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संयुक्त अरब अमीरात ने इस्राइल में अपना पहला दूतावास खोला

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस्राइल में अपना पहला दूतावास खोला है. UAE के राजदूत मोहम्मद अल खाजा ने अपने देश का झंडा इमारत पर फहराकर इसकी शुरुआत की. दूतावास के उद्घाटन समारोह में इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्गोज भी मौजूद थे.

मुख्य बिंदु

  • खाड़ी के किसी भी देश का इस्राइल में यह पहला दूतावास है. इससे पहले जून में इस्राइल ने UAE में अपना दूतावास खोला था. अमेरिका के प्रयासों से पिछले साल UAE और बहरीन ने अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल के साथ संबंधों के सामान्य करने की शुरुआत की थी.
  • UAE का दूतावास तेल अवीव स्थित इस्राइल स्टॉक एक्सचेंज टावर में है. ज्यादातर देश तेल अवीव में ही अपने दूतावास खोलते हैं क्योंकि यरुशलम की स्थिति विवादित है. अमेरिका ने भी 2018 में अपना दूतावास यरुशलम में स्थापित किया था.
  • इस्राइल ने 1967 के युद्ध के समय पूर्वी यरुशलम को अपने नियंत्रण में ले लिया था. यरूशलम में इस्राइल की संसद, सुप्रीम कोर्ट और कई सरकारी कार्यालय हैं. जबकि फलस्तीनी इसे भविष्य के स्वतंत्र देश की राजधानी बताते हैं.
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UAE ने पहली बार इस्राइल में अपने राजदूत की नियुक्ति की

संयुक्त अरब अमारात (UAE) ने पहली बार इस्राइल में अपने राजदूत की नियुक्ति की है. UAE के दूत मोहम्मद अल खाजा ने 1 मार्च को यरुशलम में इस्राइल के राष्ट्रपति रियूवेन रिवलिन को अपनी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज सौंपे.

दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में 2020 में हुए ऐतिहासिक अब्राहम समझौते के तहत, इस्राइल में औपचारिक रूप से UAE के पहले राजदूत की नियुक्ति हुई है. UAE पहला देश है, जिसने इस समझौते के तहत इस्राइल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए सहमति दी थी.

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इज़राइल और UAE के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए सहमति

इज़राइल और संयुक्त अरब अमारात (UAE) के बीच आपसी संबंध सामान्य बनाने और पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए सहमति बनी है. यह सहमति अमरीका के राष्‍ट्रपति डोनल्‍ड ट्रम्‍प की मध्यस्थता में 13 अगस्त को हुई वार्ता बैठक में बनी. यह बैठक अमरीका के राष्‍ट्रपति डोनल्‍ड ट्रम्‍प, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू और अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद अल नाह्यान के बीच हुई थी.

समझौते के मुख्य बिंदु

  • इसे ‘इज़राइल-UAE शांति समझौता’ (Israel-UAE Peace Deal) के रूप में जाना जाता है. यह इज़राइल द्वारा फिलिस्तीनी क्षेत्रों को अपने हिस्सों में को जोड़ने की योजना को निलंबित कर देगा.
  • इस समझौते के परिणामस्वरूप, इस्राइल अपने कब्जे वाले पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) से लगे इलाकों पर अपनी विवादास्पद योजना को निलंबित रखेगा. वेस्ट बैंक, इज़राइल और जॉर्डन के बीच स्थित है. इसका एक प्रमुख शहर फिलिस्तीन की वास्तविक प्रशासनिक राजधानी ‘रामल्लाह’ है.
  • इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडल आने वाले हफ्तों में कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे जिनमें- निवेश, पर्यटन, सीधी उड़ान, सुरक्षा, दूरसंचार और अन्य मुद्दे शामिल होंगे.

संयुक्त राष्ट्र ने समझौते का स्वागत किया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरश ने इज़राइल और संयुक्त अरब अमारात के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के समझौते का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि इस समझौते से इज़राइल और फिलीस्तीन के नेताओं को फिर से सार्थक बातचीत का अवसर मिलेगा. इस तरह दोनों देश संयुक्त राष्ट्र संकल्पों, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत परस्पर विवादों का समाधान कर सकते हैं.

