Posts

पीएम गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 13 अक्तूबर को प्रधानमंत्री गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti-National Master Plan) का शुभारंभ किया. इसका उद्देश्य देश में समग्र और एकीकृत बुनियादी ढांचे का विकास करना है. शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत 100 लाख करोड़ रुपये की लगत से देश में आर्थिक क्षेत्रों को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी प्रदान किया जायेगा.

मुख्य बिंदु

  • पीएम गति शक्ति अभियान के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य सभी संबंधित विभागों को एक मंच पर जोड़कर बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी परियोजनाओं को अधिक गति और पॉवर शक्ति देना है.
  • गति शक्ति योजना का लक्ष्य सात मूलभूत ढांचा क्षेत्रों सहित 16 मंत्रालयों को एक मंच पर लाना है, ताकि विभिन्न हितधारक मंत्रालयों के बीच परियोजनाएं तैयार करने में समन्वय स्थापित किया जा सके.
  • प्रत्येक मंत्रालय और विभाग द्वारा अलग-अलग योजना बनाने और डिजाइन करने के बजाय एकीकृत योजना और समन्वित कार्यान्वयन के लिए 16 मंत्रालयों और राज्य सरकारों की बुनियादी ढांचा योजनाओं (जिन्हें 2024-25 तक पूरा किया जाना है) को एक मंच पर लाने के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल स्थापित किया जाएगा.
  • पीएम-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत रोड, रेलवे, एविएशन, एग्रीकल्चर सहित विभिन्न मंत्रालयों को, विभागों को इससे जोड़ा जायेगा.

पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन को ‘महारत्न’ का दर्जा दिया गया

बिजली के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तपोषण प्रदान करने वाली कंपनी ‘पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन’ (PFC) को सरकार की ओर से ‘महारत्न’ का दर्जा दिया गया है. उसे यह सम्मान पिछले तीन साल में शानदार वित्तीय प्रदर्शन व परिचालन कुशलता के लिए दिया गया है.

मुख्य बिंदु

महारत्न का दर्जा सरकारी स्वामित्व वाली उस इकाई को दिया जाता है जिसने लगातार तीन वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ या इस अवधि में 25,000 करोड़ रुपये का औसत वार्षिक कारोबार दर्ज किया हो.

‘महारत्न’ का सम्मान मिलने से PFC बोर्ड की वित्तीय फैसले लेने की क्षमता बढ़ेगी. ‘महारत्न’ कंपनी का निदेशक मंडल वित्तीय संयुक्त उद्यम और पूर्ण अनुषंगी इकाईयों को लेकर इक्विटी निवेश पर फैसला कर सकता है. भारत एवं विदेश में विलय और अधिग्रहण कर सकता है. हालांकि, यह संबंधित CPSE के कुल मूल्य के 15 फीसदी तक और एक परियोजना के लिए 5000 करोड़ रुपये तक सीमित होगा.

महारत्न का सम्मान मिलने के बाद PFC सरकार के एजेण्डा के तहत 2030 तक 40 फीसदी हरित ऊर्जा की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता में योगदान देगा.

‘पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन’ (PFC)

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) एक भारतीय वित्तीय संस्थान है. इसकी स्थापना 1986 में हुई थी. यह भारत में विद्युत क्षेत्र की वित्तीय़ इंफ्रास्ट्रक्चर है. यह केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में काम करती है. PFC महारत्न श्रेणी में प्रवेश करने वाली भारत की 11वीं सरकारी स्वामित्व वाली इकाई बन गई है.

भारत की महारत्न कंपनियां

  1. भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL)
  2. तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC)
  3. भारतीय तेल निगम (IOC)
  4. राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (NTPC)
  5. कोल इंडिया लिमिटेड (CIL)
  6. भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL)
  7. भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (GAIL)
  8. हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL)
  9. भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BCL)
  10. पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL)

टाटा सन्‍स ने ‘एयर इंडिया’ का अधिग्रहण किया

टाटा सन्‍स ने सरकार के स्वामित्व वाली विमानन कम्पनी ‘एयर इंडिया’ का अधिग्रहण कर लिया है. उसने एयर इंडिया में सरकार की 100% हिस्सेदारी के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की बोली लगाई थी.

