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8 दिसम्बर: दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन का स्‍थापना दिवस

8 दिसम्बर को दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) का 35वां स्‍थापना दिवस (35th SAARC Founding Day) है. इसी दिन सार्क समूह के घोषणा पत्र पर हस्‍ताक्षर किये गए थे.

स्‍थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सार्क देशों से आतंकवाद और इसे समर्थन देने वाली ताकतों से निपटने के लिए कारगर उपायों की अपील की है. सार्क सचिवालय को भेजे गए पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि एकजुट प्रयासों से संगठन की मजबूती को बल मिलेगा.

श्री मोदी ने कहा कि सार्क देशों के बीच अधिक सहयोग के भारत के प्रयासों को आतंकवादी गतिविधियों से लगातार चुनौती मिलती रही है. ऐसे में संगठन की पूरी क्षमता के उपयोग के लिए साझा प्रयास जरूरी है. उन्होंने कहा कि संगठन ने प्रगति की है लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना जरूरी है.

पिछला सार्क शिखर सम्‍मेलन वर्ष 2014 में काठमांडू में हुआ था. 2016 का शिखर सम्‍मेलन पाकिस्‍तान के इस्‍लामाबाद में होना था लेकिन उरी आतंकी हमले के बाद भारत ने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया था. बंगलादेश, भूटान और अफगानिस्‍तान के भी इंकार के बाद सम्‍मेलन रद्द कर दिया गया.

ओपेक और सहयोगी देशों ने तेल उत्पादन में प्रतिदिन पांच लाख बैरल कटौती करने का फैसला किया

पेट्रोलियम उत्पादक निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) और रूस सहित सहयोगी देशों ने तेल उत्पादन में प्रतिदिन पांच लाख बैरल कटौती करने का फैसला किया है. यह फैसला OPEC सदस्यों की 6 दिसम्बर को वियना में हुई बैठक में लिया गया. यह कटौती 1 जनवरी 2020 से लागू होगा.

उत्पादक देशों का मानना है कि इस समय वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति जरूरत से अधिक है, जिससे तेल की कीमतें नीचे आने का जोखिम हो सकता है. इससे पहले इन देशों में दिसंबर 2018 में उत्पादन को अक्टूबर 2018 के स्तर से 12 लाख बैरल कम करने का समझौता हुआ था. कटौती मार्च 2020 तक बनाए रखने का निर्णय हुआ था.

ओपेक (OPEC): एक दृष्टि

  • ओपेक या OPEC, Organization of the Petroleum Exporting Countries का संक्षिप्त रूप है.
  • यह पेट्रोलियम उत्पादक देशों का संगठन है. इस संगठन का मुख्यालय ऑस्ट्रिया के विएना में है.
  • OPEC की स्थापना सितम्बर 1960 में हुई थी तथा 1961 से इस संगठन ने अपना काम करना शुरू कर दिया था.
  • इसके सदस्य हैं: अल्जीरिया, अंगोला, ईक्वाडोर, इरान, ईराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, नाइजीरिया, लीबिया तथा वेनेजुएला, गबोन, इक्वेटोरियल गिनी.
  • OPEC देश विश्व के कुल 43% तेल का उत्पादन करते हैं, विश्व के तेल भंडार का 73% हिस्सा OPEC देशों में स्थित है.
  • OPEC का उद्देश्य पेट्रोलियम नीति पर सदस्य देशों के साथ समन्वय करना तथा पेट्रोलियम की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है.

नाटो शिखर सम्मेलन 2019 का आयोजन ब्रिटेन के वाटफोर्ड में किया गया

नाटो (North Atlantic Treaty Organization) देशों का शिखर सम्मेलन 2019 का आयोजन 3 से 4 दिसम्बर को ब्रिटेन के वाटफोर्ड में किया गया. यह सम्मेलन इस संगठन के 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था. सम्मलेन में नाटो सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया. नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने इस सम्मलेन की अध्यक्षता की.

शिखर सम्मेलन का उद्देश्य नाटो के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों को सहयोगयात्मक गतिविधियों के लिए रणनीतिक दिशा का मूल्यांकन करना था.

