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भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त अभ्यास ‘टाईगर ट्रंफ’ का आयोजन

भारत और अमेरिका के बीच 13 से 21 नवंबर के दौरान संयुक्त सैन्य-अभ्यास (Indo-US Joint Military Exercise) का आयोजन किया गया. इस सैन्य-अभ्यास का नाम ‘टाइगर ट्रंफ’ था. यह सैन्य-अभ्यास आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और काकीनाडा में आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य दोनों ही देशों की सेना के बीच बेहतरीन तालमेल बनाना था.

इस युद्धाभ्यास में भारतीय थल, जल और वायुसेना (त्रि-सेवा) के 1200 जवान और 500 अमेरिकी जवान शामिल हुए. इसमें युद्धाभ्यास के साथ ही आपदा के दौरान मदद पहुंचाने पर भी अभ्यास किया गया. यह भारत और अमेरिका के बीच प्रथम त्रि-सेवा अभ्यास था. इससे पहले 2017 में भारत और रूस के बीच रूस के व्लादिवोस्टोक में त्रि-सेवा युद्ध अभ्यास ‘इंद्र’ का आयोजन किया गया था.

समुद्र में लूट और तस्करी रोकने के लिए अमेरिका के 10वें राष्ट्रीय दक्षिण-पूर्व एशिया सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 9 दिन के इस युद्धाभ्यास का आयोजन किया गया था.

अमेरिका ने इस युद्धाभ्यास को इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का उदाहरण कहा है. डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका ने भारतीय प्रशांत क्षेत्र के सहयोगियों के साथ सुरक्षा सहयोग एक बड़ी रकम खर्च की है ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे.

7वीं भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गयी

7वीं भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी बैठक 1 नवम्बर को नई दिल्ली में आयोजित की गयी. बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और अमरीकी शिष्टमण्डल का नेतृत्व अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन म्नुचिन ने किया.

बैठक में दोनों पक्षों ने धन-शोधन और आतंकवादियों को धन मुहैया कराने की रोकथाम सहित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अफगानिस्तान को ईरान के चाबहार बंदरगाह से सड़क के जरिए संपर्क उपलब्ध कराने पर जोर दिया.

अमरीका-भारत कार्यनीतिक साझेदारी फोरम की बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गयी


अमरीका और भारत के कार्यनीतिक साझेदारी फोरम (US India Strategic Partnership Forum- USISPF) की बैठक 21 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित की गयी. बैठक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों देशों को द्विपक्षीय समझौते जैसे बड़े उपायों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अमरीकी कंपनियों को प्रौद्योगिकी, पूंजी और नए व्यापार मॉडल तथा भारत की जैव ईंधन क्रांति में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया.

अमरीका-भारत कार्यनीतिक साझेदारी फोरम के सदस्यों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की. इस मुलाकात में प्रधानमंत्री ने तीन D डेमोक्रेसी (लोकतंत्र), डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी), और दिमाग (बौद्धिक क्षमता) को भारत की विशिष्ट पहचान बताया. उन्होंने कारोबार आसान बनाने के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कमी, श्रम सुधार और भारतीय युवाओं की उद्यमिता जोखिम क्षमता बढाने जैसे सरकार के उपायों की चर्चा भी की. फोरम के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण में भरोसा व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के अगले 5 वर्ष विश्व के अगले 25 वर्षों का निर्धारण करेंगे.

अमरीका और भारत के कार्यनीतिक साझेदारी फोरम (USISPF) का उद्देश्य आर्थिक वृद्धि, उद्यमिता, रोजगार सृजन और नवाचार क्षेत्रों में भारत और अमरीका के बीच कार्यनीतिक साझेदारी मजबूत करना है. USISPF की स्थापना 2017 में की गयी थी.

प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा 2019: ब्लूमबर्ग ग्लोबल बिजनेस फोरम में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 से 27 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर थे. इस यात्रा के दौरान वह संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के 74वें अधिवेशन को संबोधित करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितम्बर को न्यूयॉर्क में ब्लूमबर्ग ग्लोबल बिजनेस फोरम में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए. उनहोंने दुनिया भर की कंपनियों को भारत में निवेश के लिये आमंत्रित किया.

भारत की विकास गाथा के लिए 4D
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास गाथा के चार अहम तत्व हैं जो एक साथ, दुनिया में मिलने मुश्किल हैं. ये 4D हैं, डेमोक्रेसी, डिमांड, डेमोग्राफी और डिसाइसेवनेस.


प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा: UNGA के 74वें अधिवेशन सहित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 से 27 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा की. इस यात्रा के दौरान उन्होंने संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा (UNGA) के 74वें अधिवेशन को संबोधित करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.

