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बांग्लादेशी वैज्ञानिक व पाकिस्तानी अर्थशास्त्री सहित पांच को रेमन मैग्सेसे पुरस्कार

वर्ष 2021 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (Raman Magsaysay Award) के लिए बांग्लादेश की वैक्सीन वैज्ञानिक डॉ. फिरदौसी कादरी और पाकिस्तान के अर्थशास्त्री मोहम्मद अमजद साकिब सहित पांच लोगों को चुना गया है.

डॉ. फिरदौसी और साकिब के अलावा इस सूची में फिलीपींस के मत्स्य एवं सामुदायिक पर्यावरणविद रॉबर्टो बैलोन, मानवीय कार्यों एवं शरणार्थी सहायता के क्षेत्र में काम करने वाले अमेरिकी नागरिक स्टीवन मंसी और इंडोनेशिया के खोजी पत्रकार वॉचडॉक शामिल हैं. विजेताओं को मनीला के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार केंद्र में 28 नवंबर को एक समारोह में इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.

वैक्सीन वैज्ञानिक 70 वर्षीय डॉ कादरी को वयस्कों, बच्चों और शिशुओं के लिए हैजा रोधी मुंह से दिया जाने वाला सस्ता टीका और टाइफाइड का टीका विकसित करने का श्रेय है.

64 वर्षीय पाकिस्तानी साकिब ने पहला ब्याज मुक्त माइक्रोफाइनेंस कार्यक्रम ‘अखूवत’ विकसित किया है. साकिब को पाकिस्तान में सबसे बड़ा माइक्रोफाइनेंस संस्थान बनाने का श्रेय है.

रेमन मैग्सेसे पुरस्कार

रेमन मैग्सेसे पुरस्कार को एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है. यह पुरस्कार एशिया के उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने गरीबी उन्मूलन और समाज के विकास में असाधारण योगदान दिया है. फ़िलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति रेमन मैग्सेसे की याद में यह पुरस्कार 1957 में शुरू किया गया था.

अब तक 53 भारतीयों को यह पुरस्कार मिल चुका है. पहला अवॉर्ड 1958 में विनोवा भावे को दिया गया था.

स्पेन ने भारतीय अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को शीर्ष पुरस्कार से सम्मानित किया

स्पेन ने भारतीय अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को “प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस अवार्ड” (Princess of Asturias Award) से सम्मानित किया है. उन्हें सामाजिक विज्ञान श्रेणी में सम्मानित किया गया है. इस पुरस्कार में 50,000 यूरो का नकद पुरस्कार, सहित जोआन मिरो की प्रतिमा प्रदान किया जाता है.

अकाल, मानव विकास का सिद्धांत, गरीबी असमानता आदि पर उनके द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है. सामाजिक विज्ञान श्रेणी में यह स्पेन का सर्वोच्च पुरस्कार है.

अमर्त्य सेन को 1998 में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. भारत सरकार ने 1999 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था.

भारतीय संरक्षणवादी नुक्लू फोम को 2021 के व्हिटली अवार्ड से सम्मानित किया गया

नागालैंड के संरक्षणवादी कार्यकर्त्ता नुक्लू फोम (Nuklu Phom) सहित विश्व के पांच व्यक्ति को व्हिटली अवार्ड (Whitley Awards) 2021 से सम्मानित किया गया है. वह यह पुरस्कार जीतने वाले पहले और एक-मात्र भारतीय है. पुरस्कार समारोह का आयोजन ब्रिटेन के व्हिटली फंड फ़ॉर नेचर (WFN) ने 12 मई को किया था. पुरस्कार विजेताओं को 40,000 पाउंड की राशि प्रदान की जाती है.

नुक्लू फोम (Nuklu Phom) नागालैंड के संरक्षणवादी कार्यकर्त्ता हैं. वह अमूर बाज़ (Amur Falcons) पक्षी के संरक्षण के लिए जाने जाते है. उन्हें “नागालैंड के अमूर फाल्कन मैन” (Amur Falcon Man of Nagaland) के रूप में भी जाना जाता है. नागालैंड में करीब 10 लाख से अधिक अमूर बाज़ पाए जाते हैं. इस कारण नागालैंड को “Falcon Capital of the World” कहा जाता है.