नाटो देश: एक दृष्टि

  • नाटो, उत्‍तरी एटलांटिक संधि संगठन (North Atlantic Treaty Organization) का संक्षिप्त रूप है. इसकी स्थापना 04 अप्रैल 1949 को हुई थी. इसका मुख्यालय ब्रुसेल्स (बेल्जियम) में है.
  • यह एक सैन्य गठबंधन है, जिसके तहत सदस्य देश बाहरी हमले की स्थिति में उसके विरुद्ध सहयोग करते हैं.
  • आरम्भ में नाटो के सदस्यों की संख्या 12 थी. अब नाटो के 30 सदस्य देश हैं. मैसिडोनिया, 6 फरवरी 2019 को नाटो का 30वॉ सदस्य देश बना है.
  • नाटो के सभी सदस्यों की संयुक्त सैन्य खर्च दुनिया के रक्षा व्यय का 70% से अधिक है, जिसका संयुक्त राज्य अमेरिका अकेले दुनिया का कुल सैन्य खर्च का आधा हिस्सा खर्च करता है और ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली 15% खर्च करते हैं.

मात्सुगु असकवा एशियन डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए

मात्सुगु असकवा एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के नये अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए हैं. ADB बोर्ड के सदस्यों ने 2 दिसम्बर को मनीला में सर्वसम्मति से उन्हें अपना नया अध्यक्ष चुना. वह 17 जनवरी 2020 को ADB के 10वें अध्यक्ष के तौर पर पदभार ग्रहण करेंगे. मात्सुगु वर्तमान में जापान के प्रधान मंत्री और वित्त मंत्री के विशेष सलाहकार नियुक्त हैं.

मात्सुगु असकवा, ताकेहिको नाकाओ का स्थान लेंगे. नाकाओ ने सितम्बर 2019 में त्यागपत्र देने की घोषणा की थी.

एशियाई विकास बैंक: एक दृष्टि

  • एशियाई विकास बैंक (ADB) एक क्षेत्रीय विकास बैंक है जिसकी स्थापना 19 दिसंबर 1966 को एशियाई देशों के आर्थिक विकास को सुगम बनाने के लिए की गयी थी.
  • इस बैंक की स्थापना 31 सदस्यों के साथ हुई थी, अब ADB के पास अब 68 सदस्य हैं, जिसमें से 48 एशिया और पैसिफिक से हैं और 19 सदस्य बाहरी हैं.
  • ADB का मुख्यालय मनीला, फिलिपिन्स में है और इसके प्रतिनिधि कार्यालय पूरे विश्व में हैं.
  • ADB का प्रारूप वर्ल्ड बैंक के आधार पर बनाया गया था और वर्ल्ड बैंक के समान यहां भी भारित वोट प्रणाली की व्यवस्था है जिसमें वोटों का वितरण सदस्यों के पूंजी अभिदान अनुपात के आधार पर किया जाता है.
  • वर्तमान में, संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान दोनों के ही पास शेयरों का सबसे बड़ा हिस्सा है, जो कुल शेयर का 12.756 प्रतिशत है.

यूरोपीय आयोग की नव-निर्वाचित अध्‍यक्ष उर्सुला फान दे लायन ने कार्यभार संभाला

यूरोपीय आयोग की नव-निर्वाचित अध्‍यक्ष उर्सुला फान दे लायन ने 2 दिसम्बर को कार्यभार संभाल लिया. उर्सुला जर्मनी की पूर्व रक्षा मंत्री हैं. वह यूरोपीय आयोग की पहली महिला अध्‍यक्ष निर्वाचित हुई हैं.

यूरोपीय संसद ने जुलाई 2019 में इटली के डेमोक्रैट डेविड सासोली को अपना अध्यक्ष, जर्मनी की रक्षा मंत्री उरसुला वोन डेन लेयन को यूरोपीय आयोग का प्रमुख और IMF प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्द को यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अध्यक्ष के तौर पर निर्वाचित किया था.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने उर्सुला को कार्यभार संभालने पर बधाई देते हुए कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी लोकतंत्र, कानून सम्‍मत शासन के प्रति आदर, बहु-पक्षवाद, नियम आधारित व्‍यापार और अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यवस्‍था जैसे साझा मूल्‍यों पर आधारित है. सुश्री फान दे लायन ने प्रधानमंत्री को अगले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्‍मेलन के लिए ब्रसेल्‍स आने का निमंत्रण दिया. प्रधानमंत्री ने यह निमंत्रण स्‍वीकार कर लिया है.

यूरोपीय संघ क्या है?

