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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमरीका की चार दिन की यात्रा संपन्न की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 से 26 सितम्बर तक अमरीका की यात्रा पर हैं. वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के निमंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करने गये थे. इस यात्रा के दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था.

 अमरीका में वे राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के साथ बातचीत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 सितम्बर को अमेरिका के राष्‍ट्रपति के साथ पहली आमने-सामने की बैठक की थी. इस बैठक में दोनों नेताओं ने कोविड महामारी के खिलाफ संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और हिंद प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव सहयोग का संकल्प लिया.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और अमरीकी उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस के बीच बैठक हुई थी. दोनों नेताओं ने कोविड की स्थिति और इससे निपटने के लिए किये जा रहे प्रयासों पर चर्चा की.

कई अमरीकी कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितम्बर को कई अमरीकी कंपनियों के प्रमुखों (CEO) से मुलाकात किया था. इन कंपनियों में क्‍यलकोम, एडोबी, फर्स्ट सोलर, ब्लैकस्टोन और जनरल एटॉमिक्स शामिल थे.

क्वाड शिखर सम्‍मेलन

प्रधानमंत्री ने वाशिंगटन डीसी में क्वाड शिखर सम्‍मेलन में भी हिस्सा लिया था. इस सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने हिस्सा लिया था.

सम्‍मेलन में कोविड के टीकों की सप्‍लाई, भारत-प्रशांत महासागर क्षेत्र को मुक्‍त और खुला रखने तथा एमर्जिंग टेक्‍नॉलोजीज और साइबर स्‍पेस में भागीदारी बनाने की योजनाएं आदि पर चर्चा हुई. क्वाड सम्मेलन में अपने संबोधन में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय विश्व का कोई भी हिस्सा हिंद-प्रशांत क्षेत्र से अधिक संवेदनशील नहीं है.

क्वाड क्या है? क्वाड भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच एक संगठन है जिसका उद्देश्‍य दुनिया में सप्‍लाई चेन को निर्बाध जारी रखना है और जो किसी एक ही एशियाई देश पर निर्भर ना रहें यह सुनिश्चित करता है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 76वां सत्र

श्री मोदी 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित किया. संयुक्त राष्ट्र का 76वां महाधिवेशन 21 सितम्बर को न्यूयॉर्क में आरंभ हुआ था. अमरीका के राष्‍ट्रपति जो बाइडेन परम्परा के अनुसार अधिवेशन के पहले वक्ता थे.

2021 के संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र का विषय था ‘उम्मीद के माध्यम से लचीलापन बनाना – कोविड -19 से उबरना, स्थायी रूप से पुनर्निर्माण करना, ग्रह की जरूरतों का जवाब देना, लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और संयुक्त राष्ट्र को पुनर्जीवित करना था.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में संयुक्त राष्ट्र संगठन में सुधार, कोविड महामारी, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन की चुनौती जैसे अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बल दिया

द्विपक्षीय बैठकें

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा से अलग-अलग द्विपक्षीय बातचीत की थी. क्वाड नेताओं के शिखर सम्‍मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री सुगा योशीहिदे से मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर चर्चा की.

ग्‍लोबल सिटीजन लाइव कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 25 सितम्बर को ग्‍लोबल सिटीजन लाइव कार्यक्रम को भी वर्चुअल माध्‍यम से सम्‍बोधित किया था. ग्‍लोबल सिटीजन अंतरराष्‍ट्रीय संगठन है जो अत्‍यधिक गरीबी को खत्‍म करने के लिए कार्य कर रहा है. इसके अन्‍तर्गत मुम्‍बई, न्‍यूयॉर्क, पेरिस, रियो डी जनेरो, सिडनी, लॉस एंजलिस, लागोस और सोल सहित प्रमुख शहरों में लाइव कार्यक्रम होंगे.

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जलवायु और पर्यावरण पर सहयोग के लिए भारत और अमेरिका ने CAFMD संवाद शुरू किया

भारत और अमेरिका ने ‘क्लाइमेट एक्शन एंड फाइनेंस मोबिलाइजेशन डायलॉग’ (Climate Action and Finance Mobilization Dialogue – CAFMD) शुरू किया है. इस संवाद की शुरुआत नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव और श्री जॉन केरी, जलवायु के लिए अमेरिका के विशेष राष्ट्रपति दूत ने की. यह संवाद, जलवायु और पर्यावरण पर भारत-अमेरिका द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है.