व्हिटली अवार्ड्स (Whitley Awards): एक दृष्टि

व्हिटली अवार्ड्स के वार्षिक पुरस्कार है जिसे Whitley Fund for Nature (Whitley Fund for Nature) द्वारा प्रदान किया जाता है. इस पुरस्कार से उल्लेखनीय योगदान देने वले संरक्षण कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाता है. इस पुरस्कार को “ग्रीन ऑस्कर” (Green Oscar) भी कहा जाता है. व्हिटली फंड फ़ॉर नेचर की स्थापना एडवर्ड व्हिटली (Edward Whitley) ने 1994 में की थी.

जापान ने भारतीय शिक्षिका श्यामला गणेश को ‘ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन’ से सम्मानित किया

जापान सरकार ने भारतीय शिक्षिका श्यामला गणेश को ‘ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन’ (Order of Rising Sun) से सम्मानित किया है. उन्हें यह सम्मान भारत में जापान की बेहतर समझ को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच संबंध को प्रगाढ़ बनाने के लिए सम्मानित किया है.

ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन: एक दृष्टि

‘ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन’ जापान की संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण के प्रचार और अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों में उपलब्धि के लिए किसी व्यक्ति को दिया जाता है. जापान के बादशाह मेइजी ने 1875 में इस सम्मान को शुरू किया था. यह जापानी सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च पुरस्कार है.

श्यामला गणेश

श्यामला गणेश, बेंगलुरु स्थित सेप्टुजेनिरेनियन संस्थान (Septuagenarian institution) में एक जापानी भाषा की शिक्षक हैं. श्यामला ने अपने पति गणेश के साथ 1983 में बेंगलुरु में जापानी भाषा स्कूल शुरू किया था.

अंजलि भारद्वाज सहित 12 को अन्तर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार रोधी चैंपियंस अवॉर्ड

अमेरिका ने 24 फरवरी को ‘अन्तर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार रोधी चैंपियंस अवॉर्ड’ (International Anticorruption Champions Award) के लिए 12 लोगों के नाम की घोषणा थी. इनमें भारत की सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज का नाम भी शामिल है.

48 वर्षीय अंजलि भारद्वाज सतर्क नागरिक संगठन की (SNS) संस्थापक हैं. यह नागरिकों का एक ऐसा समूह है, जो सरकार में पारदर्शिता और जवाबदेही तथा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देता है. वे ‘सूचना के जन अधिकार का राष्ट्रीय अभियान’ की संयोजक हैं. उन्होंने भारत में सूचना के अधिकार आंदोलन में एक सक्रिय सदस्य के बतौर भूमिका निभाई है.

मणिपुर के थांगजाम धबाली सिंह को ‘ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन’ से सम्मानित किया गया

जापान सरकार ने मणिपुर के डॉक्टर थांगजाम धबाली सिंह को ‘ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन’ से सम्मानित किया है. उन्हें यह सम्मान भारत में जापान की बेहतर समझ को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच संबंध को प्रगाढ़ बनाने के लिए दिया गया है.

थांगजाम धबाली सिंह पेशे से एलोपैथिक डॉक्टर और मणिपुर पर्यटन फोरम (MTF) के संस्थापक हैं. उन्हें 29 अप्रैल को जापान की सरकार ने ‘ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन-गोल्ड एंड सिल्वर रेज’ से सम्मानित किया.
सिंह ने द्वितीय विश्वयुद्ध के इम्फाल युद्ध की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर कार्यक्रम आयोजित कराया था जिसमें भारत में जापान के दूतावास के कई अधिकारियों समेत वहां के कई नागरिकों ने हिस्सा लिया था.

ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन: एक दृष्टि

‘ऑर्डर ऑफ राइजिंग सन’ जापान की संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण के प्रचार और अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों में उपलब्धि के लिए किसी व्यक्ति को दिया जाता है. जापान के बादशाह मेइजी ने 1875 में इस सम्मान को शुरू किया था.

IIT मद्रास के प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप का चयन निक्केई एशिया पुरस्कार के लिए किया गया

जापान के प्रतिष्ठित 25वें निक्केई एशिया पुरस्कार (25th Nikkei Asia Prize) 2020 की घोषणा 1 मई को गयी. IIT मद्रास के प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है.

