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भारत और आस्‍ट्रेलिया के बीच ‘टू प्‍लस टू’ मंत्री स्‍तरीय वार्ता आयोजित की गयी

भारत और आस्‍ट्रेलिया के बीच 11 सितम्बर को नई दिल्‍ली में ‘टू प्‍लस टू’ मंत्री स्‍तरीय वार्ता आयोजित की गयी थी. इस वार्ता में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री जयशंकर जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से वहाँ के विदेश मंत्री मारिस पायने और रक्षा मंत्री पीटर डटन ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था.

बैठक में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में अफगानिस्‍तान, हिंद-प्रशांत महासागर में समुद्री सुरक्षा, बहुपक्षीय सहयोग और अन्‍य मुद्दों पर चर्चा हुई.

‘टू प्‍लस टू’ मंत्री स्‍तरीय वार्ता: एक दृष्टि

‘टू प्‍लस टू’ मंत्री स्‍तरीय वार्ता में दोनों देशों के दो-दो मंत्री (रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री) एक वार्ता बैठक में हिस्सा लेते हैं. जून 2020 में भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक बनाने के लिए दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच यह मंत्रिस्‍तरीय वार्ता आयोजित की जा रही है.

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भारत और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय अभ्यास ‘ऑसइंडेक्स’

भारत और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं के बीच 6 से 10 सितम्बर तक द्विपक्षीय अभ्यास ‘ऑसइंडेक्स’ (AUSINDEX) आयोजित किया गया था. यह द्विपक्षीय अभ्यास का चौथा संस्करण था. इस अभ्यास में भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी ने हिस्सा लिया.

इस अभ्यास में भारत के जहाज IN शिवालिक और कदमत शामिल हुए थे, जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से एंजेक क्लास फ्रिगेट HMAS वाररामुंगा ने हिस्सा लिया था. ऑस्ट्रेलिया के इस जहाज ने हाल ही में भारतीय नौसेना इकाइयों के साथ मालाबार अभ्यास में भाग लिया था.

‘ऑसइंडेक्स’ अभ्यास

ऑसइंडेक्स, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आयोजित होने वाला द्विपक्षीय नौसैन्य अभ्यास है. इस अभ्यास की शुरुआत 2015 में हुई थी. ‘ऑसइंडेक्स’ का तीसरा संस्करण 2019 में बंगाल की खाड़ी में हुआ था, जिसमें पहली बार पनडुब्बी रोधी अभ्यास भी शामिल हुआ था.

यह अभ्यास दोनों नौसेनाओं को अंतर-संचालन को और मजबूत करने, सर्वोत्तम प्रथाओं से लाभ उठाने और समुद्री सुरक्षा संचालन के लिए प्रक्रियाओं की एक सामान्य समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है. इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना भी है.

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भारत और ऑस्ट्रेलिया ने नौसैन्य संबंध पर एक संयुक्त दिशा निर्देश पर हस्ताक्षर किए

भारत और ऑस्ट्रेलिया की नौसेना ने आपसी नौसैन्य संबंध पर 18 अगस्त को एक संयुक्त दिशा-निर्देश (Joint Guidance for the Australia- India Navy to Navy Relationship) पर हस्ताक्षर किए. इस दस्तावेज़ पर भारतीय नौसेना के नौसेनाध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह और ऑस्ट्रेलियाई नौसेना प्रमुख, वाइस एडमिरल माइकल जे नूनन ने हस्ताक्षर किए.

  • यह दस्तावेज़ दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) 2020 के अनुरूप है. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के लिए साझा दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस साझेदारी पर सहमति व्यक्त की थी.
  • यह मुख्य रूप से हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS), हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA), पश्चिमी प्रशांत नौसेना संगोष्ठी (WPNS) और विशेषज्ञ कार्य समूहों जैसे क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों में घनिष्ठ सहयोग पर प्रकाश डालता है.
  • यह हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करने में मदद करेगा.
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हिंद महासागर में नौसैनिक अभ्यास आयोजित किया गया

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 23-24 सितंबर को नौसैनिक अभ्यास (PASSEX Exercise) आयोजित किया गया. इसका आयोजन हिंद महासागर के पूर्व में किया गया था. इस अभ्यास में भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (RAN) ने हिस्सा लिया था.

दोनों देशों के बीच इस अभ्यास में भारतीय नौसेना की ओर से सह्याद्री और कर्मुक पोत और ऑस्ट्रेलियाई की ओर से HMAS होबार्ट शामिल हुए थे. इस अभ्यास में हथियार फायरिंग, सीमन्सशिप अभ्यास, नौसैनिक युद्धाभ्यास और क्रॉस डेक ऑपरेशन शामिल थे.