एयर इंडिया: एक दृष्टि

  • एयर इंडिया की स्थापना 1932 में महान व्‍यक्तित्‍व के धनी और समाजसेवी जे.आर.डी. टाटा ने की थी. यह भारत की पहली वाणिज्यिक एयर लाइन थी जो उस समय ‘टाटा एयर लाइन्स’ नाम से जानी जाती थी. 1946 में इसका नाम बदलकर ‘एयर इंडिया’ कर दिया गया.
  • हालांकि, 1953 में सरकार ने टाटा सन्‍स से एयर इंडिया का अधिग्रहण कर लिया था. वर्ष 2021 में एक बार फिर यह टाटा सन्‍स समूह के पास आ गई है.
  • जे.आर.डी. टाटा को भारतीय नागर विमानन का जनक माना जाता है. वह भारत के ऐसे पहले व्‍यक्ति थे जिन्‍हें पायलट का लाइसेंस मिला था. उन्‍हें भारत रत्‍न से सम्‍मानित किया जा चुका है. जे.आर.डी. टाटा का निधन ने 89 वर्ष की आयु में, 29 नवम्‍बर 1993 में को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुआ था.

पीएम-मित्र योजना के तहत देश में 7 टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी दी गयी

सरकार ने पीएम-मित्र योजना (PM Mitra Scheme) के तहत देश में 7 टेक्सटाइल पार्क (MITRA parks) को मंजूरी दी है. यह मंजूरी 6 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दी गयी. इस योजना पर करीब 4,445 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

पीएम-मित्र योजना: मुख्य बिंदु

पीएम-मित्र योजना के तहत देश में 7 टेक्सटाइल पार्क (MITRA parks) बनेंगे और इन टेक्सटाइल पार्कों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 21 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.

तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, असम, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तेलंगाना सरकार ने मित्र-पार्क विकसित करने में रुचि दिखाई है.

केन्द्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने अर्थव्यस्था के क्षेत्र में मजबूत पकड़ के लिए 5-F को कैप्चर करने की बात कही है. 5-F यानी फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन. ये सभी कड़ियां मिलकर वैल्यू चेन को मजबूत करती हैं, लेकिन अभी ये सब अलग-अलग हैं.

कपास गुजरात और महाराष्ट्र में पैदा होता है, वहां से तमिलनाडु जाता है, जहां स्पिनिंग होती है. प्रोसेसिंग के लिए राजस्थान और गुजरात जाता है. वस्त्र दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, कोलकाता में बनते हैं और निर्यात के लिए मुंबई और कांडला जाना पड़ता है. पीएम मित्र योजना के तहत ये सारा कुछ अब इंटीग्रेटेड तरीके से हो सकेगा.

इस परियोजना के तहत, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत राज्य सरकारों और केंद्र के स्वामित्व वाले एक विशेष प्रयोजन वाहन के माध्यम से पार्क स्थापित किए जाएंगे.

आयुध निर्माणी बोर्ड का निगमीकरण, 07 नई कॉर्पोरेट संस्थाओं में विभाजित

भारत के आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) को 01 अक्टूबर, 2021 से भंग कर दिया गया है. OFB भारत में हथियारों और सैन्य उपकरणों का प्रमुख उत्पादक था. 1 अक्टूबर के बाद, इसकी 41 फैक्ट्रियों को 7 नवगठित रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) में स्थानांतरित कर दिया जाएगा.

ये सात नई सरकारी स्वामित्व वाली कॉर्पोरेट संस्थायें वाहन, गोला-बारूद और विस्फोटक, हथियार और उपकरण, ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स गियर, सैनिक आराम के आइटम, पैराशूट और सहायक उत्पाद का उत्पादन करेंगी.

OFB के निगमीकरण का उद्देश्य आयुध आपूर्ति में स्वायत्तता, जवाबदेही और दक्षता में सुधार लाना है. OFB की 41 फैक्ट्रियों को जिन सात नई कॉरपोरेट इकाइयों में बांटा जाएगा. ये इकाई हैं:

  1. गोला बारूद और विस्फोटक समूह (मुनिशन इंडिया लिमिटेड)
  2. वाहन समूह (बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड)
  3. हथियार और उपकरण समूह (उन्नत हथियार और उपकरण इंडिया लिमिटेड)
  4. ट्रूप कम्फर्ट आइटम्स ग्रुप (ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड)
  5. सहायक समूह (यंत्र इंडिया लिमिटेड)
  6. ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स समूह (इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड)
  7. पैराशूट समूह (ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड)

आयुध निर्माणी बोर्ड क्या है?