प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप

प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप का चयन ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ की श्रेणी में किया गया है. नैनो-प्रौद्योगिकी आधारित जल शुद्धिकरण (water purification) के उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
उन्हें हाल ही में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.

अन्य दो श्रेणी के पुरस्कार

भारतीय प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप के अलावे राम प्रसाद कदेल (नेपाल) को संस्कृति और समुदाय की श्रेणी में और एंथनी टैन और टैन होई लिंग (मलेशिया) को आर्थिक और व्यापार नवाचार श्रेणी में यह पुरस्कार दिया जायेगा.

निक्केई एशिया पुरस्कार: एक दृष्टि

  • निक्केई एशिया पुरस्कार जापान द्वारा प्रत्येक वर्ष तीन श्रेणियों- ‘आर्थिक और व्यापार नवाचार’ (Economic and Bussiness Innovation), विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science and Technology) तथा संस्कृति एवं समुदाय (Culture and Community) में प्रदान किया जाता है.
  • पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (वर्ष 1997), इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति (वर्ष 2001) प्रो. सीएन राव (वर्ष 2008), डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी (वर्ष 2014), अक्षय पात्र फाउंडेशन (वर्ष 2016) तथा नंदन नीलेकणि (वर्ष 2017) को इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले भारतीय हैं.

भारतीय शिक्षाविद गीता सेन को डैन डेविड पुरस्कार से सम्मानित किया गया

भारतीय शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्त्ता गीता सेन को प्रतिष्ठित ‘डैन डेविड पुरस्कार 2020’ से सम्मानित किया गया है. उन्हें इस पुरस्कार के “वर्तमान” श्रेणी में यह पुरस्कार दिया गया है. गीता सेन महिलाओं के अधिकारों, यौन स्वास्थ्य और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है.

डैन डेविड पुरस्कार: एक दृष्टि

  • डैन डेविड पुरस्कार (Dan David Prize) प्रत्येक वर्ष इजराइल के डैन डेविड फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है. यह पुरस्कार इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च के क्षेत्र में तीन श्रेणियों (अतीत, वर्तमान और भविष्य) में दिया जाता है.
  • इस पुरस्कार के रूप में 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि प्रदान की जाती है.
  • यह पुरस्कार पाने वाले भारतीयों में सीएनआर राव (2005), जुबिन मेहता (2007), अमिताव घोष (2010) और श्रीनिवास कुलकर्णी (2017) और इतिहासकार संजय सुब्रमण्यम (2019) शामिल हैं.

भारतीय मूल के ईश्वर शर्मा को ‘ग्लोबल चाइल्ड प्रॉडिजी अवार्ड-2020’ से सम्मानित किया गया

भारतीय मूल के दस वर्षीय ब्रिटिश छात्र ईश्वर शर्मा को योग के क्षेत्र में योगदान के लिए ‘ग्लोबल चाइल्ड प्रॉडिजी अवार्ड-2020’ से सम्मानित किया गया है. उन्हें ‘अंडर-11 योग चैंपियन’ को योग के क्षेत्र में योगदान के लिए ब्रिटेन से चुना गया था.

इस पुरस्कार के तहत 45 देशों और 30 विभिन्न श्रेणियों के लिए आवेदकों को चुना जाता है. शर्मा को हाल में नयी दिल्ली में नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरन बेदी की मौजूदगी में आयोजित विशेष कार्यक्रम में पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

स्वीडन की ग्रेटा थुनबर्ग को टाइम पत्रिका का ‘पर्सन ऑफ द ईयर 2019’ घोषित किया गया

जलवायु और पर्यावरण कार्यकर्ता स्वीडन की 16 वर्षीय ग्रेटा थुनबर्ग को टाइम पत्रिका का ‘पर्सन ऑफ द ईयर 2019’ (Time 2019 Person of the Year) घोषित किया गया है. वे टाइम पत्रिका की पर्सन ऑफ द ईयर घोषित होने वाली सबसे कम उम्र की हस्‍ती हैं.