  • यूरोपियन संघ (यूरोपियन यूनियन) मुख्यत: यूरोप में स्थित 28 देशों का एक राजनैतिक एवं आर्थिक मंच है. इन देशों में आपस में प्रशासकीय साझेदारी होती है जो संघ के कई या सभी राष्ट्रों पर लागू होती है.
  • यूरोपियन संघ की वैधानिक स्थापना 1993 में मास्त्रिख (Maastricht, Netherlands) संधि द्वारा हुई थी.
  • यूरोपीय संघ के महत्वपूर्ण संस्थानों में यूरोपियन कमीशन, यूरोपीय संसद, यूरोपीय संघ परिषद, यूरोपीय न्यायलय एवं यूरोपियन सेंट्रल बैंक इत्यादि शामिल हैं.
  • यूरोपिय संघ सदस्य राष्ट्रों को एकल बाजार के रूप में मान्यता देता है एवं इसके कानून सभी सदस्य राष्ट्रों पर लागू होते हैं.
  • 1999 में यूरोपिय संघ ने साझी मुद्रा यूरो की शुरुआत की थी, जिसे पंद्रह सदस्य देशों ने अपनाया था.

सऊदी अरब को जापान के बाद जी-20 देशों का अध्यक्ष बनाया गया

सऊदी अरब को जापान के बाद जी-20 देशों का अध्यक्ष बनाया गया है. जी-20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण करने वाला यह पहला अरब देश है. जी-20 सम्मेलन 21 और 22 नवंबर 2020 को सऊदी अरब की मेजवानी में राजधानी रियाद में होगा.

सऊदी अरब ने समूह के मौजूदा कार्यों को जारी रखने और विभिन्न मुद्दों पर बहुराष्ट्रीय सहमति बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है. सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने इसे अंतर्राष्ट्रीय तालमेल को आकार देने का महत्वपूर्ण अवसर बताया है.

विश्‍व समृद्धि के मामले में PICSA सूचकांक जारी: बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई शामिल

उत्तरी स्पेन के बिल्बाओ में 21 नवम्बर को ‘प्रॉस्पेरिटी एंड इन्क्लूजन सिटी सील एंड अवार्ड्स’ (Participatory Integrated Climate Services for Agriculture- PICSA) सूचकांक जारी किया गया. यह सूचकांक किसी शहर का आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि इस विकास की गुणवत्ता और जनसंख्या के बीच इसके वितरण को भी दर्शाता है. इस सूचकांक में शीर्ष 20 देशों को समावेशी समृद्धि करने के मामले में PICSA सील से पुरस्कृत किया गया.

इस सूचकांक के आर्थिक एवं सामाजिक समावेशिता के मामले में विश्व के शीर्ष 113 देशों के शहरों में बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई का नाम भी शामिल है. में स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख शीर्ष पर रहा. इस सूची में बेंगलुरु 83वें स्थान के साथ भारतीय शहरों में शीर्ष पर रहा. सूचकांक में दिल्ली का 101वां और मुंबई का 107वां स्थान रहा.

यह सूचकांक पहली बार जारी किया गया है. इसमें मेजबान शहर बिल्बाओ को 20वां स्थान मिला. इस सूची में स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख पहले, आस्ट्रिया की राजधानी विएना दूसरे और डेनमार्क का कोपेनहोगन तीसरे स्थान पर रहा. लक्समबर्ग और हेलसिंकी चौथे एवं पांचवें स्थान पर रहे. ताइपे एकमात्र ऐसा एशियाई शहर है जो शीर्ष 20 में जगह बनाने में कामयाब रहा. ताइपे छठे स्थान पर रहा.

बैंकॉक में 35वां आसियान शिखर सम्‍मेलन आयोजित किया गया

35वां आसियान (Association of Southeast Asian Nations) सम्‍मेलन थाईलैंड के बैंकॉक में 1 से 4 नवम्बर तक आयोजित किया गया. इसका उद्घाटन थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुतचान-ओ-चा ने किया था. इस सम्‍मेलन का विषय- ‘सतत विकास में सहयोग बढ़ाना’ (Advancing Partnership for Sustainability) था. इस सम्मलेन में आसियान के दस देशों के अलावा इसके डायलॉग पार्टनर देश भारत, अमेरिका, चीन, जापान, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने भी हिसा लिया.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 3 और 4 नवम्‍बर को इस सम्‍मेलन में शामिल हुए थे. श्री मोदी थाइलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चान के निमंत्रण पर गये थे.

आसियान बैठक में 16वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन, 14वें पूर्व-एशिया शिखर सम्‍मेलन (EAS) और तीसरे क्षेत्रीय व्‍यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) सम्‍मेलन भी आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री ने आदित्य बिड़ला समूह के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया.

16वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 3 नवम्बर को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 16वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की थी. शिखर बैठक को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने आसियान के साथ संपर्क को भारत की एक्‍ट-ईस्‍ट नीति और रणनीति का महत्‍वपूर्ण अंग माना. श्री मोदी ने ईस्ट एक्ट पॉलिसी को प्रभावी बनाने के लिए भारत और आसियान देशों के बीच संबंध मजबूत बनाने पर जोर दिया.

आसियान देशों के साथ भारत का व्यापार लगातार बढ़ता जा रहा है. यह व्यापार 81 बिलियन डॉलर का है, जिसकी हिस्सेदारी भारत के व्यापार में दस प्रतिशत से अधिक है. इसी तरह आसियान देशों के साथ निर्यात 11 प्रतिशत से अधिक है. भारत आसियान देशों के साथ कृषि, अंतरिक्ष, पर्यटन, विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में सक्रिय सहयोग कर रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, म्यामा और थाईलैंड को जोड़ने वाली सड़क से तीनों देशों के बीच आवाजाही आसान होगी और पूरे क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा.

बैठक में श्री मोदी थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चान, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो और म्यामां की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें किये.

विभिन्‍न देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सहयोग की निरंतरता को बनाए जाने को लेकर इस बैठक में गहन विचार-विमर्श किया जाएगा. इसके अलावा प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता के विभिन्‍न पहलुओं पर भी चर्चा की जाएगी.

14वें ईस्‍ट एशिया शिखर सम्‍मेलन (EAS)

14वां पूर्व एशिया शिखर सम्‍मेलन (EAS) बैंकॉक में 4 नवम्बर को आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसमें भाग लिया. इस सम्मेलन में सम्बद्ध देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ. सम्‍मेलन का मुख्‍य एजेंडा अंतर्राष्‍ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर आपसी सहयोग को लेकर भविष्‍य की रूपरेखा तैयार करना था.

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्‍मेलन में आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होकर कदम उठाने की बात कही. EAS सम्‍मेलन के दौरान जापान, वियतनाम और ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के साथ आपसी सहयोग को लेकर द्विपक्षीय वार्ता भी की.

पूर्वी एशिया शिखर सम्‍मेलन में आसियान के 10 देशों के अलावा भारत, अमरीका, रूस, चीन, जापान, न्‍यूजीलैंड, कोरिया और ऑस्‍ट्रेलिया ने भाग लिया. इन देशों की आबादी पूरे विश्‍व की जनसंख्‍या का 54 प्रतिशत है जबकि GDP 58 प्रतिशत है.

पूर्व एशिया शिखर सम्‍मेलन एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां सदस्य देश क्षेत्र के विभिन्न घटनाक्रमों पर आपसी विचार-विमर्श करते हैं. यह सम्बद्ध देशों के बीच विश्वास निर्माण का काम करता है.

3रा क्षेत्रीय व्‍यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) सम्‍मेलन

35वें आसियान बैठक में तीसरा क्षेत्रीय व्‍यापक आर्थिक भागीदारी (रिज़नल कॉम्प्रिहेन्सिव इकॉनामिक पार्टरशिप) सम्‍मेलन भी आयोजित किया गया. भारत ने RCEP में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है. पढ़ें पूरा आलेख…»

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का बैंकॉक में कार्यक्रम: सावासदी पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 2 नवम्बर को बैंकॉक के नेशनल इंडौर स्‍टेडियम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया था. इस कार्यक्रम का नाम ‘सावासदी पीएम मोदी’ दिया गया था. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आसियान देशों के साथ संबंधों को बढ़ावा देने के भारत के ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का हिस्सा बताया.

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री गुरू नानक देव जी की 550वीं जयंती के सिलसिले में विशेष स्‍मारक सिक्‍का जारी किया और तमिल ग्रंथ ‘तिरूक्‍कुरल’ के थाई भाषा में अनुवाद का विमोचन किया.
जानिए क्या है आसियान…»

शहरी क्षेत्रों में भूकम्‍प संबंधी शोध और बचाव पर SCO का संयुक्‍त अभ्‍यास

शहरी क्षेत्रों में भूकम्‍प संबंधी शोध और बचाव पर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) देशों का संयुक्‍त अभ्‍यास (Shanghai Cooperation Organization Joint Exercise on Urban Earthquake) 4 से 7 नवम्बर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है. गृह मंत्री अमित शाह ने इस संयुक्‍त अभ्‍यास का उद्घाटन किया. इस अभ्‍यास की मेजबानी राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल कर रहा है.

