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आपातकाल में जन-भागीदारी के लिए ‘PM CARES’ ट्रस्ट बनाने की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष’ (PM CARES) नामक ट्रस्ट बनाने की घोषणा की है. PM-CARES का पूर्ण रूप ‘Prime Minister Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations’ है. इस विशेष राष्‍ट्रीय कोष का प्राथमिक उद्देश्‍य ‘कोविड-19’ महामारी जैसी किसी भी आपात या संकट की स्थिति से निपटना है.

प्रधानमंत्री इस न्‍यास के अध्‍यक्ष होंगे. इसके सदस्‍यों में रक्षा-मंत्री, गृह-मंत्री और वित्‍त-मंत्री शामिल हैं. इस कोष में वेबसाइट-pmindia.gov.in का इस्‍तेमाल कर PM CARES Fund में दान किया जा सकता है. इस कोष में छोटी राशि भी दान दी जा सकेगी जिससे बड़ी संख्‍या में लोग योगदान कर सकेंगे. इसमें दी गई राशि धारा 80-G के तहत आयकर से मुक्‍त होगी.

नागरिक और संगठन वेबसाइट-pmindia.gov.in पर जा सकते हैं और निम्नलिखित विवरणों का उपयोग करके PM CARES में दान किया जा सकता है:

  • खाते का नाम: PM CARES
  • खाता संख्या: 2121PM20202
  • IFSC कोड: SBIN0000691
  • स्विफ्ट कोड: SBININBB104
  • बैंक और शाखा का नाम: भारतीय स्टेट बैंक, नई दिल्ली मुख्य शाखा
  • UPI-ID: pmcares@sbi

भुगतान के उपलब्ध माध्‍यम हैं:

डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई (भीम, फोनपे, अमेजन पे, गूगल पे, पेटीएम, मोबिकविक, इत्‍यादि), RTGS, NEFT

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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को ड्रग एंड कास्मेटिक्स एक्ट की H1 सूची में डाला गया

कोरोना वायरस के कारण हाइड्रॉक्‍सीक्‍लोरोक्‍वीन (Hydroxychloroquine) के इस्तेमाल में आई तेजी को रोकने के लिए सरकार ने इस दवा की खुली बिक्री पर रोक लगा दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और उसके फार्मूले पर बनने वाली अन्य सभी दवाओं को ड्रग एंड कास्मेटिक्स एक्ट की H1 सूची में डाल दिया है.

क्या होता है H1 सूची में शामिल दवा

H1 सूची में शामिल दवा को पंजीकृत डाक्टर की अनुसंशा के बगैर नहीं बेचा जा सकता है. साथ ही केमिस्ट के लिए डाक्टर की उस पर्ची को ड्रग विभाग को भी जमा कराना होता है. अभी तक इस सूची में एड्स समेत ऐसी गंभीर बीमारियों की दवाएं हैं, जिनका शरीर पर गहरा दुष्प्रभाव होता है, लेकिन मरीज की जान बचाने के लिए उसे इन दवाओं को देना जरूरी होता है.

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का दुष्प्रभाव घातक हो सकता है

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा मलेरिया के इलाज के लिए इस्‍तेमाल की जाती है. मलेरिया की दवा की बिक्री पर प्रतिबंध पहली बार लगा है. कोरोना वायरस (COVID-19) से बचाव और इलाज में क्लोरोक्वीन और हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के कारगर होने की जानकारी के कारण बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करने लगे थे. इसके साथ ही लीवर, दिल और किडनी की बीमारियों के जूझ रहे मरीजों पर इसका दुष्प्रभाव घातक हो सकता है.

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WHO ने कोरोना वायरस से हुई बीमारी का आधिकारिक नाम ‘Covid-2019’ बताया

विश्व स्वास्थ्य संगठऩ (WHO) ने कोरोना वायरस से हुई बीमारी का आधिकारिक नाम ‘कोविड-2019’ (Covid-2019) दिया है. WHO के प्रमुख टेड्रोस अदनॉम ने जिनेवा में इसकी घोषणा की. WHO ने संयुक्त राष्ट्र संकट प्रबंधन दल का गठन किया है जो कोविड-19 पर ध्यान केन्द्रित करेगा.

कोरोना वायरस शब्द उसके नवीनतम प्रारूप को बताने की बजाय केवल उस समूह का उल्लेख करता है जिसका वह सदस्य है. नया नाम, कोरोना वायरस और बीमारी से लिया गया है और साथ में 2019 वर्ष के लिए है जिसमें इस वायरस का प्रकोप सामने आया था. ‘COVID’ में ‘CO’ का मतलब ‘corona’, ‘VI’ का मतलब ‘virus’ और ‘D’ का मतलब ‘disease’ (बीमारी) है. इस वायरस की पहचान पहली बार 31 दिसंबर 2019 को चीन में हुई थी.

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