CAFMD संवाद भारत-अमेरिका जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 साझेदारी के तहत शुरू किया गया है. यह संवाद, पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कार्यों को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाईडेन द्वारा की गई घोषणा की पृष्ठभूमि में शुरू की गई है.

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अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की भारत यात्रा

अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन 27-28 जुलाई को भारत यात्रा पर आये थे. विदेश मंत्री का पद सम्‍भालने के बाद श्री ब्लिंकन की यह पहली भारत यात्रा थी. यात्रा के दौरान परस्‍पर हित के विभिन्‍न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई.

एंटनी ब्लिंकन की भारत यात्रा: मुख्य बिंदु

  • अमरीका के विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. श्री मोदी ने चार देशों के समूह-क्वाड को मजबूत करने, कोविड महामारी से निपटने और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रयासों के लिए अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की सराहना की.
  • विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने श्री एंटनी के साथ बैठक की. बैठक दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि तथा अफगानिस्‍तान में लोकतांत्रिक स्थिरता के लिए प्रयास करने, क्‍वाड्रिलेटरल सिक्‍योरिटी डायलॉग – क्‍वाड को प्रगाढ करने और समकालीन चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने पर बल दिया.
  • अमरीका ने भारत के कोविड रोधी टीकाकरण कार्यक्रम के लिए ढाई करोड़ डॉलर की अतिरिक्त सहायता की घोषणा की.
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अतुल केशप ने भारत में अमरीका के नए राजदूत का कार्यभार संभाला

अतुल केशप ने भारत में अमरीका के नए राजदूत का कार्यभार संभाल लिया है. हाल ही में उन्होंने श्रीलंका और मालदीव में अमरीका के राजदूत के रूप में कार्य किया था.

अमरीकी विदेश विभाग ने कहा है कि भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक अतुल केशप काफी समय से राजनयिक रहे हैं और उनकी नियुक्ति से दोनों देशों के बीच निकट संबंध मज़बूत करने में मदद मिलेगी.

श्री केशप ने कहा कि भारत में अमरीकी मिशन में काम करना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्हें भारतीय मूल का अमरीकी नागरिक होने पर गर्व है और भारत-अमरीका भागीदारी को मज़बूत करने के लिए वे काम करते रहेंगे.

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भारतीय नौसेना और वायुसेना का अमरीकी नौसेना के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ संयुक्त अभ्यास

भारतीय नौसेना और वायुसेना का अमरीकी नौसेना के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के साथ 23-24 जून को पैसेज नेवल अभ्यास (Passage Naval Exercise) आयोजित किया गया था. इसका आयोजन त्रिवेंद्रम के समीप हिंद महासागर में किया गया था. यह संयुक्त अभ्यास अमेरिका के साथ ‘स्ट्रैटेजिक आउटरीच एक्सरसाइज’ का हिस्सा था.

इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के जहाज- कोच्चि और तेग के साथ P-8I तथा मिग-29 लड़ाकू विमान ने हिस्सा लिया. अमेरिका ने अपने नौसेना के करियर स्ट्राइक ग्रुप में रोनल्ड रीगन विमानवाहक पोत को शामिल किया था.

इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य आपसी रिश्तों को मजबूत करना, समुद्री क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना था. इसमें अमरीकी नौसेना और भारतीय नौसेना क्रॉस-डेक हेलिकॉप्‍टर संचालन और पनडुब्बी भेदी अभ्यास किया.

हिन्द महासागर की व्यापक शांति के लिए अभ्यास

दक्षिण चीन सागर में विवाद की वजह से हिन्द महासागर की व्यापक शांति को भी बार-बार खतरा उत्पन्न होता रहा है. इस खतरे को दूर करने के मकसद से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया एक साथ आए हैं. इन देशों के समूह को क्‍वाड के नाम से जाना जाता है.

