवर्ती समिति की सिफारिश पर 2011 में शुरू किया गया था.

RBI ने यस बैंक के निदेशक मंडल को भंग किया, SBI 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 5 मार्च को निजी क्षेत्र के यस बैंक (Yes Bank) के निदेशक मंडल को भंग करते हुए प्रशासक नियुक्त कर दिया था. बैंक का नियंत्रण भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में वित्तीय संस्थानों के एक समूह के हाथ में देने की तैयारी की गई है. SBI के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है.

इसके साथ ही RBI ने बैंक के जमाकर्ताओं पर निकासी की सीमा सहित इस बैंक के कारोबार पर कई तरह की पाबंदियां भी लगा दीं. केंद्रीय बैंक ने अगले आदेश तक बैंक के ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा एक महीने में 50,000 रुपये तय कर दी है. उल्लेखनीय है कि RBI ने करीब छह माह पहले घोटाला सामने आने के बाद PMC बैंक के मामले में भी इसी तरह का कदम उठाया गया था.

यस बैंक: मुख्य बिंदु

यह बैंक अगस्त 2018 से डूबे कर्ज की समस्या से जूझ रहा है. उस समय RBI ने बैंक के संचालन और ऋण से जुड़ी खामियों की वजह से तत्कालीन प्रमुख राणा कपूर को 31 जनवरी, 2019 तक पद छोड़ने को कहा था. इस बैंक को मार्च 2019 की तिमाही में पहली बार घाटा हुआ था.

2004 में शुरू हुए यस बैंक का मुख्यालय मुंबई में है. यह भारत में निजी (प्राइवेट) क्षेत्र का चौथा सबसे बड़ा बैंक है. इसकी देश के 28 राज्यों और 9 केंद्रशासित प्रदेशों में मौजूदगी है. देशभर में इसकी तकरीबन 1000 शाखाएं हैं और 1800 ATM हैं.

सक्षिप्त घटनाक्रम

  1. राणा कपूर ने अपने रिश्तेदार अशोक कपूर के साथ मिलकर 2004 में यस बैंक की शुरुआत की थी. 26/11 के मुंबई हमले में अशोक कपूर की मौत हो गई, उसके बाद अशोक कपूर की पत्नी मधु कपूर और राणा कपूर के बीच बैंक के मालिकाना हक को लेकर लड़ाई शुरू हो गई. कोर्ट से राणा कपूर को जीत मिली.
  2. यस बैंक अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे कारोबारी घरानों को कर्ज देने में आगे रहा. बाद में जब ये कारोबारी समूह डिफॉल्टर साबित हुए तो बैंक को करारा झटका लगा.
  3. RBI ने शक के कारण 2015 में यस बैंक का असेट क्वॉलिटी रीव्यू (AQR) शुरू किया. RBI ने पाया कि 2017 में बैंक ने 2018 करोड़ का बैड लोन (NPA) दिखाया है, जबकि कुल NPA 8373 करोड़ का है. मतलब यस बैंक ने 6355 करोड़ का NPA छिपाया. इसके बाद RBI ने आगे की कार्रवाई की. जनवरी 2019 में राणा कपूर को चेयरमैन पद से हटा दिया गया.
  4. RBI ने 5 मार्च 2020 को इसके बोर्ड को भंग कर दिया. SBI के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया.
  5. संकट के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने यस बैंक को बचाने का प्लान पेश किया. SBI 2,450 करोड़ रुपये में यस बैंक के 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 245 करोड़ शेयर खरीदने की घोषणा की. इस प्रकार SBI 2450 करोड़ रुपये में में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी.
  6. प्रवर्तन निदेशालय ने छंटों चली पूछताछ के बाद 7 मार्च को राणा कपूर को धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (CBI) ने राणा कपूर, दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल), के प्रोमोटर कपिल वाधवन और डॉयट अर्बन वेंचर्स (इंडिया) लिमिटेड के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्‍टाचार का मामला दर्ज किया.

सुप्रीम कोर्ट ने वित्तीय संस्थानों को क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित सेवाएं देने की इजाजत दी

सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित सेवाएं देने की इजाजत दे दी है. क्रिप्टोकरेंसी डिजिटल या आभासी मुद्राएं हैं, जिनमें मुद्रा इकाइयों के बनाने और फंड के लेन-देन का सत्यापन करने के लिए एन्क्रिप्शन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है और यह व्यवस्था केंद्रीय बैंक से स्वतंत्र रहकर काम करती है.