भारत के आयुध निर्माणी बोर्ड (Ordnance Factory Board) भारतीय सशस्त्र बलों के लिए सैन्य उपकरणों और हथियारों का मुख्य उत्पादक और आपूर्तिकर्ता था. 240 साल पुराने इस द्वारा देश के 41 आयुध कारखानों को नियंत्रित किया जाता था. यह रक्षा मंत्रालय के अधीन एक अधीनस्थ कार्यालय के रूप में कार्य कर रहा था.

ऑटो इंडस्ट्री के लिए ₹26,000 करोड़ की नई PLI स्कीम को मंजूरी दी गयी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऑटो इंडस्ट्री के लिए ₹26,000 करोड़ की नई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को मंजूरी दे दी है. इसका उद्देश्य ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत देश में इलेक्ट्रिक वाहन और हाइड्रोजन ईधन चालित वाहनों के उत्पादन को बढ़ावा देना है.

ऑटो सेक्टर के लिए PLI योजना 2021-22 के बजट में सरकार द्वारा 13 सेक्टर के लिए गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव घोषणाओं का हिस्सा है जिसके लिए सरकार ने 1.97 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय रखा है.

मुख्य बिंदु

  • इसके साथ ऑटो क्षेत्र में ये स्कीम उच्च मूल्य के एडवांस ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी वाहनों और उत्पादों को प्रोत्साहित करेगी. यह हायर टेक्नोलॉजी, अधिक कुशल और ग्रीन ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग में एक नए युग की शुरुआत करेगी. ऑटोमेटिव कंपनियां या इस क्षेत्र में आने वाले इन्वेस्टर्स दोनों ही इस योजना का लाभ ले सकेंगे.
  • इस योजना का लाभ PLI योजना के तहत आने वाले ऑटो कंपोनेंट सेगमेंट शामिल होंगे. इनमें इलेक्ट्रॉनिक पावर स्टीयरिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन असेंबली, सेंसर, सनरूफ, सुपरकैपेसिटर, एडेप्टिव फ्रंट लाइटिंग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और कोलिजन वार्निंग सिस्टम शामिल हैं.
  • देश की मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का लगभग 35 प्रतिशत योगदान है. देश में कुल मिलाकर 12 बिलियन डॉलर का व्हीकल एक्सपोर्ट किया जाता है. 15 बिलियन डॉलर का कॉम्पोनेन्ट एक्सपोर्ट किया जाता है जबकि 17 बिलियन डॉलर का इम्पोर्ट किया जाता है. इस 17 बिलियन के इम्पोर्ट को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है.

सरकार ने कपड़ा क्षेत्र के लिए 10683 करोड़ रुपए की PLI योजना को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कपड़ा क्षेत्र के लिए 10,683 करोड़ रुपए की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना को मंजूरी दी. यह मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 8 सितम्बर को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दी गई.

मुख्य बिंदु

  • केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने MMF (मानव निर्मित रेशे) परिधान, MMF फैब्रिक्स तथा टेक्निकल टेक्सटाइल के 10 खंडों/उत्पादों के लिए PLI योजना को मंजूरी दी है.
  • कपड़ा क्षेत्र के लिए PLI योजना बजट 2021-22 में 13 क्षेत्रों के लिए की गई घोषणाओं का हिस्सा है. बजट में 13 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये की PLI योजनाओं की घोषणा की गई थी.
  • एक अनुमान के अनुसार 5 साल की अवधि में कपड़ा क्षेत्र के लिए PLI योजना से 19,000 करोड़ रुपए से भी अधिक का नया निवेश मिलेगा. योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक का कुल कारोबार हासिल किया जा सकेगा. साथ ही इससे क्षेत्र में 7.5 लाख से भी अधिक लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगारों के साथ-साथ सहायक गतिविधियों के लिए भी कई लाख और रोजगार के अवसरों का सृजन होगा.

असंगठित कामगारों के राष्‍ट्रीय डेटाबेस के लिए “ई-श्रम पोर्टल” का शुभारंभ

भारत में असंगठित कामगारों के राष्‍ट्रीय डेटाबेस के लिए “ई-श्रम पोर्टल” शुरू किया गया है. इस पोर्टल का शुभारंभ श्रम और रोजगार मंत्री भूपेन्‍द्र यादव ने 26 अगस्त को किया.