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भारत और अमेरिका के विदेश मंत्री की बैठक

विदेशमंत्री एस जयशंकर ने अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन से के साथ 28 मई को वाशिंगटन में वार्ता बैठक की. बैठक में द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं तथा क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने हिन्द -प्रशांत और क्वाड समूह के साथ-साथ अफगानिस्तान, म्यांमा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया.

इस बैठक में भारत-अमरीका टीका साझेदारी पर भी चर्चा हुई जिसका उद्देश्य टीके की उपलब्धता बढ़ाना और इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करना था. इससे अब भारत में एस्ट्राजेनेका COVID-19 वैक्सीन ‘Covishield’ के निर्माण में वृद्धि होगी. इस वैक्सीन का विकास ब्रिटिश-स्वीडिश जैव-प्रौद्योगिकी कंपनी ने ‘ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका’ ने किया है, जिसका निर्माण भारत में सीरम इंस्टिट्यूट कर रही है.

बैठक के बाद श्री ब्लिंकेन ने कहा कि अमरीका और भारत वर्तमान समय की अति महत्वपूर्ण चुनौतियों पर मिलकर काम कर रहे हैं, जिसका प्रभाव हमारे नागरिकों के जीवन पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि अमरीका और भारत कोविड महामारी और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से मुकाबले के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए क्वाड तथा संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न संस्थानों के माध्यम से मिलकर काम कर रहे हैं.

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अमेरिका ने भारत सहित 11 देशों को ‘मुद्रा व्यवहार निगरानी सूची’ में रखा

अमेरिका ने भारत सहित 11 देशों को उनकी मुद्रा के व्यवहार को लेकर ‘मुद्रा व्यवहार निगरानी सूची’ (Currency Manipulator Watch List) में रखा है. अन्य 10 देश जापान, चीन, जर्मनी, कोरिया, इटली, आयरलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, मैक्सिको और थाईलैंड हैं.

‘मुद्रा व्यवहार निगरानी सूची’ क्या है?

अमेरिका उन देशों को ‘मुद्रा व्यवहार निगरानी सूची’ में रखता है, जिनके बारे में उसे लगता है कि वे देश डॉलर के मुकाबले अपनी मुद्रा का जान-बूझकर अवमूल्यन करके ‘अनुचित मुद्रा व्यवहारों’ में संलग्न हैं. मुद्रा अवमूल्यन के कारण उस देश का निर्यात अधिक हो जाता है. इसके परिणामस्वरूप व्यापार घाटे में कमी होती है.

अमेरिका द्वारा किस देश को मुद्रा व्यवहार निगरानी सूची में मुख्य रूप से तीन मानदंडों के आधार पर रखा जाता है. ये मानदंड हैं- चालू खाता अधिशेष, द्विपक्षीय व्यापार अधिशेष और विदेशी मुद्रा बाजारों में निरंतर एकतरफा हस्तक्षेप.

भारत को तीन में से दो मानदंडों के आधार पर इस सूची में डाला गया है जो द्विपक्षीय व्यापार अधिशेष और निरंतर एकतरफा हस्तक्षेप हैं.

करेंसी मैनिपुलेटर्स वॉच लिस्ट

यूएस ट्रेज़री विभाग द्वारा व्यापारिक भागीदार देशों की एक सूची बनाई जाती है जिसमें ऐसे भागीदार देशों की मुद्रा के व्यवहार और उनकी वृहद आर्थिक नीतियों पर नजदीकी से नज़र रखी जाती है. यह अमेरिका के 20 सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों के मुद्रा व्यवहारों की समीक्षा करता है.

निगरानी सूची में रखे जाने के प्रभाव

सूची में शामिल करना किसी भी तरह के दंड और प्रतिबंधों के अधीन नहीं है लेकिन यह निर्यात लाभ हासिल करने के लिये मुद्राओं के अवमूल्यन सहित विदेशी मुद्रा नीतियों के संदर्भ में वित्तीय बाज़ारों में देश की वैश्विक वित्तीय छवि को खराब करता है.

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भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ का आयोजन

भारत और अमेरिका के विशेष बलों के बीच हाल ही में संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ (Vajra Prahar) का आयोजन किया गया था. यह आयोजन हिमाचल के चंबा जिले के बकलोह में किया गया था. यह ‘वज्र प्रहार’ का यह 11वां संस्करण था.

इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त मिशन योजना और परिचालन रणनीति जैसे क्षेत्रों में अनुभव साझा करना था. इस अभ्यास का आयोजन बारी-बारी से अमेरिका और भारत में किया जाता है.

भारतीय सेना का विशेष बल 1966 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद बनाया गया था. पैराशूट रेजिमेंट, भारतीय सेना के विशेष बल की पहली इकाई थी. विशेष बल ऑपरेशन ब्लू स्टार, ऑपरेशन पवन, ऑपरेशन कैक्टस और कारगिल युद्ध में शामिल थे.

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भारत और अमेरिका के बीच दूसरी रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी मंत्रीस्तरीय बैठक

भारत और अमेरिका के बीच 18 जुलाई को दूसरी रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी मंत्रीस्तरीय बैठक (US-India Strategic Energy Partnership ministerial meeting) हुई. तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उनके अमेरिकी समकक्ष डैन ब्रोइलेट ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के ज़रिये हुई इस बैठक की सह-अध्यक्षता की. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण समेत कई अहम मुद्दों पर समझौते हुए.

बैठक में दोनों देशों के बीच ऑयल एंड गैस सेक्टर में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच पहली बार रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण को लेकर अहम समझौता हुआ. इसके साथ ही गैस आधारित अर्थव्यवस्था और डीकोर्बोनाइजेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी समझौते हुए.

डीकार्बोनाइजेशन को लेकर दोनों देशों ने उच्च तकनीक की मदद से अक्षय ऊर्जा और जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए एक सार्वजनिक-निजी हाइड्रोजन टास्क फोर्स का भी गठन किया. भारत में अगले साल होने वाले पहले सोलर डेकाथलॉन में सहयोग के लिए भी दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ.

SEP (Strategic Energy Partnership) की स्थापना के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय हाइड्रोकार्बन व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है. 2019-20 के दौरान द्विपक्षीय हाइड्रोकार्बन व्यापार 9.2 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच गया, जो 2017-18 की तुलना में 93% अधिक है.

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अमरीका के राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप की भारत यात्रा, दोनों देशों के बीच 3 अरब डालर से ज्यादा के रक्षा सौदे पर सहमति

अमरीकी राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप ने 24-25 फरवरी को भारत की यात्रा पर थे. उनकी यह पहली भारत यात्रा थी. इस यात्रा में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी पत्‍नी और अमरीका की प्रथम महिला मिलानिया ट्रम्‍प और प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी भी आये थे. इस यात्रा में राष्‍ट्रपति ट्रंप की सलाहकार और उनकी पुत्री इवांका ट्रंप तथा दामाद तथा वरिष्‍ठ सलाहकार जार्ड कुशनर भी शामिल थे.

अहमदाबाद, आगरा और नई दिल्‍ली का दौरा

भारत की इस यात्रा में अमरीकी राष्‍ट्रपति ने अहमदाबाद, आगरा और नई दिल्‍ली का दौरा किया था. यात्रा के दौरान आगरा उन्होंने आगरे का ताजमहल, गुजरात में साबरमती आश्रम और दिल्ली में राष्ट्रपति भवन सहित कुछ प्रमुख स्थानों का दौरा किया.

12 सदस्‍यों का प्रतिनिधिमण्‍डल

अमरीकी राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप और उनकी पत्‍नी मिलानिया ट्रंप के साथ भारत दौरे में उनके साथ 12 सदस्‍यों का प्रतिनिधिमण्‍डल भी था. प्रतिनिधिमंडल में वाणिज्‍य सचिव, ऊर्जा सचिव, राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, कार्यवाहक चीफ ऑफ स्‍टॉफ, राष्‍ट्रपति के दो वरिष्‍ठ सलाहकार, अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार नीति के लिए विशेष प्रतिनिधि और चीफ ऑफ स्टाफ तथा व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव भी शामिल थे.