कोर्ट ने RBI के सर्कुलर को रद्द किया

न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 4 मार्च को सुनाये अपने फैसले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 2018 के सर्कुलर को रद्द करते हुए यह आदेश दिया. RBI इस सर्कुलर के अनुसार देश में आभासी मुद्राओं से संबंधित कोई भी सेवा प्रदान करने पर रोक थी.

क्या है क्रिप्टोकरेंसी?

क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की आभासी (वर्चुअल) मुद्रा है. आभासी से मतलब है कि अन्य मुद्रा की तरह क्रिप्टोकरेंसी का कोई भौतिक स्वरुप नहीं है. क्रिप्टोकरेंसी को आप ना तो देख सकते हैं और न ही छू सकते हैं. यह एक डिजिटल करेंसी है. बिटकॉइन, इथीरियम, रिप्पल, लाइटकॉइन इत्यादि कुछ प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी हैं.

जानिए क्या है क्रिप्टोकरेंसी…»

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार ‘बड़े बैंक’ बनाने की मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार ‘बड़े बैंक’ बनाने की मंजूरी दे दी है. इसकी घोषणा 4 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की. सरकार ने 30 अगस्त 2019 में इन बैंकों के विलय की घोषणा की थी. यह विलय 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी हो जायेगा.

योजना के मुताबिक, यूनाइडेट बैंक ऑफ इंडिया (UBI) तथा ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) का पंजाब नैशनल बैंक (PNB) में विलय होगा, जिससे यह दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा. वहीं, सिंडिकेट बैंक में केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक तथा इंडियन बैंक का विलय किया जाएगा. इसी तरह, आंध्रा बैंक तथा कॉर्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) में विलय किया जाएगा.

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RBI ने बंधन बैंक पर नई शाखाएं खोलने पर लगे प्रतिबंध को हटाया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बंधन बैंक पर नई शाखाएं खोलने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है. RBI ने बंधन बैंक की ओर से एक वित्तीय वर्ष में खोले जाने वाले कुल बैकिंग शाखाओं में से करीब 25 फीसदी शाखाएं ग्रामीण इलाकों में खोले जाने का आदेश दिया है, जहां बैंकिंग सुविधाएं मौजूद नहीं हैं.

सितंबर 2018 में लगा था प्रतिबंध

उच्चतम न्यायालय ने बंधन बैंक पर सितंबर 2018 में नई ब्रांच खोलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. कोर्ट ने शेयर होल्डिंग नियम को पूरा न करने के यह आदेश दिया था. उल्लेखनीय है कि RBI लाइसेंसिंग गाइडलाइन के अनुसार, बंधन फाइनेंशल होल्डिंग, बैंक प्रोमोटर कंपनी के शेयर को तीन साल में 82 फीसदी से घटाकर 40 फीसदी करना था. बैंक की समय सीमा अगस्त, 2019 में पूरी हो गई थी, जिसे पूरा करने में असफल रहा था.

बंधन बैंक 2015 में शुरू किया गया था

बंधन बैंक साल 2015 में ऑपरेशन में आया था. 2001 में इस बैंक ने माइक्रो फाइनेंस कंपनी के तौर पर शुरुआत की थी. RBI ने अप्रैल, 2014 में बंधन बैंक को एक यूनिवर्सल बैंक खोलने के लिए सशर्त मंजूरी दी थी. देश के अलग-अलग हिस्सों में इस बैंक के 937 शाखाएं हैं.

बैंक जमा पर बीमा सुरक्षा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई

बैंक जमा पर बीमा सुरक्षा 4 फरवरी से एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है. जमाकर्ताओं को संरक्षण के एक बड़े उपाय के तहत यह कदम उठाया गया है. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन ने अपने बजट भाषण में बैंकों में जमा राशियों पर बीमा कवर बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की थी.

डिपॉज़िट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) द्वारा बीमा
यह बीमा सुरक्षा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली सहायक कंपनी- ‘जमा बीमा और साख गारंटी निगम’ (डिपॉज़िट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन – DICGC) द्वारा उपलब्‍ध कराया जाता है. DICGC 15 जुलाई 1978 को अस्तित्व में आया था.

