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संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राइल में अपना पहला दूतावास खोला

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस्राइल में अपना पहला दूतावास खोला है. UAE के राजदूत मोहम्मद अल खाजा ने अपने देश का झंडा इमारत पर फहराकर इसकी शुरुआत की. दूतावास के उद्घाटन समारोह में इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्गोज भी मौजूद थे.

मुख्य बिंदु

  • खाड़ी के किसी भी देश का इस्राइल में यह पहला दूतावास है. इससे पहले जून में इस्राइल ने UAE में अपना दूतावास खोला था. अमेरिका के प्रयासों से पिछले साल UAE और बहरीन ने अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल के साथ संबंधों के सामान्य करने की शुरुआत की थी.
  • UAE का दूतावास तेल अवीव स्थित इस्राइल स्टॉक एक्सचेंज टावर में है. ज्यादातर देश तेल अवीव में ही अपने दूतावास खोलते हैं क्योंकि यरुशलम की स्थिति विवादित है. अमेरिका ने भी 2018 में अपना दूतावास यरुशलम में स्थापित किया था.
  • इस्राइल ने 1967 के युद्ध के समय पूर्वी यरुशलम को अपने नियंत्रण में ले लिया था. यरूशलम में इस्राइल की संसद, सुप्रीम कोर्ट और कई सरकारी कार्यालय हैं. जबकि फलस्तीनी इसे भविष्य के स्वतंत्र देश की राजधानी बताते हैं.

नफ्ताली बेनेट इस्राइल के नये प्रधानमंत्री बने

इस्राइल के नये प्रधानमंत्री के रूप में श्री नफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) को शपथ दिलाई गई है. 13 जून को संसद में विश्वास मत के दौरान बेनेट के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के पक्ष में 60 और विरोध में 59 वोट पड़े. 120 सदस्यों के सदन में मतदान के दौरान एक सांसद अनुपस्थित रहे.

पूर्व प्रधानमंत्री बेनयामिन नेतनयाहु की सत्ता समाप्त

श्री बेनेट की जीत ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनयामिन नेतनयाहु (Benjamin Netanyahu) की 12 साल की सत्ता को समाप्त कर दिया है. 71 वर्षीय नेतनयाहु सबसे लंबे समय तक इस्राइल के प्रधानमंत्री रहे हैं. अपनी पीढ़ी के सबसे प्रभावशाली राजनेता नेतनयाहू दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के प्रमुख बने रहेंगे और विपक्ष के नेता होंगे.

नफ्ताली बेनेट दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता हैं

मौजूदा सरकार आठ राजनीतिक दलों के गठबंधन से बना है जिसका नेतृत्‍व मध्‍यमार्गीय यायर लैपिड (Yair Lapid) और प्रखर राष्‍ट्रवादी नफ्ताली बेनेट कर रहे हैं. 49 वर्षीय नफ्ताली बेनेट इस्राइल के पूर्व रक्षा मंत्री और दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता हैं. वह इजराइल के 13वें प्रधानमंत्री बने हैं.

श्री बेनेट सत्ता बंटवारे के समझौते के तहत सितंबर 2023 के प्रधानमंत्री के पद पर रहेंगे. उसके बाद वे अगले दो वर्षों के लिए यायर लैपिड को सत्ता सौंपेगे. इस वर्ष मार्च में हुए चुनाव के बाद किसी भी दल को स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं मिला था.

इसाक हेर्जोग इजरायल के 11वें राष्ट्रपति चुने गये

इसाक हेर्जोग (Isaac Herzog) इजरायल के 11वें राष्ट्रपति चुने गये हैं. 2 जून को हुए राष्ट्रपति चुनाव में इसाक हेर्जोग ने जीत हासिल की थी. इन चुनाव में देश की संसद नेसेट में 120 सांसदों ने नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट डाले. राष्ट्रपति पद की दौड़ में इसाक के सामने शिक्षाविद मिरियम पेरेत्ज खड़ी थीं. पेरेत्ज राष्ट्रवादी विचारधारा की हैं.

इसाक हेर्जोग

इसाक हेर्जोग इजरायल की लेबर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और विपक्ष के नेता हैं. इससे पहले 2013 के संसदीय चुनाव में वह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ चुनाव में खड़े हुए थे लेकिन हार गए थे.