PASSEX मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच नियमित रूप से किया जाने वाला नौसैनिक अभ्यास है. भारतीय नौसेना मित्र देशों की नौसेनाओं की टुकड़ियों के साथ यह अभ्यास एक दूसरे के बंदरगाहों पर या समुद्र में करते हैं. इसका उद्देश्य अंतर-क्षमता को बढ़ाना और आपसी तालमेल में सुधार करना है.

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भारत, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के बीच नए गठबंधन की घोषणा की गई

भारत, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के बीच 10 सितम्बर को एक नए गठबंधन की घोषणा की गई. यह घोषणा तीनों देशों के बीच आयोजित विदेश मंत्रालयों की पहली वर्चुअल बैठक की गई. यह तीनों देशों के बीच पहली बैठक थी जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने किया. फ्रांस से विदेश मंत्रालय में सेक्रेटरी जनरल फ्रांस्वा डिलात्रे और ऑस्ट्रेलिया से विदेश व व्यापार मंत्रालय की सेक्रेटरी फ्रांसिस एडमसॉन ने प्रतिनिधित्व किया.

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा

इस बैठक में तीनों देशों ने स्पष्ट कहा है कि वे इस बेहद चर्चित समुद्री क्षेत्र में साझा रणनीति बना रहे हैं. बैठक में नई भू-राजनीतिक चुनौतियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर सबसे ज्यादा बात हुई है. तीनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग को लेकर भी विमर्श हुआ है. फ्रांस पहले भी हिंद व प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर अपनी चिंता जता चुका है.

चीन के आक्रामक रवैये के खिलाफ

यह गठबंधन चीन के आक्रामकता के खिलाफ संकेत देने के तौर पर देखा जा रहा है. हाल के दिनों में अमेरिका और भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया तीसरा देश है, जो चीन के आक्रामक रवैये के खिलाफ काफी मुखर है. यही नहीं इस महीने के अंत तक भारत, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक नया गठबंधन भी रूप ले रहा है. इन तीनों देशों के विदेश व रक्षा मंत्रियों की भी एक बैठक आयोजित की जानी है. इसके अलाबा भारत, अमेरिका, जापान के साथ ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की बैठक नई दिल्ली में ही आयोजित करने की तैयारी चल रही है. चार देशों के इस गठबंधन को क्वाड नाम दिया गया है.

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भारत-ऑस्‍ट्रेलिया वर्चुअल शिखर सम्‍मेलन, दोनों देशों के बीच सात समझौते

भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच पहला वर्चुअल शिखर सम्‍मेलन 4 जून को आयोजित किया गया. इस सम्‍मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्‍कॉट मॉरिसन ने द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया. वार्ता में दोनों देशों के बीच संबंधों पर विस्तार से उत्कृष्ट चर्चा हुई.

सम्‍मेलन के मुख्य बिंदु

  • सम्‍मेलन के बाद दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की और हिन्‍द-प्रशान्‍त क्षेत्र में समुद्री सहयोग पर एक साझा दृष्टिपत्र जारी किया. दोनों देशों के बीच, व्‍यापक कार्यनीतिक भागीदारी पर संयुक्‍त वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि यह आपसी समझ, भरोसा, साझा हित और लोकतांत्रिक मूल्‍यों पर आधारित होगी.
  • आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताते हुए दोनों देशों ने हर प्रकार के आतंकवाद की निंदा की है और इस बात पर बल दिया है कि आतंकी गतिविधियों को किसी भी हाल में उचित नहीं ठहराया जा सकता.
  • ऑस्ट्रेलिया ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) की सदस्यता के लिए भारत का पुरजोर समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थाई सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया.

दोनों देशों के बीच सहमति और समझौते

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉर्ट मॉरिसन के बीच बातचीत के बाद सात समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. इनमें साइबर और साइबर-सक्षम क्रिटिकल टेक्नोलॉजी सहयोग पर समझौता और खनन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग शामिल हैं.
  • दोनों देशों ने रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी, लोक-प्रशासन और प्रशासनिक सुधारों, व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण तथा जल संसाधन प्रबंधन सहयोग के बारे में भी समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए.
  • भारत और ऑस्‍ट्रेलिया ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का भी संकल्‍प व्यक्‍त किया है और डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था, साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने का फैसला किया है. समुद्री क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर भी दोनों देशों में सहमति बनी.
  • दोनों देश साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के नये उपायों के लिए रक्षा सहयोग और संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास बढ़ाने पर सहमत हुए.
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