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विपणन वर्ष 2022-23 के लिए रबी फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में वृद्धि

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने विपणन सत्र 2022-23 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी है. गेहूं का MSP 40 रुपये बढ़ाकर 2015 रुपये प्रति क्विंटल और जौं का 35 रुपये बढ़ाकर 1635 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.

विपणन वर्ष 2022-23 के लिए रबी फसलों का MSP

फसलप्रति क्विंटल MSPवृद्धि
गेहूं201540
जौ163535
सरसों5050400
चना5230130
कुसुभ5441114
मसूर5500400

MSP (Minimum Support Price) क्या है?

MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह कीमत होती है, जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है. इसे सरकारी भाव भी कहा जा सकता है. MSP की घोषणा सरकार द्वारा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की संस्तुति पर वर्ष में दो बार रबी और खरीफ के मौसम में की जाती है.

सरकार फसलों की MSP तय करती है ताकि किसानों की उपज का वाजिब भाव मिल सके. इसके तहत सरकार फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया, नैफेड जैसी सरकारी एजेसिंयों की मदद से किसानों की फसलों को खरीदती है.

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विपणन वर्ष 2021-22 के लिए खरीफ फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में बढ़ोतरी की गयी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का निर्णय किया है. यह निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 10 जून को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में हुई.

विपणन सीजन 2021-22 के लिए खरीफ फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी केन्द्रीय बजट 2018-19 की घोषणा के अनुरूप है जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य, औसत उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुणा तय किया गया था ताकि किसानों को उनकी उपज का समुचित लाभ मिल सके.

मुख्य बिंदु

  • धान के MSP में 72 रुपये की वृद्धि की गयी है. यह अब 1,940 रुपये प्रति क्विंटल है.
  • अरहर दाल के MSP में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गयी है. अरहर दाल का MSP अब 6300 रुपये प्रति क्विंटल है. उड़द दाल का MSP भी बढ़ कर अब 6300 रुपये प्रति क्विटल, मूंग दाल का MSP बढ़ा कर 7275 रुपये प्रति क्विंट किया गया है.
  • तिलहन में तिल के MSP में सबसे ज्यादा 452 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. अब तिल का MSP 7,307 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. मूंगफली का MSP 275 रुपये बढ़ा है और 5550 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है.

MSP (Minimum Support Price) क्या है?

MSP (Minimum Support Price) यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह कीमत होती है, जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है. इसे सरकारी भाव भी कहा जा सकता है.

सरकार हर साल फसलों की MSP तय करती है ताकि किसानों की उपज का वाजिब भाव मिल सके. इसके तहत सरकार फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया, नैफेड जैसी सरकारी एजेसिंयों की मदद से किसानों की फसलों को खरीदती है.

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विपणन वर्ष 2021-22 के लिए रबी फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में वृद्धि

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2021-22 विपणन वर्ष के लिए रबी फसलों का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) बढ़ाने का‍ निर्णय लिया है. गेंहू का MSP 50 रुपए प्रति क्विंटल बढाकर 1975 रुपए कर दिया गया है. इसी तरह चने के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में 225 रुपए, जौ के समर्थन मूल्‍य में 75 रुपए और सरसों के समर्थन मूल्य में 225 रुपए की बढ़ोतरी की गई है.

MSP (Minimum Support Price) क्या है?

MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह कीमत होती है, जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है. इसे सरकारी भाव भी कहा जा सकता है. MSP की घोषणा सरकार द्वारा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की संस्तुति पर वर्ष में दो बार रबी और खरीफ के मौसम में की जाती है.

सरकार फसलों की MSP तय करती है ताकि किसानों की उपज का वाजिब भाव मिल सके. इसके तहत सरकार फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया, नैफेड जैसी सरकारी एजेसिंयों की मदद से किसानों की फसलों को खरीदती है.

विपणन वर्ष 2021-22 के लिए रबी फसलों का MSP

फसलप्रति क्विंटल MSPवृद्धि
गेहूं197550
जौ160075
सरसों4650225
चना5100255
कुसुभ5327112
मसूर5100300
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विपणन वर्ष 2020-21 के लिए खरीफ फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में बढ़ोतरी की गयी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का निर्णय किया है. यह निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 1 जून को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में हुई.

मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार खरीफ की 14 फसलों के लिए MSP में 83 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गयी है. यह बढ़ोतरी किसानों के लागत से 50 प्रतिशत अधिक मुनाफे को ध्‍यान में रखते हुए किया गया है.

मंत्रिमंडल ने धान के MSP में 53 रुपये की बढ़ोतरी की है. अब धान का MSP 1868 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. ज्‍वार का MSP 2620 प्रति क्विंटल और बाजरा का MSP 2150 प्रति क्विंटल घोषित किया गया है. कपास का MSP 260 रुपये बढ़ाकर 5515 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है.

MSP (Minimum Support Price) क्या है?

MSP (Minimum Support Price) यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह कीमत होती है, जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है. इसे सरकारी भाव भी कहा जा सकता है.

सरकार हर साल फसलों की MSP तय करती है ताकि किसानों की उपज का वाजिब भाव मिल सके. इसके तहत सरकार फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया, नैफेड जैसी सरकारी एजेसिंयों की मदद से किसानों की फसलों को खरीदती है.

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विपणन वर्ष 2020-21 के लिए रबी फसलों का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में वृद्धि

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2020-21 विपणन वर्ष के लिए रबी फसलों का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) बढ़ाने का‍ निर्णय लिया है. गेंहू का एमएसपी 85 रुपए प्रति क्विंटल बढाकर 1925 रुपए कर दिया गया है. अब यह लागत मूल्‍य से 109 फीसदी ज्‍यादा है. इसी तरह चने के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य में 255 रुपए, जौ के समर्थन मूल्‍य में 85 रुपए, सरसों तेल के समर्थन मूल्य में 255 रुपए और सूरजमुखी के समर्थन मूल्‍य में 270 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है.

विपणन वर्ष 2020-21 के लिए रबी फसलों का MSP

फसलप्रति क्विंटल MSPवृद्धि
गेहूं192585
जौ152585
सरसों4425225
चना4875255
कुसुभ5215270
मसूर की दाल4800325