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अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक समुद्र के नीचे केबल बिछाने की परियोजना का उद्घाटन

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चेन्नई में चेन्नई से अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक समुद्र के नीचे केबल बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन किया. सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम BSNL, युनिवर्सल सर्विस ऑब्लीगेशन फंड के अन्तर्गत इस परियोजना को कार्यान्वित करेगा. इस परियोजना के तहत शुरूआती तौर पर चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर स्थित कारबाइन्स कोव तक केबल बिछाई जायेगी. 2020 के अंत तक इस परियोजना के पूरे हो जाने की संभावना है.

इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद यहाँ डाटा नेटवर्क में सुधार होगा. सामरिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण इस द्वीप समूह की लंबाई-चौड़ाई को देखते हुए उपग्रह ट्रांसपोंडर आधारित दूरसंचार नेटवर्क सामरिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण द्वीप के लिए प्रर्याप्‍त नहीं था. इसलिए समुद्र में बिछाया जा रहा यह फाइबर ऑपटिक केबल जो कम लागत अत्‍यधिक भरोसेमंद और दूरसंचार व्‍यवस्‍था को सुनिश्चित करेगा. ये देश के भारत नेट और डिजिटल इंडिया की पहल को भी गति देगा.

सरकार ने राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन की शुरुआत की, 2022 तक सभी गांवों को ब्रॉडबैंड इन्टरनेट का लक्ष्य

सरकार ने 17 दिसम्बर को राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (NBM) की शुरुआत की. इसका उद्देश्य वर्ष 2022 तक सभी गांवों को ब्रॉडबैंड इन्टरनेट उपलब्ध कराना है. केंद्रीय संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस मिशन का शुभारंभ किया. इसके तहत मोबाइल और इंटरनेट की सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का भी लक्ष्य है.

इस मिशन के तहत देशभर, विशेषरूप से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में सार्वभौमिक और समानता के आधार पर ब्रॉडबैंड पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी. इसके तहत 30 लाख किलोमीटर का अतिरिक्त आप्टिकल फाइबर केबल मार्ग बिछाया जाएगा. साथ ही 2024 तक देश में टावरों की संख्या मौजूदा 5.65 लाख से बढ़कर 10 लाख हो जाएगी और टावर का घनत्व 0.42 से बढ़ाकर 1.0 टावर प्रति हजार आबादी किया जाएगा. इस मिशन के तहत टावरों का ‘फाइबराइजेशन’ बढ़कर 70 प्रतिशत तक हो जाएगा, जो अभी 30 प्रतिशत है.

इस मिशन के जरिये शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और विकास के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा. इस मिशन के तहत संबद्ध पक्ष आगामी वर्षों में 100 अरब डॉलर (सात लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेंगे. इसमें 70,000 करोड़ रुपये यूनिवर्सल सर्विस आब्लिगेशन फंड (ISOF) से उपलब्ध कराया जाएगा.

सरकार ने MTNL का BSNL में विलय का फैसला लिया

सरकार ने आर्थिक संकट से जूझ रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी MTNL का BSNL में विलय का 23 अक्टूबर को फैसला लिया. पुनरुत्थान पैकेज के तहत दोनों कंपनियों का विलय होगा. दोनों कंपनियों की मजबूती के लिए सरकार 29,937 करोड़ रुपए खर्च करेगी. 15000 करोड़ रुपए सॉवरेन बॉन्ड के जरिए जुटाए जाएंगे.