Posts

अभिमन्यु मिश्रा ने सबसे कम उम्र में शतरंज ग्रेंड मास्टर का खिताब जीतने का कीर्तिमान बनाया

भारतीय मूल के अमरीकी अभिमन्यु मिश्रा ने सबसे कम उम्र में शतरंज ग्रेंड मास्टर का खिताब जीतकर इतिहास रचा है. उन्होंने यह उपलब्धि 12 साल चार महीने और 25 दिन की अवधि में हासिल की.

बुडापेस्ट में अभिमन्यु ने भारत के 15 वर्षीय जीएम लियोन को हराकर नौ राउंड में 2600 से अधिक प्रदर्शन रेटिंग हासिल की. उन्होंने सरगेई कर्जाकिन का रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2002 में 12 वर्ष सात महीने की आयु में चैंपियन बने थे.

ग्रैंड मास्टर का खिताब वैश्विक शतरंज संगठन FIDE द्वारा खिलाड़ियों को दिया जाता है. यह खिताब हासिल करने के लिए 2500 ELO की रेटिंग हासिल करनी पड़ती है.

भारतीय ग्रैंडमास्टर पी इनियन ने विश्व ओपन ऑनलाइन शतरंज टूर्नामेंट जीता

विश्व ओपन ऑनलाइन शतरंज टूर्नामेंट का खिताब भारतीय ग्रैंडमास्टर पी इनियन ने जीत लिया है. इनियन ने संभावित नौ में से 7.5 अंक जुटाए. वह छह जीत और तीन ड्रॉ के साथ शीर्ष पर रहे.

खिताब के अपने सफर के दौरान इनियन ने जॉर्जिया के ग्रैंडमास्टर बादुर जोबावा, सैम सेवियान, अमेरिका के सर्गेई एरेनबर्ग और उक्रेन के निजिक इलिया जैसे ग्रैंडमास्टर को हराया. इनियन और जुगिरो सनन के समान 7.5 अंक रहे लेकिन बेहतर टाईब्रेक स्कोर के कारण जीत दर्ज की.

हाल ही में भारत की शतरंज टीम ने इतिहास रचते हुए ऑनलाइन विश्व शतरंज ओलंपियाड में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था. भारत और रूस को इंटरनेट और सर्वर की खराबी के कारण इस शतरंज ओलंपियाड में संयुक्त विजेता घोषित किया गया था. अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के लिए यह पहला अवसर था जबकि उसने कोविड-19 महामारी के कारण ओलंपियाड का ऑनलाइन आयोजन किया.

भारत और रूस ऑनलाइन फिडे शतरंज ओलंपियाड, 2020 के संयुक्त विजेता घोषित

भारत और रूस को ऑनलाइन फिडे शतरंज ओलंपियाड (FIDE online Chess Olympiad) 2020 का संयुक्त विजेता घोषित किया गया है. 30 अगस्त को तकनीकी खराबी के कारण के कारण बाधित फाइनल मैच में दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया.

कोरोना महामारी को देखते हुए अन्तर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) ने पहली बार ऑनलाइन चेस ओलंपियाड करवाया था. शतरंज में यह सबसे बड़ी टीम चैम्पियनशिप थी. इस ऑनलाइन टूर्नामेंट में 163 देशों ने हिस्सा लिया था।

सर्वर में खराबी के कारण फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ियों- निहाल सरीन और दिव्या देशमुख का समय समाप्‍त होने जाने के बाद पहले रूस को विजेता घोषित कर दिया गया था. भारत ने इस विवादास्पद निर्णय के खिलाफ अपील की. अन्तर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के अध्यक्ष अरकडी दर्वोकोविच ने दोनों टीमों को स्वर्ण पदक देने का फैसला किया.

डी गुकेश ने ’34वें कान्स ओपन शतरंज टूर्नामेंट’ का खिताब जीता

भारत के 13 साल के ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने ’34वें कान्स ओपन शतरंज टूर्नामेंट’ (34th Cannes Open) का खिताब जीत लिया है. 22 फरवरी को फ्रांस के कान्स में खेले गये अंतिम दौर में फ्रांस के हरुत्युन बार्गसेघयान को हराकर 7.5 अंक के साथ यह खिताब जीता. गुकेश ने बार्गसेघयान को 50 चाल में हराया. गुकेश इस प्रतियोगिता के दौरान अजेय रहे. उन्होंने बार्गसेघयान के अलावा चीन के चोंगशेंग झेंग को भी हराया.

तमिलनाडु के इस खिलाड़ी ने पिछले हफ्ते डेनमार्क के हिलरोड में 110वें एनिवर्सिरी ओपन टूर्नमेंट के रूप में अपना पहला ओपन खिताब जीता था. गुकेश वर्ष 2019 में डेनमार्क में हिलेरोड 110 वीं वर्षगांठ ओपन स्पर्धा टूर्नामेंट को जीतकर दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर भी बने थे.

कोनेरू हम्‍पी विश्‍व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप की विजेता बनीं, चीन की लेई टिंगजी को हराया

भारतीय ग्रैंडमास्‍टर कोनेरू हम्‍पी ने महिला विश्‍व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है. रूस के मास्‍को में 29 दिसम्बर को कोनेरू ने चीन की लेई टिंगजी को टाईब्रेकर में हराकर इस खिताब की विजेता बनीं. 12वें दौर के बाद हम्‍पी और टिंगजी के नौ-नौ अंक थे, इसलिए आर्मेगेडोन गेम से विजेता का फैसला हुआ. टिंगजी को रजत, जबकि तुर्की की एकेटरिना अटालिक को कांस्‍य पदक मिला. पुरुष वर्ग में नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने तीसरी बार इस खिताब का स्वर्ण पदक जीता.

रैपिड खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय बनीं

  • इसके साथ ही हम्‍पी मौजूदा प्रारूप में रैपिड खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय बन गईं. इससे पहले, विश्‍वनाथन आनंद ने 2017 में ओपन वर्ग में यह खिताब जीता था.
  • भारत की सबसे युवा महिला ग्रैंडमास्टर हंपी ने साल 2016 में शतरंज को विराम देने का फैसला किया था. हंपी ने मां बनने के बाद शतरंज से दो साल का ब्रेक लिया था.
  • कोनेरू हंपी साल 2009-2011, 2011-12, 2013-14 और 2015-16 में FIDE (इंटरनेशनल शतरंज फेडरेशन) महिला ग्रैंड प्रिक्स श्रृंखला में उप-विजेता रही थी.

भारतीय शतरंज खिलाडी विश्वनाथन आनंद की किताब ‘माइंड मास्टर्स’ का विमोचन

भारतीय शतरंज खिलाडी विश्वनाथ आनंद की किताब ‘माइंड मास्टर्स का 14 दिसम्बर को विमोचन किया गया. द हिन्दू प्रकाशन समूह के अध्यक्ष एन राम ने खेल लेखक सुसैन निनान की मौजूदगी में इस किताब का विमोचन किया. इस किताब में शतरंज और कम्प्यूटर के विभिन्न पहलुओं के बारे में लिखा है जिसमें इस खेल में आये बदलाव का भी जिक्र है.

विश्वनाथन आनंद पांच बार के विश्व शतरंज चैम्पियन हैं. वह पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिसे राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार दिया गया है. उन्हें यह अवार्ड 1991-92 में दिया गया था. 2007 में उन्हें पद्मश्री सम्मान दिया गया था.