इस पोर्टल पर देश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों का विवरण दिया जाएगा. इससे कामगारों के लिए विभिन्‍न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बेहतर कार्यान्‍वयन की सुविधा उपलब्‍ध हो सकेगी.

ई-श्रम पोर्टल क्या है?

  • केंद्र सरकार का लक्ष्य 38 करोड़ असंगठित कामगारों जैसे निर्माण मजदूर, प्रवासी कार्यबल, रेहड़ी-पटरी वाले और घरेलू कामगार आदि को एक पोर्टल या सरकारी दस्तावेज में पंजीकृत करना है. इसके लिए लगभग 404 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गयी है.
  • इन श्रमिकों के लिए 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और ई-श्रम कार्ड जारी किया जायेगा जो पूरे देश में मान्य होगा
  • इस सरकारी डेटाबेस में पीएम श्रम योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और पीएम जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) सहित सामाजिक सुरक्षा (पेंशन, बीमा) योजनाओं को जोड़ा जाएगा. असंगठित कामगार इस डेटाबेस प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे.

ई-श्रम पोर्टल पर श्रमिकों का पंजीकरण

  • देश के असंगठित क्षेत्र के कामगार इस पोर्टल या एप्प से निःशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं. पोर्टल पर श्रमिकों के पंजीकरण का समन्वय श्रम मंत्रालय, राज्य सरकारों, ट्रेड यूनियनों और सीएससी द्वारा किया जाएगा.
  • श्रमिकों के प्रश्नों की सहायता और समाधान के लिए एक राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर – 14434 – भी शुरू किया गया है. एक श्रमिक आवश्यक विवरण भरने के अलावा, अपने आधार कार्ड नंबर और बैंक खाते के विवरण का उपयोग करके पर पंजीकरण कर सकता है.
  • इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद श्रमिक भाइयों और बहनों को भारत सरकार की सोशल सेक्योरिटी स्कीम का फायदा लेने के लिए बार-बार पंजीकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी.

सरकार ने ड्रोन उडानें संबंधी नये नियम जारी किये

केंद्र सरकार ने 26 अगस्त को ड्रोन उडानें संबंधी नये नियम जारी किये. इसके अनुसार कार्गो डिलीवरी के लिए ड्रोन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे और व्यापार के अनुकूल नियामक संस्था “मानव रहित विमान प्रणाली संवर्धन परिषद” की स्थापना की जाएगी.

मुख्य बिंदु

  • नये नियमों के अनुसार हवाई अड्डे की परिधि से येलो जोन क्षेत्र को 45 किलोमीटर से घटाकर 12 किलोमीटर कर दिया है.
  • हवाईअड्डे के आसपास ग्रीन जोन में आठ से बारह किलोमीटर के बीच के क्षेत्र में 200 फीट तक ड्रोन के संचालन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है.
  • ड्रोन और ड्रोन टैक्सियों में भारी पेलोड ले जाने की क्षमता को 300 से बढ़ाकर 500 किलोग्राम कर दिया गया है. ड्रोन उडानों की अनुमति की संख्या घटाकर 25 से 5 कर दी गई है.
  • ड्रोन के ट्रांसफर और डी-रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया आसान की गई है. ड्रोन नियम, 2021 के तहत अधिकतम जुर्माना घटाकर 1 लाख रुपए किया गया है. विदेश व्यापार महानिदेशालय ड्रोन के आयात को नियंत्रित करेगा.

वित्त मंत्री ने ‘राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन’ योजना का शुभारंभ किया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 अगस्त, 2021 को चार वर्षीय राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (National Monetisation Pipeline – NMP) योजना का शुभारंभ किया.

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना: मुख्य बिंदु

  • यह केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन है. यह पाइपलाइन नीति आयोग द्वारा अवसंरचना से संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से विकसित की गई है.
  • NMP के तहत वित्तीय वर्ष 2022 से लेकर वित्तीय वर्ष 2025 तक की चार साल की अवधि में केंद्र सरकार की मुख्‍य परिसंपत्तियों के जरिए 6.0 लाख करोड़ रुपये की कुल मुद्रीकरण क्षमता का अनुमान लगाया गया है.
  • मुद्रीकरण का उद्देश्य नई बुनियादी ढांचागत सुविधाओं या अवसंरचना के निर्माण के लिए निजी क्षेत्र के निवेश का उपयोग करना है. यह रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए अत्‍यंत आवश्यक है जिससे आर्थिक विकास की गति को तेज करने के साथ-साथ समग्र जन कल्याण के लिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को निर्बाध रूप से एकीकृत करना भी संभव हो सकेगा.
  • इस योजना के तहत सड़क, रेलवे और बिजली क्षेत्र की संपत्ति मुद्रीकृत होने वाली संपत्ति के कुल अनुमानित मूल्य का 66% से अधिक होगी. शेष अनुमानित मूल्य खनन, दूरसंचार, बंदरगाहों, विमानन, प्राकृतिक गैस, गोदामों और स्टेडियमों और पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइनों जैसे क्षेत्रों से आएगा.
  • यह योजना भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए और अधिक मूल्य बनाने में मदद करेगा और सरकारी स्वामित्व को स्थानांतरित किए बिना निजी भागीदारी के नवीन तरीकों की खोज करेगा.