अहमदाबाद में ‘इंडिया रोड शो’

राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप ने भारत के इस यात्रा की शुरुआत अहमदाबाद से की थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं हवाईअड्डे पर राष्ट्रपति ट्रंप की आगवानी की थी. वहां दोनों नेताओं ने करीब 22 किलोमीटर लंबे भव्य रोड-शो में भाग लिया जिसका नाम ‘इंडिया रोड शो’ दिया गया था.

हैदराबाद हाउस में उच्‍चस्‍तरीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच 25 फरवरी को नई दिल्‍ली के हैदराबाद हाउस में उच्‍चस्‍तरीय वार्ता बैठक हुई. बैठक में व्‍यापार, निवेश, रक्षा तथा सुरक्षा, आतंकवाद से निपटने, ऊर्जा सुरक्षा और हिंद प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया.

वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने 3 अरब डालर से ज्यादा के रक्षा सौदे पर सहमति जतायी. दोनों देशों ने तीन समझौतों पर हस्‍ताक्षर किये. इनमें मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य तथा चिकित्‍सा उत्‍पादों की सुरक्षा के बारे में समझौता ज्ञापन और LNG के निर्यात के लिए एक्‍सन मोबिल तथा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के बीच समझौता शामिल है. दोनों पक्षों ने रणनीतिक ऊर्जा भागीदारी बढ़ाने का भी फैसला किया है.

दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक में चौबीस रोमियो हैलीकॉप्‍टरों की खरीद को भी अंतिम रूप दिया गया. दोनों देश नशीले पदार्थों की तस्‍करी को रोकने के लिए नई व्‍यवस्‍था बनाने पर सहमत हुए. भारत और अमरीका ने आतंकवाद के समर्थकों को भी आतंकवाद का दोषी ठहराने के प्रयास तेज करने का फैसला किया.

मिलानिया ट्रम्‍प हैप्‍पीनैस क्‍लास में शामिल हुई

अमरीका की प्रथम महिला मिलानिया ट्रम्‍प नई दिल्‍ली के मोती बाग में सर्वोदय विद्यालय देखने पहुंची थीं. श्रीमती ट्रम्‍प ने दिल्‍ली के इस स्‍कूल में बच्‍चों से बातचीत की, विद्यालय की विभिन्‍न गतिविधियों की जानकारी ली और वे पाठ्यक्रम की हैप्‍पीनैस क्‍लास में शामिल हुई.

‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम का आयोजन

अमरीकी राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप के स्‍वागत में अहमदाबाद में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था. यह आयोजन मोटेरा में विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम ‘सरदार पटेल स्टेडियम’ में किया गया था. इस स्टेडियम को पहले ‘मोटेरा स्टेडियम’ नाम से जाता था.

अमेरिका के ह्यूस्टन में 2019 में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के आधार पर इस कार्यक्रम का नाम ‘नमस्ते ट्रंप’ रखा गया था. कार्यक्रम का आयोजन डोनाल्ड ट्रम्प नगरिक अभिदान समिति द्वारा किया गया था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने एक लाख से ज्यादा लोगों की उपस्थिति में मंच साझा किया.

भारत की यात्रा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति

डोनाल्ड ट्रंप छठे अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने भारत की यात्रा की है. इससे पहले 1959 में ड्विट डी ईसेनहॉवर, 1969 में निक्सन, 1978 में कार्टर, 2000 में बिल क्लिंटन, 2006 में जार्ज डब्ल्यू बुश और 2010- 2015 में ओबामा भारत के दौरे पर आ चुके हैं. डोनाल्ड ट्रम्प गुजरात का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं.

वर्ष 2000 में अमरीकी राष्‍ट्रपति बिल क्‍लिंटन की भारत यात्रा को परिवर्तनकारी माना जाता है. इस यात्रा के दौरान क्लिंटन और तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की भूमिका रखी थी. यह यात्रा भारत और अमरीका के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी की शुरूआत थी.

साल 2006 में जॉर्ज बुश ने अपने पहले कार्यकाल में भारत की यात्रा की जिसे परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने की उपलब्धि के रूप में याद किया जाता है. इसी समझौते के बाद भारत के लिए वाणिज्यि‍क परमाणु गतिविधियां शुरू करने का रास्ता खुला था.

