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भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच वर्चुअल सम्मेलन का आयोजन किया गया

भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच हाल ही में वर्चुअल सम्मेलन का आयोजन किया गया था. इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जबकि लक्ज़मबर्ग की ओर से वहां के प्रधानमंत्री एचई जेवियर बेटटेल ने हिस्सा लिया.

इस सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए दोनों देशों के नेताओं ने भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच साझा सिद्धांतों और लोकतंत्र, कानून के शासन तथा मानवाधिकारों के मूल्यों के आधार पर उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध स्थापित करने पर ज़ोर दिया. दोनों देशों ने व्यापार, वित्त, इस्पात, अंतरिक्ष, आईसीटी और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर द्विपक्षीय समझौतों को और मज़बूत करने पर ज़ोर दिया.

भारत और लक्ज़मबर्ग संबंध

लक्ज़मबर्ग, पश्चिमी यूरोप का देश और यूरोपीय संघ (EU) का संस्थापक सदस्य है. यह पश्चिम और उत्तर में बेल्ज़ियम, पूर्व में जर्मनी और दक्षिण में फ्रांँस के साथ अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है. लक्ज़मबर्ग भारत और EU के संबंधों को मज़बूती प्रदान करने में रचनात्मक भूमिका अदा कर सकता है.

भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच वर्ष 1948 में कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए थे. बीते सात दशक से भी अधिक समय में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में काफी विस्तार हुआ है.

ट्यूनीशिया के प्रधानमंत्री इलियास फाखफाख ने इस्तीफा दिया

ट्यूनीशिया के प्रधानमंत्री इलियास फाखफाख ने 15 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने पद में रहते हुए एक कंपनी में शेयर होने के आरोपों के कारण अपना इस्तीफा दिया है. दरअसल प्रधानमंत्री का एक कचरा निस्तारण कंपनी में शेयर था और उसी कंपनी को 1.50 करोड़ यूरो का सरकारी ठेका भी हासिल हुआ था.

ट्यूनीशिया में राजनीतिक तनाव ऐसे समय में उपजा है जब कोरोना वायरस महामारी और उसकी वजह से लगाए गए लॉकडाउन के बाद देश गहरे आर्थिक और सामाजिक संकटों का सामना कर रहा है.

फाखफाख का प्रधानमंत्री के पद से हटना इस्लामिक पार्टी इनाहदाहा के लिए जीत है. प्रधानमंत्री का इस पार्टी से टकराव था क्योंकि वह एक सहयोगी पार्टी को सरकार विस्तार में जगह देने से इनकार कर रहे थे. फाखफाख ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री के लिए नया नाम तय नहीं कर लिया जाता है तब तक वह काम करते रहेंगे.

पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल की

पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने पांच साल के अपने दूसरे कार्यकाल के लिए जीत हासिल की. रूढ़िवादी डूडा ने हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में वारसा के उदारवादी महापौर रफाल ट्रजासकोव्स्की को हराया है.

इस चुनाव में डूडा को 51.21 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी रफाल ट्रजासकोव्स्की को 48.79 प्रतिशत वोट मिले हैं. इससे पहले आंद्रेजे डूडा ने वर्ष 2015 में पोलैंड का राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता था.

यूरोपीय संसद ने ब्रिटेन के ब्रेक्जिट समझौते को मंजूरी दी

यूरोपीय संसद ने ब्रिटेन के ब्रेक्जिट समझौते को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की अंतिम बाधा भी समाप्त हो गई है. बेक्जिट समझौते के पक्ष में 621 मत पड़े जबकि विरोध में केवल 49 सदस्यों ने वोट किया. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने यूरोपीय संघ के 27 नेताओं के साथ इस समझौते पर बात की थी.

अब लंदन के समय के अऩुसार 31 जनवरी के रात 11 बजे ब्रिटेन यूरोप से अलग हो जाएगा, लेकिन इस वर्ष के अंत तक यूरोपीय संघ के साथ उसके आर्थिक समझौते जारी रहेंगे.

ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग होने वाला पहला देश है और उसके अलग होने के बाद अब यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की संख्या 27 रह गई है.

ब्रेक्जिट क्या है?

ब्रेक्जिट (Britain Exit यानी Brexit) का अर्थ है ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से एक्ज़िट (बाहर निकलना). ब्रिटेन की जनता ने 23 जून 2016 को हुए एक जनमत सर्वेक्षण में यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के पक्ष में मतदान किया था.

यूरोपीय संघ (EU) क्या है?

यूरोपियन संघ (European Union) यूरोप में स्थित 28 देशों का एक राजनैतिक एवं आर्थिक मंच है. इन देशों में आपस में प्रशासकीय साझेदारी होती है. इन सदस्य राष्ट्रों को एकल बाजार के रूप में मान्यता देता है. यूरोपिय संघ ने 1999 में साझी मुद्रा ‘यूरो’ की शुरुआत की जिसे पंद्रह सदस्य देशों ने अपनाया.

ब्रिटेन में ब्रेग्जिट की व्यवस्था प्रदान करने वाले ऐतिहासिक विधेयक को औपचारिक मंजूरी

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने यूरोपीय संघ (EU) से ब्रिटेन के बाहर निकलने (ब्रेग्जिट) की व्यवस्था प्रदान करने वाले ऐतिहासिक विधेयक को औपचारिक मंजूरी दे दी. ब्रिटेन 31 जनवरी को यूरोपीय संघ से बाहर निकलने वाला है.

विधेयक पर महारानी की मंजूरी के बाद यह ‘ब्रेग्जिट कानून’ बन गया है. यह कानून 31 जनवरी को ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से बाहर निकलने में सक्षम बनाता है. ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग होने वाला पहला देश होगा.

ब्रेक्जिट क्या है?

ब्रेक्जिट (Britain Exit यानी Brexit) का अर्थ है ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से एक्ज़िट (बाहर निकलना). ब्रिटेन की जनता ने 23 जून 2016 को हुए एक जनमत सर्वेक्षण में यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के पक्ष में मतदान किया था.

यूरोपीय संघ (EU) क्या है?

यूरोपियन संघ (European Union) यूरोप में स्थित 28 देशों का एक राजनैतिक एवं आर्थिक मंच है. इन देशों में आपस में प्रशासकीय साझेदारी होती है. इन सदस्य राष्ट्रों को एकल बाजार के रूप में मान्यता देता है. यूरोपिय संघ ने 1999 में साझी मुद्रा ‘यूरो’ की शुरुआत की जिसे पंद्रह सदस्य देशों ने अपनाया.

ग्रीस की संसद ने एकातेरिनी सकेलारोपोउलोउ को पहली महिला राष्ट्रपति निर्वाचित किया

ग्रीस की संसद ने 22 जनवरी को एकातेरिनी सकेलारोपोउलोउ को राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित किया. 63 वर्षीय एकातेरिनी देश के इतिहास में पहली महिला राष्ट्रपति हैं. 300 सीटों वाली संसद में 261 सांसदों ने एकातेरिनी के पक्ष में मतदान किया. उन्हें सत्तारूढ़ ‘न्यू डेमोक्रेसी पार्टी’ के सदस्यों का समर्थन भी शामिल है.

एकातेरिनी सकेलारोपोउलोउ 13 मार्च को ग्रीस के 13वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ लेंगी. वह अब तक यूनान के शीर्ष प्रशासनिक न्यायालय, राज्य परिषद की प्रमुख थीं.

ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने की नई तारीख 31 जनवरी तय की गई

यूरोपीय संघ के सदस्यों ने ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग (ब्रेक्जिट) होने की तारीख को तीन महीने आगे बढ़ाने पर 28 अक्टूबर को सहमति दे दी. अब ब्रेक्जिट की तारीख 31 अक्टूबर से बढ़कर 31 जनवरी 2020 हो गई है. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनॉल्ड टस्क ने ब्रेक्जिट की समय-सीमा बढ़ाने की पुष्टि की.