इज़राइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला पहला खाड़ी देश

संयुक्त अरब अमारात इज़राइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला पहला खाड़ी देश और तीसरा अरब देश बन गया है. इससे पहले खाड़ी से अलग दो अरब देशों- मिस्र और जॉर्डन ने इजरायल के साथ राजनयिक संपर्क स्थापित किए थे. इजराइल और मिस्र में 1979 में और जॉर्डन और इजराइल में 1994 में समझौता हो चुका है.

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संयुक्‍त अरब अमारात में प्राकृतिक गैस की सबसे बड़ी खोज

संयुक्‍त अरब अमारात (UAE) ने अबूधाबी और दुबई के साथ लगने वाली सीमा के पास 80 ट्र‍िलियन घनफुट प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार की खोज की है. नया गैस क्षेत्र पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और संयुक्‍त अरब अमारात में प्राकृतिक गैस की सबसे बड़ी खोज है.

जेबेल अली गैस क्षेत्र की खोज से संयुक्‍त अरब अमारात प्राकृतिक गैस के मामले में आत्‍मनिर्भर हो जाएगा वह अगले 50 वर्षों के अपने विकास कार्यक्रमों के अनुरूप विकास परियोजनाओं के अगले चरण की तैयारी कर सकेगा.

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हैथम-बिन-तारिक-अल-सईद ने ओमान के नए सुल्तान के रूप में शपथ ली, कबूस बिन-सईद का निधन

ओमान के सुल्तान कबूस बिन-सईद का 10 जनवरी को निधन हो गया. 79 वर्षीय सुल्तान पिछले एक वर्ष से गंभीर रूप से बीमार थे. उन्हें ओमान को एक आधुनिक और समृद्ध राष्ट्र में बदलने का श्रेय दिया जाता है. वह 1970 से ओमान पर शासन कर रहे थे. ओमान के सुल्तान देश के प्रमुख निर्णय-निर्माता होते हैं. सुल्तान कबूस अल सईद परिवार के आठवें सुल्तान थे. वे हाल के अरब शासकों में अब तक के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले सुल्तान थे.

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान कबूस बिन सईद अल सईद के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुल्तान कबूस भारत का सच्चा मित्र बताया है.

ओमान के सुल्तान के सम्मान में भारत में एक दिन का शोक

भारत सरकार ने ओमान के सुल्तान क़ाबूस बिन सईद अल सईद के सम्मान में 13 जनवरी को शोक रखने की घोषणा की है. शोक के दौरान सरकारी समारोह स्थगित रहेंगे। देशभर में राष्ट्र ध्वज झुका रहेगा.

हैथम-बिन-तारिक-अल-सईद ने ओमान के नए सुल्तान के रूप में शपथ ली

ओमान की रक्षा समिति ने घोषणा की है कि हैथम-बिन-तारिक-अल-सईद सुल्‍तान काबूस के उत्‍तराधिकारी होंगे. सुल्‍तान काबूस ने अपने चचेरे भाई हैथम-बिन-तारिक-अल-सईद सुल्‍तान को नया शासक घोषित किया था. हैथम-बिन-तारिक-अल-सईद ओमान के विभिन्‍न महत्‍वपूर्ण मंत्रालयों में काम कर चु‍के हैं.

ओमान के संविधान के अनुसार राजगद्दी के रिक्‍त होने की स्थिति में शाही परिवार को तीन दिनों के भीतर नया उत्तराधिकारी चुनना होता है. इसमें विफल रहने पर शाही परिवार परिषद को लिखे पत्र के अनुसार क़ाबूस द्वारा नामित उत्तराधिकारी को शासक घोषित करना होगा.

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UAE ने शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान को राष्ट्रपति के में चौथे कार्यकाल के लिए मंजूरी दी

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शीर्ष विधायी निकाय ने देश के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान को राष्ट्रपति के रूप में चौथे कार्यकाल के लिए मंजूरी दे दी है. UAE की ‘सुप्रीम फेडरल कौसिंल’ ने महामहिम शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान पर, संविधान के अनुसार पांच साल के चौथे कार्यकाल के लिए फिर से भरोसा जताया है.

शेख खलीफा ने नवंबर 2004 में UAE के दूसरे राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभाला था. इससे पहले उनके पिता यह कार्यभार संभाल रहे थे. हालिया वर्षों में UAE का वास्तव में शासन शेख खलीफा के भाई एवं अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद संभाल रहे हैं.