2010 में बराक ओबामा की यात्रा से भारत-अमरीकी संबंधों को और प्रगाढ़ तथा मजबूत करने का संदेश दिया गया. ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया. ओबामा ने 2015 में अपनी पत्नी मिशेल के साथ दोबारा भारत की यात्रा की और इस तरह पद पर रहते हुए दो बार भारत यात्रा करने वाले वह पहले अमरीकी राष्ट्रपति बने.

भारत और अमरीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार

भारत और अमरीका के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार पिछले दो वर्ष में 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर बढ़ा है और यह 2018 में 142 अरब डॉलर पहुंच गया. दोनों देशों की ओर से वाणिज्यिक वस्तुओं का व्यापार लगभग 87 अरब डॉलर हो गया है. इसमें से भारत ने अमरीका को 54 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओँ का निर्यात किया.

ऊर्जा क्षेत्र में अमरीका, भारत के प्रमुख साझेदार के रूप में उभरा है. अमरीका और भारत के कच्चे तेल के आयात का छठा सबसे बड़ा स्रोत भी बन गया है. भारत ने अमेरिका से 18 अरब डॉलर के रक्षा उत्पादों को खरीद की है.

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चीन को पीछे छोड़कर भारत अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना

अमेरिका अब चीन को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018-19 में भारत और अमेरिका के बीच 87.95 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था. इस दौरान भारत का चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार 87.07 अरब डॉलर रहा. इसी तरह 2019-20 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान भारत का अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार 68 अरब डॉलर रहा, जबकि इस दौरान भारत और चीन का द्विपक्षीय व्यापार 64.96 अरब डॉलर रहा.

भारत-अमेरिका व्यापर: एक दृष्टि

  • अमेरिका उन चुनिंदा देशों में से है, जिसके साथ व्यापार संतुलन का झुकाव भारत के पक्ष में है. वर्ष 2018-19 में भारत का चीन के साथ जहां 53.56 अरब डॉलर का व्यापार घाटा (trade deficit) रहा था, वहीं अमेरिका के साथ भारत 16.85 अरब डॉलर के व्यापार लाभ (trade surplus) की स्थिति में था.
  • भारत और अमेरिका आने वाले समय में भी आर्थिक संबंधों को बढ़ाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. यदि दोनों देश ‘मुक्त व्यापार समझौता’ (FTA) कर लेते हैं तो द्विपक्षीय व्यापार बहुत आगे स्तर पर पहुंच सकता है.
  • अमेरिका के साथ FTA भारत के लिये बेहद फायदेमंद होगा क्योंकि अमेरिका भारतीय माल एवं सेवाओं का सबसे बड़ा बाजार है.
  • अमेरिका के साथ भारत का आयात और निर्यात दोनों बढ़ रहा है, जबकि चीन के साथ आयात-निर्यात दोनों में गिरावट आ रही है.
  • भारत अमेरिका में स्टील, स्टील उत्पाद और एल्युमिनियम उत्पादों का निर्यात करीब 22.7 अरब डॉलर का हुआ था.
    भारत को अमेरिका के साथ FTA करते वक्त सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि अमेरिका मक्का और सोयाबीन जैसे जिंसों का सबसे बड़ा उत्पादक व निर्यातक है.
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सेतुरमन पंचनाथन अमेरिका में प्रतिष्ठित नेशनल साइंस फाउंडेशन के निदेशक चुने गये

अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने भारतीय-अमरीकी कंप्यूटर वैज्ञानिक सेतुरमन पंचनाथन को प्रतिष्ठित नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) का निदेशक चुना है. पंचनाथन फ्रांस कोर्डोवा का स्थान लेंगे, जिनका निदेशक के रूप में छह साल का कार्यकाल 2020 में समाप्त होगा.

NSF एक अमरीकी सरकारी एजेंसी है जो विज्ञान और इंजीनियरिंग के सभी गैर-चिकित्सा क्षेत्रों में मौलिक अनुसंधान और शिक्षा में मदद करती है.

सेतुरमन पंचनाथन वर्तमान में एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य अनुसंधान और नवाचार अधिकारी हैं. इसके अलावा वह ASU में सेंटर फॉर कॉग्निटिव यूबिकिटस कंप्यूटिंग के संस्थापक निदेशक भी हैं.

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