इस अभ्यास सत्र में चीन, भारत, रूस सहित सभी सदस्य देश ने भाग लिया. इसके साथ ही ब्राजील, मंगोलिया और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों को पर्यवेक्षकों के रूप में आमंत्रित किया गया था.

इसका उद्देश्‍य आपदा से निपटने की कार्रवाई संबंधी जानकारी और अनुभव तथा परस्‍पर सहयोग के लिए प्रौद्योगिकी उपयोग का अभ्‍यास करना है. इससे विभिन्‍न एजेंसियों के बीच परस्‍पर सहयोग बढ़ाने का भी अवसर मिलेगा.

SCO की बैठक: भारत और उज्‍बेकिस्‍तान के बीच पहला संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘डस्‍टलिक 2019’

शंघाई सहयोग संगठन की (SCO) के शासनाध्यक्षों की बैठक 3-4 नवम्बर को उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और उज्बेकिस्तान सरकार के साथ द्विपक्षीय कार्यक्रमों में भाग लिया.

भारत और उज्‍बेकिस्‍तान में 3 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

भारत और उज्बेकिस्तान ने 3 नवम्बर को सैन्य चिकित्सा और सैन्य शिक्षा के क्षेत्र में ताशकंद में 3 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. ये समझौते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उज्बेकिस्तान सरकार के साथ हुए द्विपक्षीय वार्ता के दौरान किये गये.

भारत और उज्‍बेकिस्‍तान के बीच पहला संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘डस्‍टलिक 2019’

भारत और उज्‍बेकिस्‍तान के बीच पहला संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘डस्‍टलिक 2019’ उज्‍बेकिस्‍तान के ताशकंद में 4 से 13 नवम्बर तक चिरचिक प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है. दोनों देशों के बीच पहली बार आयोजित यह संयुक्‍त अभ्‍यास आतंकवाद से निपटने के तौर तरीकों पर केंद्रित है.

इस सैन्‍य अभ्‍यास के दौरान दोनों देशों की सशस्‍त्र सेनाएं अपने बेहतरीन अनुभवों को साझा करते हुए प्रभावी परिचालन के तरीके हासिल करेंगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उज्‍बेकिस्‍तान के रक्षामंत्री मेजर जनरल बखोदिर निज़मोविच कुरबानोफ ने इससे जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्‍सा लिया.

UNESCO ने मुंबई और हैदराबाद को UCCN में शामिल किया

संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने मुंबई और हैदराबाद को ‘यूनेस्को क्रिएटिव सिटी नेटवर्क’ (UCCN) में शामिल किया है. मुंबई को फिल्मों के लिए सृजनात्मक शहर और हैदराबाद को पाककला के लिए रचनात्मक शहर के रूप में UCCN के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

इस घोषणा के साथ मुंबई और हैदराबाद अब वाराणसी, चेन्नई और जयपुर की श्रेणी में आ गया है. इससे पहले यूनेस्को 2015 में वाराणसी को और 2017 में चेन्नई को संगीत के लिए रचनात्मक शहर के रूप में नामित कर चुका है. इसके अलावा यूनेस्को ने जयपुर को लोक एवं शिल्पकला का शहर घोषित किया है.

UCCN का गठन 2004 में हुआ था और इसमें उन शहरों के नाम शामिल हैं जो अपने-अपने देशों में सांस्कृतिक गतिविधियों के सक्रिय केंद्र हैं. वर्तमान में UCCN में कुल 246 शहरों के नाम शामिल हैं.

अर्जेंटीना के राफेल ग्रॉसी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख निर्वाचित हुए

अर्जेंटीना के राफेल ग्रॉसी संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख के रूप में 29 अक्टूबर को निर्वाचित हुए. ग्रॉसी ने रोमानिया के राजनयिक कॉर्नेल फेरूटा को पराजित किया. IAEA की पूर्व प्रमुख जापान की यूकिया अमानो की जुलाई में मौत के बाद यह चुनाव कराना पड़ा. राफेल IAEA के 6ठे प्रमुख हैं.

IAEA में अर्जेंटीना के राजदूत ग्रॉसी का निर्वाचन ऐसे महत्वपूर्ण समय में हुआ है जब ईरान 2015 के ऐतहासिक समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को धीरे-धीरे कम कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से अपने देश को अलग कर लिया था.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था है. इका मुख्यालय ऑस्ट्रिया के वियना में है. विश्व के 171 सदस्य राष्ट्र हैं.