हेर्जोग का सात साल का कार्यकाल 9 जुलाई से शुरू होगा. वर्तमान राष्ट्रपति रेउवेन रिवलिन के का कार्यकाल जुलाई 2021 में समाप्त हो रहा है.

भारत और इजराइल ने कृषि में सहयोग के लिए 3 साल की कार्य योजना पर हस्ताक्षर किये

भारत और इजराइल ने कृषि में सहयोग के लिए तीन साल की कार्य योजना ‘INDO-ISRAEL Agricultural Project’ (IIAP) पर हस्ताक्षर किए हैं. दोनों देशों के बीच यह पांचवां IIAP है. यह कार्य योजना 2023 तक जारी रहेगा. भारत और इजरायल के बीच 1993 से कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध हैं और इस तरह के चार संयुक्त कार्य कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा किया है.

5वा भारत और इजराइल ने कृषि में सहयोग कार्य योजना (IIAP): मुख्य बिंदु

  • पिछले कार्य योजना में भारतीय किसानों को इजरायल के खेत और जल प्रौद्योगिकियों के बारे में जागरूक करने के लिए 13 उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence) स्थापित किए गए थे.
  • इस कार्य योजना का उद्देश्य मौजूदा उत्कृष्टता केंद्रों को विकसित करना, नए केंद्र स्थापित करना, उत्कृष्टता केंद्रों को आत्मनिर्भर मोड में लाना और निजी क्षेत्र की कंपनियों और सहयोग को प्रोत्साहित करना होगा.
  • यह कार्यक्रम किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि को बढ़ावा देगा और उनकी आजीविका को बेहतर करेगा. पारंपरिक खेतों को IIAP मानकों के आधार पर आधुनिक-प्रगतिशील कृषि क्षेत्र में बदल देगा.

गजा में इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच युद्धविराम लागू हुआ

गाजा पट्टी (Gaza strip) में इस्राइल और फिलिस्तीन (palestine) के बीच जारी लडाई 21 मई को समाप्त हो गयी। इस्राइल के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने गाजा पट्टी में युद्ध विराम को मंजूरी दी। इसके साथ ही वहां दशकों में अब तक के सर्वाधिक भीषण संघर्ष की समाप्ति हुई है।

अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्‍यामिन नेतनयाहू से लडाई समाप्त करने के अनुरोध और मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता की पहल के बाद युद्धविराम के पक्ष में सहमति हुई है।

10 मई को शुरू हुई लडाई में दोनों पक्षों के कई नागरिकों की मौत हो गयी थी। यह तनाव इजराइली पुलिस और धुर दक्षिणपंथी यहूदी समूहों से फलस्तीनियों की हिंसक झड़प से शुरू हुआ था. झड़प दोनों ओर से गाजा पट्टी (Gaza strip) पर भारी बमबारी हुई थी.

फिलिस्‍तीन की सत्‍ता पर काबिज आतंकवादी संगठन हमास (Hamas) ने इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में तेल अवीव (Tel Aviv) पर रॉकेट से हमला किया है.

ग़ज़ा पट्टी
ग़ज़ा पट्टी (Gaza strip) इस्रायल के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक 6-10 किंमी चौड़ी और करीब 45 किमी लम्बा क्षेत्र है. इसके तीन ओर इसरायल का नियंत्रण है और दक्षिण में मिस्र है. गाजा पर फलस्तीनी चरमपंथी गुट ‘हमास’ का नियंत्रण है.

इजराइल-फिलिस्तीन तनाव

हाल के दिनों में इजराइल और फिलिस्तीन (palestine) के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है. यह तनाव इजराइली पुलिस और धुर दक्षिणपंथी यहूदी समूहों से फलस्तीनियों की हिंसक झड़प से शुरू हुआ था. झड़प दोनों ओर से गाजा पट्टी (Gaza strip) पर भारी बमबारी हुई है, जिसमें कई लोगों की जान चली गयी. इजरायल के हवाई हमले में हमास गाजा के सिटी कमांडर बसीम इस्सा की मौत हो गई है.

फिलिस्‍तीन की सत्‍ता पर काबिज आतंकवादी संगठन हमास (Hamas) ने इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में तेल अवीव (Tel Aviv) पर रॉकेट से हमला किया है.