  1. अमरीका की अपनी यात्रा के दौरान श्री मोदी ने 22 सितम्‍बर को भव्‍य ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में हिस्‍सा लिया. ह्यूस्‍टन के एनआरजी स्‍टेडियम में आयजित इस कार्यक्रम में उन्‍होंने भारतीय मूल के करीब पचास हजार अमरीकी नागरिकों और प्रवासियों को संबोधित किया. अमरीकी राष्‍ट्रपति डोनल्‍ड ट्रम्‍प ह्यूस्‍टनके इस कार्यक्रम में शामिल हुए.
  2. 23 सितम्‍बर को प्रधानमंत्री ने न्‍यूयार्कमें संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय में जलवायु शिखर सम्‍मेलन (Climate Action Summit) को संबोधित किया. इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य पेरिस समझौते का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था.
  3. 24 सितम्‍बर को प्रधानमंत्री ने गांधीसोलर पार्क का उद्घाटन किया और महात्‍मा गांधी की 150वीं जंयती के सिलसिले में एक विशेष कार्यक्रम को सबोधित किया. उन्‍होंने अमरीकी राष्‍ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता भी की.
  4. प्रधानमंत्री मोदी को 24 सितंबर को ग्लोबल गोलकीपर अवार्ड से सम्मानित किया गया. यह सम्मान अमेरिका स्थित बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा भारत में स्वच्छ भारत मिशन के कुशल नेतृत्व के लिये प्रदान किया गया.
  5. उन्‍होंने 25 सितम्‍बर को ग्‍लोबल बिजनेस फोरम की बैठक को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास गाथा के चार अहम तत्व हैं जो एक साथ, दुनिया में मिलने मुश्किल हैं. ये 4D हैं, डेमोक्रेसी, डिमांड, डेमोग्राफी और डिसाइसेवनेस.
  6. 26 सितम्‍बर को न्यूयॉर्क में भारत-कैरिकॉम नेताओं की पहली बैठक में 15 कैरिकॉम देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक का आयोजन भारत की पहल पर हुआ था. सेंट लूसिया के प्रधानमंत्री ने इस बैठक की अध्यक्षता की थी.
  7. प्रधानमंत्रीकी अमरीका यात्रा का समापन 27 सितम्‍बर को संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा (UNGA) के 74वें अधिवेशन में उनके भाषण से हुआ. प्रधानमंत्री मोदी का संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह दूसरा संबोधन था. पिछली बार 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था. संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदी में ही अपनी बात रखी.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा 2019: ह्यूस्टन में ‘हाउडी-मोदी’ रैली का आयोजन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 से 27 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर थे. इस यात्रा के दौरान वह संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के 74वें अधिवेशन को संबोधित करने के साथ-साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.

ह्यूस्टन में ‘हाउडी-मोदी’ रैली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अमेरिका यात्रा के दौरान 22 सितम्बर को एक रैली को संबोधित किया. यह रैली अमेरिका में ह्यूस्टन के NRG स्‍टेडियम में आयोजित किया गया था. अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प भी प्रधानमंत्री मोदी की इस रैली में विशेष मैत्री सद्भाव के तौर शामिल हुए.

हाउडी-मोदी: साझा सपने और सुनहरा भविष्‍य

इस रैली का नाम “हाउडी-मोदी” दिया गया था. इस रैली की थीम “साझा सपने और सुनहरा भविष्‍य” था. हाउडी का अर्थ है- आप कैसे हैं. इसका इस्‍तेमाल दक्षिण-पश्चिम अमरीका में सामान्‍य अभिवादन के लिए किया जाता है.

यह कार्यक्रम अपने आप में ऐतिहासिक था क्योंकि पूरे अमरीका से 50 हजार से अधिक भारतीय-अमरीकी लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया. हाउडी मोदी कार्यक्रम का आयोजन टैक्‍सस इंडिया फोरम ने किया था.

हाउडी-मोदी के मुख्य बिंदु

  • पहली बार अमरीका में किसी विदेशी नेता ने इतने विशाल जन-समुदाय को संबोधित किया.
  • अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने हाउडी-मोदी को संबोधित करते हुए मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों की सराहना की.
  • राष्‍ट्रपति ट्रम्‍प ने दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंध मजबूत करने पर बल दिया. उन्होंने कट्टर इस्‍लामी आतंकवाद के खात्मे की बात कही. उन्‍होंने कहा कि सीमा सुरक्षा अमरीका और भारत दोनों के लिए महत्‍वपूर्ण है.
  • अमरीकी राष्ट्रपति ने नवम्‍बर 2019 में दोनों देशों की सेनाओं के तीनों अंगों के संयुक्‍त अभ्‍यास की घोषणा की. यह इस तरह का पहला अभ्‍यास होगा.
  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आतंकवाद और इसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया.
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर के लोग अनुच्‍छेद-370 के कारण विकास के लाभ से वंचित थे तथा आतंकवादी और अलगाववादी ताकतें हालात का फायदा उठा रही थीं.
  • उन्‍होंने दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंध मजबूत करने पर बल दिया. उन्‍होंने कहा कि भारत और अमरीका के मजबूत संबंध एक नये इतिहास के निर्माण के साक्षी बनेंगे.