SBI, BOI, BOB और केनरा बैंक के नये प्रबंध निदेशक और CEO नियुक्त किये गये

सरकार ने SBI, BOI, BOB और केनरा बैंक के नये प्रबंध निदेशक और CEO नियुक्त किये हैं. मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने नई नियुक्ति किये जाने के वित्तीय सेवा विभाग के प्रस्ताव को मंजूर किया है. ये नियुक्तियां इस प्रकार हैं:

  1. भारतीय स्टेट बैंक (SBI): सरकार ने चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है. सेट्टी अभी SBI के डिप्टी एमडी का मद संभाल रहे हैं. सेट्टी की नियुक्ति उनके कार्यभार संभालने से अगले तीन साल तक प्रभावी होगी.
  2. बैंक ऑफ इंडिया (BOI): बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने अतनु कुमार दास को प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिये की गयी है. दास फरवरी 2017 से बैंक के कार्यकारी निदेशक हैं.
  3. बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB): कार्मिक मंत्रालय ने संजीव चड्ढ़ा को बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) का प्रबंध निदेशक और CEO नियुक्त किया है.
  4. केनरा बैंक: केनरा बैंक के प्रबंध निदेशक और CEO के रूप में लिंगम वेंकट प्रभाकर नियुक्त किये गये हैं.

एक्सिस बैंक और ICICI बैंक ने श्रीलंका में अपने परिचालन बंद किया

श्रीलंका का केन्द्रीय बैंक ‘सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका’ ने भारतीय निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक और ICICI बैंक को श्रीलंका में अपने परिचालन को बंद करने की अनुमति दे दी है. दोनों भारतीय बैंकों ने श्रीलंका में अपना परिचालन बंद करने का अनुरोध सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका किया था.

श्रीलंका में जारी किए गए दोनों बैंकों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे. परिचालन बंद करने की अनुमति के बाद अब श्रीलंका में दोनों बैंक लोगों का पैसा जमा नहीं कर सकते.

RBI ने शहरी सहकारी बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कर्ज की अधिकतम सीमा तय की

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शहरी सहकारी बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कर्ज की अधिकतम सीमा तय कर दी है. इससे संबंधित दिशा-निर्देश 30 दिसम्बर को जारी किये गये. इसका उद्देश्य किसी एक समूह को भारी कर्ज दिए जाने से हुए पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (PMC) बैंक जैसे घोटालों पर रोक लगाना है.

RBI द्वारा दिशा-निर्देशों के अनुसार ओपरेटिव बैंक शहरों में काम करने वाले को किसी भी ग्राहक को 25 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज नहीं दे सकता. ऐसे बैंकों के लिए प्राइयोरिटी सेक्टर लेंडिंग की सीमा भी कुल शुद्ध कर्जे का 40 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी कर दी गई है.

रिजर्व बैंक ने 20वीं वित्‍तीय स्थिरता रिपोर्ट जारी की, पुनर्पूंजीकरण के बाद बैंकिंग क्षेत्र में सुधार

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 27 दिसम्बर को 20वीं वित्‍तीय स्थिरता रिपोर्ट (Financial Stability Report) जारी की. रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है, जिसके कारण वृद्धि दर काफी धीमी रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष (2019-20) की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितम्बर) में घरेलू अर्थव्‍यवस्‍था में सकल मांग कम रही, जिससे वृद्धि दर और धीमी हो गई.

20वीं वित्‍तीय स्थिरता रिपोर्ट: मुख्य तथ्य

  • RBI की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के बाद बैंकिंग क्षेत्र में लचीलेपन में सुधार हुआ है.
  • वैश्विक या घरेलू आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से उत्पन्न होने वाले जोखिम बने रहे.
  • यह रिपोर्ट वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद की उप-समिति द्वारा वित्तीय स्थिरता के जोखिम के साथ-साथ वित्तीय प्रणाली की लचीलेपन के सामूहिक मूल्यांकन को दर्शाती है.
  • रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र के विकास और विनियमन से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई है.

RBI ने सहकारी बैंकों से पांच करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन की जानकारी CRILC को देने के निर्देश दिए

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सहकारी बैंकों से पांच करोड़ रुपए या इससे अधिक के सभी लेन-देन की जानकारी CRILC (बड़े ऋणों से संबंधित सूचना की केंद्रीय संग्रह प्रणाली) को देने के निर्देश दिए हैं. वित्तीय संकट को जल्द पहचानने के लिए यह एक बेहद जरूरी कदम होगा.

इससे पहले RBI ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में पांच सौ करोड़ रुपये और उससे अधिक निधि वाली शहरी, सहकारी बैंकों को CRILC के दायरे में लाने की घोषणा की थी.

CRILC क्या है?

CRILC, Central Repository of Information on Large Credits का संक्षिप्त रूप है. रिजर्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों और कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के साथ मिलकर CRILC बनाया है. इसमें वित्तीय लेन-देन पर्यवेक्षण को दूर करना और वित्तीय संकट की जल्द पहचान शामिल हैं.