उल्लेखनीय है कि यरुशलम में हाल के दिनों में झड़पों में बढ़ोतरी हुई है, जो इस्राइल-फलस्तीन में लंबे समय से टकराव का मुख्य केंद्र रहा है. यहीं पर यहूदियों, ईसाइयों और मुस्लिमों के पवित्र स्थल भी हैं.

ग़ज़ा पट्टी

ग़ज़ा पट्टी (Gaza strip) इस्रायल के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक 6-10 किंमी चौड़ी और करीब 45 किमी लम्बा क्षेत्र है. इसके तीन ओर इसरायल का नियंत्रण है और दक्षिण में मिस्र है. गाजा पर फलस्तीनी चरमपंथी गुट ‘हमास’ का नियंत्रण है.

अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय का रुख

  • संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व शांति राजदूत टॉर वेनेसलैंड ने कहा है कि दोनों पक्ष इसे व्यापक युद्ध की ओर ले जा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा है कि वे हिंसा को लेकर काफी चिंतित हैं.
  • अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा है कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है. अमरीका के राष्‍ट्रपति जो. बाइडेन ने हमास और अन्‍य आतंकवादी समूहों के रॉकेट हमलों की निंदा की. उन्‍होंने कहा कि यह इस्राइल का वैध अधिकार है कि वह अपने क्षेत्र और नागरिकों की सुरक्षा करे.
  • जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के प्रवक्ता स्टीफन सीबेरट ने कहा कि गाजा से इजरायल पर हो रहे हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं. इसे कहीं से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता.
  • तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि फलस्तीनियों के प्रति इजरायल के रवैये के खिलाफ अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय को उसे कड़ा और कुछ अलग सबक सिखाना चाहिए.
  • वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इजरायल और फलस्तीन से तुरंत हमले रोकने की अपील की है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को शांति से बैठकर उभरते मुद्दों का हल करना चाहिए.

लॉड शहर में आपातकाल लगा

इस बीच इजरायली अरब की आबादी वाले इजरायल के अन्य शहरों में भी तनाव है. इजरायली शहर लॉड में इजरायली अरबों ने हिंसक प्रदर्शन किया है. इजरायली प्रधानमंत्री ने लॉड में इमरजेंसी की घोषणा की है. 1966 के बाद ये पहली बार हुआ है कि सरकार ने अरब समुदाय के ख़िलाफ़ आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल किया है.

इज़राइल और ग्रीस ने अपने सबसे बड़े रक्षा खरीद सौदे की घोषणा की

इज़राइल और ग्रीस ने अपने सबसे बड़े रक्षा खरीद सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता 1.65 बिलियन अमरीकी डालर का है. इस सौदे की घोषणा यूएई, ग्रीस, साइप्रस और इजरायल के विदेश मंत्रियों के बीच साइप्रस में आयोजित एक बैठक में की गई.

इज़राइल-ग्रीस रक्षा खरीद सौदे के मुख्य बिंदु

  • समझौते में इजरायल के रक्षा ठेकेदार एलबिट सिस्टम्स द्वारा एक ग्रीक वायु सेना प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण और संचालन करने के लिए $ 1.65 बिलियन का अनुबंध शामिल है.
  • प्रशिक्षण केंद्र को इजरायल फ्लाइंग अकादमी के बाद तैयार किया जाएगा और यह इतालवी कंपनी लियोनार्डो द्वारा निर्मित 10 एम -346 प्रशिक्षण विमान से सुसज्जित होगा.
  • एल्बिट ग्रीक T-6 विमानों के आधुनिकीकरण और संचालन के लिए किट प्रदान करेगा, और प्रशिक्षण, सिमुलेटर और लॉजिस्टिक सहायता भी प्रदान करेगा.

UAE ने पहली बार इस्राइल में अपने राजदूत की नियुक्ति की

संयुक्त अरब अमारात (UAE) ने पहली बार इस्राइल में अपने राजदूत की नियुक्ति की है. UAE के दूत मोहम्मद अल खाजा ने 1 मार्च को यरुशलम में इस्राइल के राष्ट्रपति रियूवेन रिवलिन को अपनी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज सौंपे.

दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में 2020 में हुए ऐतिहासिक अब्राहम समझौते के तहत, इस्राइल में औपचारिक रूप से UAE के पहले राजदूत की नियुक्ति हुई है. UAE पहला देश है, जिसने इस समझौते के तहत इस्राइल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए सहमति दी थी.

इस्राइल की संसद नैसेट को बजट संबंधी विवाद के बाद भंग कर दिया गया

इस्राइल की संसद ‘नैसेट’ (Knesset) को देश के बजट संबंधी विवाद के बाद भंग कर दिया गया. इजरायल में अब दो वर्ष के भीतर मार्च में चौथा आम चुनाव होगा. वर्ष 2020 के बजट को तय समय सीमा में पारित न कर पाने के बाद संविधान के प्रावधानों के अनुसार संसद को भंग कर दिया गया.

प्रधानमंत्री बेंनयामिन नेतन्याहू (लिकुड पार्टी) और उनके पूर्व राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी, रक्षा मंत्री बेन्‍नी गांत्ज़ (ब्लू एंड व्हाइट पार्टी) ने अप्रैल 2019 के बाद से हुए तीन चुनावों के बाद राष्‍ट्रीय एकता सरकार की स्थापना की थी. इन चुनावों में किसी भी दल या गठबंधन को स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं मिला था.

मोरक्को-इजरायल पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित, पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के दावे को मान्यता

अफ्रीकी देश मोरक्को ने इजरायल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किया है. मोरक्को अगस्त से अबतक इजरायल के साथ समझौता करने वाला चौथा देश बन गया है. इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और सूडान ने इजरायल के साथ दशकों पुरानी दुश्मनी को भुलाकर शांति समझौता किया था.

मोरक्को और इजरायल के बीच यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मोरक्को के राजा मोहम्मद VI की बातचीत के दौरान हुआ. इस बातचीत में दोनों नेता इस मुद्दे पर सहमत हुए हैं कि मोरक्को, इजरायल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करेगा और क्षेत्रीय शांति के लिए आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को भी बढ़ाएगा. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मोरक्को के साथ समझौते को ऐतिहासिक बताया है.

अमेरिका ने पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के दावे को मान्यता दिया

दोने देशों के बीच हुई इस बातचीत में ट्रंप ने राजा मोहम्मद VI को विवादित पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के दावे को मान्यता देने का आश्वासन दिया है. इस आश्वासन के बाद ही मोरक्को और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध स्थापित किये जाने का समझौता संभव हुआ है.

फिलस्तीन ने की आलोचना

इजरायल के साथ मोरक्को के शांति समझौते की फिलिस्तीन ने आलोचना की है. फिलस्तीन ने अरब देश पर अपने समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है. इस समझौते में फिलिस्तीन को एक पूर्ण देश बनाने के बाद ही इजरायल के साथ बातचीत की बात कही गई थी. फिलस्तीन ने UAE के साथ इजरायल के शांति समझौते की भी आलोचना की थी.

पश्चिमी सहारा को लेकर मोरक्को और अल्जीरिया के बीच विवाद

पश्चिमी सहारा पर दावे को लेकर मोरक्को और अल्जीरिया के बीच लंबे समय से विवाद है. अल्जीरिया इस क्षेत्र को नया देश बनाने की कोशिश में जुटे पोलिसारियो फ्रंट को खुला समर्थन देता है.

पश्चिमी सहारा क्षेत्र

पश्चिमी सहारा अफ्रीका के उत्तरी पश्चिमी भाग में अटलांटिक महासागर के तट पर मॉरिटानिया और मोरक्को के बीच स्थित क्षेत्र है. यह स्पेन उपनिवेश था. अफ्रीकी संघ इसे एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देता है.

1976 में लगभग दो-तिहाई हिस्से पर मोरक्को ने क़ब्ज़ा कर लिया था और फिर 1979 में मौरिटानिया के हिस्से वाली भूमि को भी मिला लिया. पोलिसारियो फ़्रंट ने इसके ख़िलाफ़ छापामार लड़ाई जारी रखी जिसके बाद 1991 में यहाँ संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप से संघर्षविराम हुआ.