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने देश में खाद्य तेलों के उत्‍पादन को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय मिशन को मंजूरी दी

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने ‘पाम ऑयल राष्ट्रीय मिशन’ (National Oilseeds and Oil Palm Mission) को मंजूरी दी है. इस मिशन का उद्देश देश में खाद्य तेलों के उत्‍पादन में वृद्धि और आयात पर निर्भरता में कमी लाना है.

पाम ऑयल राष्ट्रीय मिशन: मुख्य बिंदु

  • इस मिशन को केन्‍द्रीय प्रायोजित योजना के रूप में कार्यान्वित किया जाएगा. इस मिशन में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर विशेष ध्‍यान दिया जाएगा.
  • इस योजना के लिए 11,040 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है, जिसमें से केंद्र सरकार 8,844 करोड़ रुपये का वहन करेगी. इसमें 2,196 करोड़ रुपये राज्यों को वहन करना है.
  • इस योजना के अंतर्गत 2025-26 तक पाम ऑयल के लिए 6.5 लाख हेक्‍टेयर अतिरिक्‍त क्षेत्र उपलब्‍ध कराया जाएगा. इस प्रकार पाम ऑयल के लिए 10 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्र का लक्ष्‍य पूरा किया जा सकेगा.
  • क्रूड पाम ऑयल का उत्‍पादन 2025-26 तक बढ़कर 11.20 लाख टन और 2029-30 तक 28 लाख टन हो जाने की उम्‍मीद है.
  • भारतीय तेल ताड़ अनुसंधान संस्थान (IIOPR) ने देश में पाम ऑयल की खेती के लिए 2020 में एक विश्लेषण किया था. इसके अनुसार देश मे 28 लाख हेक्टयर भूमि पर पाम ऑयल की खेती हो सकती है. इसमें से 9 लाख हेक्टेयर भूमि उत्तर-पूर्व में है.

HAL ने ‘हिंदुस्तान -228’ विमान के ‘ग्राउंड रन और लो स्पीड टैक्सी ट्रायल’ को पूरा किया

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने ‘हिंदुस्तान -228’ (VT-KNR) विमान के ‘ग्राउंड रन और लो स्पीड टैक्सी ट्रायल’ (LSTT) को सफलतापूर्वक पूरा किया है. DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ‘टाइप सर्टिफिकेशन’ के लिए यह ट्रायल किया गया है.

यह विमान HAL के कानपुर केन्द्र में 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा था. यह भारत में मेड-इन-इंडिया नागरिक विमानन के लिए एक प्रमुख मील का पत्थर है. यह क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है.

भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) को समर्थन देने के लिए हिंदुस्तान -228 विमान का निर्माण किया जा रहा है. इस विमान का उपयोग सिविल संचालकों और राज्य सरकारों द्वारा प्रशिक्षण, रखरखाव आदि सहित अपने अंतर-राज्यीय संपर्क के लिए सफलतापूर्वक किया जा सकता है.

हिंदुस्तान-228: एक दृष्टि

हिंदुस्तान-228 (Hindustan-228) 19 सीटों वाला मल्टीरोल यूटिलिटी विमान है. इसका निर्माण भारत के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने किया है. HAL एक सरकारी स्वामित्व वाली एयरोस्पेस और रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी है.

इस नागरिक संस्करण का उपयोग एयर एम्बुलेंस, VIP परिवहन, यात्री परिवहन, कार्गो परिवहन, क्लाउड सीडिंग, उड़ान निरीक्षण भूमिकाओं और मनोरंजक गतिविधियों जैसे पैरा जंपिंग, फोटोग्राफी के लिए किया जा सकता है.