इस घोषणा से पहले ग्रेटा ने मैड्रिड में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर बैठक ‘COP 25’ को संबोधित किया था. संबोधन में उन्होंने विश्व नेताओं से वास्तविक कार्रवाई से बचने के लिए गलत तरीका अपनाने पर रोक लगाने की अपील की थी.

ग्रेटा थुनबर्ग: एक दृष्टि

  • स्वीडन के 16 साल की ग्रेटा ने पर्यावरण के मुद्दे पर अपनी देश की संसद के बाहर प्रदर्शन किया था और विश्वभर में युवाओं के आंदोलन का नेतृत्व किया था. उन्होंने ‘फ्राइडेज फॉर फ्युचर’ प्रदर्शन की अगुवाई की थी, जिसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया था. ग्रेटा को इस वर्ष (2019) के नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया था.
  • ग्रेटा सितंबर में उस वक्त चर्चा में आई थीं जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में दुनियाभर के शक्तिशाली नेताओं पर ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन से निपटने में नाकाम रहने और इस तरह नई पीढ़ी से विश्वासघात करने का आरोप लगाया था.
  • उन्होंने अमीर देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए बेहद नाराजगी भरे स्वर में कहा था, ‘अपनी खोखली बातों से आपने मेरे सपने और मेरा बचपन छीन लिया है. लोग त्रस्त हैं, लोग मर रहे हैं. पूरी पारिस्थितिकी ध्वस्त हो रही है. हाउ डेयर यू.’

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को वर्ष 100वां नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सहयोग में उनके योगदान के लिए 2019 का नोबेल शांति पुरस्कार से 10 दिसम्बर को सम्मानित किया गया. उन्होंने ओस्लो के सिटी हॉल में एक समारोह में यह पुरस्कार प्राप्त किया. इस पुरस्कार की घोषणा अक्टूबर 2019 में की गयी थी.
इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार अब तक प्रदान किया गया 100वां पुरस्‍कार था. नोबेल शांति पुरस्कार के रूप में एक प्रमाण-पत्र, स्वर्ण पदक और नौ मिलियन स्वीडिश क्रोनर की राशि प्रदान की जाती है.

इथियोपिया और इरिट्रिया के बीच शांति समझौता के लिए दिया गया
अफ्रीकी देश इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पड़ोसी देश इरिट्रिया के साथ सालों से चले आ रहे सीमा विवाद को हल करने में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए दिया गया है.

43 साल के अबी अहमद को इथियोपिया का ‘नेल्सन मंडेला’ भी कहा जाता है. वह अप्रैल 2018 में इथियोपिया के प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी इरिट्रिया के साथ खूनी संघर्ष को खत्म करने के उनके शांति प्रयासों को देखते हुए लोग उनकी तुलना नेल्सन मंडेला से की जाती है.

उन्हीं के प्रयासों का नतीजा था कि 2018 में इथियोपिया और इरिट्रिया ने सीमा विवाद को हल करने के लिए शांति समझौता किया. 1998 से 2000 के बीच दोनों देशों के बीच युद्ध चला था.

ग्रेटा थनबर्ग को अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया

स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ उनके संघर्ष के लिए 20 नवम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. कैमरून की शांति कार्यकर्ता 15 वर्षीय डिविना मलौम को भी अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

यह पुरस्कार डच बाल अधिकार संगठन ‘किड्स राइट’ 2005 से देता आ रहा है. भारतीय बाल अधिकार कार्यकर्ता और 2014 के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने यह पुरस्कार प्रदान किया. थनबर्ग समारोह में उपस्थित नहीं हो सकीं क्योंकि वह मेड्रिड में एक अंतर्राष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन में भाग लेने के लिए नाव से अटलांटिक महासागर पार कर रही हैं.

ग्रेटा थनबर्ग: एक दृष्टि
16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग, स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट मूवमेंट की संस्थापक हैं. उन्होंने स्वीडन की संसद के समक्ष पेरिस समझौते के मुताबिक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था. जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को रोकने के लिए आवाज उठाने वाली थनबर्ग ने पिछले साल अंतर्राष्ट्रीय पटल पर दस्तक दी, जब उन्होंने जलवायु परिवर्तन के विरोध में स्कूल हड़ताल की थी.