इजरायल की संसद ने UAE के साथ हुए शांति समझौते को मंजूरी दी

इजरायल की संसद ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ हुए शांति समझौते को आधिकारिक रूप से मंजूरी प्रदान कर दी है. इजरायल की संसद में इस शांति समझौते को लेकर मतदान हुआ था जिसमें 80 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया जबकि 13 सांसदों ने इसका विरोध किया.

इजरायल-UAE शांति समझौता (अब्राहम समझौता)

  • इजरायल और UAE के बीच अगस्त 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में एक शांति समझौते को लेकर सहमति बनी थी. इसी दिन इजरायल ने बहरीन के साथ भी एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.
  • समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तथा बहरीन और UAE के विदेश मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए थे.
  • इस समझौते के तहत, UAE इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करेगा. जबकि बदले में इजरायल ने वेस्ट बैंक पर नियंत्रण करने की योजना को छोड़ दिया है. वेस्ट बैंक मुख्य विवादित क्षेत्र है जिसकी मांग फिलिस्तीन करता है.
  • इस शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इजरायल, UAE और अमेरिका ने इस बात की घोषणा की थी कि वह मिलकर संयुक्त रूप से ऊर्जा रणनीति तैयार करेंगे.
  • यह शांति सौदा महत्वपूर्ण है क्योंकि इजरायल का मिस्र और जॉर्डन को छोड़कर किसी अन्य अरब राज्यों के साथ राजनयिक संबंध नहीं है.
  • 1948 में इजरायल की स्वतंत्रता की घोषणा के बाद से इजरायल ने 1979 में मिस्र और 1994 में जाॅर्डन के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के बाद UAE और बहरीन इज़राइल के साथ राजनीयिक संबंधों पर सहमत होने वाले क्रमशः पहले और दूसरे खाड़ी देश बन गए हैं.

इज़राइल और UAE के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए सहमति

इज़राइल और संयुक्त अरब अमारात (UAE) के बीच आपसी संबंध सामान्य बनाने और पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए सहमति बनी है. यह सहमति अमरीका के राष्‍ट्रपति डोनल्‍ड ट्रम्‍प की मध्यस्थता में 13 अगस्त को हुई वार्ता बैठक में बनी. यह बैठक अमरीका के राष्‍ट्रपति डोनल्‍ड ट्रम्‍प, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू और अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद अल नाह्यान के बीच हुई थी.

समझौते के मुख्य बिंदु

  • इसे ‘इज़राइल-UAE शांति समझौता’ (Israel-UAE Peace Deal) के रूप में जाना जाता है. यह इज़राइल द्वारा फिलिस्तीनी क्षेत्रों को अपने हिस्सों में को जोड़ने की योजना को निलंबित कर देगा.
  • इस समझौते के परिणामस्वरूप, इस्राइल अपने कब्जे वाले पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) से लगे इलाकों पर अपनी विवादास्पद योजना को निलंबित रखेगा. वेस्ट बैंक, इज़राइल और जॉर्डन के बीच स्थित है. इसका एक प्रमुख शहर फिलिस्तीन की वास्तविक प्रशासनिक राजधानी ‘रामल्लाह’ है.
  • इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडल आने वाले हफ्तों में कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे जिनमें- निवेश, पर्यटन, सीधी उड़ान, सुरक्षा, दूरसंचार और अन्य मुद्दे शामिल होंगे.

संयुक्त राष्ट्र ने समझौते का स्वागत किया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरश ने इज़राइल और संयुक्त अरब अमारात के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के समझौते का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि इस समझौते से इज़राइल और फिलीस्तीन के नेताओं को फिर से सार्थक बातचीत का अवसर मिलेगा. इस तरह दोनों देश संयुक्त राष्ट्र संकल्पों, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत परस्पर विवादों का समाधान कर सकते हैं.

इज़राइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला पहला खाड़ी देश

संयुक्त अरब अमारात इज़राइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला पहला खाड़ी देश और तीसरा अरब देश बन गया है. इससे पहले खाड़ी से अलग दो अरब देशों- मिस्र और जॉर्डन ने इजरायल के साथ राजनयिक संपर्क स्थापित किए थे. इजराइल और मिस्र में 1979 में और जॉर्डन और इजराइल में 1994 में समझौता हो चुका है.